ग्रामीण भारत न्यूज़ से संवाददाता हरिश्चंद्र निषाद की रिपोर्ट खबर का असर: दूध से भरा ऑटो पलटने की खबर पर जागा PWD विभाग , सड़क सुधार शुरू तीन दिन पहले हादसे में चार कुंटल दूध बह गया था, खबर प्रकाशित होते ही जेसीबी से शुरू कराया गया मरम्मत कार्य परियर, उन्नाव। बाढ़ से कटी सड़क पर दूध से भरा ऑटो पलटने की खबर प्रकाशित होते ही पीडब्ल्यूडी विभाग हरकत में आ गया। गुरुवार को मरौंदा सूचित के पंनपथा गांव के पास क्षतिग्रस्त सड़क पर जेसीबी पहुंची और गड्ढों व कटे हिस्से को मिट्टी डालकर दुरुस्त कराने का काम शुरू कराया गया। तीन दिन पहले इसी बदहाल सड़क से गुजरते समय पंनपथा निवासी दीपक निषाद का दूध से भरा ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में ऑटो में लदा करीब चार कुंतल दूध बाढ़ के पानी में बह गया था। ग्रामीणों की मदद से चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई थी। मामला खबर के माध्यम से सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने संज्ञान लिया। गुरुवार को विभाग की ओर से जेसीबी भेजकर सड़क के गड्ढों और बाढ़ से कटे हिस्से में मिट्टी डलवाकर रास्ते को आवागमन योग्य बनाने का काम शुरू कराया गया। मौके पर मरौंदा सूचित के प्रधान प्रतिनिधि अमरकांत निषाद भी मौजूद रहे। खबर का असर दिखा, ग्रामीणों को मिली राहत। सड़क सुधार कार्य शुरू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ से सड़क के अन्य हिस्से भी प्रभावित हैं, जिनकी मरम्मत की जरूरत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों को समय रहते पूरी तरह दुरुस्त कराया जाए, ताकि दोबारा कोई हादसा न हो। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता हरदयाल अहिरवार द्वारा खबर का संज्ञान लेते हुए तत्काल जेसीबी भेजकर सड़क के गड्ढों में मिट्टी डलवाकर सुधार कार्य शुरू कराना सराहनीय पहल है।
ग्रामीण भारत न्यूज़ से संवाददाता हरिश्चंद्र निषाद की रिपोर्ट खबर का असर: दूध से भरा ऑटो पलटने की खबर पर जागा PWD विभाग , सड़क सुधार शुरू तीन दिन पहले हादसे में चार कुंटल दूध बह गया था, खबर प्रकाशित होते ही जेसीबी से शुरू कराया गया मरम्मत कार्य परियर, उन्नाव। बाढ़ से कटी सड़क पर दूध से भरा ऑटो पलटने की खबर प्रकाशित होते ही पीडब्ल्यूडी विभाग हरकत में आ गया। गुरुवार को मरौंदा सूचित के पंनपथा गांव के पास क्षतिग्रस्त सड़क पर जेसीबी पहुंची और गड्ढों व कटे हिस्से को मिट्टी डालकर दुरुस्त कराने का काम शुरू कराया गया। तीन दिन पहले इसी बदहाल सड़क से गुजरते समय पंनपथा निवासी दीपक निषाद का दूध से भरा ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में ऑटो में लदा करीब चार कुंतल दूध बाढ़ के पानी में बह गया था। ग्रामीणों की मदद से चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई थी। मामला खबर के माध्यम से सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने संज्ञान लिया। गुरुवार को विभाग की ओर से जेसीबी भेजकर सड़क के गड्ढों और बाढ़ से कटे हिस्से में मिट्टी डलवाकर रास्ते को आवागमन योग्य बनाने का काम शुरू कराया गया। मौके पर मरौंदा सूचित के प्रधान प्रतिनिधि अमरकांत निषाद भी मौजूद रहे। खबर का असर दिखा, ग्रामीणों को मिली राहत। सड़क सुधार कार्य शुरू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ से सड़क के अन्य हिस्से भी प्रभावित हैं, जिनकी मरम्मत की जरूरत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों को समय रहते पूरी तरह दुरुस्त कराया जाए, ताकि दोबारा कोई हादसा न हो। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता हरदयाल अहिरवार द्वारा खबर का संज्ञान लेते हुए तत्काल जेसीबी भेजकर सड़क के गड्ढों में मिट्टी डलवाकर सुधार कार्य शुरू कराना सराहनीय पहल है।
