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सहारनपुर न्यायालय परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि वृक्षारोपण बहुत जरूरी है और पेड़-पौधों के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।

1 hr ago
user_P7tv
P7tv
शामली, शामली, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

सहारनपुर न्यायालय परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि वृक्षारोपण बहुत जरूरी है और पेड़-पौधों के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।

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  • मुज़फ्फरनगर में महिला एवं बाल सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गुरुवार को पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ की अध्यक्षता में एक मासिक गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक में जिला पुलिस के एएचटीयू (एंटि ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) टीम, जनपद के सभी थानों के बाल कल्याण अधिकारियों और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। गोष्ठी में अभियोजन अधिकारी संतोष कुमार यादव, सीडब्ल्यूसी सदस्य संदीप कुमार के साथ-साथ चाइल्ड लाइन, वन स्टॉप सेंटर, दत्तक ग्रहण विभाग, श्रम विभाग और सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधियों ने मुख्य रूप से प्रतिभाग किया। इस मासिक बैठक के दौरान मानव तस्करी की रोकथाम, पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट, बाल अपचारी, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, कोटपा एक्ट और मिशन शक्ति अभियान के तहत की जा रही विभिन्न कार्रवाइयों की विस्तृत समीक्षा की गई। एसपी क्राइम श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ ने महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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    मुज़फ्फरनगर में महिला एवं बाल सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गुरुवार को पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ की अध्यक्षता में एक मासिक गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक में जिला पुलिस के एएचटीयू (एंटि ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) टीम, जनपद के सभी थानों के बाल कल्याण अधिकारियों और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। गोष्ठी में अभियोजन अधिकारी संतोष कुमार यादव, सीडब्ल्यूसी सदस्य संदीप कुमार के साथ-साथ चाइल्ड लाइन, वन स्टॉप सेंटर, दत्तक ग्रहण विभाग, श्रम विभाग और सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधियों ने मुख्य रूप से प्रतिभाग किया।

इस मासिक बैठक के दौरान मानव तस्करी की रोकथाम, पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट, बाल अपचारी, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, कोटपा एक्ट और मिशन शक्ति अभियान के तहत की जा रही विभिन्न कार्रवाइयों की विस्तृत समीक्षा की गई। एसपी क्राइम श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ ने महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
    user_Shivam Chaudhary
    Shivam Chaudhary
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर के लक्सर रोड शेरपुर खादर में भारतीय किसान यूनियन ने धरना दिया है। संघ का स्पष्ट कहना है कि अगर सोडाणी नदी का पॉल नहीं उखाड़ा गया, तो वे धरने पर ही बैठे रहेंगे। अपनी इस मांग को लेकर वे धरना स्थल पर डटे हुए हैं और पॉल को उखाड़े जाने तक वहां से न हटने की चेतावनी दे रहे हैं।
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    मुजफ्फरनगर के लक्सर रोड शेरपुर खादर में भारतीय किसान यूनियन ने धरना दिया है। संघ का स्पष्ट कहना है कि अगर सोडाणी नदी का पॉल नहीं उखाड़ा गया, तो वे धरने पर ही बैठे रहेंगे। अपनी इस मांग को लेकर वे धरना स्थल पर डटे हुए हैं और पॉल को उखाड़े जाने तक वहां से न हटने की चेतावनी दे रहे हैं।
    user_शहजाद पत्रकार
    शहजाद पत्रकार
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ ने मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित 6 सूत्रीय ज्ञापन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए संविदा एवं आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई है। संघ के प्रदेश महामंत्री और जिला प्रभारी सुधीर वाल्मीकि के अनुसार, वर्ष 2006 में स्थानीय निकायों में भर्ती किए गए लगभग 65 हजार संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, मृतक संविदा कर्मचारियों के आश्रितों को नियमित नियुक्ति देने, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए घोषित वेतन लागू करने, वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मियों की पुरानी पेंशन बहाल करने तथा संविदा सफाई कर्मचारियों को भी सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की मांग उठाई गई है। संघ ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो तीन महीने बाद मुजफ्फरनगर और सहारनपुर मंडल में सफाई कार्य का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इसके अलावा, ज्ञापन में मुजफ्फरनगर जिले के कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की भी मांग की गई है ताकि समस्याओं का समाधान हो सके। इस दौरान जिला महामंत्री सचिन चड्ढा और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष कमल घावरी सहित संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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    उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ ने मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित 6 सूत्रीय ज्ञापन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए संविदा एवं आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई है।

