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बदायूं के उघैती थाना क्षेत्र में चोरों ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खितौरा विद्युत उपकेंद्र पर लगे मेन ट्रांसफार्मर से चोरों ने तेल चोरी कर लिया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 100 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। इस घटना से हजारों उपभोक्ताओं को पेयजल, घरेलू कार्यों और खेती से जुड़े कामों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह वारदात खितौरा विद्युत उपकेंद्र में हुई, जहां चोरों ने उपकेंद्र की पिछली दीवार फांदकर परिसर में प्रवेश किया और मुख्य ट्रांसफार्मर से तेल निकालकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि चोरी की यह घटना उस समय हुई जब उपकेंद्र पर विद्युतकर्मी भी मौजूद थे, बावजूद इसके चोर आसानी से अपने मंसूबों को अंजाम देकर निकल गए। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग अब ट्रांसफार्मर में दोबारा तेल भरवाकर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश में जुटा है। खितौरा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जेई अंबर सिंह ने बताया कि चोरों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी जा रही है, ताकि उनकी पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जा सके और जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य करा दी जाए।

8 hrs ago
user_Vijay Gautam
Vijay Gautam
बिसौली, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

बदायूं के उघैती थाना क्षेत्र में चोरों ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खितौरा विद्युत उपकेंद्र पर लगे मेन ट्रांसफार्मर से चोरों ने तेल चोरी कर लिया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 100 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। इस घटना से हजारों

उपभोक्ताओं को पेयजल, घरेलू कार्यों और खेती से जुड़े कामों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह वारदात खितौरा विद्युत उपकेंद्र में हुई, जहां चोरों ने उपकेंद्र की पिछली दीवार फांदकर परिसर में प्रवेश किया और मुख्य ट्रांसफार्मर से तेल निकालकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि

चोरी की यह घटना उस समय हुई जब उपकेंद्र पर विद्युतकर्मी भी मौजूद थे, बावजूद इसके चोर आसानी से अपने मंसूबों को अंजाम देकर निकल गए। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग अब ट्रांसफार्मर में दोबारा तेल भरवाकर

जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश में जुटा है। खितौरा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जेई अंबर सिंह ने बताया कि चोरों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी जा रही है, ताकि उनकी पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जा सके और जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य करा दी जाए।

