रेलमगरा के ग्राम गोगाथला स्थित श्री सांवरिया गौशाला में गौमाताओं और पेड़-पौधों के लिए पानी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पूर्व सैनिक सज्जन सिंह चुंडावत ने एक सराहनीय पहल की है। स्व. देवी सिंह चुंडावत के पुत्र और ठिकाना गोगाथला के सज्जन सिंह चुंडावत ने गौशाला परिसर में मोटर सहित एक ट्यूबवेल स्थापित करवाकर इसे गौ सेवा को समर्पित किया है। इस ट्यूबवेल में प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध होने से अब गौशाला में गौमाताओं के पेयजल के साथ-साथ परिसर में लगाए गए पेड़-पौधों की सिंचाई की समस्या का भी समाधान हो गया है। इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर गौ सेवा समिति के सदस्यों और ग्रामवासियों ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। ग्राम पंचायत प्रशासक छोगालाल सालवी सहित ग्रामीणों ने पूर्व सैनिक सज्जन सिंह चुंडावत के इस सेवा भाव और जनहितकारी कार्य की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने विशेष रूप से कहा कि गौशाला में पानी की व्यवस्था होने से गौमाताओं की देखभाल और अधिक सुचारु रूप से हो सकेगी। इस अवसर पर रमेश पुरी गोस्वामी, महेंद्र प्रकाश सुखवाल, शांतिपुरी गोस्वामी, कालूराम कुमावत, भूरालाल, लक्ष्मण कुमावत, ईश्वर सिंह, रमेशचंद्र पुरबिया सहित कई गौभक्त और ग्रामीण उपस्थित रहे।
रेलमगरा के ग्राम गोगाथला स्थित श्री सांवरिया गौशाला में गौमाताओं और पेड़-पौधों के लिए पानी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पूर्व सैनिक सज्जन सिंह चुंडावत ने एक सराहनीय पहल की है। स्व. देवी सिंह चुंडावत के पुत्र और ठिकाना गोगाथला के सज्जन सिंह चुंडावत ने गौशाला
परिसर में मोटर सहित एक ट्यूबवेल स्थापित करवाकर इसे गौ सेवा को समर्पित किया है। इस ट्यूबवेल में प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध होने से अब गौशाला में गौमाताओं के पेयजल के साथ-साथ परिसर में लगाए गए पेड़-पौधों की सिंचाई की समस्या का भी समाधान हो गया है।
इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर गौ सेवा समिति के सदस्यों और ग्रामवासियों ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। ग्राम पंचायत प्रशासक छोगालाल सालवी सहित ग्रामीणों ने पूर्व सैनिक सज्जन सिंह चुंडावत के इस सेवा भाव और जनहितकारी कार्य की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने विशेष रूप
से कहा कि गौशाला में पानी की व्यवस्था होने से गौमाताओं की देखभाल और अधिक सुचारु रूप से हो सकेगी। इस अवसर पर रमेश पुरी गोस्वामी, महेंद्र प्रकाश सुखवाल, शांतिपुरी गोस्वामी, कालूराम कुमावत, भूरालाल, लक्ष्मण कुमावत, ईश्वर सिंह, रमेशचंद्र पुरबिया सहित कई गौभक्त और ग्रामीण उपस्थित रहे।
- आयुष मंत्रालय विश्व योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक पहल के तहत गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस प्रयास के तहत, 14 जून 2026 को सुबह 6:15 बजे से 7:35 बजे तक एक ऑनलाइन योग सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। इस रिकॉर्ड-तोड़ अभियान में शामिल होने के लिए, इच्छुक प्रतिभागियों से टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर एक मिस्ड कॉल देकर तत्काल पंजीकरण करने का विनम्र निवेदन किया गया है। मिस्ड कॉल करने के बाद, योग सत्र से जुड़ने का लिंक सीधे उनके WhatsApp पर प्राप्त होगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि सहभागिता को रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने मोबाइल से अलग-अलग जुड़ना होगा। मंत्रालय ने सभी देशवासियों से 'स्वस्थ भारत और योगमय भारत' के इस अभियान में सक्रिय रूप से योगदान देने और अपने परिवार, मित्रों तथा परिचितों को भी मिस्ड कॉल के माध्यम से पंजीकरण करने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया है। इस पहल का मुख्य संदेश है: 'योग अपनाएं, स्वास्थ्य पाएं – विश्व रिकॉर्ड बनाने में भारत का साथ निभाएं।' यह प्रयास 'जय हिंद | जय योग' के उद्घोष के साथ संपन्न होगा।1
- उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राजभर ने शनिवार को कहा कि आजमगढ़ को केवल समाजवादी पार्टी या यादव समाज का गढ़ बताना गलत है, क्योंकि यहां राजभर, निषाद, कोल, बिंद, पाल, प्रजापति, चौहान, ब्राह्मण और अन्य कई समाज के लोग निवास करते हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वे अखिलेश यादव के गढ़ को 'गड़ही' (गड्ढा) बना देंगे। राजभर ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि "गोली चले या छर्रा, हम आजमगढ़ में डटे रहेंगे" और 2027 में सपा को हराएंगे। मंत्री राजभर ने इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और गुंडे-माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। उन्होंने आगे कहा कि योगी सरकार का बुलडोजर मॉडल अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है, और तंज कसते हुए यह भी बताया कि 'योगी बाबा' का बुलडोजर अब बंगाल तक पहुंच गया है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों और चोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इसी दौरान, दिल्ली गेट पर भामाशाहों ने लोगों को शरबत पिलाया। वहीं, पूर्व सैनिक परिषद की महिलाओं ने चित्तौड़गढ़ दुर्ग के गौरवशाली इतिहास को जानने का कार्य किया।1
