**गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, अंतिम रूप ले रहीं बप्पा की प्रतिमाएं** **गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, अंतिम रूप ले रहीं बप्पा की प्रतिमाएं** **मूर्तिकार राजेश की प्रतिमाओं की बढ़ी मांग, रंग-रोगन का कार्य अंतिम चरण में** दंतेवाड़ा :- नगर सहित ग्रामीण अंचलों में गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। गणपति बप्पा के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। समितियों द्वारा जहां भव्य पंडालों को आकर्षक रूप देने की तैयारियां की जा रही हैं, वहीं घरों में गणेश प्रतिमा विराजित करने वाले परिवार भी बप्पा के स्वागत की तैयारी में जुटे हुए हैं। पंडालों को रंग-बिरंगी झालरों, विद्युत सज्जा और आकर्षक साज-सज्जा से सजाने का सिलसिला शुरू हो गया है। गणेश चतुर्थी पर्व के लिए अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इसे देखते हुए नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मूर्तिकार गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक का निर्माण और रंग-रोगन का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रतिमाओं की मांग के साथ ही बुकिंग और बिक्री का सिलसिला भी शुरू हो गया है। दन्तेवाड़ा, गीदम में स्थित मूर्तिकला कला केंद्र के मूर्तिकार राजेश पिछले करीब 10 वर्षों से गणेश भगवान के साथ मां दुर्गा और भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाओं का निर्माण कर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। मूर्तिकार राजेश ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। पर्व को देखते हुए गणपति बप्पा की विभिन्न आकार और स्वरूप की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकांश प्रतिमाओं के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। रंग-रोगन एवं अन्य समानो में वृद्धि हुई है। जिसे देखते हुए प्रतिमाएं की थोड़ी सी रेट में बढ़ोतरी हुई है। बप्पा की अंतिम सजावट का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी गणेश प्रतिमाओं के लिए लोगों द्वारा पहले से आर्डर दिए गए हैं। प्रतिमाओं की बिक्री होने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। दंतेवाड़ा,गीदम, बचेली,किरंदुल, नकुलनार के बाजार में भी गणपति बप्पा की विभिन्न आकार की प्रतिमाएं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। घरों में स्थापित करने के लिए छोटे आकार की प्रतिमाओं से लेकर गणेशोत्सव समितियों के पंडालों के लिए बड़े आकार की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। गणेशोत्सव को लेकर समितियों के सदस्यों के साथ-साथ बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु बप्पा की प्रतिमा को विधि-विधान से विराजित कर पूजा-अर्चना की तैयारियों में जुटे हैं। नगर और ग्रामीण अंचलों में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच बाजारों में भी पर्व को लेकर चहल-पहल बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में गणपति प्रतिमाओं की खरीदारी और पंडालों की सजावट का कार्य और तेज होने की उम्मीद है।
**गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, अंतिम रूप ले रहीं बप्पा की प्रतिमाएं** **गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, अंतिम रूप ले रहीं बप्पा की प्रतिमाएं** **मूर्तिकार राजेश की प्रतिमाओं की बढ़ी मांग, रंग-रोगन का कार्य अंतिम चरण में** दंतेवाड़ा :- नगर सहित ग्रामीण अंचलों में गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। गणपति बप्पा के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। समितियों द्वारा जहां भव्य पंडालों को आकर्षक रूप देने की तैयारियां की जा रही हैं, वहीं घरों में गणेश प्रतिमा विराजित करने वाले परिवार भी बप्पा के स्वागत की तैयारी में जुटे हुए हैं। पंडालों को रंग-बिरंगी झालरों, विद्युत सज्जा और आकर्षक साज-सज्जा से सजाने
का सिलसिला शुरू हो गया है। गणेश चतुर्थी पर्व के लिए अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इसे देखते हुए नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मूर्तिकार गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक का निर्माण और रंग-रोगन का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रतिमाओं की मांग के साथ ही बुकिंग और बिक्री का सिलसिला भी शुरू हो गया है। दन्तेवाड़ा, गीदम में स्थित मूर्तिकला कला केंद्र के मूर्तिकार राजेश पिछले करीब 10 वर्षों से गणेश भगवान के साथ मां दुर्गा और भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाओं का निर्माण कर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
मूर्तिकार राजेश ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। पर्व को देखते हुए गणपति बप्पा की विभिन्न आकार और स्वरूप की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकांश प्रतिमाओं के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। रंग-रोगन एवं अन्य समानो में वृद्धि हुई है। जिसे देखते हुए प्रतिमाएं की थोड़ी सी रेट में बढ़ोतरी हुई है। बप्पा की अंतिम सजावट का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी गणेश प्रतिमाओं के लिए लोगों द्वारा पहले से आर्डर दिए गए हैं। प्रतिमाओं की बिक्री होने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। दंतेवाड़ा,गीदम, बचेली,किरंदुल, नकुलनार के बाजार में भी गणपति बप्पा की
