राजसमंद के देवगढ़ में स्तुति हॉस्पिटल के एक कर्मचारी की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। यह घटना देवगढ़ थाना क्षेत्र के कामलीघाट रोड स्थित निजी अस्पताल स्तुति हॉस्पिटल के बाहर हुई, जहां पुलिस की ज्यादती से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जानकारी के अनुसार, स्तुति हॉस्पिटल के कर्मचारी राजू सिंह लाखागुड़ा में एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मुआवजे की मांग की, लेकिन अस्पताल ने इससे साफ इनकार कर दिया। मृतक के परिजन और ग्रामीण अस्पताल के बाहर धरना देकर बैठ गए, जिसके बाद अस्पताल ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधिकारी लगातार मृतक के परिजनों पर वहां से हटने के लिए दबाव बनाते और धमकाते रहे, जिससे हालात और बिगड़ गए। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब भीम के पूर्व उपप्रधान नारायण सिंह ग्रामीणों का हाल जानने पहुंचे और पुलिस ने उन्हें ही गिरफ्तार करने का प्रयास किया। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी हल्का बल प्रयोग किया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव और धक्का-मुक्की में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, वहीं डीएसपी राकेश वर्मा की गाड़ी भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजसमंद रिजर्व पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाप्ता मौके पर तैनात किया गया है। मुआवजे की मांग को लेकर परिजन अभी भी धरने पर बैठे हैं।
राजसमंद के देवगढ़ में स्तुति हॉस्पिटल के एक कर्मचारी की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। यह घटना देवगढ़ थाना क्षेत्र के कामलीघाट रोड स्थित निजी अस्पताल स्तुति हॉस्पिटल के बाहर हुई, जहां पुलिस की ज्यादती से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जानकारी के अनुसार, स्तुति हॉस्पिटल के कर्मचारी राजू सिंह लाखागुड़ा में एक
सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मुआवजे की मांग की, लेकिन अस्पताल ने इससे साफ इनकार कर दिया। मृतक के परिजन और ग्रामीण अस्पताल के बाहर धरना देकर बैठ गए, जिसके बाद अस्पताल ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधिकारी लगातार मृतक के परिजनों पर वहां से हटने के लिए दबाव बनाते और धमकाते
रहे, जिससे हालात और बिगड़ गए। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब भीम के पूर्व उपप्रधान नारायण सिंह ग्रामीणों का हाल जानने पहुंचे और पुलिस ने उन्हें ही गिरफ्तार करने का प्रयास किया। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी हल्का बल प्रयोग किया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और
ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव और धक्का-मुक्की में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, वहीं डीएसपी राकेश वर्मा की गाड़ी भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजसमंद रिजर्व पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाप्ता मौके पर तैनात किया गया है। मुआवजे की मांग को लेकर परिजन अभी भी धरने पर बैठे हैं।
- राजसमंद की धर्मनगरी कांकरोली में अधिक मास के समापन से पूर्व, सर्व समाज के आह्वान पर एक विशाल छप्पन भोग एवं गोचारण महोत्सव का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में साक्षी गोपाल लाडले लाल प्रभु की शाही सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यह शाही सवारी पुरानी सब्जी मंडी स्थित साक्षी गोपाल मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गांधी पार्क पहुंची, जहां मुख्य महोत्सव का आयोजन हुआ। गांधी पार्क में ठाकुर जी के समक्ष 56 प्रकार के व्यंजन प्रसाद स्वरूप रखे गए। इस दौरान गौ माता को बछड़े के साथ विराजित किया गया और ग्वाल बाल पारंपरिक वेशभूषा में क्रीड़ा करते हुए दिखाई दिए। शाम सात बजे शुरू हुआ यह अनोखा धार्मिक आयोजन देर रात तक जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। समारोह संपन्न होने के बाद गौ माता को उनके मूल स्थान पर सम्मानपूर्वक वापस ले जाया गया।4
- रेलमगरा कस्बे के नई आबादी क्षेत्र में नालों की बदहाल स्थिति को लेकर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय के पास और मेहता इंडस्ट्रीज के सामने स्थित नाले की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण उसमें कीचड़, मलबा, प्लास्टिक कचरा और अन्य गंदगी जमा हो गई है। इससे गंदे पानी का निकास पूरी तरह से रुक गया है, और नालियों का पानी सीसी सड़क पर फैलकर उसे कीचड़ और गंदगी से भर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन उनकी समस्याओं को अनदेखा कर रहा है। कई बार जानकारी दिए जाने के बावजूद न तो नालों की सफाई करवाई जा रही है और न ही पानी निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी भी पंचायत की लापरवाही को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। नाले में पानी का बहाव रुक जाने से सीसी सड़क पर जमा कीचड़ और गंदे पानी के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से परेशान हैं, वहीं स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी के लोगों को रोजाना गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। यह नाला गायत्री माता मंदिर के पास स्थित है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालु आते हैं। पुराने कृषि कार्यालय के आसपास भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नाले से उठने वाली दुर्गंध आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रही है और मच्छरों की बढ़ती संख्या से मौसमी व संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून से पहले नालों की सफाई नहीं हुई तो बरसात में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाएगी। उन्होंने पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल नालों की सफाई करवाने, सीसी सड़क से गंदगी हटवाने और पानी निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और पंचायत प्रशासन की होगी।4
- राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने 12 जून 2026 को पाली जिले के सुमेरपुर कस्बे में जाखामाता रीको क्षेत्र स्थित विनायक कॉर्पोरेशन सरसों तेल निर्माण इकाई पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण श्रीमती टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों सुरेश चन्द्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने मौके से भारी मात्रा में सरसों तेल सीज किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने 15 किलोग्राम क्षमता के कुल 533 टीन 'नौ दुर्गा' ब्रांड और 300 टीन 'ज्योति' ब्रांड सरसों तेल जब्त किया, जिसकी कुल मात्रा 12,495 किलोग्राम है। इन दोनों ब्रांडों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली द्वारा विभिन्न कंपनियों जैसे गुलाब, अडानी, रानी, श्री जी, बनास और अंकुर के खाली टीनों का उपयोग कर 'ज्योति' और 'नौ दुर्गा' ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग की जा रही थी। सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि पूर्व में भी इस फर्म के खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिस पर न्यायालय ने जुर्माना लगाया था। राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी 'नौ दुर्गा' ब्रांड के तेल नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, इसके बावजूद फर्म संचालक लगातार नियमों की अवहेलना कर रहा था। जांच के दौरान, फैक्ट्री परिसर में बने अंडरग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मिली, साथ ही फिल्टर हाउस में निर्माण सामग्री पाई गई, जिससे तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताई गई। विभाग ने तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए हैं। मिलावट और गुणवत्ता संबंधी गंभीर संदेह के आधार पर 12,495 किलोग्राम सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूने फेल होने और वर्तमान अनियमितताओं को देखते हुए पुनः कानूनी नमूने लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मारवाल ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ विभाग का अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- राजसमंद जिले के देवगढ़ में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके का माहौल गरमा गया। इस घटना को लेकर पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।1
- डूंगला-बड़ी सादड़ी क्षेत्र के एलवा माता मंदिर प्रांगण में मेघवाल समाज छात्रावास निर्माण समिति द्वारा एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सत्र 2025-26 में 10वीं एवं 12वीं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण 93 छात्र-छात्राओं का अभिनंदन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना और शिक्षा को समाज की असली ताकत के रूप में स्थापित करना था। समारोह की शुरुआत महात्मा ज्योतिबा फुले, माता सावित्रीबाई फुले और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण कर की गई, जिससे कार्यक्रम का वातावरण प्रेरणादायक बन गया। दिल्ली से नारायण लाल मेघवाल मुख्य अतिथि, उदयपुर से इंजीनियर राहुल मेघवाल अध्यक्ष और भदेसर से शिक्षक राधेश्याम जटिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि नारायण लाल मेघवाल ने इस अवसर पर कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा बीच में नहीं रुकने दी जाएगी और इसके लिए हर संभव आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। अध्यक्ष इंजीनियर राहुल मेघवाल ने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ तकनीक अपनाने, पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग करने तथा महापुरुषों के विचारों को जीवन में आत्मसात कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। वहीं, विशिष्ट अतिथि राधेश्याम जटिया ने विद्यार्थियों को जमीनी हकीकत समझते हुए आत्मसम्मान और स्वाभिमान के साथ शिक्षा को ही समाज की प्रगति का एकमात्र मार्ग बताया। समारोह में रामेश्वर लाल मेघवाल, देवीलाल मेघवाल, मोहनलाल मेघवाल, शंकरलाल मेघवाल, उदयलाल मेघवाल, नक्षत्र मल, नंदलाल, प्रकाश सोलंकी सहित कई समाजजनों और वक्ताओं ने भी मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए अपने विचार व्यक्त किए और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम का संचालन प्रीतम मेघवाल देवलास ने किया, जबकि नानूराम मेघवाल, शांतिलाल मेघवाल, मोहनलाल महुडा, मोडी राम, प्रहलाद मेघवाल, बाबूलाल, भेरूलाल मेघवाल सहित अनेक कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों ने इसमें सक्रिय सहयोग दिया। पूरे क्षेत्र के किसान, कारीगर, मजदूर, कर्मचारी, अधिकारी एवं समाज के बुजुर्ग पंचों की उपस्थिति ने इस समारोह को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। अंत में, मांगीलाल मेघवाल (बिलोट) ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। यह सम्मान समारोह समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया।3
- चित्तौड़गढ़ के एमपीपीजी कॉलेज परिसर में 13 जून को एनएसयूआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष संजय राव के साथ एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां करने और मारपीट करने की घटना को एनएसयूआई ने "अत्यंत निंदनीय" बताया है। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्र राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा, अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने की राजनीति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद करके छात्रों को परेशान करने का प्रयास किया गया, जिसके कारण प्रवेश लेने आए विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संगठन ने जोर देकर कहा कि छात्र हितों के विरुद्ध किया गया ऐसा कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई के अनुसार, शिक्षा संस्थान लोकतांत्रिक विचारों और छात्र हितों के केंद्र होते हैं, न कि दबाव और अराजकता फैलाने के मंच। इस मामले पर, एनएसयूआई ने प्रशासन से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई, तो वे छात्र हितों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। एनएसयूआई ने यह दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि छात्रों की आवाज़ दबाने का हर प्रयास विफल होगा और वह छात्र हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।1
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में कोतवाली सदर क्षेत्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने अपनी बहन के साथ मिलकर सरेआम अपने पति की चप्पलों और थप्पड़ों से पिटाई की। वायरल वीडियो में यह भी दिख रहा है कि महिला की बहन ने भी पति को लात मारी। विवाद की वजह यह बताई गई है कि महिला का आरोप है कि उसका पति पंजाब में रहकर उसके निजी और अंतरंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा था। इसी बात से नाराज़ होकर पत्नी ने अपने पति को शहर के निराला पार्क के पास बुलाया था, जहाँ दोनों के बीच गरमागरम बहस हुई और फिर यह मारपीट शुरू हो गई। पीड़ित महिला का नाम गुलशन है और उसके पति का नाम सेराज है। इन दोनों ने लगभग एक साल पहले मई में नोटरी के ज़रिए लव मैरिज की थी।1