रायगढ़ जिले में अपराध एवं गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ड्रोन सर्वे अभियान के तहत जिला प्रशासन को उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। लैलूंगा विकासखंड के ग्राम नवीन घटगांव में अवैध अफ़ीम की खेती का खुलासा करते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में नवीन घटगांव क्षेत्र में ड्रोन सर्वे के दौरान एक खेत में अफ़ीम की अवैध खेती होने की पुष्टि हुई,सूचना मिलते ही प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान किसान साध राम नाथ के खेत में लगभग 11×22 वर्ग फीट क्षेत्र में अफ़ीम की खेती पाई गई, जिसे जब्त कर लिया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम के ही एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर में अफ़ीम की सूखी फसल रखे होने की जानकारी मिली। टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे समय रहते रोकते हुए फसल को जब्त किया गया,दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए ड्रोन सर्वे अभियान निरंतर जारी रहेगा।
रायगढ़ जिले में अपराध एवं गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ड्रोन सर्वे अभियान के तहत जिला प्रशासन को उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। लैलूंगा विकासखंड के ग्राम नवीन घटगांव में अवैध अफ़ीम की खेती का खुलासा करते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में नवीन घटगांव क्षेत्र में ड्रोन सर्वे के दौरान एक खेत में अफ़ीम की अवैध खेती होने की पुष्टि हुई,सूचना मिलते ही प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान किसान साध राम नाथ के खेत में लगभग 11×22 वर्ग फीट क्षेत्र में अफ़ीम की खेती पाई गई, जिसे जब्त कर लिया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम के ही एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर में अफ़ीम की सूखी फसल रखे होने की जानकारी मिली। टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे समय रहते रोकते हुए फसल को जब्त किया गया,दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए ड्रोन सर्वे अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- तमनार के आमाघाट से लैलूंगा के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक लगातार खुलासे, तीन बड़ी कार्रवाई से टूटा गिरोह,ड्रोन सर्वे से प्रशासन की पैनी नजर, जिले के सभी अनुविभागों में सघन निगरानी और लगातार कार्यवाही जारी,रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन ने बीते 72 घंटे में लगातार तीन बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। ♦️राज्य शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान के तहत तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड के नवीन घटगांव और मुड़ागांव तक कार्रवाई की गई, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।1
- Post by Mr Dayashankar Yadav1
- चैनपुर – रामनवमी के पावन अवसर पर पहले मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग गया। रामनवमी पूजा केंद्रीय समिति के तत्वावधान में भव्य मंगलवारी शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 70 गांवों से हजारों की संख्या में राम भक्त शामिल हुए। “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा और माहौल भक्तिमय बन गया।1
- चैनपुर:– रामनवमी के पावन अवसर पर मंगलवार को चैनपुर मुख्यालय पूरी तरह से भक्ति और शौर्य के रंग में रंगा नजर आया। रामनवमी पूजा समिति के तत्वावधान में निकाली गई भव्य शोभायात्रा में करीब 105 गांवों से सैकड़ों रामभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे क्षेत्र में गूंजते जय श्री राम के गगनभेदी नारों और ढोल-नगाड़ों की थाप ने वातावरण को पूरी तरह से गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के साथ हुआ। दूर-दराज से पहुंचे राम भक्तों के बीच शरबत और प्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद एक विशाल सामूहिक भोज (भंडारे) का आयोजन हुआ जहां सभी ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और समरसता का अद्भुत संदेश दे रहा था। नगर भ्रमण और अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन सामूहिक भोज के पश्चात चैनपुर दुर्गा मंडप से एक विशाल और आकर्षक शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा मेन रोड, पीपल चौक, थाना रोड, ब्लॉक चौक, चर्च रोड, सोहन चौक, अल्बर्ट एक्का चौक और बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। इस दौरान विभिन्न अखाड़ों ने अपने पारंपरिक हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतबों और युद्ध कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया। सड़क के दोनों ओर इन वीरों का करतब देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद सभी अखाड़ों के कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों का जोरदार प्रदर्शन किया। करतबों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 9 अखाड़ों को पुरस्कार स्वरूप ड्रम भेंट किया गया, जबकि अन्य सभी प्रतिभागी अखाड़ों के बीच पारंपरिक तलवार का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि व जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने अपने जोशीले संबोधन में सभी अखाड़े के लोगों और राम भक्तों की जमकर हौसला अफजाई की। उन्होंने युवाओं के जोश उनके अनुशासन और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनके समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेरी लकड़ा,संरक्षक यमुना प्रसाद केशरी, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा, सर्किल इंस्पेक्टर जितेंद्र राम एवं थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच पर रामनवमी पूजा समिति के संरक्षक यमुना प्रसाद केसरी, रघुनंदन प्रसाद एवं त्रिभुवन प्रसाद सहित अन्य गणमान्य अतिथियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। आयोजन को ऐतिहासिक और सफल बनाने में पूजा समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह, संदीप कुमार और मनोज साहू सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने अपनी अहम भूमिका निभाई। इस भव्य शोभायात्रा ने चैनपुर में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।9