विभिन्न आकार की प्रतिमाएं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। घरों में स्थापित करने के लिए छोटे आकार की प्रतिमाओं से लेकर गणेशोत्सव समितियों के पंडालों के लिए बड़े आकार की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। गणेशोत्सव को लेकर समितियों के सदस्यों के साथ-साथ बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु बप्पा की प्रतिमा को विधि-विधान से विराजित कर पूजा-अर्चना की तैयारियों में जुटे हैं। नगर और ग्रामीण अंचलों में गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच बाजारों में भी पर्व को लेकर चहल-पहल बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में गणपति प्रतिमाओं की खरीदारी और पंडालों की सजावट का कार्य और तेज होने की उम्मीद है।
- बुडदी में कांग्रेस मंडल बैठक - 18 भाजपा कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ बुडदी में कांग्रेस मंडल बैठक - 18 भाजपा कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ सुकमा-बुडदी में जिला अध्यक्ष हरीश कवासी के नेतृत्व में कांग्रेस मंडल बैठक हुई। संगठन मजबूती पर चर्चा हुई। बैठक में भाजपा के 18 और CPI के 1 कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने महंगाई-भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। हरीश कवासी बोले - कांग्रेस की ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता हैं, गांव-गांव संगठन मजबूत करेंगे।2
- कोंडागांव: कोरगांव में पुलिस ने लगाया दो दिवसीय खेलकूद एवं जनजागरूकता शिविर कोंडागांव जिले के दूरस्थ ग्राम कोरगांव में 9 और 10 सितंबर को पुलिस विभाग की पहल पर दो दिवसीय खेलकूद एवं जनजागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वॉलीबॉल, कबड्डी, मटका फोड़ और नींबू दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं हुईं। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, श्रम कार्ड और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ दिया गया। साइबर जागृति अभियान के तहत ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। विजेता प्रतिभागियों और स्कूली बच्चों को पुरस्कार एवं नगद राशि देकर सम्मानित किया गया।1
- पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर बैंककर्मियों का जोरदार प्रदर्शन कांकेर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को कांकेर में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय बैंक संघ (आईबीए) एवं केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। प्रदर्शन का नेतृत्व एसबीआई ऑफिसर एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव दिनेश मंडावी एवं एसबीआई अवार्ड यूनियन के क्षेत्रीय सचिव पवन वर्मा ने किया। कांकेर एवं आसपास की विभिन्न बैंक शाखाओं से पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाने और उन्हें सफल बनाने में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैंककर्मी पूरी जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि जब बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में पूरी प्रतिबद्धता से योगदान दे रहे हैं, तो उनकी लंबे समय से लंबित जायज मांगों के मामले में भेदभावपूर्ण रवैया उचित नहीं है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से लंबित है, जिस पर अब शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था में कथित भेदभावपूर्ण नीति के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समान एवं न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। दिनेश मंडावी एवं पवन वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जायज मांगों पर सरकार एवं भारतीय बैंक संघ को सकारात्मक एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। हड़ताल के कारण कांकेर जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जिले में लगभग 100 से 150 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन प्रभावित होने की संभावना है। प्रदर्शन में बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, प्रोत्साहन व्यवस्था में भेदभाव समाप्त करने सहित अन्य लंबित मांगों के समर्थन में नारे लगाए और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।4
- अधिकारियों की मुस्तैदी या पाप पर पर्दा? भानुप्रतापपुर में जहरीले खेल का पर्दाफाश, दो महीने से सो रहा था आबकारी विभाग! अधिकारियों की मुस्तैदी या पाप पर पर्दा? भानुप्रतापपुर में जहरीले खेल का पर्दाफाश, दो महीने से सो रहा था आबकारी विभाग! भानुप्रतापपुर: "सब कुछ ठीक चल रहा है, कोई गड़बड़ी नहीं है..." यह वही घिसा-पिटा जुमला है जिसे भानुप्रतापपुर व जिले के जिम्मेदार अफसर महीनों से ढोल पीटकर दोहरा रहे थे। लेकिन जब पुलिस ने छापामार कार्रवाई की, तो तस्वीरों ने अफसरों के सारे दावों और झूठी साख की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। मौके से भारी मात्रा में नामी ब्रांड्स की खाली बोतलें, ढक्कन, फर्जी स्टिकर और होलोग्राम बरामद हुए हैं। जिन्हें देखकर अब कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारियों की खुद की आंखें फटी की फटी रह गई हैं।1
- इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में हुनर से बेटियों ने हासिल किया मुकाम फॉक्सकॉन बेंगलुरु में धमतरी की तीन युवतियों का चयन, 20 हजार रुपए मासिक CTC धमतरी। मधुरिमा गुरुकुल SEDI में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड का प्रशिक्षण लेने वाली संजना साहू, रंजना साहू और निकिता का चयन फॉक्सकॉन, बेंगलुरु में हुआ है। तीनों को प्रारंभिक तौर पर 20 हजार रुपए प्रतिमाह CTC का रोजगार मिला है। कंपनी Apple iPhone सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की असेंबली एवं निर्माण से जुड़ी है। तकनीकी क्षेत्र में बनाई पहचान तीनों युवतियों ने इलेक्ट्रीकल कार्य, वायरिंग, उपकरणों के उपयोग, विद्युत सुरक्षा और मशीनरी से जुड़े व्यावहारिक कार्यों का प्रशिक्षण लिया। पुरुष-प्रधान माने जाने वाले इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण लेकर प्रतिष्ठित कंपनी तक पहुंचना उनकी मेहनत और तकनीकी दक्षता का प्रमाण है। कलेक्टर-महापौर ने किया संवाद कलेक्टर अविनाश मिश्रा और महापौर रामू रोहरा ने मधुरिमा गुरुकुल SEDI पहुंचकर प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षण, तकनीकी कौशल और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी लेते हुए युवाओं को कौशल निखारने के लिए प्रेरित किया। महापौर ने कहा कि बेटियों की सफलता जिले के लिए गर्व की बात है। 100 से अधिक युवाओं को रोजगार जिला प्रशासन और अंबुजा फाउंडेशन के सहयोग से संचालित SEDI में युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण और प्लेसमेंट दिया जा रहा है। अब तक 100 से अधिक युवा रोजगार से जुड़ चुके हैं। इस वर्ष करीब 200 युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है। आगामी चरण में 1000 युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।2
- धमतरी की तीन बेटियों का फॉक्सकॉन, बेंगलुरु में चयन, Apple iPhone के लिए करेंगी उपकरणों की असेंबली, इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में हुनर, हौसलों से हासिल किया मुकाम धमतरी।धमतरी की तीन बेटियों संजना साहू, रंजना साहू और निकिता ने अपने हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास से यह साबित कर दिखाया है कि अवसर और सही प्रशिक्षण मिले तो बेटियां किसी भी तकइलेक्ट्रीशियन ट्रेड में हुनर, हौसलों से हासिल किया मुकाम धमतरी की तीन बेटियों का फॉक्सकॉन, बेंगलुरु में चयन, Apple iPhone के लिए करेंगी उपकरणों की असेंबलीनीकी क्षेत्र में सफलता का नया अध्याय लिख सकती हैं। मधुरिमा गुरुकुल SEDI, धमतरी में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड का प्रशिक्षण लेने वाली इन तीन महिला प्रशिक्षुओं का चयन देश की प्रतिष्ठित कंपनी फॉक्सकॉन, बेंगलुरु में हुआ है। यह एक बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जो Apple के लिए iPhone सहित अन्य उपकरणों की असेंबली/निर्माण करती है। तीनों प्रशिक्षुओं को शुरुआत में ₹20 हजार प्रतिमाह CTC का रोजगार ऑफर मिला है। यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रशिक्षुओं की मेहनत को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि बेटियां तकनीकी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकती हैं। धमतरी की इन तीन बेटियों की कहानी इसी पहल की सबसे प्रेरक तस्वीर है। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में सीखा हुनर अब उन्हें बेंगलुरु के औद्योगिक क्षेत्र तक ले जा रहा है। उनकी सफलता केवल रोजगार पाने की उपलब्धि नहीं, बल्कि धमतरी की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भरता की नई पहचान है। इन बेटियों की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने ऐसे तकनीकी ट्रेड को चुना, जिसे लंबे समय से पुरुष-प्रधान क्षेत्र माना जाता रहा है। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण लेकर औद्योगिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी तक पहुंचना उनकी तकनीकी दक्षता, सीखने की लगन और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उनकी यह उपलब्धि धमतरी की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरक संदेश है कि तकनीकी कौशल के क्षेत्र में महिलाओं के लिए भी रोजगार और करियर की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। प्रशिक्षण के दौरान इन बेटियों ने इलेक्ट्रीकल कार्यों की बारीकियों, उपकरणों के उपयोग, विद्युत सुरक्षा, वायरिंग, मशीनरी एवं इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़े व्यावहारिक कार्यों में दक्षता हासिल की। प्रशिक्षण ने उनके भीतर केवल तकनीकी क्षमता ही विकसित नहीं की, बल्कि बड़े औद्योगिक संस्थानों में काम करने का आत्मविश्वास भी बढ़ाया। यही आत्मविश्वास उन्हें धमतरी से बेंगलुरु तक रोजगार के नए अवसर तक ले