- ग्रामीण भारत न्यूज़ से संवाददाता हरिश्चंद्र निषाद की रिपोर्ट खबर का असर: दूध से भरा ऑटो पलटने की खबर पर जागा PWD विभाग , सड़क सुधार शुरू तीन दिन पहले हादसे में चार कुंटल दूध बह गया था, खबर प्रकाशित होते ही जेसीबी से शुरू कराया गया मरम्मत कार्य परियर, उन्नाव। बाढ़ से कटी सड़क पर दूध से भरा ऑटो पलटने की खबर प्रकाशित होते ही पीडब्ल्यूडी विभाग हरकत में आ गया। गुरुवार को मरौंदा सूचित के पंनपथा गांव के पास क्षतिग्रस्त सड़क पर जेसीबी पहुंची और गड्ढों व कटे हिस्से को मिट्टी डालकर दुरुस्त कराने का काम शुरू कराया गया। तीन दिन पहले इसी बदहाल सड़क से गुजरते समय पंनपथा निवासी दीपक निषाद का दूध से भरा ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में ऑटो में लदा करीब चार कुंतल दूध बाढ़ के पानी में बह गया था। ग्रामीणों की मदद से चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई थी। मामला खबर के माध्यम से सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने संज्ञान लिया। गुरुवार को विभाग की ओर से जेसीबी भेजकर सड़क के गड्ढों और बाढ़ से कटे हिस्से में मिट्टी डलवाकर रास्ते को आवागमन योग्य बनाने का काम शुरू कराया गया। मौके पर मरौंदा सूचित के प्रधान प्रतिनिधि अमरकांत निषाद भी मौजूद रहे। खबर का असर दिखा, ग्रामीणों को मिली राहत। सड़क सुधार कार्य शुरू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ से सड़क के अन्य हिस्से भी प्रभावित हैं, जिनकी मरम्मत की जरूरत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों को समय रहते पूरी तरह दुरुस्त कराया जाए, ताकि दोबारा कोई हादसा न हो। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता हरदयाल अहिरवार द्वारा खबर का संज्ञान लेते हुए तत्काल जेसीबी भेजकर सड़क के गड्ढों में मिट्टी डलवाकर सुधार कार्य शुरू कराना सराहनीय पहल है।1
- सचेंडी में पिकअप और ट्रेलर की भिड़ंत, दोनों चालकों की मौत कानपुर। सचेंडी थाना क्षेत्र में 24 सितंबर की देर रात पिकअप वाहन और ट्रेलर के बीच आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप चालक और ट्रेलर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सचेंडी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि पुलिस के पहुंचने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस के अनुसार, मौके पर शांति एवं कानून-व्यवस्था सामान्य है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है। बाइट: सहायक पुलिस आयुक्त पनकी अमित चौरसिया।1
- मंदिर जाते हमय नाबालिग लड़की को वाहन में खीचने का प्रयास। आरोपियों पर मुकदमा दर्ज। दिनांक 14.09.2026 को थाना चौबेपुर क्षेत्र के कंजती गांव में नाबालिग बालिका के साथ छेड़छाड़ एवं जबरन वाहन में खींचने के प्रयास के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई।शिकायत के अनुसार, गांव के कुछ युवकों द्वारा बालिका का स्कूल एवं मंदिर जाने के दौरान पीछा कर छेड़छाड़ करने, अश्लील हरकत एवं गलत इशारे करने तथा जबरन शादी करने व उठा ले जाने की धमकी देने का आरोप है। दिनांक 14.09.2026 को बालिका को जबरन वाहन में खींचने का प्रयास किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना चौबेपुर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। प्रकरण में अभियुक्तगण के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा विवेचना प्रचलित है। *बाइट - सहायक पुलिस आयुक्त बिल्हौर श्री अंकित कुमार*1
- ग्रामीण भारत न्यूज़ सच के साथ संवाददाता हरिश्चंद्र निषाद की रिपोर्ट मीना का जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। परियर, उन्नाव। सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय सैदापुर परियर में गुरुवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय सैदापुर के बच्चों के बीच ‘मीना’ का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मीना मंच की टीम ने आकर्षक ढंग से सज-धजकर और क्राउन पहनकर बच्चों के बीच पहुंचकर जन्मदिन समारोह को रोचक बना दिया। इस दौरान मीना मंच की टीम ने केक काटकर जन्मोत्सव मनाया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता की। शिक्षिका श्रीमती कोकिला देवी ने बच्चों को मीना के बारे में जानकारी देते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य और महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षक सुरेंद्र कुमार एवं नूपुर गौतम ने भी बच्चों को मीना की कहानियों से जुड़े विभिन्न तथ्यों की जानकारी दी और उनके माध्यम से शिक्षा एवं जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। जन्मोत्सव के दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों में खासा उत्साह और उल्लास देखने को मिला।1