- Available for Sale Locality : गंगरार उण्डवा नागों का खेड़ा Area (dimensions) : 12 बिघा जमीन Expected Price : 14400000 Property Type : Agricultural / Farm Land 120000 प्रति बिघा1
- यह संदेश लोगों से जागरूक बनने और सामाजिक जागरूकता वाले संदेशों को आगे बढ़ाने का आग्रह करता है।1
- श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि में गबन के दावों ने अब एक गंभीर रूप ले लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, मंदिर ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने का आग्रह किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने एसआईटी का गठन कर दिया है। इस बीच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मंदिर के एक कर्मचारी, लव कुश मिश्र, को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मंदिर में चढ़ावे की राशि गिनने वाले इसी कर्मचारी लव कुश मिश्र के घर से लगभग 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह राशि गोबर के ढेर में छिपाकर रखी गई थी। लव कुश मिश्र रुदौली के शुजागंज क्षेत्र के मीनापुर फगौली गांव का रहने वाला बताया गया है।1
- चित्तौड़गढ़ के एमपीपीजी कॉलेज में छात्र राजनीति गरमा गई है। एनएसयूआई ने कॉलेज के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष संजय राव पर अभद्रता और मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना के सामने आने के बाद एनएसयूआई ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह जानकारी एनएसयूआई जिलाध्यक्ष द्वारा जारी एक प्रेस नोट के आधार पर प्रकाशित की जा रही है; 'हैलो चित्तौड़गढ़' इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।1
- राजस्थान के पाली में प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने शहर में व्याप्त गंदगी, सीवरेज की समस्या, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर तीखे सवाल पूछ लिए। इन सवालों को सुनकर राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री, झाबर सिंह खर्रा, अचानक नाराज़ हो गए, जिससे प्रेस वार्ता का पूरा माहौल गर्मा गया। पत्रकारों द्वारा जनता की मूलभूत समस्याओं पर पूछे गए सवालों के बजाय मंत्री जी कथित तौर पर उन पर ही भड़क उठे। इतना ही नहीं, उन्होंने पाली जिले को "नकारात्मक सोच वाला" जिला भी करार दिया, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक विवादास्पद बना दिया। इस घटना के बाद, सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता की समस्याओं पर प्रश्न पूछना गलत है और क्या मंत्री महोदय सवालों का सीधा जवाब देने से बच रहे थे। इस विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर मंत्री जी सवालों से क्यों भड़के और प्रेस वार्ता में इतना बवाल क्यों मचा। यह घटना इस बात पर विचार करने को मजबूर करती है कि क्या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछे थे जिनका जवाब देना वाकई मुश्किल था, या मंत्री जी का यह रवैया उनकी सवालों से बचने की कोशिश थी।1
- राजसमंद के देवगढ़ में स्तुति हॉस्पिटल के एक कर्मचारी की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। यह घटना देवगढ़ थाना क्षेत्र के कामलीघाट रोड स्थित निजी अस्पताल स्तुति हॉस्पिटल के बाहर हुई, जहां पुलिस की ज्यादती से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जानकारी के अनुसार, स्तुति हॉस्पिटल के कर्मचारी राजू सिंह लाखागुड़ा में एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मुआवजे की मांग की, लेकिन अस्पताल ने इससे साफ इनकार कर दिया। मृतक के परिजन और ग्रामीण अस्पताल के बाहर धरना देकर बैठ गए, जिसके बाद अस्पताल ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधिकारी लगातार मृतक के परिजनों पर वहां से हटने के लिए दबाव बनाते और धमकाते रहे, जिससे हालात और बिगड़ गए। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब भीम के पूर्व उपप्रधान नारायण सिंह ग्रामीणों का हाल जानने पहुंचे और पुलिस ने उन्हें ही गिरफ्तार करने का प्रयास किया। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी हल्का बल प्रयोग किया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव और धक्का-मुक्की में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, वहीं डीएसपी राकेश वर्मा की गाड़ी भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजसमंद रिजर्व पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाप्ता मौके पर तैनात किया गया है। मुआवजे की मांग को लेकर परिजन अभी भी धरने पर बैठे हैं।4