रेलमगरा कस्बे के नई आबादी क्षेत्र में नालों की बदहाल स्थिति को लेकर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय के पास और मेहता इंडस्ट्रीज के सामने स्थित नाले की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण उसमें कीचड़, मलबा, प्लास्टिक कचरा और अन्य गंदगी जमा हो गई है। इससे गंदे पानी का निकास पूरी तरह से रुक गया है, और नालियों का पानी सीसी सड़क पर फैलकर उसे कीचड़ और गंदगी से भर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन उनकी समस्याओं को अनदेखा कर रहा है। कई बार जानकारी दिए जाने के बावजूद न तो नालों की सफाई करवाई जा रही है और न ही पानी निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी भी पंचायत की लापरवाही को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। नाले में पानी का बहाव रुक जाने से सीसी सड़क पर जमा कीचड़ और गंदे पानी के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से परेशान हैं, वहीं स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी के लोगों को रोजाना गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। यह नाला गायत्री माता मंदिर के पास स्थित है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालु आते हैं। पुराने कृषि कार्यालय के आसपास भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नाले से उठने वाली दुर्गंध आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रही है और मच्छरों की बढ़ती संख्या से मौसमी व संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून से पहले नालों की सफाई नहीं हुई तो बरसात में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाएगी। उन्होंने पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल नालों की सफाई करवाने, सीसी सड़क से गंदगी हटवाने और पानी निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और पंचायत प्रशासन की होगी।
रेलमगरा कस्बे के नई आबादी क्षेत्र में नालों की बदहाल स्थिति को लेकर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय के पास और मेहता इंडस्ट्रीज के सामने स्थित नाले की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण उसमें कीचड़, मलबा, प्लास्टिक कचरा और अन्य गंदगी जमा हो गई है। इससे गंदे पानी का निकास पूरी तरह से रुक गया है, और नालियों का पानी सीसी सड़क पर फैलकर उसे कीचड़ और गंदगी से भर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि
पंचायत प्रशासन उनकी समस्याओं को अनदेखा कर रहा है। कई बार जानकारी दिए जाने के बावजूद न तो नालों की सफाई करवाई जा रही है और न ही पानी निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी भी पंचायत की लापरवाही को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। नाले में पानी का बहाव रुक जाने से सीसी सड़क पर जमा कीचड़ और गंदे पानी के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन
चालक फिसलने के डर से परेशान हैं, वहीं स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी के लोगों को रोजाना गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। यह नाला गायत्री माता मंदिर के पास स्थित है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालु आते हैं। पुराने कृषि कार्यालय के आसपास भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नाले से उठने वाली दुर्गंध आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रही है और मच्छरों की बढ़ती संख्या से मौसमी व संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया
है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून से पहले नालों की सफाई नहीं हुई तो बरसात में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाएगी। उन्होंने पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल नालों की सफाई करवाने, सीसी सड़क से गंदगी हटवाने और पानी निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और पंचायत प्रशासन की होगी।
- रेलमगरा कस्बे के नई आबादी क्षेत्र में नालों की बदहाल स्थिति को लेकर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय के पास और मेहता इंडस्ट्रीज के सामने स्थित नाले की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण उसमें कीचड़, मलबा, प्लास्टिक कचरा और अन्य गंदगी जमा हो गई है। इससे गंदे पानी का निकास पूरी तरह से रुक गया है, और नालियों का पानी सीसी सड़क पर फैलकर उसे कीचड़ और गंदगी से भर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन उनकी समस्याओं को अनदेखा कर रहा है। कई बार जानकारी दिए जाने के बावजूद न तो नालों की सफाई करवाई जा रही है और न ही पानी निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी भी पंचायत की लापरवाही को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। नाले में पानी का बहाव रुक जाने से सीसी सड़क पर जमा कीचड़ और गंदे पानी के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से परेशान हैं, वहीं स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी के लोगों को रोजाना गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। यह नाला गायत्री माता मंदिर के पास स्थित है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालु आते हैं। पुराने कृषि कार्यालय के आसपास भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नाले से उठने वाली दुर्गंध आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रही है और मच्छरों की बढ़ती संख्या से मौसमी व संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून से पहले नालों की सफाई नहीं हुई तो बरसात में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाएगी। उन्होंने पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल नालों की सफाई करवाने, सीसी सड़क से गंदगी हटवाने और पानी निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और पंचायत प्रशासन की होगी।4
