हार्वेस्टर ने छीना मजदूरों का हक, बुंदेलखंड में रोजगार संकट गहराया महोबा/हमीरपुर/बांदा। बुंदेलखंड के महोबा, हमीरपुर और बांदा जनपदों में इस समय गेहूं कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन इस बार एक अलग ही तस्वीर सामने आ रही है। खेतों में तेजी से बढ़ते हार्वेस्टर के उपयोग ने जहां कटाई को आसान बनाया है, वहीं दूसरी ओर खेतिहर मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा कर दिया है। पहले जहां फसल कटाई के दौरान गांव के सैकड़ों मजदूरों को कई दिनों तक काम मिल जाता था, वहीं अब हार्वेस्टर मशीन कुछ ही घंटों में पूरे खेत की कटाई कर दे रही है। इससे मजदूरों के हाथ से काम छिनता जा रहा है और उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। मजदूरों का कहना है कि “पहले गेहूं कटाई के समय घर चलाने का सहारा मिल जाता था, लेकिन अब मशीनों के कारण काम ही नहीं मिल रहा।” वहीं, कई मजदूरों को मजबूरी में दूसरे शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। दूसरी ओर किसान भी अपनी मजबूरी बता रहे हैं। उनका कहना है कि मजदूरों की कमी और समय की बचत के चलते हार्वेस्टर का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही, मौसम की अनिश्चितता के कारण वे जल्दी कटाई करना चाहते हैं ताकि फसल सुरक्षित रह सके। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मजदूरों के पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार के अवसर भी विकसित किए जाने चाहिए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था संतुलित बनी रहे। अब सवाल यह उठता है कि विकास और रोजगार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, ताकि न तो किसानों को नुकसान हो और न ही मजदूरों का हक छिने। रिपोर्ट: लक्ष्मी कांत सोनी
हार्वेस्टर ने छीना मजदूरों का हक, बुंदेलखंड में रोजगार संकट गहराया महोबा/हमीरपुर/बांदा। बुंदेलखंड के महोबा, हमीरपुर और बांदा जनपदों में इस समय गेहूं कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन इस बार एक अलग ही तस्वीर सामने आ रही है। खेतों में तेजी से बढ़ते हार्वेस्टर के उपयोग ने जहां कटाई को आसान बनाया है, वहीं दूसरी ओर खेतिहर मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा कर दिया है। पहले जहां फसल कटाई के दौरान गांव के सैकड़ों मजदूरों को कई दिनों तक काम मिल जाता था, वहीं अब हार्वेस्टर मशीन कुछ ही घंटों में पूरे खेत की कटाई कर दे रही है। इससे मजदूरों के हाथ से काम छिनता जा रहा है और उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। मजदूरों का कहना है कि “पहले गेहूं कटाई के समय घर चलाने का सहारा मिल जाता था, लेकिन अब मशीनों के कारण काम ही नहीं मिल रहा।” वहीं, कई मजदूरों को मजबूरी में दूसरे शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। दूसरी ओर किसान भी अपनी मजबूरी बता रहे हैं। उनका कहना है कि मजदूरों की कमी और समय की बचत के चलते हार्वेस्टर का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही, मौसम की अनिश्चितता के कारण वे जल्दी कटाई करना चाहते हैं ताकि फसल सुरक्षित रह सके। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मजदूरों के पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार के अवसर भी विकसित किए जाने चाहिए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था संतुलित बनी रहे। अब सवाल यह उठता है कि विकास और रोजगार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, ताकि न तो किसानों को नुकसान हो और न ही मजदूरों का हक छिने। रिपोर्ट: लक्ष्मी कांत सोनी
- महोबा जिले में थाना पनवाड़ी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लिधौरा खुर्द में बीती शुक्रवार की रात दबंगई1
- सड़क दुर्घटना में बस चालक की मौत, घायलों का अस्पताल में उपचार जारी महोबा। जनपद में हुई सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। दुर्घटना में बस चालक की मौके पर ही दुःखद मृत्यु हो गई, जबकि अन्य घायल यात्रियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस प्रशासन की तत्परता से सभी घायलों को समय रहते चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटना में शामिल वाहन और ट्रक की टक्कर के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस एवं वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कराया। घायलों को एम्बुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों को हल्की चोटें आई हैं और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी घायलों की निगरानी की जा रही है। पुलिस ने घायलों के परिजनों को सूचना देकर अस्पताल बुलाया है। दुर्घटना में शामिल ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है तथा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। प्राथमिकता के आधार पर सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया तथा मृतक बस चालक के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- #महोबा। सदर कोतवाली क्षेत्र के चरखारी मार्ग पर प्रेमनगर और करहरा गांव के बीच शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। रोडवेज बस और अज्ञात वाहन की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तत्काल राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मृतक चालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के कारण कुछ समय तक मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।4
- महोबा/हमीरपुर/बांदा। बुंदेलखंड के महोबा, हमीरपुर और बांदा जनपदों में इस समय गेहूं कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन इस बार एक अलग ही तस्वीर सामने आ रही है। खेतों में तेजी से बढ़ते हार्वेस्टर के उपयोग ने जहां कटाई को आसान बनाया है, वहीं दूसरी ओर खेतिहर मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा कर दिया है। पहले जहां फसल कटाई के दौरान गांव के सैकड़ों मजदूरों को कई दिनों तक काम मिल जाता था, वहीं अब हार्वेस्टर मशीन कुछ ही घंटों में पूरे खेत की कटाई कर दे रही है। इससे मजदूरों के हाथ से काम छिनता जा रहा है और उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। मजदूरों का कहना है कि “पहले गेहूं कटाई के समय घर चलाने का सहारा मिल जाता था, लेकिन अब मशीनों के कारण काम ही नहीं मिल रहा।” वहीं, कई मजदूरों को मजबूरी में दूसरे शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। दूसरी ओर किसान भी अपनी मजबूरी बता रहे हैं। उनका कहना है कि मजदूरों की कमी और समय की बचत के चलते हार्वेस्टर का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही, मौसम की अनिश्चितता के कारण वे जल्दी कटाई करना चाहते हैं ताकि फसल सुरक्षित रह सके। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मजदूरों के पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार के अवसर भी विकसित किए जाने चाहिए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था संतुलित बनी रहे। अब सवाल यह उठता है कि विकास और रोजगार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, ताकि न तो किसानों को नुकसान हो और न ही मजदूरों का हक छिने। रिपोर्ट: लक्ष्मी कांत सोनी1
- पुलिस प्रशासन मौके पर,, घर में पस रा सन्नाटा1
- Darbar mein bahut दूर-दूर se vyaktigat Aaye hue hain1
- मौदहा कोतवाली क्षेत्र में मंडी से अनाज बेचकर घर वापस जा रहे एक किसान की ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से मौत हो गई। 108 की मदद से किसान को सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ¹।1
- Post by Raju Pal1