- रामप्रवेश गुप्ता *“जल है तो कल है, जल बचाओ, जीवन बचाओ — समान जल, समान अधिकार” विश्व जल दिवस के अवसर पर “जहाँ पानी बहता है, वहाँ समानता बढ़ती है” थीम के अंतर्गत संत जेवियर महाविद्यालय, महुआडांड़ में एक व्यापक जल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर जल संरक्षण और लैंगिक समानता के महत्व को समाज तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास किया। कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय प्रांगण से एक विशाल रैली निकाली गई, जो कॉलेज गेट, आर.पी.एस. स्कूल होते हुए राजडंडा गाँव तक पहुँची। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने “जल है तो कल है”, “जल बचाओ, जीवन बचाओ” और “समान जल, समान अधिकार” जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों के हाथों में संदेश लिखे पोस्टर एवं बैनर थे, जो जल संरक्षण के साथ-साथ समाज में समानता की आवश्यकता को भी दर्शा रहे थे। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. शेफाली प्रकाश, प्रो. रोजी सुष्मिता, प्रो. शालिनी बाड़ा एवं प्रो. अंशु अंकिता ने किया। अपने संबोधन में प्रो. शालिनी बाड़ा ने कहा कि जल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और ग्रामीण समुदायों पर पड़ता है, इसलिए जल संरक्षण के साथ-साथ इसके समान वितरण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। प्रो. अंशु अंकिता ने कहा, “जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि प्रत्येक जीवन का मूल अधिकार है—इसे बचाना और समान रूप से बाँटना हम सभी की जिम्मेदारी है।” वहीं, प्रो. शेफाली प्रकाश ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “जल केवल जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक विकास का प्रमुख साधन भी है।” महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आज हम जल संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए, तो भविष्य में गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सभी को जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को जल के सही उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा जल स्रोतों की सुरक्षा के विषय में जानकारी दी और जल संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के उपप्राचार्य फादर समीर टोप्पो, फादर लियो, सिस्टर चन्द्रोदया, फादर राजीप, प्रो. मनीषा, प्रो. बंसति, प्रो. अंकिता, प्रो. आदिति, प्रो. रेचेल, प्रो. सुष्मिता, प्रो. सुकुट, प्रो. रोनित, प्रो. शशि, प्रो. मन्नू, प्रो. जामेश, प्रो. मोनिका सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। अंततः यह कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज को यह महत्वपूर्ण संदेश देने में भी प्रभावी सिद्ध हुआ कि जल का समान उपयोग ही सच्चे अर्थों में समानता और समृद्धि की आधारशिला है।4
- सीतापुर/ सीतापुर में 17 लाख रुपये की लागत से लगाए गए ट्यूबलर पोलों के कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। टेंडर के तहत कुल 33 पोल लगाए गए हैं, जिन्हें लगे हुए एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी पोल में लाइट नहीं जली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोलों की गुणवत्ता बेहद घटिया है। नियमों के अनुसार एक ट्यूबलर पोल का वजन लगभग डेढ़ क्विंटल होना चाहिए, जबकि लगाए गए पोल कथित तौर पर 50 किलो से भी कम वजन के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ये पोल ठोस लोहे के बजाय पतले पाइप से तैयार किए गए हैं, जिससे इनके टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं। टेंडर में प्रति पोल लागत लगभग 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है, लेकिन कार्य की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि यह पूरी योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है। स्थानीय नागरिकों को डर है कि आने वाले बरसात के मौसम में ये पोल गिर सकते हैं और सरकारी राशि पूरी तरह व्यर्थ हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इसी ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी ट्यूबलर पोल का कार्य कराया गया था, जिनकी गुणवत्ता वर्तमान पोलों से बेहतर थी। पुराने और नए कार्यों की तुलना से कथित कमीशनखोरी और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका और गहराती जा रही है। अब सवाल यह है कि इन पोलों में लाइट कब जलेगी और जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करेगा। — सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट1
- Post by Arvind tirkey1
- जिला प्रशासन द्वारा पूरे जिले में ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में नवीन घटगांव क्षेत्र में ड्रोन सर्वे के दौरान एक खेत में अफ़ीम की अवैध खेती होने की पुष्टि हुई,सूचना मिलते ही प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान किसान साध राम नाथ के खेत में लगभग 11×22 वर्ग फीट क्षेत्र में अफ़ीम की खेती पाई गई, जिसे जब्त कर लिया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम के ही एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर में अफ़ीम की सूखी फसल रखे होने की जानकारी मिली। टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे समय रहते रोकते हुए फसल को जब्त किया गया,दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए ड्रोन सर्वे अभियान निरंतर जारी रहेगा।1