संभल के रायसत्ती में स्थित भागीरथी तीर्थं प्राचीन ध्वजा मेले का आयोजन किया गया। एंकर:संभल के रायसत्ती में स्थित भागीरथी तीर्थं प्राचीन ध्वजा मेले का आयोजन किया गया। वी/ओ:संभल में होली के अगले दिन लगने वाला ध्वजा मेला हिंदू साम्राज्य की स्थापना का प्रतीक है, इसका इतिहास सम्राट पृथ्वीराज चौहान की विजय से जुड़ा है। मुगल शासन काल में पृथ्वीराज चौहान ने ध्वजा लगाकर संभल को अपनी राजधानी घोषित किया था, तभी से हिंदू साम्राज्य की विजय का मेला लगाया जाता है। आपको बता दे की ध्वजा मेला केवल संभल में ही मनाया जाता है इसके अलावा इसका कहीं भी कोई आयोजन का वर्णन नहीं मिलता है। संभल के रायसत्ती में स्थित भागीरथी तीर्थ पर लगने वाले ध्वजा मेले का आयोजन किया गया जिसमें चौपाई भी निकाली गई मेले का आनंद उठाने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे और वहां पर निकलने वाली चौपाई का आनंद उठाया। इस विषय में जानकारी देते हुए स्थानीय निवासी शेखर गिरी ने बताया कि इस मेले की शुरुआत मध्यकालीन काल में हुई थी और यह लगभग 700 साल पुरानी परंपरा है। मान्यता है कि जब पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को पहली बार युद्ध में पराजित किया था, तब उस विजय की खुशी में ध्वजा यानी जीत का प्रतीक झंडा फहराकर उत्सव मनाया गया था। उसी की स्मृति में यह ध्वजा मेला आज भी आयोजित किया जाता है। होली के दूसरे दिन लगने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मेले में विभिन्न गांवों से झांकियां निकलती हैं जिन्हें स्थानीय भाषा में “चौपाइयां” कहा जाता है। ये झांकियां ढिल्लूपुर, नई बस्ती सहित आसपास के कई गांवों और सराय क्षेत्रों से आती हैं और विजय यात्रा की तरह पूरे उत्साह के साथ मेले में पहुंचती हैं। मेले में धार्मिक आस्था भी गहराई से जुड़ी हुई है। यहां स्थित रायसत्ती देवी मंदिर को क्षेत्र की ईष्ट देवी का मंदिर माना जाता है। नई शादीशुदा जोड़े भी यहां आकर माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं। हर वर्ष इस मेले में लगभग 40 से 50 हजार श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि आधुनिकता के चलते पहले की तुलना में लोगों की रुचि कुछ कम हुई है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में लोग अपनी आस्था और परंपरा को निभाने के लिए मेले में शामिल होते हैं। इस वर्ष भी ध्वजा मेले में अच्छी रौनक देखने को मिल रही है और श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा बन रहे हैं।
संभल के रायसत्ती में स्थित भागीरथी तीर्थं प्राचीन ध्वजा मेले का आयोजन किया गया। एंकर:संभल के रायसत्ती में स्थित भागीरथी तीर्थं प्राचीन ध्वजा मेले का आयोजन किया गया। वी/ओ:संभल में होली के अगले दिन लगने वाला ध्वजा मेला हिंदू साम्राज्य की स्थापना का प्रतीक है, इसका इतिहास सम्राट पृथ्वीराज चौहान की विजय से जुड़ा है। मुगल शासन काल में पृथ्वीराज चौहान ने ध्वजा लगाकर संभल को अपनी राजधानी घोषित किया था, तभी से हिंदू साम्राज्य की विजय का मेला लगाया जाता है। आपको बता दे की ध्वजा मेला केवल संभल में ही मनाया जाता है इसके अलावा इसका कहीं भी कोई आयोजन का वर्णन नहीं मिलता है। संभल के रायसत्ती में स्थित भागीरथी तीर्थ पर लगने वाले ध्वजा मेले का आयोजन किया गया जिसमें चौपाई भी निकाली गई मेले का आनंद उठाने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे और वहां पर निकलने वाली चौपाई का आनंद उठाया। इस विषय में जानकारी देते हुए स्थानीय निवासी शेखर गिरी ने बताया कि इस मेले की शुरुआत मध्यकालीन काल में हुई थी और यह लगभग 700 साल पुरानी परंपरा है। मान्यता है कि जब पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को पहली बार युद्ध में पराजित किया था, तब उस विजय की खुशी में
ध्वजा यानी जीत का प्रतीक झंडा फहराकर उत्सव मनाया गया था। उसी की स्मृति में यह ध्वजा मेला आज भी आयोजित किया जाता है। होली के दूसरे दिन लगने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मेले में विभिन्न गांवों से झांकियां निकलती हैं जिन्हें स्थानीय भाषा में “चौपाइयां” कहा जाता है। ये झांकियां ढिल्लूपुर, नई बस्ती सहित आसपास के कई गांवों और सराय क्षेत्रों से आती हैं और विजय यात्रा की तरह पूरे उत्साह के साथ मेले में पहुंचती हैं। मेले में धार्मिक आस्था भी गहराई से जुड़ी हुई है। यहां स्थित रायसत्ती देवी मंदिर को क्षेत्र की ईष्ट देवी का मंदिर माना जाता है। नई शादीशुदा जोड़े भी यहां आकर माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं। हर वर्ष इस मेले में लगभग 40 से 50 हजार श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि आधुनिकता के चलते पहले की तुलना में लोगों की रुचि कुछ कम हुई है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में लोग अपनी आस्था और परंपरा को निभाने के लिए मेले में शामिल होते हैं। इस वर्ष भी ध्वजा मेले में अच्छी रौनक देखने को मिल रही है और श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा बन रहे हैं।
