16 नवंबर से 30 नवंबर तक होगी स्व-गणना, 01 दिसंबर से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे प्रगणक। मऊ । जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन द्वारा जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के अंतर्गत स्व-गणना (Self-Enumeration) तथा जनगणना कार्य में लगाए गए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनगणना कार्य में लगाए गए कार्मिकों को स्व-गणना की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण तथा जनसंख्या गणना के विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की सुविधा 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके उपरांत 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। वहीं 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक संशोधन (Revisional Round) की कार्यवाही संपन्न की जाएगी।प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को स्व-गणना की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसमें पोर्टल पर प्रवेश एवं सत्यापन, भाषा का चयन, मोबाइल नंबर का सत्यापन, आवासीय स्थान का सत्यापन, परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करना, दर्ज विवरण की समीक्षा, अंतिम प्रस्तुतीकरण तथा SE-ID के निर्माण एवं उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। कार्मिकों को बताया गया कि स्व-गणना पूर्ण होने के पश्चात प्राप्त SE-ID को सुरक्षित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। घर-घर जाकर जनसंख्या गणना के दौरान प्रगणक द्वारा इसी SE-ID के माध्यम से स्व-गणना में दर्ज विवरण का सत्यापन एवं आवश्यकतानुसार पूरक कार्यवाही की जाएगी। जनगणना-2027 में डिजिटल माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा तथा प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी परिवारों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देशित किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरी गंभीरता, शुद्धता, गोपनीयता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने आमजन को स्व-गणना के प्रति जागरूक करने तथा अधिक से अधिक परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित कराने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, नीतियों एवं भविष्य की आवश्यकताओं के निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार है। अतः इस कार्य में लगे सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ करें।इस अवसर पर जनगणना कार्य से जुड़े संबंधित अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं प्रगणक उपस्थित रहे।
16 नवंबर से 30 नवंबर तक होगी स्व-गणना, 01 दिसंबर से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे प्रगणक। मऊ । जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन द्वारा जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के अंतर्गत स्व-गणना (Self-Enumeration) तथा जनगणना कार्य में लगाए गए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनगणना कार्य में लगाए गए कार्मिकों को स्व-गणना की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण तथा जनसंख्या गणना के विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की सुविधा 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके उपरांत 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का
कार्य किया जाएगा। वहीं 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक संशोधन (Revisional Round) की कार्यवाही संपन्न की जाएगी।प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को स्व-गणना की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसमें पोर्टल पर प्रवेश एवं सत्यापन, भाषा का चयन, मोबाइल नंबर का सत्यापन, आवासीय स्थान का सत्यापन, परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करना, दर्ज विवरण की समीक्षा, अंतिम प्रस्तुतीकरण तथा SE-ID के निर्माण एवं उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। कार्मिकों को बताया गया कि स्व-गणना पूर्ण होने के पश्चात प्राप्त SE-ID को सुरक्षित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। घर-घर जाकर जनसंख्या गणना के दौरान प्रगणक द्वारा इसी SE-ID के माध्यम से स्व-गणना में दर्ज विवरण का सत्यापन एवं आवश्यकतानुसार पूरक कार्यवाही की जाएगी। जनगणना-2027 में डिजिटल माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण किया
