आचार्य भगवंत हर्ष तिलक सूरीश्वरजी महाराज का ससंघ हुआ भव्य नगर प्रवेश,56 दिन में सम्मेद शिखर जी से पैदल यात्रा कर आष्टा पहुंचे जगह जगह गवली कर भगवान एवं आचार्य भगवंत का नमन किया, श्री गिरनार महातीर्थ की 18वीं वर्षगांठ पर सात दिवसीय जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव हुआ प्रारंभ मध्यप्रदेश के श्री गिरनार महातीर्थ, आष्टा तीर्थ की 18 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सोमवार से सात दिवसीय जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव का शुभारंभ आचार्य भगवंत हर्ष तिलक सूरीश्वर महाराज के ससंघ सानिध्य में हुआ। तीन वर्ष पश्चात पूज्य आचार्य भगवंत हर्ष तिलक सूरीश्वरजी महाराज का ससंघ नगर में मंगल प्रवेश गाजे बाजे के साथ हुआ, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। आचार्य भगवंत सम्मेद शिखरजी से छप्पन दिवस की कठिन पैदल यात्रा करते हुए सोमवार को आष्टा नगर में पधारे। प्रातः 8 बजे भोपाल नाका से समाजजनों ने अगवानी कर श्री सीमंधर जिनदत्त धाम दादावाड़ी पहुंचे और वहां दादा गुरु के दर्शन के पश्चात नगर प्रवेश जुलूस प्रारंभ हुआ। शोभायात्रा श्री महावीर श्वेतांबर जैन मंदिर गंज, सिकंदर बाजार, बड़ा बाजार होती हुई किला मंदिर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आचार्य भगवंत के समक्ष गवली कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मंगल स्वागत किया। महोत्सव के अंतर्गत आचार्य भगवंत के सानिध्य में सप्ताहभर विविध धार्मिक अनुष्ठान, पूजन एवं ज्वारारोपण महापूजन आयोजित होंगे। सोमवार प्रातः 10 बजे कुंभ स्थापना एवं जवारारोपण का कार्यक्रम चंदनमल–सचिन कुमार कोठारी परिवार के लाभ से संपन्न हुआ। दोपहर 1 बजे श्री पार्श्वनाथ पंचकल्याणक पूजन नथमल –ताराचंद रांका परिवार के लाभार्थ आयोजित किया गया। विविध धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला इस प्रकार रहेगी- 17 फरवरी को प्रातः 8 बजे श्री नेमिनाथ जिनेंद्र जिनालय में शक्रस्तव अभिषेक प्रतिमाह के लाभार्थियों द्वारा किया जाएगा। 18 फरवरी को प्रातः 9 बजे श्री नवग्रह पाटला पूजन (लाभार्थी: कोठारी परिवार), श्री दशदिक्पाल पाटला पूजन (लाभार्थी: शांतिलाल, कैलाश, गौरव वोहरा परिवार) तथा श्री अष्टमंगल पाटला पूजन संपन्न होंगे। 19 फरवरी को प्रातः 8:30 बजे श्रीसंघ द्वारा जिनालय में 18 अभिषेक एवं गुरुमूर्ति अभिषेक का आयोजन किया जाएगा। 20 फरवरी को प्रातः 8 बजे सामूहिक भव्य स्नात्रोत्सव होगा तथा दोपहर 12:15 बजे दादा के शिखर पर ध्वजारोहण संपन्न होगा। इस अवसर पर सकल श्रीसंघ का साधार्मिक वात्सल्य भोज एवं जिनालय में भव्य अंगरचना होगी। ध्वजारोहण के साथ आगामी वर्ष मंगलवार 23 फरवरी 2027 (फाल्गुन सुदी 3) की ध्वजा एवं अष्टप्रकारी पूजा के चढ़ावे की बोली भी लगाई जाएगी। 21 फरवरी को प्रातः 9 बजे महाप्रभाविक श्री शांति स्नात्र महापूजन तथा 22 फरवरी को प्रातः 9 बजे प्रभावशाली श्री सिद्धचक्र महापूजन आयोजित होगा। धार्मिक आयोजन को लेकर श्रीसंघ एवं तीर्थ समिति में व्यापक उत्साह है। श्रद्धालुओं में आचार्य भगवंत के ससंघ नगर प्रवेश एवं सप्ताहभर चलने वाले जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव को लेकर विशेष उमंग देखी जा रही है। नगर में भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया है।
