मऊ में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मऊ में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल माध्यम से आंकड़े जुटाने, परिवारों का विवरण दर्ज करने और स्व-गणना की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे। वहीं, 5 से 9 जनवरी 2027 तक संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। स्व-गणना करने वाले परिवारों को प्राप्त एसई-आईडी सुरक्षित रखनी होगी, ताकि घर-घर गणना के दौरान विवरण का सत्यापन किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कर्मचारियों को जनगणना का कार्य शुद्धता, गोपनीयता और समयबद्धता के साथ पूरा करने तथा आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए।
मऊ में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मऊ में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल माध्यम से आंकड़े जुटाने, परिवारों का विवरण दर्ज करने और स्व-गणना की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा
उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे। वहीं, 5 से 9 जनवरी 2027 तक संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। स्व-गणना करने वाले परिवारों को प्राप्त एसई-आईडी सुरक्षित रखनी होगी, ताकि घर-घर गणना के दौरान विवरण का सत्यापन किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कर्मचारियों को जनगणना का कार्य शुद्धता, गोपनीयता और समयबद्धता के साथ पूरा करने तथा आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए।
- कानून-व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न,वादों के निस्तारण में तेजी लाने तथा दोषियों को सजा दिलाने के दिए निर्देश जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कानून-व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन ने सितंबर माह में विभिन्न न्यायालयों में निस्तारित वादों एवं उनमें दिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने वादों के निस्तारण की धीमी प्रगति तथा दोषमुक्ति के अधिक मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अभियोजन अधिकारियों को प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने तथा लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक अभियोजन ने बताया कि सितंबर माह में अधीनस्थ न्यायालयों में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कुल 118 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 49 मामलों में सजा, 7 में रिहाई, 21 मामलों में सुलह, 30 मुकदमों को सत्र न्यायालय में सुपुर्द तथा 11 मुकदमों को दाखिल-दफ्तर किया गया। इसी प्रकार अन्य अधिनियमों के अंतर्गत राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुल 7,533 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें 7,529 मामलों में सजा तथा 4 मामलों में रिहाई हुई। सत्र न्यायालय में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कुल 16 मुकदमों का निस्तारण किया गया, जिनमें 8 मामलों में सजा तथा 8 में रिहाई हुई। अन्य अधिनियमों के अंतर्गत 11 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें 2 मामलों में सजा तथा 9 में रिहाई हुई। एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत एक मुकदमे का निस्तारण हुआ, जिसमें अभियुक्त को रिहाई मिली। वहीं, पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत कुल 7 मुकदमों का निस्तारण हुआ और सभी में अभियुक्तों को दोषमुक्त किया गया। पॉक्सो अधिनियम के मामलों में दोषमुक्ति के संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित अभियोजन अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि 5 मामलों में पक्षद्रोहिता के कारण तथा 2 मामलों में गुण-दोष के आधार पर दोषमुक्ति हुई है। गुण-दोष के आधार पर दोषमुक्त किए गए दोनों मामलों में अपील की गई है। इस पर जिलाधिकारी ने पक्षद्रोहिता से संबंधित मामलों की गंभीरता से समीक्षा करने तथा नियमानुसार मुआवजा वापसी की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत पीड़ित पक्ष को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मुआवजा प्रदान किया जाता है। ऐसे मामलों में पक्षद्रोहिता के कारण अभियुक्तों के दोषमुक्त होने की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने अधीनस्थ न्यायालयों एवं सत्र न्यायालयों में निस्तारित मुकदमों की संख्या कम पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संयुक्त निदेशक अभियोजन को निर्देशित किया कि मुकदमों के निस्तारण में आ रही बाधाओं एवं विलंब के कारणों की जांच करते हुए प्रत्येक चरण के अनुसार विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। इसके आधार पर प्रभावी कार्ययोजना बनाकर वादों के निस्तारण में तेजी लाई जाए। विशेष रूप से पॉक्सो अधिनियम तथा एडीजे प्रथम न्यायालय में दोषमुक्ति के अधिक मामलों को देखते हुए संबंधित अभियोजन अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मुकदमों में साक्ष्य एवं पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने की पर्याप्त संभावना है, उनमें प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। विशेषकर गंभीर प्रकृति के ऐसे मुकदमे जो अंतिम चरण में हैं, उनमें विशेष प्रयास कर शीघ्र निस्तारण कराया जाए। