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All the best to All JEE aspirants for JEE Mai2026|vijayi bhav

3 hrs ago
user_Rajendra Kumar Doveriya
Rajendra Kumar Doveriya
Ladpura, Kota•
3 hrs ago

All the best to All JEE aspirants for JEE Mai2026|vijayi bhav

More news from राजस्थान and nearby areas
  • कोटा राजस्थान से मीडिया हाउस की रिपोर्ट
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    कोटा राजस्थान से मीडिया हाउस की रिपोर्ट
    user_Media House Rajasthan News
    Media House Rajasthan News
    Journalist लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • sabanam nisha 😥💔🥀🕋😥🤲
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    sabanam nisha 😥💔🥀🕋😥🤲
    user_Sabanam nisha
    Sabanam nisha
    Ladpura, Kota•
    10 hrs ago
  • अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा से रावतभाटा तहसील अध्यक्ष सोहन लोट द्बारा रावतभाटा में नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। रावतभाटा तहसील अध्यक्ष सोहन लोट ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष विकास चनाल व जिला अध्यक्ष संजय लोट के निर्देशानुसार रावतभाटा तहसील में कार्यकारणी की घोषणा की गई। जिसमें कार्यकारी अध्यक्ष छितरलाल डाबोदिया, उपाध्यक्ष विक्रम गोरे, महासचिव ओमप्रकाश आदिवाल, उप महासचिव विनोद कुमार बुरट, सचिव पवन टांक, उप सचिव सुल्तान गोयर, संगठन सचिव संतोष कंडारा,उप सगठन सचिव दिपक टांक, प्रचार सचिव रवि मल्होत्रा,उप प्रचार सचिव कस्तूर भोमलिया, उप प्रचार सचिव विष्णु छपरीबंद, कोषाध्यक्ष पारिक बुरट, कोषाध्यक्ष विशाल बोयत, उप कोषाध्यक्ष शांतिलाल कंडारा,उप सयोजक सचिव सत्यनारायण लोट, सलाहकार सचिव विजय अटवाल,उप सलाहकार सचिव छितरलाल चावरिया, कार्यालय सचिव जितेंद्र पवार,उप कार्यालय सचिव ओमप्रकाश घावरी, श्रम सचिव संजय बारेशा,उप श्रमसचिव ओमप्रकाश कल्याणा को नियुक्त किया गया। नियुक्त सदस्य सौंपे गए दायित्वों का करेंगे निर्वहन। सभी सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत सम्मान किया गया।
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    अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा से रावतभाटा तहसील अध्यक्ष सोहन लोट द्बारा रावतभाटा में नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई।
रावतभाटा तहसील अध्यक्ष सोहन लोट ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष विकास चनाल व जिला अध्यक्ष संजय लोट के निर्देशानुसार रावतभाटा तहसील में कार्यकारणी की घोषणा की गई। जिसमें कार्यकारी अध्यक्ष छितरलाल डाबोदिया, उपाध्यक्ष विक्रम गोरे, महासचिव ओमप्रकाश आदिवाल, उप महासचिव विनोद कुमार बुरट, सचिव पवन टांक, उप सचिव सुल्तान गोयर, संगठन सचिव संतोष कंडारा,उप सगठन सचिव दिपक टांक, प्रचार सचिव रवि मल्होत्रा,उप प्रचार सचिव कस्तूर भोमलिया, उप प्रचार सचिव विष्णु छपरीबंद, कोषाध्यक्ष पारिक बुरट, कोषाध्यक्ष विशाल बोयत, उप कोषाध्यक्ष शांतिलाल कंडारा,उप सयोजक सचिव सत्यनारायण लोट, सलाहकार सचिव विजय अटवाल,उप सलाहकार सचिव छितरलाल चावरिया, कार्यालय सचिव जितेंद्र पवार,उप कार्यालय सचिव ओमप्रकाश घावरी, श्रम सचिव संजय बारेशा,उप श्रमसचिव ओमप्रकाश कल्याणा को नियुक्त किया गया। नियुक्त सदस्य सौंपे गए दायित्वों का करेंगे निर्वहन। सभी सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत सम्मान किया गया।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    Reporter रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • हमारे गांव में कोई सी भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिलता है गांव में जाने के लिए 148Dसे रंगपाटन देवरिया महादेव मंदिर होता हुआं नाड़ियों का झोपड़ा तक पहुंचने के लिए और जो गांव का सरपंच को बोलने पर कहता है की आपका काम नहीं होगा धमकी देता है सरपंच सीताराम गुजर बेटा जीतमल गुजर