संघ के प्रदेश महामंत्री और जिला प्रभारी सुधीर वाल्मीकि के अनुसार, वर्ष 2006 में स्थानीय निकायों में भर्ती किए गए लगभग 65 हजार संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, मृतक संविदा कर्मचारियों के आश्रितों को नियमित नियुक्ति देने, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए घोषित वेतन लागू करने, वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मियों की पुरानी पेंशन बहाल करने तथा संविदा सफाई कर्मचारियों को भी सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की मांग उठाई गई है।

संघ ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो तीन महीने बाद मुजफ्फरनगर और सहारनपुर मंडल में सफाई कार्य का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इसके अलावा, ज्ञापन में मुजफ्फरनगर जिले के कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की भी मांग की गई है ताकि समस्याओं का समाधान हो सके। इस दौरान जिला महामंत्री सचिन चड्ढा और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष कमल घावरी सहित संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
    user_Ankit Kumar
    Ankit Kumar
    पत्रकार मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • लखनऊ में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के विकास और राज्य की प्रगति को लेकर अहम बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि साझा भविष्य तभी संभव है जब अवसर साझा हों, और अवसर तभी मिलते हैं जब सरकार की सोच पूरी तरह से युवाओं के विकास पर केंद्रित हो। उन्होंने गर्व से रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश न केवल देश का, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ी युवा कार्यशक्ति वाला प्रदेश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उनकी सरकार राज्य के युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर उनकी छिपी हुई क्षमता का सही उपयोग कर रही है। युवाओं की इस स्किलिंग और उनकी बढ़ती भागीदारी के बल पर ही उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है और मजबूत हो रही है।
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    लखनऊ में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के विकास और राज्य की प्रगति को लेकर अहम बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि साझा भविष्य तभी संभव है जब अवसर साझा हों, और अवसर तभी मिलते हैं जब सरकार की सोच पूरी तरह से युवाओं के विकास पर केंद्रित हो। उन्होंने गर्व से रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश न केवल देश का, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ी युवा कार्यशक्ति वाला प्रदेश है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उनकी सरकार राज्य के युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर उनकी छिपी हुई क्षमता का सही उपयोग कर रही है। युवाओं की इस स्किलिंग और उनकी बढ़ती भागीदारी के बल पर ही उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है और मजबूत हो रही है।
    user_Shafeek Rajput Jila sangathan
    Shafeek Rajput Jila sangathan
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए कचहरी परिसर स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे और वहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। संघ ने सरकार के सामने अपनी 6 प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें वर्ष 2006 में भर्ती हुए 65 हजार संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमित करना, मृतक संविदा कर्मचारियों के आश्रितों को नियमित नियुक्ति देना, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए घोषित वेतनमान लागू करना, वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करना और स्थानीय निकाय के संविदा सफाई कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देना शामिल है। इसके अलावा, संघ ने मुख्यमंत्री से मुजफ्फरनगर के कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने की भी मांग उठाई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन महीने के भीतर उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो मुजफ्फरनगर सहित पूरे सहारनपुर मंडल के सफाई कर्मचारी काम का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि इस हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए कचहरी परिसर स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे और वहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।