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- ब्रेकिंग न्यूज़ आज मुरादाबाद में (जीएनआरएफ) गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन द्वारा व्हाइट मंडल में रमजान राशन पैक का वितरण मुरादाबाद। दावतेइस्लामी इंडिया की कल्याण शाखा गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन (जीएनआरएफ) ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए इस वर्ष भी व्हाइट मंडल, मुरादाबाद में रमजान राशन पैक वितरण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस पवित्र महीने में कई लोगों ने जरूरतमंदों की मदद करने के इस नेक काम में अपना योगदान दिया, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों को लाभ मिला। यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के सतत विकास लक्ष्य एसडीजी-2 (जीरो हंगर) और एसडीजी-1 (नो पॉवर्टी) के तहत लोगों को भूख और गरीबी से मुक्त कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम के तहत व्हाइट मंडल क्षेत्र में 300 से अधिक परिवारों को राशन किट वितरित किए गए। प्रत्येक राशन किट में दैनिक आवश्यक खाद्य सामग्री शामिल थी, जो पूरे रमजान के दौरान एक परिवार के लिए पर्याप्त है। इनमें चावल, आटा, दालें, चीनी, चाय, खजूर, मसाले और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री शामिल थीं। दावते इस्लामी हिंद के जिला अध्यक्ष ______ अत्तारी ने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी दानदाताओं, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्था इसी प्रकार मानवता की सेवा करती रहेगी और भविष्य में भी ऐसे नेक कार्य करने का हमारा संकल्प है। उन्होंने सभी से दुआ और सहयोग का अनुरोध किया ताकि आगे भी अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों की मदद की जा सके। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जीएनआरएफ के मंडल अध्यक्ष मोहम्मद सद्दाम और उनकी टीम ने कड़ी मेहनत की। ✒️ गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन (जीएनआरएफ) (दावतेइस्लामी इंडिया) मुकीम हैदर मंडल ब्यूरो चीफ मुरादाबाद से4
- Post by Veerpal Kumar1
- ब्रेकिंग बदायूँ ट्रेक्टर एजैसी पर न्यू ट्रेक्टर उतारते समय हुआ वड़ा हादसा । ट्रेक्टर पलटने से एक युवक राम सेवक की दबकर हुई मौत । मृतक रामसेवक उसी एजेंसी पर करता था नोकरी । ट्रेक्टर को सीधा करते समय हुआ हादसा मौके पर पहुंची पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल । डाक्टरों किया मृत घोषित । घटना सहसवान कोलवाली क्षेत्र के अल्ली पुर टप्पा की है ।4
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर का क्षेत्र में तूफानी दौरा बदायूं : आज बिल्सी विधानसभा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर का होली मिलन को लेकर बिल्सी के सभी क्षेत्रीय गांव में तूफानी दौरा रहा।। जिसमें ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर ने क्षेत्र के गांवो में गमी की होली को लेकर हर घर में मिले जाकर और लोगों की समस्याओं को सुना। ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर ने क्षेत्र के लोगों को आश्वाशन दिया कि मैं अपनी विधान सभा बिल्सी की जनता के हर दुख सुख में हमेशा तत्पर रहूंगा मेरी विधानसभा मेरी मां है। जब जरूरत लगे मेरी तो मैं अपनो बीच उपस्थित रहूंगा।3
- "रिपोर्ट : आदित्य भारद्वाज" आंवला। भमोरा थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा की टक्कर से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को समय रहते 108 एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार किरन सिंह पुत्र तिलक बहादुर सिंह का ई-रिक्शा से एक्सीडेंट हो गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भमोरा लाया गया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल बरेली के लिए रेफर कर दिया। रेफर होने के तुरंत बाद 108 एम्बुलेंस सेवा मौके पर पहुंची और घायल को सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाया गया। एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी संजीव ने रास्ते में मरीज की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यक चिकित्सा सहायता दी। वहीं पायलट जगवीर ने एम्बुलेंस को तेजी और सुरक्षित तरीके से जिला अस्पताल तक पहुंचाया। बताया जा रहा है कि हादसे में युवक के सिर में खुली चोट आई थी, जिसके कारण मामला क्रिटिकल था। एम्बुलेंस सेवा के ईआरसीपी डॉ.सौरभ की निगरानी में मरीज को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। स्थानीय लोगों ने 108 एम्बुलेंस सेवा की तत्परता और टीम के कार्य की सराहना की, जिससे घायल को समय पर उपचार मिल सका।2
- न्याय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस पी सिंह ने कहा कि न्याय पार्टी उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा चुनाओं में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी2
- बिग ब्रेकिंग न्यूज़ संभल संभल में पिछली बार की तरह संभल कप्तान कृष्ण कुमार विश्नोई ने होली के त्योहार पर खूब लगाए जमकर ठुमके, धुरंधर फिल्म और भोजपुरी गाने पर खूब जमकर किया डांस। संभल की पुलिस लाइन बहजोई में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने रहमान डकैत के रूप धारण किया और शिकारी कैंप पहन कर खेली होली। धुरंधर फिल्म के गाने और बिहारी गाने जैसे *गुलब जईसन बिलल बाड़ू* गाने पर जवानों ने जमकर किया डांस। पुलिस लाइन में मिट्टी खोदकर बड़ा गड्ढा बनाया गया और चारों तरफ काली पिन्नी लगाकर पानी भरते हुए साथ ही पुलिस कर्मियों ने भी खूब लगाए ठुमके।3