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आगामी त्योहारों के दृष्टिगत सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने दीपावली के अवसर पर अवैध पटाखों के भंडारण एवं बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा ऐसे प्रकरण सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। दशहरा पर्व को सकुशल संपन्न कराने में योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उन्होंने आगामी दीपावली एवं छठ पर्व के दौरान भी पूरी सतर्कता एवं मुस्तैदी बनाए रखने के निर्देश दिए। दशहरा पर्व के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने के मामलों में प्रभावी कार्रवाई न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को आगामी त्योहारों में ध्वनि प्रदूषण पर विशेष निगरानी रखने तथा निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यकतानुसार डीजे सीज करने के निर्देश दिए। आगामी चुनावों के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने समस्त क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में वाहनों की सघन चेकिंग का अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने हिस्ट्रीशीटरों को चिह्नित करने, अवांछित एवं असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने तथा ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने को कहा, जिससे आवश्यकता पड़ने पर नोटिस तामील कराने सहित अन्य विधिक कार्रवाई समय से सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने अवैध शराब, जहरीली शराब एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने दीपावली एवं छठ पर्व के दृष्टिगत स्थानीय स्तर पर पूर्व से ही शांति समिति की बैठकें आयोजित करने तथा जनसामान्य को शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं परंपराओं के अनुरूप त्योहार मनाने के संबंध में जागरूक करने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, समस्त उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, संयुक्त निदेशक अभियोजन, डीजीसी तथा अभियोजन शाखा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- *जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ* *जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ* *16 नवंबर से 30 नवंबर तक होगी स्व-गणना, 01 दिसंबर से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे प्रगणक।* मऊ-आज जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन द्वारा जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के अंतर्गत स्व-गणना (Self-Enumeration) तथा जनगणना कार्य में लगाए गए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनगणना कार्य में लगाए गए कार्मिकों को स्व-गणना की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण तथा जनसंख्या गणना के विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की सुविधा 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके उपरांत 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। वहीं 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक संशोधन (Revisional Round) की कार्यवाही संपन्न की जाएगी।प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को स्व-गणना की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसमें पोर्टल पर प्रवेश एवं सत्यापन, भाषा का चयन, मोबाइल नंबर का सत्यापन, आवासीय स्थान का सत्यापन, परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करना, दर्ज विवरण की समीक्षा, अंतिम प्रस्तुतीकरण तथा SE-ID के निर्माण एवं उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। कार्मिकों को बताया गया कि स्व-गणना पूर्ण होने के पश्चात प्राप्त SE-ID को सुरक्षित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। घर-घर जाकर जनसंख्या गणना के दौरान प्रगणक द्वारा इसी SE-ID के माध्यम से स्व-गणना में दर्ज विवरण का सत्यापन एवं आवश्यकतानुसार पूरक कार्यवाही की जाएगी। जनगणना-2027 में डिजिटल माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा तथा प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी परिवारों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देशित किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरी गंभीरता, शुद्धता, गोपनीयता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने आमजन को स्व-गणना के प्रति जागरूक करने तथा अधिक से अधिक परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित कराने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, नीतियों एवं भविष्य की आवश्यकताओं के निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार है। अतः इस कार्य में लगे सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ करें।इस अवसर पर जनगणना कार्य से जुड़े संबंधित अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं प्रगणक उपस्थित रहे।3
- मऊ में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मऊ में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल माध्यम से आंकड़े जुटाने, परिवारों का विवरण दर्ज करने और स्व-गणना की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे। वहीं, 5 से 9 जनवरी 2027 तक संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। स्व-गणना करने वाले परिवारों को प्राप्त एसई-आईडी सुरक्षित रखनी होगी, ताकि घर-घर गणना के दौरान विवरण का सत्यापन किया जा सके। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कर्मचारियों को जनगणना का कार्य शुद्धता, गोपनीयता और समयबद्धता के साथ पूरा करने तथा आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए।2
- 16 नवंबर से 30 नवंबर तक होगी स्व-गणना, 01 दिसंबर से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे प्रगणक। मऊ । जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन द्वारा जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के अंतर्गत स्व-गणना (Self-Enumeration) तथा जनगणना कार्य में लगाए गए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनगणना कार्य में लगाए गए कार्मिकों को स्व-गणना की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण तथा जनसंख्या गणना के विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की सुविधा 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके उपरांत 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। वहीं 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक संशोधन (Revisional Round) की कार्यवाही संपन्न की जाएगी।