- सत्या क्लीनिक में प्रसव के दौरान नवजात की मौत का आरोप, परिजनों ने FIR के लिए दी तहरीर बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के नानामऊ रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में प्रसव के दौरान नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। नवजात की मां ने क्लीनिक संचालक व स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने और जबरन प्रसव कराने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए बांगरमऊ कोतवाली में FIR दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। तहरीर के अनुसार, पूर्विया टोला, बांगरमऊ निवासी शबा पत्नी आरिफ गर्भवती थीं। 20 सितंबर 2026 को लेबर पेन बढ़ने पर उन्हें नानामऊ स्थित सत्या क्लीनिक ले जाया गया। आरोप है कि क्लीनिक में मौजूद संचालक व स्टाफ ने बच्चा फंसा होने की बात कहकर उन्हें भर्ती कर लिया। परिजनों के मुताबिक इलाज के नाम पर पहले 20 हजार रुपये लिए गए और करीब दो घंटे बाद 14 हजार रुपये और लिए गए, जबकि छह हजार रुपये बाद में देने की बात कही गई। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि रात करीब दो बजे क्लीनिक स्टाफ ने बताया कि बच्चा पेल्विस की हड्डी में फंस गया है। परिजनों द्वारा मरीज को कहीं और ले जाने की बात कहने पर संचालक ने सुरक्षित प्रसव कराने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। इसके बाद कथित तौर पर जबरन प्रसव कराने का प्रयास किया गया, जिससे नवजात के सिर में गंभीर चोट लग गई। परिजनों के अनुसार रातभर प्रसव नहीं हो सका और करीब चार बजे क्लीनिक कर्मियों ने जवाब दे दिया। आरोप है कि बच्चा आधा गर्भाशय में फंसा हुआ छोड़कर परिजनों से बकाया छह हजार रुपये लेकर मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया। इसके बाद परिजन महिला और नवजात को निर्मला हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए भर्ती कर ऑपरेशन किया। तहरीर के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत बेहद नाजुक है और उसे कहीं अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद परिजन बच्ची को लेकर लखनऊ के एक अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने भी बच्ची की हालत गंभीर बताई। तहरीर में कहा गया है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजन बड़े अस्पताल में भर्ती नहीं करा सके। इसी दौरान गंभीर चोट के कारण नवजात ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची की मौत सत्या क्लीनिक में कथित लापरवाही के कारण हुई और इलाज के दौरान करीब 50 हजार रुपये खर्च हो गए। पीड़िता शबा पत्नी आरिफ ने आज गुरुवार दोपहर एक बजे बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले में FIR दर्ज कर आरोपों की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- पीड़ित शोभरन लाल राजपूत (लोधी) के बंगले में गांव के ही सौरभ तिवारी द्वारा आग लगा दी गई। *कानपुर देहात* रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम असालतगंज रजऊ में दबंगई और दुखद घटना! कानपुर देहात शुक्रवार समय 11:00 बजे रसूलाबाद कोतवाली अंतर्गत असालतगंज रजऊ गांव में लोधी समाज के साथ अन्याय का एक और मामला सामने आया है। पीड़ित शोभरन लाल राजपूत (लोधी) के बंगले में गांव के ही सौरभ तिवारी द्वारा आग लगा दी गई। इस अचानक हुई भीषण आग और भारी नुकसान के गहरे सदमे को शोभरन लाल की पत्नी लक्ष्मी देवी बर्दाश्त नहीं कर सकीं और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। अग्निकांड के बाद पीड़िता की मृत्यु से पूरे गांव और लोधी समाज में भारी आक्रोश एवं शोक व्याप्त है। पीड़ित परिवार और समाज प्रशासन से आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहा है।1
