Shuru
Apke Nagar Ki App…
सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश के 49 वर्षीय एक हिंदू पुजारी ने दिव्य शक्ति से आसमान में उड़ने की बात कहते हुए पहाड़ से छलांग लगा दी, जिसके बाद मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों और तथ्य-जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि यह दावा पूरी तरह से गलत है। यह वीडियो वर्ष 2021 का है और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से संबंधित बताया गया है। वास्तविक घटना यह थी कि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के दौरान पुजारी का संतुलन बिगड़ गया था, जिससे उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में जा गिरे, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई। जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि पुजारी ने उड़ने का दावा किया था या जानबूझकर छलांग लगाई थी।
Deepak ojha
सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश के 49 वर्षीय एक हिंदू पुजारी ने दिव्य शक्ति से आसमान में उड़ने की बात कहते हुए पहाड़ से छलांग लगा दी, जिसके बाद मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों और तथ्य-जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि यह दावा पूरी तरह से गलत है। यह वीडियो वर्ष 2021 का है और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से संबंधित बताया गया है। वास्तविक घटना यह थी कि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के दौरान पुजारी का संतुलन बिगड़ गया था, जिससे उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में जा गिरे, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई। जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि पुजारी ने उड़ने का दावा किया था या जानबूझकर छलांग लगाई थी।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश के 49 वर्षीय एक हिंदू पुजारी ने दिव्य शक्ति से आसमान में उड़ने की बात कहते हुए पहाड़ से छलांग लगा दी, जिसके बाद मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों और तथ्य-जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि यह दावा पूरी तरह से गलत है। यह वीडियो वर्ष 2021 का है और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से संबंधित बताया गया है। वास्तविक घटना यह थी कि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के दौरान पुजारी का संतुलन बिगड़ गया था, जिससे उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में जा गिरे, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई। जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि पुजारी ने उड़ने का दावा किया था या जानबूझकर छलांग लगाई थी।1
- छबड़ा के अमीरपुर खेड़ी स्थित अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी स्थित ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र और श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम के संस्थापक व संचालक एस.एल. नागर ने वर्षा ऋतु के आगमन पर पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे 'एक पौधा स्वयं के नाम और एक पौधा धरती माता के नाम' अवश्य लगाएं। नागर ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ रहे तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी उपायों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्षा ऋतु में कम से कम दो पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। नागर ने जानकारी दी कि अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र पिछले 36 वर्षों से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों से जुड़ा हुआ है। अब इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, भुवाखेड़ी स्थित बाबा खाटूश्याम मंदिर और गोशाला परिसर की सादली की पहाड़ी पर बने परिक्रमा मार्ग और मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर पौधरोपण की विस्तृत योजना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए आते समय अपने साथ एक या दो पौधे और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड या जाली भी लेकर आएं, ताकि मंदिर परिसर या परिक्रमा मार्ग पर पौधा लगाकर वे पर्यावरण संरक्षण के इस पुनीत कार्य में भागीदार बन सकें। एस.एल. नागर ने ज़ोर देकर कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए एक-एक पौधा लगाए और उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है, इसलिए इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और 'एक पौधा स्वयं के नाम, एक पौधा धरती माता के नाम' अभियान से जुड़ें।3
- श्री अमरनाथ जी की वार्षिक यात्रा के लिए तैयारियां चल रही हैं।1
- छीपाबड़ौद के स्टेडियम में कपालभाति प्राणायाम का आयोजन किया गया।1
- अटरू के गांदोलिया गांव से गुजरने वाले नाले पर बनी रपट प्री-मानसून की हल्की बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे गांव का आधा हिस्सा प्रभावित हुआ है और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रपट की मरम्मत बिना सीमेंट के केवल गिट्टी डालकर की गई थी, जिसके कारण वह पहली ही बारिश में बह गई। ग्रामीणों के अनुसार, रपट के क्षतिग्रस्त होने से फोर व्हीलर और टू व्हीलर वाहनों का निकलना बेहद मुश्किल हो गया है, साथ ही राहगीरों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान कई लोग फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। देवकिशन वैष्णव, चंचल गालव, मेघराज, राकेश, धनराज समेत अन्य ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया कि यह मार्ग गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई, तो आगामी बारिश में यह मार्ग पूरी तरह बंद हो सकता है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही और आवश्यक सेवाएं बाधित होंगी। गांदोलिया के ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल रपट की मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- विदिशा जिले के गोलबारी चक गांव में पानी का नल खराब है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांववालों ने इस खराब नल को तत्काल ठीक करने की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से अपने गाँव की समस्याओं पर ध्यान देने और उनकी सुनवाई करने का आग्रह किया है।1
- छीपाबड़ौद, बारां की मानपुरा ग्राम पंचायत के अमृतखेड़ी गांव में जल निकासी और पेयजल की गंभीर समस्या को लेकर सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजीव गांधी पंचायत राज संगठन, बारां के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा के नेतृत्व में इन ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। गांव की बैरवा बस्ती में हालात बदतर हो गए हैं, जहाँ जल निकासी के लिए बनी अस्थाई कच्ची नाली को कुछ ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप बारिश का पानी बस्ती में भर रहा है और अनुसूचित जाति के कई घरों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर बस्ती के लोगों को दबंगों द्वारा धमकाया जा रहा है, जिसकी दहशत के चलते गरीब परिवार खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं। छीपाबड़ौद से लगभग 40 किमी दूर स्थित अमृतखेड़ी गांव आज भी सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बैरवा बस्ती में पीने के पानी की स्थिति और भी खराब है, जहाँ पूरी बस्ती में एक भी हैंडपंप नहीं है, जिसके कारण महिलाएं और बच्चे दूर स्थित कुओं से पानी लाने को मजबूर हैं। बस्ती का रास्ता भी कच्चा और कीचड़ से भरा है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू लाल बेरवा ने इसे स्वतंत्र भारत में मौलिक अधिकारों का हनन बताया है, क्योंकि दबंगों के डर से लोग अपना हक भी नहीं मांग पा रहे। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बस्ती से पानी की उचित निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण करने, कीचड़युक्त कच्चे रास्ते को पक्का करने, बस्ती में कम से कम दो हैंडपंप तत्काल लगाने और प्रशासन द्वारा दबंगों पर कार्रवाई कर गरीब परिवारों को सुरक्षा देने की प्रमुख मांगें रखी हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला सचिव श्री लाल भील, राधाकृष्ण सुमन, रामदयाल, रामप्रसाद, रामचरण, कल्याण सहित सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल थे। ग्रामीणों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, चेतावनी दी गई है कि यदि इस अवधि में जल निकासी, पेयजल और सुरक्षा की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। इस पर उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने ग्रामीणों को 24 घंटे में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।4
- केलवाड़ा थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे दिनदहाड़े एक महिला से मंगलसूत्र छीनने की वारदात सामने आई है। मंशापूर्ण हनुमान मंदिर से पूजा कर घर लौट रही ममता यादव नाम की महिला को एक सुनसान रास्ते में एक युवक ने निशाना बनाया। आरोपी ने ममता यादव के गले से करीब 6 से 7 ग्राम वजनी सोने का मंगलसूत्र छीन लिया और मौके से फरार हो गया। महिला के शोर मचाने के बावजूद आरोपी भागने में सफल रहा। यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें आरोपी भागते हुए दिखाई दे रहा है। पीड़िता की शिकायत पर केलवाड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।1