प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को स्व-गणना की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसमें पोर्टल पर प्रवेश एवं सत्यापन, भाषा का चयन, मोबाइल नंबर का सत्यापन, आवासीय स्थान का सत्यापन, परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज करना, दर्ज विवरण की समीक्षा, अंतिम प्रस्तुतीकरण तथा SE-ID के निर्माण एवं उसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। कार्मिकों को बताया गया कि स्व-गणना पूर्ण होने के पश्चात प्राप्त SE-ID को सुरक्षित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। घर-घर जाकर जनसंख्या गणना के दौरान प्रगणक द्वारा इसी SE-ID के माध्यम से स्व-गणना में दर्ज विवरण का सत्यापन एवं आवश्यकतानुसार पूरक कार्यवाही की जाएगी। जनगणना-2027 में डिजिटल माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा तथा प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी परिवारों की जानकारी दर्ज की जाएगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देशित किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरी गंभीरता, शुद्धता, गोपनीयता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने आमजन को स्व-गणना के प्रति जागरूक करने तथा अधिक से अधिक परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित कराने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, नीतियों एवं भविष्य की आवश्यकताओं के निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार है। अतः इस कार्य में लगे सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ करें।इस अवसर पर जनगणना कार्य से जुड़े संबंधित अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं प्रगणक उपस्थित रहे।3
- दोनों घायल आरोपियों को उ।पचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। गाजीपुर में दो सगे भाइयों की अलग-अलग मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी, सुबह हिस्ट्रीशीटर आशुतोष राय उर्फ बिट्टू और शाम को सर्वेश राय उर्फ सिट्टू को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा गाजीपुर के भांवरकोल थाना क्षेत्र में बीते 13 अक्टूबर को हुई फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में वांछित 25-25 हजार रुपये के इनामी दो भाइयों को पुलिस ने रविवार को दो अलग-अलग मुठभेड़ों के बाद गिरफ्तार किया है।रविवार की सुबह हुई मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर आशुतोष राय उर्फ बिट्टू के बाएं पैर में गोली लगी, जबकि शाम को पुलिस मुठभेड़ में उसके भाई सर्वेश राय उर्फ सिट्टू के दाहिने पैर में गोली लगी। दोनों घायल आरोपियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सुखडेहरा गांव में फायरिंग कर दो लोगों को घायल करने के मामले में दोनों आरोपी वांछित थे। घायलों में एक सीआईएसएफ जवान और उसका चचेरा भाई घायल हुए थे। इसी घटना में पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। शाम की मुठभेड़ के बाद सर्वेश राय के कब्जे से 32 बोर की एक पिस्टल, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आशुतोष और सर्वेश के खिलाफ हत्या, अपहरण, जानलेवा हमले, गैंगस्टर एक्ट और शस्त्र अधिनियम समेत विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस दोनों मुठभेड़ों के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।1
- BREAKING GHAZIPUR UP. गाजीपुर सड़क निर्माण को लेकर गाजीपुर की जनता ने क्या कहा जाने Reporting Moinuddin Nazar India CRIME Repoter up BREAKING GHAZIPUR UP. गाजीपुर सड़क निर्माण को लेकर गाजीपुर की जनता ने क्या कहा जाने Reporting Moinuddin Nazar India CRIME Repoter up1
- बेल्थरारोड में RSS का भव्य पथ संचलन, स्वयंसेवकों पर हुई पुष्पवर्षा बिल्थरारोड, बलिया । विजयदशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सोमवार को पथ संचलन का आयोजन नगर के जूनियर हाईस्कूल में किया गया। इस दौरान पूरे नगर में भव्य पथसंचलन निकाला गया। जिसमें संघ के प्रमुख पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामविलास चौबे जी सह प्रांत कार्यवाह गोरक्ष प्रांत रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह संचलन संघ के शताब्दी वर्ष समारोह की व्यापक भागीदारी और अनुशासन का प्रतीक है।मुख्य अतिथि ने भाषा, भोजन और भजन को सात्विक भाव से एक साथ करने पर जोर दिया, जिससे आपसी प्रेम बढ़ता है।प्राचीन संस्कृति का पुनर्स्थापन होता है। सभी पदाधिकारियों ने पूर्ण गणवेश में संचलन में भाग लिया और स्वयंसेवकों के साथ कदमताल किया।सुरक्षा व्यवस्था में सीयर पुलिस चौकी इंचार्ज नीरज कुमार , सब इंस्पेक्टर अरविंद सिंह दलबल के साथ मौके पर मौजूद थे। भाजपा नेता विश्राम सिंह, निखिल प्रताप सिंह बिट्टू ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवको का स्वागत किया।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचार प्रमुख डॉ आलोक गिरि, जिला प्रचारक अनुपम जी, नगर कार्यवाह पवन वर्मा, डॉ अमित सिंह, अमित जायसवाल, सतीश गुप्ता ,सर्वजीत सोनी, डॉ राघवेन्द्र मिश्र, सुरेश मौर्य, अजय पटेल, मनीष वर्मा, सिद्धार्थ, मुरलीधर वर्मा, प्रदीप सोनी, श्रीप्रकाश मद्धेशिया, विजय, सुजीत, सुनील सिंह,आयुष आदि सहित सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक बन्धु उपस्थित रहे।4
- अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा रिजर्व पुलिस लाईन मऊ में मंगलवार परेड में प्रतिभाग कर दिये गए आवश्यक दिशा-निर्देश अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार द्वारा पुलिस लाईन परेड ग्राउंड में मंगलवार परेड की सलामी ली गई तथा परेड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के पश्चात शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट रहने के लिए परेड की दौड़ लगवाई। निरीक्षण के क्रम में महोदय द्वारा यू0पी0-112 व थानों से आये वाहनों की गहनता से चेकिंग की गयी तथा पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मियों से वाहनों में उपलब्ध दंगा नियंत्रण/सुरक्षा उपकरणों के सम्बंध में जानकारी लेते हुए उनकी चेकिंग की गयी व तत्पश्चात क्वार्टर गार्द, स्टोर, परिवहन शाखा, मेस, पुलिस बैरक व पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण कर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने हेतु सम्बंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस अधिकारी/ कर्मचारीगण उपस्थित रहें ।1