संघ ने सरकार के सामने अपनी 6 प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें वर्ष 2006 में भर्ती हुए 65 हजार संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमित करना, मृतक संविदा कर्मचारियों के आश्रितों को नियमित नियुक्ति देना, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए घोषित वेतनमान लागू करना, वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करना और स्थानीय निकाय के संविदा सफाई कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देना शामिल है। इसके अलावा, संघ ने मुख्यमंत्री से मुजफ्फरनगर के कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने की भी मांग उठाई है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन महीने के भीतर उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो मुजफ्फरनगर सहित पूरे सहारनपुर मंडल के सफाई कर्मचारी काम का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि इस हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
    user_Ajaz nabi Zaidi
    Ajaz nabi Zaidi
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सहारनपुर न्यायालय परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि वृक्षारोपण बहुत जरूरी है और पेड़-पौधों के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।
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    सहारनपुर न्यायालय परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि वृक्षारोपण बहुत जरूरी है और पेड़-पौधों के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।
    user_P7tv
    P7tv
    शामली, शामली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बागपत लोकसभा सांसद राजकुमार सागवान ने गुरुवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें जिलाधिकारी अस्मिता लाल भी उपस्थित रहीं। बैठक में सांसद ने जिले में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था और समस्याओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को दो दिन के भीतर प्रमुख समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने का निर्देश दिया। जिले में पिछले 15 दिनों से बिजली कटौती, ओवरलोडिंग और बार-बार होने वाले फॉल्ट के कारण लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे किसानों की सिंचाई से लेकर शहरों और कस्बों की आम जनता बेहद परेशान है। अधिकारियों के अनुसार, इस गंभीर समस्या का असर जिले की आधी से अधिक आबादी पर पड़ रहा है। सांसद ने इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए जर्जर विद्युत लाइनों को बदलने और क्षतिग्रस्त बिजली के पोलों की तत्काल मरम्मत या उन्हें बदलने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान बिहारीपुर फीडर से जुड़े सात गांवों के ग्रामीणों ने सांसद से मिलकर बिजली आपूर्ति की समस्याओं को रखा। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सांसद राजकुमार सागवान ने अधिकारियों को चार महीने के भीतर नई बिजली लाइन बिछाने और कुछ गांवों को नए फीडर से जोड़ने के निर्देश दिए ताकि ओवरलोडिंग की समस्या दूर हो सके। इसके विपरीत, विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुधार और रखरखाव का कार्य लगातार किया जा रहा है और खराबी की सूचना मिलने पर उसे प्राथमिकता से ठीक किया जा रहा है।
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    बागपत लोकसभा सांसद राजकुमार सागवान ने गुरुवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें जिलाधिकारी अस्मिता लाल भी उपस्थित रहीं। बैठक में सांसद ने जिले में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था और समस्याओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को दो दिन के भीतर प्रमुख समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने का निर्देश दिया।

जिले में पिछले 15 दिनों से बिजली कटौती, ओवरलोडिंग और बार-बार होने वाले फॉल्ट के कारण लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे किसानों की सिंचाई से लेकर शहरों और कस्बों की आम जनता बेहद परेशान है। अधिकारियों के अनुसार, इस गंभीर समस्या का असर जिले की आधी से अधिक आबादी पर पड़ रहा है। सांसद ने इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए जर्जर विद्युत लाइनों को बदलने और क्षतिग्रस्त बिजली के पोलों की तत्काल मरम्मत या उन्हें बदलने के निर्देश दिए हैं।

इस दौरान बिहारीपुर फीडर से जुड़े सात गांवों के ग्रामीणों ने सांसद से मिलकर बिजली आपूर्ति की समस्याओं को रखा। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सांसद राजकुमार सागवान ने अधिकारियों को चार महीने के भीतर नई बिजली लाइन बिछाने और कुछ गांवों को नए फीडर से जोड़ने के निर्देश दिए ताकि ओवरलोडिंग की समस्या दूर हो सके। इसके विपरीत, विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुधार और रखरखाव का कार्य लगातार किया जा रहा है और खराबी की सूचना मिलने पर उसे प्राथमिकता से ठीक किया जा रहा है।
    user_Mohit Kumar
    Mohit Kumar
    Local News Reporter बड़ौत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भोपा थाना क्षेत्र स्थित पवित्र तीर्थ शुक्रताल में गंगा का पानी संदिग्ध होने से जलीय जीवों पर संकट खड़ा हो गया है। यहां गंगा में कथित रूप से पीछे की ओर से केमिकलयुक्त पानी मिलने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई मछलियां तड़पती हुई पानी की सतह पर ऑक्सीजन लेने के लिए आती दिखाई दी हैं, वहीं कुछ मछलियों के मरने की भी सूचना है। इस पूरे मामले से क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस घटना की तत्काल जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
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    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भोपा थाना क्षेत्र स्थित पवित्र तीर्थ शुक्रताल में गंगा का पानी संदिग्ध होने से जलीय जीवों पर संकट खड़ा हो गया है। यहां गंगा में कथित रूप से पीछे की ओर से केमिकलयुक्त पानी मिलने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई मछलियां तड़पती हुई पानी की सतह पर ऑक्सीजन लेने के लिए आती दिखाई दी हैं, वहीं कुछ मछलियों के मरने की भी सूचना है।