- डिजिटल स्क्रीन पर मौत का आखिरी पैगाम मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर'हरदोई के अतरौली में मूसलाधार बारिश में बहते रहे परिजनों के आंसू,पेड़ की डाल से लटके मिले नाबालिगों के शव..... तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया जहाँ अपनों को करीब लाने का दावा करता है, वहीं कभी-कभी यही प्लेटफॉर्म किसी बड़ी तबाही की गवाही भी बन जाता है।हरदोई से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली और बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। जहाँ एक डिजिटल स्टेटस, मौत का आखिरी पैगाम बन गया। अतरौली थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव में एक नाबालिग प्रेमी युगल ने मौत को गले लगा लिया। लेकिन इस आत्मघाती कदम को उठाने से ठीक पहले, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा खौफनाक स्टेटस लगाया, जिसे देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आसमान से बरसती मूसलाधार बारिश... और उस बारिश के बीच अपनों को ढूंढते बदहवास परिजन। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि सारंगपुर गांव के पास के ही एक बाग में मौत उनका इंतजार कर रही है। गांव के दो नाबालिग अचानक लापता हो गए थे। घरवाले और ग्रामीण उन्हें हर तरफ तलाश रहे थे, लेकिन तभी मोबाइल की एक घंटी बजी और सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्टेटस सामने आया, जिसने सबकी सांसें रोक दीं।इंस्टाग्राम के स्टेटस पर लिखा था— "मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर।" यह शब्द नहीं, बल्कि जिंदगी का आखिरी और सबसे दर्दनाक बुलावा था। इस खौफनाक स्टेटस को देखते ही परिजनों के होश उड़ गए। ग्रामीण और घरवाले बदहवास होकर स्टेटस के सुराग के सहारे गांव के पास पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर हर आंख रो पड़ी। एक ही पेड़ की डाल से दोनों नाबालिगों के शव फांसी के फंदे पर लटके हुए थे।इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही अतरौली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। भारी बरसात और विकट हालातों के बीच पुलिस ने दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतारा और अपने कब्जे में लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुद अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम भी भारी पुलिस बल के साथ सारंगपुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जांच के सख्त निर्देश दिए।दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि दोनों नाबालिगों ने यह खौफनाक कदम किन परिस्थितियों में उठाया।पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि आखिर वो कौन से हालात थे, जिन्होंने इन मासूम जिंदगियों को इस कदर मजबूर कर दिया कि उन्होंने मौत को गले लगाने से पहले दुनिया को अलविदा कहने का जरिया भी सोशल मीडिया को ही चुना। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है, और हर कोई बस यही सोच रहा है कि काश समय रहते इन बच्चों के दिल की बात को समझा जा सकता।हरदोई की यह घटना सिर्फ एक सुसाइड केस नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज और परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा अलार्म है। यह सवाल उठाती है कि आज की युवा पीढ़ी और नाबालिग बच्चे आखिर किस मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं कि वे इतना बड़ा कदम उठा लेते हैं। जरूरत है कि हम अपने बच्चों से संवाद बनाए रखें, ताकि किसी भी मासूम की जिंदगी का अंत इस तरह किसी सोशल मीडिया स्टेटस पर न हो।1
- दो पक्षो में बहस से सुरु हुए विबाद ने लिया ख़ूनी रूप,बुलोरो से कुचला हुई मौत. दो पक्षो में बहस से सुरु हुए विबाद ने लिया ख़ूनी रूप, बिबाद के दौरान कार सवार दो युवकों ने 4 लोगो को रौंदा, इलाज के दौरान आशीष उर्फ़ भोलू की हुई मौत, तीन लोग गंभीर रूप से हुए घायल जिसमे एक महिला भी शामिल, घायलों की हालत गंभीर होने के चलते जिलाअस्पताल से हायर सेंटर रेफर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल, जानकारी मिलते ही एसपी विनोद कुमार पहुंचे जिला अस्पताल पीड़ित परिजनों से ली घटना की जानकारी, सदर कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर पैठ का मामला। वाइट पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार वाइट -अर्पित मृतक का भाई4