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  • बरेली के थाना सिरौली पुलिस ने ग्राम बरसेर सिकंदरपुर स्थित बुजिया महाराज मंदिर से चोरी हुए तीन पीतल के घंटे बरामद करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए तीनों घंटे जब्त कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह चोरी 22 जून 2026 को हुई थी, जिसके बाद मंदिर पक्ष की तहरीर पर थाना सिरौली में मुकदमा दर्ज कर जांच के लिए एक टीम गठित की गई। 28 जून की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बालूपुरा चौराहे के पास घेराबंदी कर आरोपी चिरौंजी लाल को गिरफ्तार किया। चिरौंजी लाल पुत्र नंदराम, ग्राम बराथानपुर, थाना सिरौली, जनपद बरेली का निवासी है। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक सफेद प्लास्टिक के कट्टे में रखे चोरी के तीनों पीतल के घंटे बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने लगभग छह दिन पहले बुजिया महाराज मंदिर से घंटे चोरी किए थे और वह उन्हें बेचने की तैयारी में था, ताकि चोरी से मिलने वाले पैसों से अपने खर्च चला सके। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध पहले से ही विभिन्न जनपदों में चोरी, आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं।
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    बरेली के थाना सिरौली पुलिस ने ग्राम बरसेर सिकंदरपुर स्थित बुजिया महाराज मंदिर से चोरी हुए तीन पीतल के घंटे बरामद करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए तीनों घंटे जब्त कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, यह चोरी 22 जून 2026 को हुई थी, जिसके बाद मंदिर पक्ष की तहरीर पर थाना सिरौली में मुकदमा दर्ज कर जांच के लिए एक टीम गठित की गई। 28 जून की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बालूपुरा चौराहे के पास घेराबंदी कर आरोपी चिरौंजी लाल को गिरफ्तार किया। चिरौंजी लाल पुत्र नंदराम, ग्राम बराथानपुर, थाना सिरौली, जनपद बरेली का निवासी है। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक सफेद प्लास्टिक के कट्टे में रखे चोरी के तीनों पीतल के घंटे बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने लगभग छह दिन पहले बुजिया महाराज मंदिर से घंटे चोरी किए थे और वह उन्हें बेचने की तैयारी में था, ताकि चोरी से मिलने वाले पैसों से अपने खर्च चला सके। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध पहले से ही विभिन्न जनपदों में चोरी, आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं।
    user_SURAJ SAGAR
    SURAJ SAGAR
    Local News Reporter आँवला, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जनपद संभल में ₹101 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 38 बीघा सरकारी जमीन को अवैध रूप से निजी भू-स्वामियों के नाम दर्ज कर बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। एक शिकायत के बाद हुई गहन जांच में पता चला कि यह बेशकीमती 'नवीन परती' भूमि, जो संभल-मुरादाबाद हाईवे पर चार जुड़े हुए प्लॉट नंबरों के रूप में स्थित है, का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। लगभग 60 साल बाद, डीडीसी कोर्ट के आदेश पर अब खतौनी से निजी खातेदारों के नाम हटा दिए गए हैं और भूमि को राज्य सरकार तथा ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया गया है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने रविवार शाम को तहसील संभल के थाना रायसत्ती क्षेत्र के गांव तख्त गोसाईं का दौरा किया और गाटा संख्या 206, 207, 233, 242/378 और 279 में लगभग डेढ़ घंटे तक जांच की। जिलाधिकारी ने बताया कि यह भूमि वर्ष 1954 में नगर पालिका परिषद संभल को प्रबंधन के लिए दी गई थी। इसके 13 साल बाद, वर्ष 1967 में, नगर पालिका परिषद ने कथित तौर पर कुछ पट्टेदारों को इस जमीन का पट्टा आवंटित कर दिया था। प्रथम दृष्टया, नगर पालिका को प्रबंधन के लिए दी गई जमीन का पट्टा करने का अधिकार नहीं था, जिसके कारण यह पट्टा शुरू से ही शून्य था। इसके बाद यह जमीन पट्टेदारों के कब्जे में आ गई। वर्ष 1991 में, अपर तहसीलदार कोर्ट ने सईदउल्लाह सहित इन अवैध कब्जाधारियों को अवैध घोषित करते हुए उनकी बेदखली का आदेश दिया। वर्ष 1992 में अपर जिलाधिकारी कोर्ट में की गई अपील भी खारिज हो गई और कोर्ट ने कब्जाधारियों को अवैध मानते हुए इसे सरकारी जमीन घोषित किया था। बाद में, चकबंदी कोर्ट में दायर एक वाद के बाद, वर्ष 2005 में चकबंदी अधिकारी ने सुनवाई कर इसे ग्राम सभा की भूमि के रूप में यथावत रखने का आदेश दिया। हालांकि, वर्ष 2008 में तत्कालीन डीडीसी प्रेम सिंह खड़क ने अपने क्षेत्राधिकार से परे जाकर और गलत तथ्यों के आधार पर इस जमीन को निजी खातेदारों का बता दिया और उन्हें कब्जा दिए जाने के आदेश भी जारी कर दिए। 2008 के इस आदेश के खिलाफ नगर पालिका प्रबंधन ने हाईकोर्ट में अपील दायर करने का प्रयास किया, लेकिन वर्ष 2013 में तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में एक आवेदन दायर कर कहा कि नगर पालिका इस मामले में पैरवी करने की इच्छुक नहीं है। हाल ही में जब यह पूरा प्रकरण अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो 1954 से अब तक की पूरी जांच कराई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह 'नवीन परती' की जमीन है और इसका उपयोग गलत लोगों द्वारा व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया गया था। तत्काल संज्ञान लेते हुए एक टीम का गठन किया गया और डीडीसी कोर्ट में पुनर्स्थापना याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई प्रतिदिन सुनिश्चित की गई। जिलाधिकारी के अनुसार, सुनवाई रोकने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कुछ लोगों द्वारा प्रयास भी किए गए, लेकिन अंततः डीडीसी कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में निर्णय सुनाया। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, खतौनी से उन खातेदारों के नाम तुरंत हटाकर राज्य सरकार और ग्राम सभा का नाम 'नवीन परती' के अंतर्गत दर्ज किया गया। अब इस मामले में तत्कालीन ईओ, उस समय के नगर पालिका के मानचित्र बनाने वाले कर्मी, वर्ष 2005 और 2008 के डीडीसी, बैनामा कराने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों और मूल पट्टेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। साथ ही, विभागीय कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।
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    जनपद संभल में ₹101 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 38 बीघा सरकारी जमीन को अवैध रूप से निजी भू-स्वामियों के नाम दर्ज कर बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। एक शिकायत के बाद हुई गहन जांच में पता चला कि यह बेशकीमती 'नवीन परती' भूमि, जो संभल-मुरादाबाद हाईवे पर चार जुड़े हुए प्लॉट नंबरों के रूप में स्थित है, का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। लगभग 60 साल बाद, डीडीसी कोर्ट के आदेश पर अब खतौनी से निजी खातेदारों के नाम हटा दिए गए हैं और भूमि को राज्य सरकार तथा ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया गया है।

जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने रविवार शाम को तहसील संभल के थाना रायसत्ती क्षेत्र के गांव तख्त गोसाईं का दौरा किया और गाटा संख्या 206, 207, 233, 242/378 और 279 में लगभग डेढ़ घंटे तक जांच की। जिलाधिकारी ने बताया कि यह भूमि वर्ष 1954 में नगर पालिका परिषद संभल को प्रबंधन के लिए दी गई थी। इसके 13 साल बाद, वर्ष 1967 में, नगर पालिका परिषद ने कथित तौर पर कुछ पट्टेदारों को इस जमीन का पट्टा आवंटित कर दिया था। प्रथम दृष्टया, नगर पालिका को प्रबंधन के लिए दी गई जमीन का पट्टा करने का अधिकार नहीं था, जिसके कारण यह पट्टा शुरू से ही शून्य था। इसके बाद यह जमीन पट्टेदारों के कब्जे में आ गई। वर्ष 1991 में, अपर तहसीलदार कोर्ट ने सईदउल्लाह सहित इन अवैध कब्जाधारियों को अवैध घोषित करते हुए उनकी बेदखली का आदेश दिया। वर्ष 1992 में अपर जिलाधिकारी कोर्ट में की गई अपील भी खारिज हो गई और कोर्ट ने कब्जाधारियों को अवैध मानते हुए इसे सरकारी जमीन घोषित किया था। बाद में, चकबंदी कोर्ट में दायर एक वाद के बाद, वर्ष 2005 में चकबंदी अधिकारी ने सुनवाई कर इसे ग्राम सभा की भूमि के रूप में यथावत रखने का आदेश दिया। हालांकि, वर्ष 2008 में तत्कालीन डीडीसी प्रेम सिंह खड़क ने अपने क्षेत्राधिकार से परे जाकर और गलत तथ्यों के आधार पर इस जमीन को निजी खातेदारों का बता दिया और उन्हें कब्जा दिए जाने के आदेश भी जारी कर दिए। 2008 के इस आदेश के खिलाफ नगर पालिका प्रबंधन ने हाईकोर्ट में अपील दायर करने का प्रयास किया, लेकिन वर्ष 2013 में तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में एक आवेदन दायर कर कहा कि नगर पालिका इस मामले में पैरवी करने की इच्छुक नहीं है।

हाल ही में जब यह पूरा प्रकरण अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो 1954 से अब तक की पूरी जांच कराई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह 'नवीन परती' की जमीन है और इसका उपयोग गलत लोगों द्वारा व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया गया था। तत्काल संज्ञान लेते हुए एक टीम का गठन किया गया और डीडीसी कोर्ट में पुनर्स्थापना याचिका दायर की गई, जिसकी सुनवाई प्रतिदिन सुनिश्चित की गई। जिलाधिकारी के अनुसार, सुनवाई रोकने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कुछ लोगों द्वारा प्रयास भी किए गए, लेकिन अंततः डीडीसी कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में निर्णय सुनाया। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, खतौनी से उन खातेदारों के नाम तुरंत हटाकर राज्य सरकार और ग्राम सभा का नाम 'नवीन परती' के अंतर्गत दर्ज किया गया।