जाएगा तथा प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी परिवारों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देशित किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरी गंभीरता, शुद्धता, गोपनीयता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने आमजन को स्व-गणना के प्रति जागरूक करने तथा अधिक से अधिक परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित कराने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, नीतियों एवं भविष्य की आवश्यकताओं के निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार है। अतः इस कार्य में लगे सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ करें।इस अवसर पर जनगणना कार्य से जुड़े संबंधित अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं प्रगणक उपस्थित रहे।
- 16 नवंबर से 30 नवंबर तक होगी स्व-गणना, 01 दिसंबर से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे प्रगणक। मऊ । जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन द्वारा जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के अंतर्गत स्व-गणना (Self-Enumeration) तथा जनगणना कार्य में लगाए गए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनगणना कार्य में लगाए गए कार्मिकों को स्व-गणना की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण तथा जनसंख्या गणना के विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की सुविधा 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके उपरांत 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। वहीं 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक संशोधन (Revisional Round) की कार्यवाही संपन्न की जाएगी।प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को स्व-गणना की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसमें पोर्टल पर प्रवेश एवं सत्यापन, भाषा का चयन, मोबाइल नंबर का सत्यापन, आवासीय स्थान का सत्यापन, परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करना, दर्ज विवरण की समीक्षा, अंतिम प्रस्तुतीकरण तथा SE-ID के निर्माण एवं उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। कार्मिकों को बताया गया कि स्व-गणना पूर्ण होने के पश्चात प्राप्त SE-ID को सुरक्षित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। घर-घर जाकर जनसंख्या गणना के दौरान प्रगणक द्वारा इसी SE-ID के माध्यम से स्व-गणना में दर्ज विवरण का सत्यापन एवं आवश्यकतानुसार पूरक कार्यवाही की जाएगी। जनगणना-2027 में डिजिटल माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा तथा प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी परिवारों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देशित किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरी गंभीरता, शुद्धता, गोपनीयता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने आमजन को स्व-गणना के प्रति जागरूक करने तथा अधिक से अधिक परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित कराने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, नीतियों एवं भविष्य की आवश्यकताओं के निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार है। अतः इस कार्य में लगे सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ करें।इस अवसर पर जनगणना कार्य से जुड़े संबंधित अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं प्रगणक उपस्थित रहे।3
- कानून-व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न,वादों के निस्तारण में तेजी लाने तथा दोषियों को सजा दिलाने के दिए निर्देश जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कानून-व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन ने सितंबर माह में विभिन्न न्यायालयों में निस्तारित वादों एवं उनमें दिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने वादों के निस्तारण की धीमी प्रगति तथा दोषमुक्ति के अधिक मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अभियोजन अधिकारियों को प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने तथा लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक अभियोजन ने बताया कि सितंबर माह में अधीनस्थ न्यायालयों में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कुल 118 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 49 मामलों में सजा, 7 में रिहाई, 21 मामलों में सुलह, 30 मुकदमों को सत्र न्यायालय में सुपुर्द तथा 11 मुकदमों को दाखिल-दफ्तर किया गया। इसी प्रकार अन्य अधिनियमों के अंतर्गत राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुल 7,533 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें 7,529 मामलों में सजा तथा 4 मामलों में रिहाई हुई। सत्र न्यायालय में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कुल 16 मुकदमों का निस्तारण किया गया, जिनमें 8 मामलों में