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    हमारे गांव में कोई सी भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिलता है गांव में जाने के लिए 148Dसे रंगपाटन देवरिया महादेव मंदिर होता हुआं नाड़ियों का झोपड़ा तक पहुंचने के लिए और जो गांव का सरपंच को बोलने पर कहता है की आपका काम नहीं होगा धमकी देता है सरपंच सीताराम गुजर बेटा जीतमल गुजर
    user_दयाराम मीणा
    दयाराम मीणा
    Abarth dealer हिंडोली, बूंदी, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • बारां में वकीलों और पुलिस प्रशासन के बीच तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। अधिवक्ता अरविंद बघेरवाल एवं उनके परिवार पर हुए हमले के आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज वकीलों ने बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। खबर: बारां शहर में बुधवार को वकीलों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन के पुतले की शव यात्रा निकाली। प्रदर्शनकारी वकील कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार तक पहुंचे, जहां पुलिस प्रशासन के पुतले का दहन किया गया। दरअसल, दो दिन पहले भूखंड विवाद को लेकर कुछ लोगों ने अधिवक्ता अरविंद बघेरवाल एवं उनके परिजनों पर हमला किया था। घटना के बाद से अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से वकीलों में भारी आक्रोश है। इसी के विरोध में वकीलों ने लगातार दूसरे दिन भी न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। वकीलों का कहना है कि जिला कलेक्टर ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, लेकिन इसके साथ ही वकीलों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय सीमा में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बारां के वकील बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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    बारां में वकीलों और पुलिस प्रशासन के बीच तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। अधिवक्ता अरविंद बघेरवाल एवं उनके परिवार पर हुए हमले के आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज वकीलों ने बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
खबर:
बारां शहर में बुधवार को वकीलों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन के पुतले की शव यात्रा निकाली। प्रदर्शनकारी वकील कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार तक पहुंचे, जहां पुलिस प्रशासन के पुतले का दहन किया गया।
दरअसल, दो दिन पहले भूखंड विवाद को लेकर कुछ लोगों ने अधिवक्ता अरविंद बघेरवाल एवं उनके परिजनों पर हमला किया था। घटना के बाद से अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से वकीलों में भारी आक्रोश है।
इसी के विरोध में वकीलों ने लगातार दूसरे दिन भी न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
वकीलों का कहना है कि जिला कलेक्टर ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, लेकिन इसके साथ ही वकीलों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय सीमा में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बारां के वकील बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
    user_मोहम्मद अन्नू बारां
    मोहम्मद अन्नू बारां
    Journalist बारां, बारां, राजस्थान•
    1 hr ago
  • वन विभाग द्वारा भू माफियाओं के कब्जे से 150 बीघा वन भूमि को कराया मुक्त शाहाबाद बारां-वन विभाग ने भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहाबाद वन क्षेत्र के गणेशपुरा नाका क्षेत्र में धुवा गांव मै बुधवार को गेहूं एवं चने की खड़ी फसल नष्ट कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार शाहाबाद वन क्षेत्र के गणेशपुरा नाका क्षेत्र में धुवा गांव मे भू माफियाओं द्वारा 150 बीधा वन भूमि पर कब्ज़ा कर रखा था जिसे वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण की गई भूमि पर खड़ी गेहूं एवं चने की फसल को जेसीबी की सहायता से नष्ट करवा कर 150 बीघा वन भूमि को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया।