गया। कलेक्टर और महापौर ने प्रशिक्षणार्थियों से की मुलाकात इन बेटियों की सफलता से जुड़े प्रशिक्षण की जमीनी स्थिति और युवाओं की तैयारियों को जानने के लिए बीते दिन कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा एवं नगर निगम धमतरी के महापौर श्री रामू रोहरा ने मधुरिमा गुरुकुल SEDI का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से सीधे संवाद कर उनके प्रशिक्षण, प्राप्त किए जा रहे तकनीकी कौशल और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को अपने कौशल को निरंतर बेहतर बनाने और उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी दौरान संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार हासिल करने वाले युवाओं की उपलब्धियों की जानकारी भी लो । महापौर श्री रामू रोहरा ने बेटियों से बात करते हुए कहा कि “धमतरी की बेटियों ने इलेक्ट्रीशियन जैसे तकनीकी ट्रेड में प्रशिक्षण लेकर फॉक्सकॉन जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में रोजगार हासिल किया है, यह पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। यह सफलता बताती है कि हमारे युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की। मधुरिमा गुरुकुल SEDI में प्रशिक्षणार्थियों से मुलाकात के दौरान उनकी सीखने की उत्सुकता और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देखकर प्रसन्नता हुई। इन तीन बेटियों की सफलता निश्चित रूप से धमतरी की अन्य बेटियों को तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।” कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी की बेटियों ने अपनी मेहनत, लगन और तकनीकी दक्षता के बल पर एक नई मिसाल कायम की है। इलेक्ट्रीशियन ट्रेड जैसे तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर फॉक्सकॉन जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में रोजगार हासिल करना उनकी क्षमता और कौशल का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह उपलब्धि जिले में संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की उपयोगिता को भी रेखांकित करती है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि युवाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उन्हें उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि प्रशिक्षण के बाद रोजगार के अवसरों तक उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित हो सके। इन बेटियों की सफलता से यह संदेश भी स्पष्ट है कि तकनीकी शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में बेटियों के लिए किसी भी प्रकार की सीमा नहीं है। कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम जिला प्रशासन एवं अंबुजा फाउंडेशन के सहयोग से संचालित मधुरिमा गुरुकुल SEDI में युवाओं को रोजगार की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब तक 100 से अधिक युवा प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जुड़ चुके हैं। इस वर्ष लगभग 200 युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है, जबकि आगामी चरण में जिले के 1000 युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।4
- दंतेवाड़ा में झमाझम बारिश, किसानों को मिली बड़ी राहत.. दंतेवाड़ा में अचानक झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। लगातार हो रही बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। वहीं बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखने को मिल रही है। खेतों में खड़ी धान समेत अन्य फसलों के लिए बारिश को राहत माना जा रहा है। बारिश से फसलों को पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है। किसानों को अब अच्छी फसल और बेहतर पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है।2
- कोंडागांव: ग्राम बेचा में मजदूरी भुगतान को लेकर उठी आवाज, मजदूरों ने लगाए भुगतान नहीं होने के आरोप कोण्डागांव के ग्राम बेचा में शासकीय प्राथमिक शाला भवन निर्माण में काम करने वाले मजदूरों ने मजदूरी का भुगतान नहीं होने का आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी उन्हें मेहनत की कमाई नहीं मिली। मामले में आम आदमी पार्टी कोंडागांव के मानसिंह नेताम ने मौके पर पहुंचकर मजदूरों की समस्याएं सुनीं और मामले को जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष उठाने की बात कही। मजदूरों और ग्रामीणों ने जांच कर जल्द मजदूरी भुगतान कराने की मांग की है।1
- धमतरी-सिहावा रोड पर गड्ढों और धूल का कहर, राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें—हादसों का खतरा, सड़क किनारे रहने वाले लोग परेशान धमतरी-सिहावा रोड की बदहाल स्थिति लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं और वाहनों के गुजरते ही धूल का गुबार उठ रहा है, जिससे राहगीरों और सड़क किनारे रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढों के कारण हादसों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। वहीं, उड़ती धूल से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ने की आशंका है। लोगों ने जिम्मेदार विभाग से सड़क की जल्द और स्थायी मरम्मत की मांग की है।3