Shuru
Apke Nagar Ki App…
राजस्थान की आदिवासी राजनीति के प्रमुख चेहरे नंदलाल मीणा का राजनीतिक सफर चर्चा में reporter Seema Kumawat राजस्थान की आदिवासी राजनीति के प्रमुख चेहरे नंदलाल मीणा का राजनीतिक सफर चर्चा में भाजपा के शुरुआती दौर में आदिवासी अंचल में संगठन को मजबूत करने में निभाई भूमिका विधानसभा से लोकसभा और राज्य सरकार में मंत्री पद तक पहुंचे नंदलाल मीणा ‘भीन प्रदेश’ की मांग को लेकर भी रहे सक्रिय करीब चार दशक तक राजस्थान की राजनीति में रहा प्रभाव
Seema kumawat
राजस्थान की आदिवासी राजनीति के प्रमुख चेहरे नंदलाल मीणा का राजनीतिक सफर चर्चा में reporter Seema Kumawat राजस्थान की आदिवासी राजनीति के प्रमुख चेहरे नंदलाल मीणा का राजनीतिक सफर चर्चा में भाजपा के शुरुआती दौर में आदिवासी अंचल में संगठन को मजबूत करने में निभाई भूमिका विधानसभा से लोकसभा और राज्य सरकार में मंत्री पद तक पहुंचे नंदलाल मीणा ‘भीन प्रदेश’ की मांग को लेकर भी रहे सक्रिय करीब चार दशक तक राजस्थान की राजनीति में रहा प्रभाव
More news from Pratapgarh and nearby areas
- गांव के सरपंच ने आज तक कोई विकास नहीं करवाया सभी ने अपना-अपना घर बनाया है हमारे गांव के सरपंच विकास के नाम पर एक कलंक इस कलंक को अगर गांव वाले मिलकर मिटाना चाहे मिट्टी भी सकता है एकता ही संगठन है संगठन ही एकता है1
- सालमगढ़ में भक्ति और उल्लास के साथ निकली श्री अमीझरा पार्श्वनाथ भगवान की चैत्र परिपाटी, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत सालमगढ़ में भक्ति और उल्लास के साथ निकली श्री अमीझरा पार्श्वनाथ भगवान की चैत्र परिपाटी, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत सालमगढ़। नगर में सकल जैन समाज के तत्वावधान में परम पूज्य श्री अमीझरा पार्श्वनाथ भगवान की चैत्र परिपाटी का भव्य जुलूस अत्यंत हर्षोल्लास, उमंग और भक्तिभाव के साथ निकाला गया। धार्मिक भजनों और जयकारों से पूरा नगर धर्ममय हो उठा। इन मार्गों से गुजरी शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से प्रातः गाजे-बाजे और प्रभु के जयघोष के साथ जुलूस का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा सदर बाजार, नीमचोक, घंटाली रोड और नया बस स्टैंड तेजाजी चौक जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए समाज के वरिष्ठ श्रावक श्री चांदमल जी कोठारी के निवास स्थान पर पहुँची, जहाँ धर्मसभा और प्रभावना वितरण के साथ जुलूस का समापन हुआ। पुष्प वर्षा और नृत्य से हुआ स्वागत नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं और नगरवासियों द्वारा जुलूस पर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। भक्ति संगीत की मधुर धुनों पर महिला-पुरुष और युवाओं ने झूमते हुए नृत्य किया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सिर पर मंगल कलश धारण कर जुलूस की शोभा बढ़ाई। धर्म प्रभावना और भक्ति का माहौल संपूर्ण आयोजन के दौरान सकल जैन समाज में भारी उत्साह देखा गया। जगह-जगह भगवान की आरती उतारी गई और गहुली (अक्षत पूजा) सजाकर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ अर्जित किया। जुलूस में बड़ी संख्या में जैन समाज के गणमान्य नागरिक, युवा एवं महिलाएँ उपस्थित रहीं।1
- मानसून की विदाई से पहले रामपुरा में झमाझम बारिश, आंधी-तूफान के साथ बरसे इंद्रदेव पितृपक्ष से पहले हुई तेज बारिश से नगर हुआ तरबतर, मौसम में घुली ठंडक 🌧️ रामपुरा। मानसून की विदाई से पहले शनिवार शाम इंद्रदेव रामपुरा पर जमकर मेहरबान हुए। शाम करीब 6 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। कुछ ही देर में सड़कों और गलियों में पानी बहने लगा तथा पूरा नगर बारिश से तरबतर हो गया। बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। लंबे समय से उमस और गर्मी से परेशान नगरवासियों को अचानक हुई तेज बारिश से राहत मिली। वहीं बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई और मौसम सुहावना हो गया। पितृपक्ष की शुरुआत से पहले हुई इस बारिश को नगरवासियों ने प्रकृति के शुद्धिकरण से भी जोड़ा। बारिश के कारण सड़कें और गलियां धुल गईं तथा वातावरण में ताजगी नजर आई। मानसून की विदाई से पहले हुई इस तेज बारिश ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल दिया। शाम के समय हुई बारिश के चलते बाजारों में भी लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई, वहीं कई लोग अचानक हुई बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रुकते नजर आए। रामपुरा में हुई इस बारिश ने जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों के लिए भी यह बारिश मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।2
- बावलियाखाल हनुमान मंदिर में जनप्रतिनिधियों का भव्य सम्मान, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने मंदिर विकास में सहयोग का दिया भरोसा कुशलगढ़। क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र बावलियाखाल हनुमान मंदिर परिसर में बावलियाखाल हनुमान मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं पार्षदों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समिति पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों का तिलक, पगड़ी, माला एवं शॉल से अभिनंदन किया। सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने तालियों से स्वागत किया। समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष हितेश पडियार, उपाध्यक्ष नरेश गादीया, पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं पार्षद राघवेश चरपोटा, वरिष्ठ पार्षद रजनीकांत खाब्या सहित निर्वाचित पार्षदों का सम्मान किया गया। अध्यक्ष हितेश पडियार ने कहा कि बावलियाखाल हनुमान मंदिर पूरे क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आवश्यक कार्यों में वे तन-मन-धन से सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उपाध्यक्ष नरेश गादीया ने भी मंदिर के विकास एवं सेवा कार्यों में तन-मन-धन से पूरा सहयोग देने की बात कही। उन्होंने मंदिर की आवश्यकताओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए समिति, जनप्रतिनिधियों एवं नगरवासियों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पार्षद राघवेश चरपोटा ने मंदिर को कुशलगढ़ की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। वरिष्ठ पार्षद रजनीकांत खाब्या ने आयोजन को सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का उदाहरण बताया। पार्षद चेतना बैरागी ने मंदिर विकास में सभी की भागीदारी की बात कही। समारोह का संचालन वरिष्ठ पत्रकार ललित गोलेछा ने किया। इस दौरान पत्रकार ललित गोलेछा, सुनील शर्मा एवं दीपांशु गुप्ता का भी समिति की ओर से सम्मान किया गया। अंत में हसमुखलाल जोशी ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, समिति सदस्यों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।2
- बांसवाड़ा राजस्थान में गणपति विसर्जन करने चले शहर वासी उमड़ा सैलाब1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल जारी है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल जारी है। पूर्व नक्सली एरिया कमांडर सीताराम सोनवानी ने 2021 में आत्मसमर्पण किया था। अब वे प्रधानमंत्री आवास के पक्के घर में रहकर खेती-किसानी कर रहे हैं। जिले में 27 परिवार चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 18 प्रधानमंत्री आवास बनकर तैयार हो चुके हैं।1
- MP - डंपर मोटरसाइकिल की भिड़ंत युवक की दर्दनाक मौत से आक्रोश सड़क जाम पुलिस प्रशासन ने संभाला मोर्चा नारायणगढ़ थाना क्षेत्र के ढाबला फंटे के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ यहां डंपर वाहन ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मारी, हादसे में बाइक सवार महिपाल सिंह बोराना की मौके पर मौत हो गई। मृतक खाखरिया खेड़ी निवासी बताए जा रहे हैं और शासकीय माध्यमिक विद्यालय भूखी में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। हादसे की खबर से समाजजनों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद समाजजनों ने मंदसौर-संजीत मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है ।1
- इंडियन एक्सप्रेस द्वारा चुनाव आयोग पर लिखी गई रिपोर्ट के बाद पूरा विपक्ष भाजपा और चुनाव आयोग पर हमलावर है। इस पर बोलते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस द्वारा चुनाव आयोग पर लिखी गई रिपोर्ट के बाद पूरा विपक्ष भाजपा और चुनाव आयोग पर हमलावर है। इस पर बोलते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने बोलते हुए कहा, “अगर भाजपा को घपला-घोटाला करके ही चुनाव जीतना है तो चाहे फिर कितनी भी महंगाई, कितना प्रदर्शन करवा लो, उनका चुनाव आयोग सेट है, वह उनके लिये चुनाव जितवाते जायेंगे।”1
- गनोड़ा में गणेश विसर्जन के दिन हुआ कुछ ऐसा देख ने उमड़ा जन सैलाब नमस्कार, आप देख रहे हैं 'न्यूज़ 24 वागड़' और मैं हूँ पंडित। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से इस वक्त की एक बड़ी और भक्तिमय खबर। गनोड़ा तहसील में बीते 10 दिनों से जारी गणेश उत्सव का आज धूमधाम और भक्ति भाव के साथ समापन हो गया। गनोड़ा में श्रीगोड़ समाज द्वारा आयोजित 10 दिवसीय गणेश उत्सव में हर दिन आस्था और उत्साह का अनोखा रंग देखने को मिला। 10 दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव में श्रीगोड़ समाज द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तिमय भजन संध्या, श्री सुंदरकांड पाठ का संगीतमय आयोजन, डांडिया-गरबा की शाम, और बच्चों व महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़ व चम्मच दौड़ जैसी खेल प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इन आयोजनों ने पूरे क्षेत्र के माहौल को भक्तिमय और ऊर्जावान बनाए रखा। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश विसर्जन के दिन गनोड़ा में एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। विसर्जन के दिन गनोड़ा के 'सर्व समाज' द्वारा एक विशाल और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में गनोड़ा के हर समाज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने-अपने समाज के गणपति बप्पा की प्रतिमाओं के साथ जुलूस निकाला। ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन और जयकारों के बीच गनोड़ा की सड़कों पर एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर श्रद्धालुओं की आँखों से आँसू छलक पड़े। यह दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भक्तों के इस अपार प्रेम को छोड़कर गणपति बप्पा का भी जाने का मन नहीं कर रहा था। लेकिन भक्तों ने बप्पा को भावुक होकर मनाया और विनती की कि "हे प्रभु! अगर आप इस बार नहीं जाएंगे, तो अगले साल वापस कैसे आएंगे?" भक्तों की इसी कातर पुकार और अटूट भक्ति को सुनकर गणपति बप्पा अगले वर्ष पुन: आने का वचन देकर जाने के लिए तैयार हुए। 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के गूंजते जयकारों के साथ बप्पा को अश्रुपूरित नेत्रों से विदाई दी गई।1