सजा तथा 8 में रिहाई हुई। अन्य अधिनियमों के अंतर्गत 11 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें 2 मामलों में सजा तथा 9 में रिहाई हुई। एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत एक मुकदमे का निस्तारण हुआ, जिसमें अभियुक्त को रिहाई मिली। वहीं, पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत कुल 7 मुकदमों का निस्तारण हुआ और सभी में अभियुक्तों को दोषमुक्त किया गया। पॉक्सो अधिनियम के मामलों में दोषमुक्ति के संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित अभियोजन अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि 5 मामलों में पक्षद्रोहिता के कारण तथा 2 मामलों में गुण-दोष के आधार पर दोषमुक्ति हुई है। गुण-दोष के आधार पर दोषमुक्त किए गए दोनों मामलों में अपील की गई है। इस पर जिलाधिकारी ने पक्षद्रोहिता से संबंधित मामलों की गंभीरता से समीक्षा करने तथा नियमानुसार मुआवजा वापसी की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत पीड़ित पक्ष को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मुआवजा प्रदान किया जाता है। ऐसे मामलों में पक्षद्रोहिता के कारण अभियुक्तों के दोषमुक्त होने की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने अधीनस्थ न्यायालयों एवं सत्र न्यायालयों में निस्तारित मुकदमों की संख्या कम पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संयुक्त निदेशक अभियोजन को निर्देशित किया कि मुकदमों के निस्तारण में आ रही बाधाओं एवं विलंब के कारणों की जांच करते हुए प्रत्येक चरण के अनुसार विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। इसके आधार पर प्रभावी कार्ययोजना बनाकर वादों के निस्तारण में तेजी लाई जाए। विशेष रूप से पॉक्सो अधिनियम तथा एडीजे प्रथम न्यायालय में दोषमुक्ति के अधिक मामलों को देखते हुए संबंधित अभियोजन अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मुकदमों में साक्ष्य एवं पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने की पर्याप्त संभावना है, उनमें प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। विशेषकर गंभीर प्रकृति के ऐसे मुकदमे जो अंतिम चरण में हैं, उनमें विशेष प्रयास कर शीघ्र निस्तारण कराया जाए। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आगामी त्योहारों के दृष्टिगत सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने दीपावली के अवसर पर अवैध पटाखों के भंडारण एवं बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा ऐसे प्रकरण सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। दशहरा पर्व को सकुशल संपन्न कराने में योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उन्होंने आगामी दीपावली एवं छठ पर्व के दौरान भी पूरी सतर्कता एवं मुस्तैदी बनाए रखने के निर्देश दिए। दशहरा पर्व के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने के मामलों में प्रभावी कार्रवाई न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को आगामी त्योहारों में ध्वनि प्रदूषण पर विशेष निगरानी रखने तथा निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यकतानुसार डीजे सीज करने के निर्देश दिए। आगामी चुनावों के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने समस्त क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में वाहनों की सघन चेकिंग का अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने हिस्ट्रीशीटरों को चिह्नित करने, अवांछित एवं असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने तथा ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने को कहा, जिससे आवश्यकता पड़ने पर नोटिस तामील कराने सहित अन्य विधिक कार्रवाई समय से सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने अवैध शराब, जहरीली शराब एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने दीपावली एवं छठ पर्व के दृष्टिगत स्थानीय स्तर पर पूर्व से ही शांति समिति की बैठकें आयोजित करने तथा जनसामान्य को शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं परंपराओं के अनुरूप त्योहार मनाने के संबंध में जागरूक करने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, समस्त उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, संयुक्त निदेशक अभियोजन, डीजीसी तथा अभियोजन शाखा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- *जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ* *जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ* *16 नवंबर से 30 नवंबर तक होगी स्व-गणना, 01 दिसंबर से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे प्रगणक।