इस पूरे मामले से क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस घटना की तत्काल जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
    user_Shafeek Rajput Jila sangathan
    Shafeek Rajput Jila sangathan
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान श्रीकृष्ण पर एक विवादित बयान दिया है। मौलाना का दावा है कि भगवान श्रीकृष्ण धर्म से मुस्लिम थे और दिन में 5 बार नमाज पढ़ा करते थे। मौलाना का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है। लखनऊ में हिंदू महासभा ने मौलाना की तस्वीरों को पैरों से रौंदकर विरोध प्रदर्शन किया और हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इस विवादित टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अयोध्या के संत विष्णु दास ने मौलाना के बयान की घोर निंदा की है। उन्होंने घोषणा की है कि जो कोई भी मौलाना जर्जिस अंसारी की जीभ काटकर लाएगा, उसे वे ₹10 लाख का नकद इनाम देंगे। बताया जा रहा है कि मौलाना का यह विवादित बयान 23 जून का है, जो उन्होंने झारखंड के देवघर जिले के लकरबंधा मैदान में आयोजित एक जलसे में दिया था। विस्तार से बात करें तो मौलाना जर्जिस अंसारी ने अपने बयान में श्रीमद्भागवत गीता के छठे अध्याय के दसवें मंत्र 'योगी युञ्जीत सततमात्मानं...' का हवाला दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस श्लोक में कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि ईश्वर की पूजा पूरे शरीर के योग के साथ होनी चाहिए, न कि केवल हाथ उठाकर। मौलाना ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राम के बड़े भक्त बनते हैं, लेकिन अगर वे अपनी किताबें पढ़ लें तो इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम सिर्फ मुसलमानों का नहीं है, बल्कि इसी दीन और धर्म को रामचंद्र जी और कृष्ण जी ने भी पेश किया था।
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    उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान श्रीकृष्ण पर एक विवादित बयान दिया है। मौलाना का दावा है कि भगवान श्रीकृष्ण धर्म से मुस्लिम थे और दिन में 5 बार नमाज पढ़ा करते थे। मौलाना का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है। लखनऊ में हिंदू महासभा ने मौलाना की तस्वीरों को पैरों से रौंदकर विरोध प्रदर्शन किया और हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

इस विवादित टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अयोध्या के संत विष्णु दास ने मौलाना के बयान की घोर निंदा की है। उन्होंने घोषणा की है कि जो कोई भी मौलाना जर्जिस अंसारी की जीभ काटकर लाएगा, उसे वे ₹10 लाख का नकद इनाम देंगे। बताया जा रहा है कि मौलाना का यह विवादित बयान 23 जून का है, जो उन्होंने झारखंड के देवघर जिले के लकरबंधा मैदान में आयोजित एक जलसे में दिया था।

विस्तार से बात करें तो मौलाना जर्जिस अंसारी ने अपने बयान में श्रीमद्भागवत गीता के छठे अध्याय के दसवें मंत्र 'योगी युञ्जीत सततमात्मानं...' का हवाला दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस श्लोक में कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि ईश्वर की पूजा पूरे शरीर के योग के साथ होनी चाहिए, न कि केवल हाथ उठाकर। मौलाना ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राम के बड़े भक्त बनते हैं, लेकिन अगर वे अपनी किताबें पढ़ लें तो इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम सिर्फ मुसलमानों का नहीं है, बल्कि इसी दीन और धर्म को रामचंद्र जी और कृष्ण जी ने भी पेश किया था।
    user_Mohit Kumar
    Mohit Kumar
    Local News Reporter बड़ौत, बागपत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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