अब इस मामले में तत्कालीन ईओ, उस समय के नगर पालिका के मानचित्र बनाने वाले कर्मी, वर्ष 2005 और 2008 के डीडीसी, बैनामा कराने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों और मूल पट्टेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। साथ ही, विभागीय कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।
    user_Nitin Sagar
    Nitin Sagar
    Court reporter चंदौसी, संभल, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बरेली में 30 जून को प्रस्तावित वीवीआईपी दौरे को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। इस महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्वयं सभी कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया है। उन्होंने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी आवश्यक इंतजामों का गहनता से जायजा लिया गया।
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    बरेली में 30 जून को प्रस्तावित वीवीआईपी दौरे को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। इस महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्वयं सभी कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया है। उन्होंने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी आवश्यक इंतजामों का गहनता से जायजा लिया गया।
    user_News Network Bharatvarsh
    News Network Bharatvarsh
    Local News Reporter मीरगंज•
    2 hrs ago
  • रामपुर में 'बेशर्म कार्ड' नामक स्थिति जिलाधिकारी पर भारी पड़ रही है। यह स्थिति सीधे तौर पर जिलाधिकारी को प्रभावित कर रही है।
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    रामपुर में 'बेशर्म कार्ड' नामक स्थिति जिलाधिकारी पर भारी पड़ रही है। यह स्थिति सीधे तौर पर जिलाधिकारी को प्रभावित कर रही है।
    user_Amit kumar
    Amit kumar
    Farmer शाहबाद, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कस्बा मीरगंज के मोहल्ला शिवपुरी स्थित पुरानी बाजार के प्राचीन शिव मंदिर में भारी बारिश के दौरान गंभीर जलभराव की समस्या बनी हुई है। मंदिर परिसर में पानी भर जाने के कारण श्रद्धालुओं को आने-जाने और पूजा-अर्चना करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, फिसलन के चलते कई बार श्रद्धालुओं के गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल उठते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले बिजली गिरने से मंदिर का त्रिशूल भी टेढ़ा हो गया था, जिसकी मरम्मत आज तक नहीं कराई गई है। इन प्रमुख समस्याओं के साथ-साथ, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल (प्याऊ) की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे असुविधा और बढ़ जाती है। क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, क्षतिग्रस्त त्रिशूल की शीघ्र मरम्मत कराई जाए और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसका उद्देश्य यह है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से दर्शन-पूजन कर सकें।
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    कस्बा मीरगंज के मोहल्ला शिवपुरी स्थित पुरानी बाजार के प्राचीन शिव मंदिर में भारी बारिश के दौरान गंभीर जलभराव की समस्या बनी हुई है। मंदिर परिसर में पानी भर जाने के कारण श्रद्धालुओं को आने-जाने और पूजा-अर्चना करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, फिसलन के चलते कई बार श्रद्धालुओं के गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले बिजली गिरने से मंदिर का त्रिशूल भी टेढ़ा हो गया था, जिसकी मरम्मत आज तक नहीं कराई गई है। इन प्रमुख समस्याओं के साथ-साथ, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल (प्याऊ) की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे असुविधा और बढ़ जाती है।

क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, क्षतिग्रस्त त्रिशूल की शीघ्र मरम्मत कराई जाए और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसका उद्देश्य यह है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से दर्शन-पूजन कर सकें।
    user_Jitendra Mishra
    Jitendra Mishra
    Astrologer मीरगंज, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24.640 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विवेक, निहाल, अभिषेक और विशाल के रूप में हुई है, जो बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के कंचनपुर के निवासी हैं। फरार हुए आरोपी का नाम ककराला निवासी फूलमियां बताया गया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पांच लोग दो मोटरसाइकिलों पर गांजा लेकर चौडेरा-शिकारपुर और विसारतनगर चौराहे के पास यात्री शेड पर मौजूद हैं। इसी सूचना के आधार पर प्रभारी निरीक्षक माधौ सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी और चार आरोपियों को मौके से धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फूलमियां के साथ मिलकर सस्ते दाम पर गांजा खरीदते थे और फिर उसे अलग-अलग क्षेत्रों में ऊँचे दाम पर बेचकर मुनाफा कमाते थे। पुलिस ने बरामद 24.640 किलो गांजा, दोनों मोटरसाइकिलें और मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया है और आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपी फूलमियां की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा और ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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    बदायूं के अलापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24.640 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो मोटरसाइकिल और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विवेक, निहाल, अभिषेक और विशाल के रूप में हुई है, जो बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के कंचनपुर के निवासी हैं। फरार हुए आरोपी का नाम ककराला निवासी फूलमियां बताया गया है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पांच लोग दो मोटरसाइकिलों पर गांजा लेकर चौडेरा-शिकारपुर और विसारतनगर चौराहे के पास यात्री शेड पर मौजूद हैं। इसी सूचना के आधार पर प्रभारी निरीक्षक माधौ सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी और चार आरोपियों को मौके से धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फूलमियां के साथ मिलकर सस्ते दाम पर गांजा खरीदते थे और फिर उसे अलग-अलग क्षेत्रों में ऊँचे दाम पर बेचकर मुनाफा कमाते थे।