* मऊ-आज जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन द्वारा जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के अंतर्गत स्व-गणना (Self-Enumeration) तथा जनगणना कार्य में लगाए गए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनगणना कार्य में लगाए गए कार्मिकों को स्व-गणना की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण तथा जनसंख्या गणना के विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की सुविधा 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके उपरांत 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। वहीं 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक संशोधन (Revisional Round) की कार्यवाही संपन्न की जाएगी।प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को स्व-गणना की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसमें पोर्टल पर प्रवेश एवं सत्यापन, भाषा का चयन, मोबाइल नंबर का सत्यापन, आवासीय स्थान का सत्यापन, परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करना, दर्ज विवरण की समीक्षा, अंतिम प्रस्तुतीकरण तथा SE-ID के निर्माण एवं उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। कार्मिकों को बताया गया कि स्व-गणना पूर्ण होने के पश्चात प्राप्त SE-ID को सुरक्षित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। घर-घर जाकर जनसंख्या गणना के दौरान प्रगणक द्वारा इसी SE-ID के माध्यम से स्व-गणना में दर्ज विवरण का सत्यापन एवं आवश्यकतानुसार पूरक कार्यवाही की जाएगी। जनगणना-2027 में डिजिटल माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा तथा प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी परिवारों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देशित किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरी गंभीरता, शुद्धता, गोपनीयता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने आमजन को स्व-गणना के प्रति जागरूक करने तथा अधिक से अधिक परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित कराने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, नीतियों एवं भविष्य की आवश्यकताओं के निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार है। अतः इस कार्य में लगे सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ करें।इस अवसर पर जनगणना कार्य से जुड़े संबंधित अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं प्रगणक उपस्थित रहे।3
- मऊ में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मऊ में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल माध्यम से आंकड़े जुटाने, परिवारों का विवरण दर्ज करने और स्व-गणना की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे। वहीं, 5 से 9 जनवरी 2027 तक संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। स्व-गणना करने वाले परिवारों को प्राप्त एसई-आईडी सुरक्षित रखनी होगी, ताकि घर-घर गणना के दौरान विवरण का सत्यापन किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कर्मचारियों को जनगणना का कार्य शुद्धता, गोपनीयता और समयबद्धता के साथ पूरा करने तथा आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए।2
- इसमे कोई संदेह नही आप सांसद संजय सिंह बड़ी तार्किक बाते करते है, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन मे कांग्रेस को कितनी सीटे मिलनी चाहिए उसपे बहुत अच्छा विश्लेषण किया है, एक बार इनका एक पॉडकास्ट जरूर से देखें।1
- बेल्थरारोड में RSS का भव्य पथ संचलन, स्वयंसेवकों पर हुई पुष्पवर्षा बिल्थरारोड, बलिया । विजयदशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सोमवार को पथ संचलन का आयोजन नगर के जूनियर हाईस्कूल में किया गया। इस दौरान पूरे नगर में भव्य पथसंचलन निकाला गया। जिसमें संघ के प्रमुख पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामविलास चौबे जी सह प्रांत कार्यवाह गोरक्ष प्रांत रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह संचलन संघ के शताब्दी वर्ष समारोह की व्यापक भागीदारी और अनुशासन का प्रतीक है।मुख्य अतिथि ने भाषा, भोजन और भजन को सात्विक भाव से एक साथ करने पर जोर दिया, जिससे आपसी प्रेम बढ़ता है।प्राचीन संस्कृति का पुनर्स्थापन होता है। सभी पदाधिकारियों ने पूर्ण गणवेश में संचलन में भाग लिया और स्वयंसेवकों के साथ कदमताल किया।सुरक्षा व्यवस्था में सीयर पुलिस चौकी इंचार्ज नीरज कुमार , सब इंस्पेक्टर अरविंद सिंह दलबल के साथ मौके पर मौजूद थे। भाजपा नेता विश्राम सिंह, निखिल प्रताप सिंह बिट्टू ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवको का स्वागत किया।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचार प्रमुख डॉ आलोक गिरि, जिला प्रचारक अनुपम जी, नगर कार्यवाह पवन वर्मा, डॉ अमित सिंह, अमित जायसवाल, सतीश गुप्ता ,सर्वजीत सोनी, डॉ राघवेन्द्र मिश्र, सुरेश मौर्य, अजय पटेल, मनीष वर्मा, सिद्धार्थ, मुरलीधर वर्मा, प्रदीप सोनी, श्रीप्रकाश मद्धेशिया, विजय, सुजीत, सुनील सिंह,आयुष आदि सहित सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक बन्धु उपस्थित रहे।4
- सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर दोहरीघाट पुलिस ने की कार्रवाई मऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के मामले में दोहरीघाट पुलिस ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। आरोपितों को विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, प्रधानमंत्री के संबंध में टोटके वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के मामले में थाना दोहरीघाट में मुकदमा अपराध संख्या 243/2026 के तहत बीएनएस की धारा 353(2) और आईटी एक्ट की धारा 67 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की विवेचना अपराध निरीक्षक महेंद्र कुमार यादव कर रहे थे। जांच के दौरान वीडियो वायरल करने और प्रकरण में संलिप्तता के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों में रोशन कुमार उर्फ रोशन बाबा उर्फ रोशन गुरु (26), निवासी जमीरा चौराडीह; शिवम कुमार (20), निवासी जमीरा चौराडीह; आदित्य कुमार (20), निवासी रेलवे स्टेशन सम्मिलित मोहल्ला; उज्ज्वल जायसवाल (23), निवासी सदर बाजार और अमन सोनकर (29), निवासी चमरौटी मोहल्ला, थाना दोहरीघाट शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, मामले में अन्य साक्ष्य जुटाने के साथ विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।2
- रस्सी से गला घोट के और सिर पे हथौड़ी से मार के हत्या किया गया है जनपद देवरिया के थाना रुद्रपुर में विगत दिनांक 25/10/2026 को रात में लगभग 12:55 मिनट पर 112 के माध्यम से सूचना मिली कि सीएचसी रुद्रपुर में स्थित 'एंप्लॉय' आवास के अंदर एक गुड़िया विश्वकर्मा का लाश पड़ी है और संभवतः उनका हत्या हुआ है। यह सूचना देने वाला उनका ननद पूर्णिमा विश्वकर्मा था, जिनके पूछने पर उनके द्वारा बताया गया कि ड्यूटी से वापस लौट के जब आया तो कमरे के अंदर उनके द्वारा मृतक अवस्था में इनको पाया गया है। और काफी वही पे निरीक्षण करने पर यह पाया गया कि सामान बिखरा पड़ा है, ऐसे की कोई चोरी करने के लिए आया और इनका हत्या करके गया। तो इसमें विस्तृत रूप से जानकारी करने पर और मुकदमा के विवेचना करने पर पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए मुकदमा अपराध संख्या 513/26 अंतर्गत धारा 80(2), 85 बीएनएस और 3/4 डीपी एक्ट बनाम चमनलाल विश्वकर्मा जो मृतका का पति है, अभिमन्यु विश्वकर्मा जो पति का भाई है, उर्मिला देवी जो उनका सास है और पूर्णिमा विश्वकर्मा के ऊपर पंजीकृत किया गया था। इसी विवेचना का सफल अनावरण करते हुए रुद्रपुर पुलिस और एसओजी टीम ने यह पाया गया कि मृतका गुड़िया विश्वकर्मा को 25/10 के रात्रि में एक बाहर से दो व्यक्तियों को इनके ससुराली पक्ष द्वारा बुला लिया गया था, जिनके द्वारा इनको रस्सी से गला घोट के और सिर पे हथौड़ी से मार के हत्या किया गया है एवं पूर्णिमा विश्वकर्मा द्वारा सामान बिखरा के यह गलतफहमी फैलाने के लिए कोशिश किया है कि यह चोरी का घटना था। इस पूरा मामला का अंजाम देने के लिए इनको सहयोग देने वाला व्यक्ति है सत्यप्रकाश यादव जो कि परिवार से परिचित था, इनके माध्यम से एक रामाआशीष यादव पुत्र स्वर्गीय रमाकांत यादव निवासी छपरा थाना गगहा जनपद गोरखपुर को संपर्क करके 3 लाख में तय किया गया था कि गुड़िया विश्वकर्मा को हत्या करने के लिए। इसमें लगभग ₹2.5 लाख ऑलरेडी इनके द्वारा रामाआशीष को दिया गया था और काम होने यानी हत्या होने के बाद ₹50,000 देने के बाद किया गया था। आज दिनांक 27/10/2026 को चेकिंग के दौरान पुलिस पार्टी के ऊपर रामाआशीष यादव और उनका साथी फायर करके भागने के लिए कोशिश किया और उसने पुलिस को आत्मरक्षा जो जवाबी कार्रवाई किया, जवाबी फायरिंग किया उसमें रामाशेष यादव का पैर में गोली भी लगी थी। और वो अभी अंडर ट्रीटमेंट है, हमारे हिरासत में ही है। इस पूरा वारदात में अभी कुल मिलाकर 6 गिरफ्तारियां किया गया है। इसमें सुसंगत धारा जो 103(1) है जो पुराना हत्या का धारा 302 का रहता है एंड धारा 61(2) जो कॉस्पिरेसी के रिलेटेड है, ये दोनों धारा का भी बढ़ोतरी किया गया है। एवं जहां तक बरामदगी के बाद है इसमें जो घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल है, वो भी बरामद किया गया है, जो रस्सी है वो भी बरामद किया गया है और माननीय न्यायालय के सामने उन लोगों को रिमांड कर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई किया जा रहा है। *..........पुलिस अधीक्षक देवरिया श्री अभिजित आर. शंकर की बाइट-*1