नौबतपुर प्रखंड के खजुरी पंचायत में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भाग लिया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही करना था। उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया कि अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के निवारण के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार और प्रशासन स्वयं पंचायतों में पहुँचकर लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं और उनका निष्पादन सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायतों में ऐसे सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य लक्ष्य आम जनता को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके ही गाँव में उपलब्ध कराना है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। शिविर में विभिन्न विभागों के कुल 20 काउंटर लगाए गए थे, जिनमें राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, आपूर्ति, बिजली, पेयजल, श्रम, पंचायत राज, पुलिस और जीविका जैसे विभाग शामिल थे। इन विभागों के अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें और आवेदन प्राप्त किए, जिनमें से कई मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया, जबकि अन्य आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, पात्र परिवारों को राशन कार्ड और आवास योजना के लाभार्थियों को उनके घरों की चाबियाँ प्रदान कीं। साथ ही, उन्होंने जीविका समूहों की महिलाओं के बीच चेक वितरित करके उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का संदेश दिया। इस पहल की सराहना लाभ प्राप्त करने वाले ग्रामीणों ने की। इस अवसर पर पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एन., पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, विभिन्न जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जीविका दीदियां और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। अधिकारियों ने लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। शिविर में पहुँचे ग्रामीणों ने अधिकारियों की पंचायत स्तर पर मौजूदगी से समस्या समाधान प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान और तेज बताया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
नौबतपुर प्रखंड के खजुरी पंचायत में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भाग लिया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही करना था। उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया कि अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के निवारण के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार और प्रशासन स्वयं पंचायतों में पहुँचकर लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं और उनका निष्पादन सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायतों में ऐसे सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य लक्ष्य आम जनता को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके ही गाँव में उपलब्ध कराना है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। शिविर में विभिन्न विभागों के कुल 20 काउंटर लगाए गए थे, जिनमें राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, आपूर्ति, बिजली, पेयजल, श्रम, पंचायत राज, पुलिस और जीविका जैसे विभाग शामिल थे। इन विभागों के अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें और आवेदन प्राप्त किए, जिनमें से कई मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया, जबकि अन्य आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, पात्र परिवारों को राशन कार्ड और आवास योजना के लाभार्थियों को उनके घरों की चाबियाँ प्रदान कीं। साथ ही, उन्होंने जीविका समूहों की महिलाओं के बीच चेक वितरित करके उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का संदेश दिया। इस पहल की सराहना लाभ प्राप्त करने वाले ग्रामीणों ने की। इस अवसर पर पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एन., पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, विभिन्न जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जीविका दीदियां और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। अधिकारियों ने लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। शिविर में पहुँचे ग्रामीणों ने अधिकारियों की पंचायत स्तर पर मौजूदगी से समस्या समाधान प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान और तेज बताया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
- नौबतपुर प्रखंड के खजुरी पंचायत में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भाग लिया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही करना था। उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया कि अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के निवारण के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार और प्रशासन स्वयं पंचायतों में पहुँचकर लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं और उनका निष्पादन सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायतों में ऐसे सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य लक्ष्य आम जनता को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके ही गाँव में उपलब्ध कराना है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। शिविर में विभिन्न विभागों के कुल 20 काउंटर लगाए गए थे, जिनमें राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, आपूर्ति, बिजली, पेयजल, श्रम, पंचायत राज, पुलिस और जीविका जैसे विभाग शामिल थे। इन विभागों के अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें और आवेदन प्राप्त किए, जिनमें से कई मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया, जबकि अन्य आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, पात्र परिवारों को राशन कार्ड और आवास योजना के लाभार्थियों को उनके घरों की चाबियाँ प्रदान कीं। साथ ही, उन्होंने जीविका समूहों की महिलाओं के बीच चेक वितरित करके उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का संदेश दिया। इस पहल की सराहना लाभ प्राप्त करने वाले ग्रामीणों ने की। इस अवसर पर पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एन., पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, विभिन्न जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जीविका दीदियां और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। अधिकारियों ने लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। शिविर में पहुँचे ग्रामीणों ने अधिकारियों की पंचायत स्तर पर मौजूदगी से समस्या समाधान प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान और तेज बताया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।1
- धनरूआ थाना क्षेत्र के बिरंची मोड़ पर पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने एक किराना दुकान में छापेमारी कर लगभग 1 किलो गांजा बरामद किया है। मौके से ही दुकानदार मिथलेश साव (55 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया, जो बरनी गांव का निवासी बताया जा रहा है और अपनी दुकान से गांजे की बिक्री कर रहा था। पुलिस ने बरामद गांजे को जब्त कर आरोपी मिथलेश साव के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजे की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इस अवैध नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।1
- manjulika Chhath karte hue ............................1
- कृषि मंत्री विजय सिन्हा मुजफ्फरपुर में जनसुनवाई कर रहे थे। यह जनसुनवाई लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।1
- बिहार भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने शिक्षा विभाग की ओर से मदरसों की जांच कराए जाने की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने इस जांच को 'बहुत जरूरी' बताया और जोर देकर कहा कि बिहार में बहुत से मदरसे केवल कागजों पर चल रहे हैं। इकबाल के अनुसार, इस स्थिति के कारण सरकार के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।1
- बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर, राजधानी पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों ने अपनी 26 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राज्य के अलग-अलग जिलों से आए स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार से लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान, स्वास्थ्यकर्मियों ने परिचारिका श्रेणी "ए" (GNM), महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ANM), लिपिक और अन्य संवर्गों के सामूहिक स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाने, उन्हें सेवा सम्पुष्टि पत्र जारी करने तथा उनके गृह जिले अथवा निकटतम जिले में पदस्थापन सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, संविदा एवं आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मियों के सेवा समायोजन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारियों ने अर्बन एएनएम और आउटसोर्सिंग कर्मियों को न्यूनतम वैधानिक मजदूरी ₹26,000 देने, ESI-EPF जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य समिति कर्मचारियों के लिए संवर्ग नियमावली बनाने और रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति करने की भी मांग रखी। उन्होंने समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। धरना स्थल पर मौजूद दंडाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनका मांगपत्र स्वीकार किया और उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके आंदोलन को और भी व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा।1
- बिहार के वैशाली जिले में 33 साल पुराने एक जानलेवा हमले के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मनोज तिवारी की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। राघोपुर क्षेत्र के वनपुर गांव में एक दंपति पर फायरिंग कर किए गए इस हमले के मामले में एक ही परिवार के 5 लोगों को दोषी करार दिया गया है। यह मामला तीन दशक से भी अधिक समय से अदालत में लंबित था, जिसकी सुनवाई अब पूरी हो चुकी है। अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया है, जबकि सजा का ऐलान अलग से किया जा सकता है। इस फैसले को इस बात का उदाहरण माना जा रहा है कि गंभीर अपराधों में कानूनी प्रक्रिया भले ही लंबी हो, लेकिन न्यायिक कार्रवाई जारी रहती है।1
- मंजुलेखा ने मिस्टर एक्स के लिए करवा चौथ मनाया।1