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    वन विभाग द्वारा भू माफियाओं के कब्जे से 150 बीघा वन भूमि को कराया मुक्त
शाहाबाद बारां-वन विभाग ने भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहाबाद वन क्षेत्र के गणेशपुरा नाका क्षेत्र में धुवा गांव मै बुधवार को गेहूं एवं चने की खड़ी फसल नष्ट कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शाहाबाद वन क्षेत्र के गणेशपुरा नाका क्षेत्र में धुवा गांव मे भू माफियाओं द्वारा 150 बीधा वन भूमि पर कब्ज़ा कर रखा था जिसे वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण की गई भूमि पर खड़ी गेहूं एवं चने की फसल को जेसीबी की सहायता से नष्ट करवा कर 150 बीघा वन भूमि को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया।
    user_भुवनेश भार्गव
    भुवनेश भार्गव
    पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
    7 hrs ago
  • All the best to All JEE aspirants for JEE Mai2026|vijayi bhav
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    All the best to All JEE aspirants for JEE Mai2026|vijayi bhav
    user_Rajendra Kumar Doveriya
    Rajendra Kumar Doveriya
    Ladpura, Kota•
    3 hrs ago
  • जेके सिंथेटिक कंपनी के 4200 ऐसे कर्मचारी हैं जिनका वेतन कई वर्षों से नहीं मिला है और नौकरी से निकाल दिया हैं। अब कंपनी भी बंद हो गई है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और जिला न्यायालय में अपनी बात रखी, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन साफ कहती है कि मजदूर का वेतन उसका अधिकार है और वेतन रोकना गलत है। इसके बावजूद कंपनी और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इतने लंबे समय से धरने पर बैठे इन मजदूरों के घरों में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं और परिवार कर्ज में डूबते जा रहे हैं। 338 दिन का यह धरना सिस्टम पर बड़ा सवाल है। मजदूर पूछ रहे हैं कि जब कानून उनके साथ है तो न्याय उन्हें क्यों नहीं मिल रहा। क्या गरीब और मजदूर की आवाज़ इतनी कमजोर है कि वह सुनी ही नहीं जाती। यह धरना सिर्फ वेतन का नहीं, सम्मान और अधिकार की लड़ाई बन चुका है। मजदूर आज भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें उनका हक मिलेगा और उनकी मेहनत की कमाई उन्हें वापस मिलेगी।
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    जेके सिंथेटिक कंपनी के 4200 ऐसे कर्मचारी हैं जिनका वेतन कई वर्षों से नहीं मिला है और नौकरी से निकाल दिया हैं। अब कंपनी भी बंद हो गई है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और जिला न्यायालय में अपनी बात रखी, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन साफ कहती है कि मजदूर का वेतन उसका अधिकार है और वेतन रोकना गलत है। इसके बावजूद कंपनी और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इतने लंबे समय से धरने पर बैठे इन मजदूरों के घरों में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं और परिवार कर्ज में डूबते जा रहे हैं। 338 दिन का यह धरना सिस्टम पर बड़ा सवाल है। मजदूर पूछ रहे हैं कि जब कानून उनके साथ है तो न्याय उन्हें क्यों नहीं मिल रहा। क्या गरीब और मजदूर की आवाज़ इतनी कमजोर है कि वह सुनी ही नहीं जाती। यह धरना सिर्फ वेतन का नहीं, सम्मान और अधिकार की लड़ाई बन चुका है। मजदूर आज भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें उनका हक मिलेगा और उनकी मेहनत की कमाई उन्हें वापस मिलेगी।
    user_Media House Rajasthan News
    Media House Rajasthan News
    Journalist लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • sabanam nisha 😥💔🥀
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    sabanam nisha 😥💔🥀
    user_Sabanam nisha
    Sabanam nisha
    Ladpura, Kota•
    11 hrs ago
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