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आल्हा मोड नूरसराय दीपू पासवान का बीवी बेबी नेम महाराज सुनील कुमार को जान बचाकर गणेशNewspaperVideo सुनील कुमार को मारा अल्लाह मोड नूरसराय दीपू पासवान का बीवी बेबी नेम महाराज सुनील कुमार को जान बचाकर गणेशNewspaperVideo
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आल्हा मोड नूरसराय दीपू पासवान का बीवी बेबी नेम महाराज सुनील कुमार को जान बचाकर गणेशNewspaperVideo सुनील कुमार को मारा अल्लाह मोड नूरसराय दीपू पासवान का बीवी बेबी नेम महाराज सुनील कुमार को जान बचाकर गणेशNewspaperVideo
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- अल्लाह मोड नूरसराय दीपू पासवान का बीवी बेबी नेम महाराज सुनील कुमार को जान बचाकर गणेशNewspaperVideo1
- बिहार झारखंड में कानून व्यवस्था को खुलेआम चुनौती देने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।1
- जमीन के जमीन विवाद लेकर लड़ाई झगड़ा होता रहता है इसी कारण झगड़ा सूजन के लिए1
- उसरी में भूस्कार से भूसा निकालने के दौरान जहरीले सर्प ने डंसा, गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के बाद रेफर गोगरी थाना क्षेत्र के उसरी में बुधवार की दोपहर भूस्कार से भूसा निकालने के दौरान एक जहरीले सर्प ने किसान को डंस लिया। जिसके बाद किसान के परिजनों द्वारा आनन फानन में इलाज के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों द्वारा इलाज के बाद बुधवार की दोपहर दो बजे गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल से रेफर कर दिया गया है। किसान की पहचान उसरी निवासी विष्णुदेव यादव के रूप में हुई है। इधर गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि किसान की हालत काफी गंभीर है। उसे 18 वाइल इंजेक्शन दिया गया। इसके बाद भी किसान की हालत चिंताजनक है। जिस कारण रेफर करना पड़ा है।1
- भागलपुर जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। जहां प्राथमिक विद्यालय गंगोता मैदान में मध्यान भोजन (मिड-डे मील) खाने के बाद 15 स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. जानकारी के मुताबिक, भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों ने पेट दर्द, सिर दर्द और उल्टी की शिकायत शिक्षकों से शुरू कर दी. देखते ही देखते कई बच्चे स्कूल परिसर में ही बेहोश होने लगे. स्थिति बिगड़ते देख स्कूल प्रशासन ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाई गई और करीब 15 बच्चों को भागलपुर सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया । जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार, कुछ बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य की स्थिति पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है. इस पूरे मामले में बच्चों ने भी चौंकाने वाला खुलासा किया है. छात्रों का कहना है कि मध्यान भोजन में अजीब तरह की बदबू आ रही थी, लेकिन भूख के कारण उन्होंने खाना खा लिया. इसके बाद ही उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई।1
- बिहार बोर्ड मैट्रिक में दीपांशु राज जिला में आठवां स्थान प्राप्त किया नगर परिषद गोगरी जमालपुर अंतर्गत वार्ड नंबर 4 गढ़मोहनी निवासी उदय शर्मा व ऊषा देवी के पुत्र दीपांशु राज बिहार बोर्ड में 470 अंक प्राप्त किया। वार्ड पार्षद श्रीमती वंदना देवी, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि आकर्षण राज सहित ग्राम वासियों ने दी बधाई ✍️🎉1
- डीजल पेट्रोल है… पर नहीं मिलेगा!” –बिहार अमरपुर में नियमों ने छीना किसानों का ‘जीवन जल’, सूख रही मकई, उबल रहा गुस्सा1
- मिड-डे मील बना ‘जहर’! स्कूल का खाना खाते ही 15 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मचा हड़कंप "मासूमों की जान से खिलवाड़: खट्टा छोला खाने से 15 बच्चे बीमार भागलपुर शहर के हबीबपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहजंगी गंगोटा मैदान स्थित प्राथमिक विद्यालय में आज उस वक्त कोहराम मच गया, जब मिड-डे मील (MDM) खाने के बाद एक साथ 15 बच्चों की तबीयत खराब हो गई। बच्चों को आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने शिक्षा विभाग और भोजन आपूर्ति करने वाली संस्था की भारी लापरवाही को उजागर कर दिया है। अस्पताल में भर्ती बच्चों ने बताया कि आज स्कूल में खाने के लिए छोले-चावल दिए गए थे। बच्चों के मुताबिक, छोले का स्वाद बहुत अजीब और खट्टा था। मासूमों को अंदाजा नहीं था कि यह खाना उनके लिए मुसीबत बन जाएगा। भूख के कारण बच्चों ने खाना तो खा लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्हें तेज पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने लगे। देखते ही देखते एक-एक कर 15 बच्चों की हालत नाजुक हो गई। घटना की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब बच्चों को तड़पती हालत में अस्पताल लाया गया, तो वहां स्कूल का कोई भी शिक्षक या प्रधानाचार्य मौजूद नहीं था। बच्चों को बेसहारा देख परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। सूचना मिलते ही हबीबपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए बच्चों के बेहतर इलाज में जुट गई। जानकारी के अनुसार, जिले के स्कूलों में आज से ही एक एनजीओ (NGO) के माध्यम से मिड-डे मील वितरण की नई शुरुआत की गई थी। हालांकि यह खाना अन्य स्कूलों में भी भेजा गया था, लेकिन शाहजंगी विद्यालय में ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने से भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या भोजन बासी था या उसे बनाने में लापरवाही बरती गई। जिला शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे और यदि एनजीओ या स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई चूक पाई जाती है, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1