पुलिस ने बरामद 24.640 किलो गांजा, दोनों मोटरसाइकिलें और मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया है और आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपी फूलमियां की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा और ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
    user_शकील बख्शी जर्नलिस्ट
    शकील बख्शी जर्नलिस्ट
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • विज्ञान के युग में भी आस्था और अंधविश्वास की एक अनोखी घटना बदायूं जिले के बगरैंन कस्बा क्षेत्र के गोंठा बरखेड़ा गांव में सामने आई है, जहाँ एक पीपल के वृक्ष पर शनिदेव महाराज और हनुमान जी की आकृति उभरी बताई जा रही है। इस घटना के प्रचार-प्रसार के बाद अब यह स्थान आस्था के केंद्र में बदल गया है, जहाँ सैकड़ों श्रद्धालु भक्त पहुँचकर पीपल के वृक्ष से मन्नतें माँग रहे हैं और चढ़ावा चढ़ा रहे हैं। श्रद्धालुओं ने वृक्ष को चारों ओर से घेरकर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान अब मात्र एक खेत नहीं, बल्कि ईश्वरीय ऊर्जा का प्रतीक बन गया है। पीपल के पेड़ की छाल पर शनि देव और हनुमान जी की आकृतियाँ उभरने की खबर फैलते ही आसपास के गाँवों के लोग दर्शनों के लिए उमड़ पड़े। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सामान्य घटना नहीं, बल्कि ईश्वर का चमत्कार है। प्रत्येक शनिवार को यहाँ दूर-दराज से आए सैकड़ों भक्त कतारबद्ध होकर वृक्ष के दर्शन कर रहे हैं, अपनी मन्नतें माँग रहे हैं और भजन-कीर्तन में लीन हैं।
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    विज्ञान के युग में भी आस्था और अंधविश्वास की एक अनोखी घटना बदायूं जिले के बगरैंन कस्बा क्षेत्र के गोंठा बरखेड़ा गांव में सामने आई है, जहाँ एक पीपल के वृक्ष पर शनिदेव महाराज और हनुमान जी की आकृति उभरी बताई जा रही है। इस घटना के प्रचार-प्रसार के बाद अब यह स्थान आस्था के केंद्र में बदल गया है, जहाँ सैकड़ों श्रद्धालु भक्त पहुँचकर पीपल के वृक्ष से मन्नतें माँग रहे हैं और चढ़ावा चढ़ा रहे हैं।

श्रद्धालुओं ने वृक्ष को चारों ओर से घेरकर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान अब मात्र एक खेत नहीं, बल्कि ईश्वरीय ऊर्जा का प्रतीक बन गया है। पीपल के पेड़ की छाल पर शनि देव और हनुमान जी की आकृतियाँ उभरने की खबर फैलते ही आसपास के गाँवों के लोग दर्शनों के लिए उमड़ पड़े। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सामान्य घटना नहीं, बल्कि ईश्वर का चमत्कार है। प्रत्येक शनिवार को यहाँ दूर-दराज से आए सैकड़ों भक्त कतारबद्ध होकर वृक्ष के दर्शन कर रहे हैं, अपनी मन्नतें माँग रहे हैं और भजन-कीर्तन में लीन हैं।
    user_राजेश कुमार वर्मा
    राजेश कुमार वर्मा
    बदायूँ, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • यह पोस्ट इस भावना को व्यक्त करती है कि यदि किसी को ईश्वर का संरक्षण प्राप्त हो, तो कोई भी शक्ति उसे हानि नहीं पहुँचा सकती। एक हालिया खतरे से बच निकलने की घटना को व्यंगात्मक रूप से यमराज के अवकाश पर होने से जोड़ा गया है, यह सुझाव देते हुए कि व्यक्ति के चमत्कारी रूप से बच जाने का एकमात्र कारण यही था।
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    यह पोस्ट इस भावना को व्यक्त करती है कि यदि किसी को ईश्वर का संरक्षण प्राप्त हो, तो कोई भी शक्ति उसे हानि नहीं पहुँचा सकती। एक हालिया खतरे से बच निकलने की घटना को व्यंगात्मक रूप से यमराज के अवकाश पर होने से जोड़ा गया है, यह सुझाव देते हुए कि व्यक्ति के चमत्कारी रूप से बच जाने का एकमात्र कारण यही था।
    user_Chunmun Gupta पत्रकार
    Chunmun Gupta पत्रकार
    Building consultant बिल्सी, बदायूँ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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