आचार्य भगवंत हर्ष तिलक सूरीश्वरजी महाराज का ससंघ हुआ भव्य नगर प्रवेश,56 दिन में सम्मेद शिखर जी से पैदल यात्रा कर आष्टा पहुंचे जगह जगह गवली कर भगवान एवं आचार्य भगवंत का नमन किया, श्री गिरनार महातीर्थ की 18वीं वर्षगांठ पर सात दिवसीय जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव हुआ प्रारंभ मध्यप्रदेश के श्री गिरनार महातीर्थ, आष्टा तीर्थ की 18 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सोमवार से सात दिवसीय जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव का शुभारंभ आचार्य भगवंत हर्ष तिलक सूरीश्वर महाराज के ससंघ सानिध्य में हुआ। तीन वर्ष पश्चात पूज्य आचार्य भगवंत हर्ष तिलक सूरीश्वरजी महाराज का ससंघ नगर में मंगल प्रवेश गाजे बाजे के साथ हुआ, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। आचार्य भगवंत सम्मेद शिखरजी से छप्पन दिवस की कठिन पैदल यात्रा करते हुए सोमवार को आष्टा नगर में पधारे। प्रातः 8 बजे भोपाल नाका से समाजजनों ने अगवानी कर श्री सीमंधर जिनदत्त धाम दादावाड़ी पहुंचे और वहां दादा गुरु के दर्शन के पश्चात नगर प्रवेश जुलूस प्रारंभ हुआ। शोभायात्रा श्री महावीर श्वेतांबर जैन मंदिर गंज, सिकंदर बाजार, बड़ा बाजार होती हुई किला मंदिर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आचार्य भगवंत के समक्ष गवली कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मंगल स्वागत किया। महोत्सव के अंतर्गत आचार्य भगवंत के सानिध्य में सप्ताहभर विविध धार्मिक अनुष्ठान, पूजन एवं ज्वारारोपण महापूजन आयोजित होंगे। सोमवार प्रातः 10 बजे कुंभ स्थापना एवं जवारारोपण का कार्यक्रम चंदनमल–सचिन कुमार
कोठारी परिवार के लाभ से संपन्न हुआ। दोपहर 1 बजे श्री पार्श्वनाथ पंचकल्याणक पूजन नथमल –ताराचंद रांका परिवार के लाभार्थ आयोजित किया गया। विविध धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला इस प्रकार रहेगी- 17 फरवरी को प्रातः 8 बजे श्री नेमिनाथ जिनेंद्र जिनालय में शक्रस्तव अभिषेक प्रतिमाह के लाभार्थियों द्वारा किया जाएगा। 18 फरवरी को प्रातः 9 बजे श्री नवग्रह पाटला पूजन (लाभार्थी: कोठारी परिवार), श्री दशदिक्पाल पाटला पूजन (लाभार्थी: शांतिलाल, कैलाश, गौरव वोहरा परिवार) तथा श्री अष्टमंगल पाटला पूजन संपन्न होंगे। 19 फरवरी को प्रातः 8:30 बजे श्रीसंघ द्वारा जिनालय में 18 अभिषेक एवं गुरुमूर्ति अभिषेक का आयोजन किया जाएगा। 20 फरवरी को प्रातः 8 बजे सामूहिक भव्य स्नात्रोत्सव होगा तथा दोपहर 12:15 बजे दादा के शिखर पर ध्वजारोहण संपन्न होगा। इस अवसर पर सकल श्रीसंघ का साधार्मिक वात्सल्य भोज एवं जिनालय में भव्य अंगरचना होगी। ध्वजारोहण के साथ आगामी वर्ष मंगलवार 23 फरवरी 2027 (फाल्गुन सुदी 3) की ध्वजा एवं अष्टप्रकारी पूजा के चढ़ावे की बोली भी लगाई जाएगी। 21 फरवरी को प्रातः 9 बजे महाप्रभाविक श्री शांति स्नात्र महापूजन तथा 22 फरवरी को प्रातः 9 बजे प्रभावशाली श्री सिद्धचक्र महापूजन आयोजित होगा। धार्मिक आयोजन को लेकर श्रीसंघ एवं तीर्थ समिति में व्यापक उत्साह है। श्रद्धालुओं में आचार्य भगवंत के ससंघ नगर प्रवेश एवं सप्ताहभर चलने वाले जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव को लेकर विशेष उमंग देखी जा रही है। नगर में भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया है।
- बाल कलाकार के रूप में हमेशा प्रशंसा बटोरने वाली आकृति अंकित जसाठी अपनी विभिन्न भूमिका में दर्शक को अपनी ओर आकर्षित कर प्रशंसक बना देती है। महाशिवरात्रि पर पार्वती भूमिका में। आकृति के दादा नंदकिशोर जसाठी ने बताया आकृति का अपनी छोटीसी उम्र भी स्कूल और अपने शौक के बीच में संतुलन बनाना प्रकृति प्रदत्त है।1
- देवास के पीपलरावाँ भक्ति भाव से सराबोर हुआ थाना परिसर: आरक्षकेश्वर महादेव मंदिर में धूमधाम से मनाई गई महाशिवरात्रि।1