- राजसमंद की धर्मनगरी कांकरोली में अधिक मास के समापन से पूर्व, सर्व समाज के आह्वान पर एक विशाल छप्पन भोग एवं गोचारण महोत्सव का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में साक्षी गोपाल लाडले लाल प्रभु की शाही सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यह शाही सवारी पुरानी सब्जी मंडी स्थित साक्षी गोपाल मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गांधी पार्क पहुंची, जहां मुख्य महोत्सव का आयोजन हुआ। गांधी पार्क में ठाकुर जी के समक्ष 56 प्रकार के व्यंजन प्रसाद स्वरूप रखे गए। इस दौरान गौ माता को बछड़े के साथ विराजित किया गया और ग्वाल बाल पारंपरिक वेशभूषा में क्रीड़ा करते हुए दिखाई दिए। शाम सात बजे शुरू हुआ यह अनोखा धार्मिक आयोजन देर रात तक जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। समारोह संपन्न होने के बाद गौ माता को उनके मूल स्थान पर सम्मानपूर्वक वापस ले जाया गया।4
- चित्तौड़गढ़ के एमपीपीजी कॉलेज परिसर में 13 जून को एनएसयूआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष संजय राव के साथ एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां करने और मारपीट करने की घटना को एनएसयूआई ने "अत्यंत निंदनीय" बताया है। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्र राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा, अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने की राजनीति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद करके छात्रों को परेशान करने का प्रयास किया गया, जिसके कारण प्रवेश लेने आए विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संगठन ने जोर देकर कहा कि छात्र हितों के विरुद्ध किया गया ऐसा कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई के अनुसार, शिक्षा संस्थान लोकतांत्रिक विचारों और छात्र हितों के केंद्र होते हैं, न कि दबाव और अराजकता फैलाने के मंच। इस मामले पर, एनएसयूआई ने प्रशासन से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई, तो वे छात्र हितों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। एनएसयूआई ने यह दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि छात्रों की आवाज़ दबाने का हर प्रयास विफल होगा और वह छात्र हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।1
- चित्तौड़गढ़ स्थित कॉलेज परिसर में छात्र संगठनों के बीच विवाद बढ़ गया। विवाद के बढ़ने पर छात्रों ने कॉलेज के गेट पर ताला लगा दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप से इस मामले को संभाला गया और परिसर में स्थिति सामान्य हो सकी।1
- आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक पहल के तहत गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस प्रयास के तहत, 14 जून 2026 को सुबह 6:15 बजे से 7:35 बजे तक एक ऑनलाइन योग सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। इस रिकॉर्ड-तोड़ अभियान में शामिल होने के लिए, इच्छुक प्रतिभागियों से टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर एक मिस्ड कॉल देकर तत्काल पंजीकरण करने का विनम्र निवेदन किया गया है। मिस्ड कॉल करने के बाद, योग सत्र से जुड़ने का लिंक सीधे उनके WhatsApp पर प्राप्त होगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि सहभागिता को रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने मोबाइल से अलग-अलग जुड़ना होगा। मंत्रालय ने सभी देशवासियों से 'स्वस्थ भारत और योगमय भारत' के इस अभियान में सक्रिय रूप से योगदान देने और अपने परिवार, मित्रों तथा परिचितों को भी मिस्ड कॉल के माध्यम से पंजीकरण करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया है। इस पहल का मुख्य संदेश है: 'योग अपनाएं, स्वास्थ्य पाएं – विश्व रिकॉर्ड बनाने में भारत का साथ निभाएं।' यह प्रयास 'जय हिंद | जय योग' के उद्घोष के साथ संपन्न होगा।1
- Available for Sale Locality : गंगरार उण्डवा नागों का खेड़ा Area (dimensions) : 12 बिघा जमीन Expected Price : 14400000 Property Type : Agricultural / Farm Land 120000 प्रति बिघा1
- रेलमगरा के ग्राम गोगाथला स्थित श्री सांवरिया गौशाला में गौमाताओं और पेड़-पौधों के लिए पानी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पूर्व सैनिक सज्जन सिंह चुंडावत ने एक सराहनीय पहल की है। स्व. देवी सिंह चुंडावत के पुत्र और ठिकाना गोगाथला के सज्जन सिंह चुंडावत ने गौशाला परिसर में मोटर सहित एक ट्यूबवेल स्थापित करवाकर इसे गौ सेवा को समर्पित किया है। इस ट्यूबवेल में प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध होने से अब गौशाला में गौमाताओं के पेयजल के साथ-साथ परिसर में लगाए गए पेड़-पौधों की सिंचाई की समस्या का भी समाधान हो गया है। इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर गौ सेवा समिति के सदस्यों और ग्रामवासियों ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। ग्राम पंचायत प्रशासक छोगालाल सालवी सहित ग्रामीणों ने पूर्व सैनिक सज्जन सिंह चुंडावत के इस सेवा भाव और जनहितकारी कार्य की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने विशेष रूप से कहा कि गौशाला में पानी की व्यवस्था होने से गौमाताओं की देखभाल और अधिक सुचारु रूप से हो सकेगी। इस अवसर पर रमेश पुरी गोस्वामी, महेंद्र प्रकाश सुखवाल, शांतिपुरी गोस्वामी, कालूराम कुमावत, भूरालाल, लक्ष्मण कुमावत, ईश्वर सिंह, रमेशचंद्र पुरबिया सहित कई गौभक्त और ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में कोतवाली सदर क्षेत्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला ने अपनी बहन के साथ मिलकर सरेआम अपने पति की चप्पलों और थप्पड़ों से पिटाई की। वायरल वीडियो में यह भी दिख रहा है कि महिला की बहन ने भी पति को लात मारी। विवाद की वजह यह बताई गई है कि महिला का आरोप है कि उसका पति पंजाब में रहकर उसके निजी और अंतरंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा था। इसी बात से नाराज़ होकर पत्नी ने अपने पति को शहर के निराला पार्क के पास बुलाया था, जहाँ दोनों के बीच गरमागरम बहस हुई और फिर यह मारपीट शुरू हो गई। पीड़ित महिला का नाम गुलशन है और उसके पति का नाम सेराज है। इन दोनों ने लगभग एक साल पहले मई में नोटरी के ज़रिए लव मैरिज की थी।1