- शाजापुर: बेरछा रोड पर सीमेंट से भरा ट्रैक्टर पलटने से लगा जाम, पुलिस की तत्परता से बहाल हुआ यातायात शाजापुर। स्थानीय बेरछा रोड पर आज एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से सड़क के दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लग गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीमेंट की बोरियों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक असंतुलित होकर सड़क के बीचों-बीच पलट गई। भारी मात्रा में सीमेंट होने के कारण वाहन पूरी तरह मार्ग को अवरुद्ध कर चुका था, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगने की सूचना तत्काल डायल 112 को दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचे प्रधान आरक्षक (537) अशोक और पायलट राजेंद्र सिंह सिकरवार ने स्थिति को संभाला। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सड़क पर बिखरी सीमेंट की बोरियों और पलटे हुए ट्रैक्टर को किनारे करवाने की व्यवस्था की।3
- श्री मनकामनेश्वर महादेव मंदिर कुमारिया खास में विशाल मेले का आयोजन, कल 17 फरवरी को होगा समापन1
- Post by Asif Khan1
- Post by B N B NEWS MP/CG1
- *श्री मनकामनेश्वर महादेव मंदिर कुमारिया खास में 40 हजार से अधिक भक्तों ने किए दर्शन, 13 से 17 फरवरी तक विशाल मेले का आयोजन* 📡 *_साधना प्लस न्यूज_ से गोविंद कुम्भकार की रिपोर्ट* 📱 *9584097180*1
- इंदौर के एमवाय अस्पताल के बाहर वायरल हुआ चौंकाने वाला वीडियो, भरे ट्रैफिक में दो महिलाओं ने स्ट्रेचर पर मरीज को धकेला Date: फ़रवरी 16, 2026Author: NEWS NATIONAL WORLD समाचार राष्ट्रीय दुनिया0 इंदौर ब्रेकिंग न्यूज़ इंदौर। प्रदीप चौधरी। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड एमवाई हॉस्पिटल के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो महिलाएं (संभवतः मरीज की परिजन) भरे ट्रैफिक के बीच सड़क पर स्ट्रेचर धकेलते हुए मरीज को ले जाती दिख रही हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि अस्पताल का मुख्य गेट बंद होने या किसी अन्य कारण से परिजनों को मरीज को सड़क से होकर दूसरे गेट तक ले जाना पड़ा। महिलाएं स्ट्रेचर को हाथ से धकेल रही हैं, जबकि आसपास वाहनों की आवाजाही जारी है। यह नजारा देखकर लोगों ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा- “इंदौर जो देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाता है, वहां सरकारी अस्पताल में इतनी बदहाली? वार्ड बॉय या सहायता स्टाफ नहीं है क्या?”, “मरीज की जान जोखिम में डालकर सड़क पर स्ट्रेचर? यह शर्मनाक है!”, “एमवाई हॉस्पिटल का बजट कहां जा रहा है?” जैसे कमेंट्स से प्लेटफॉर्म गर्म हैं। यह घटना आपातकालीन सेवाओं की पोल खोल रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जहां बुनियादी सुविधाएं जैसे स्ट्रेचर ले जाने के लिए स्टाफ या एंबुलेंस/व्हीलचेयर की उचित व्यवस्था नहीं दिख रही। लोगों की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग बढ़ गई है। क्या मुख्य गेट बंद था? स्टाफ की कमी थी या कोई अन्य कारण? जांच की जरूरत है। इंदौर की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में खड़ी है। ऐसी घटनाएं न सिर्फ मरीजों के लिए जोखिम भरी हैं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल भी खड़े करती हैं।2
- शंकराचार्य पीठों की मर्यादा सर्वोच्च, भ्रामक घोषणाओं से किन्नर अखाड़ा काकोई संबंध नहीं: आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भोपाल | 15 फरवरी 20261