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गांव के सरपंच ने आज तक कोई विकास नहीं करवाया सभी ने अपना-अपना घर बनाया है हमारे गांव के सरपंच विकास के नाम पर एक कलंक इस कलंक को अगर गांव वाले मिलकर मिटाना चाहे मिट्टी भी सकता है एकता ही संगठन है संगठन ही एकता है

17 hrs ago
user_Nand lal Labana
Nand lal Labana
Farmer Dhariawad, Pratapgarh•
17 hrs ago

गांव के सरपंच ने आज तक कोई विकास नहीं करवाया सभी ने अपना-अपना घर बनाया है हमारे गांव के सरपंच विकास के नाम पर एक कलंक इस कलंक को अगर गांव वाले मिलकर मिटाना चाहे मिट्टी भी सकता है एकता ही संगठन है संगठन ही एकता है

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  • जाग जाए तो गांव की तस्वीर बदल सकती है 5 साल के अंदर काम करने का हुनर चाहिए हमारे गांव के नौजवान साथियों से यही विनती है कि वोट सोच समझ कर करें हमें पैसे नहीं विकास चाहिए और जो सर्व समाज का समर्थन करेगा उसी को वोट होगा पक्षपात नहीं चलेगा और और जनता को हर महीने हिसाब देना होगा जय श्री राम
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    जाग जाए तो गांव की तस्वीर बदल सकती है 5 साल के अंदर काम करने का हुनर चाहिए
हमारे गांव के नौजवान साथियों से यही विनती है कि वोट सोच समझ कर करें हमें पैसे नहीं विकास चाहिए और जो सर्व समाज का समर्थन करेगा उसी को वोट होगा पक्षपात नहीं चलेगा और और जनता को हर महीने हिसाब देना होगा जय श्री राम
    user_Nand lal Labana
    Nand lal Labana
    Farmer Dhariawad, Pratapgarh•
    12 hrs ago
  • राजस्थान की आदिवासी राजनीति के प्रमुख चेहरे नंदलाल मीणा का राजनीतिक सफर चर्चा में reporter Seema Kumawat राजस्थान की आदिवासी राजनीति के प्रमुख चेहरे नंदलाल मीणा का राजनीतिक सफर चर्चा में भाजपा के शुरुआती दौर में आदिवासी अंचल में संगठन को मजबूत करने में निभाई भूमिका विधानसभा से लोकसभा और राज्य सरकार में मंत्री पद तक पहुंचे नंदलाल मीणा ‘भीन प्रदेश’ की मांग को लेकर भी रहे सक्रिय करीब चार दशक तक राजस्थान की राजनीति में रहा प्रभाव
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    राजस्थान की आदिवासी राजनीति के प्रमुख चेहरे नंदलाल मीणा का राजनीतिक सफर चर्चा में reporter Seema Kumawat
राजस्थान की आदिवासी राजनीति के प्रमुख चेहरे नंदलाल मीणा का राजनीतिक सफर चर्चा में
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‘भीन प्रदेश’ की मांग को लेकर भी रहे सक्रिय
करीब चार दशक तक राजस्थान की राजनीति में रहा प्रभाव
    user_Seema kumawat
    Seema kumawat
    Photographer प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • प्रभु तारा छै हजार की गूंज के बीच निकली आदिनाथ की पालकी पर्यूषण महापर्व की धून थमी *प्रभु तारा नाम छै हजार की गूंज के बीच निकली आदिनाथ की पालकी*। *आसपुर में पर्यूषण महापर्व की धुन थमी* *सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से रथोत्सव संहित क्षेत्र के समस्त जैन बाहुल्य गांवों मे चल रहे दस लक्षण पर्युषण महापर्व का समापन किया। बिसा नरसिंहपुरा दिगम्बर समाज की ओर से शांतिनाथ* - *दिगम्बर जैन मंदिर एवं नागदा समाज की ओर से आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से निकली रथयात्रा के दौरान गणेश चौक, तहसील चौराया, पुराना बस स्टैंड एवं* *होली चौक में युवक युवतियों नें भक्ति गीतों की धुन पर सुंदर डांडिया रास प्रस्तुत कर महोत्सव के आनंद को* *बहुगुणित किया। रथोत्सव का नजारा देखने आस पास के गांवों से लोग उमड़े। रात्रि में रथ भंडारण की रस्म अदायगी के साथ तीर्थकर भगवंत एवं* *जिनवाणी मां की मंगल आराधना कर विश्व शांति एवं लोक मंगल की कामना की। चंपालाल भूखिया, सेठ शांतिलाल सिंघवी, अध्यक्ष भगवती लाल भूखिया, धनपाल नेतावत, शंकरलाल कुंडलिया, सेठ लक्ष्मीचंद किकावत, व्यापार संघ अध्यक्ष सुशील जैन, नरेंद्र जैन, कारुलाल रायकीया, प्रकाश नागदा एवं पुलक मंच के अनिल चंदावत आदि उपस्थित रहे*।
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    प्रभु तारा छै हजार की गूंज के बीच निकली आदिनाथ की पालकी पर्यूषण महापर्व की धून थमी 
*प्रभु तारा नाम छै हजार की गूंज के बीच निकली आदिनाथ की पालकी*।
*आसपुर में पर्यूषण महापर्व की धुन थमी*
*सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से रथोत्सव संहित क्षेत्र के समस्त जैन बाहुल्य गांवों मे चल रहे दस लक्षण पर्युषण महापर्व का समापन किया। बिसा नरसिंहपुरा दिगम्बर समाज की ओर से शांतिनाथ* - *दिगम्बर जैन मंदिर एवं नागदा समाज की ओर से आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से निकली रथयात्रा के दौरान गणेश चौक, तहसील चौराया, पुराना बस स्टैंड एवं* *होली चौक में युवक युवतियों नें भक्ति गीतों की धुन पर सुंदर डांडिया रास प्रस्तुत कर महोत्सव के आनंद को* *बहुगुणित किया। रथोत्सव का नजारा देखने आस पास के गांवों से लोग उमड़े। रात्रि में रथ भंडारण की रस्म अदायगी के साथ तीर्थकर भगवंत एवं* *जिनवाणी मां की मंगल आराधना कर विश्व शांति एवं लोक मंगल की कामना की।  चंपालाल भूखिया, सेठ शांतिलाल सिंघवी, अध्यक्ष भगवती लाल भूखिया, धनपाल नेतावत, शंकरलाल कुंडलिया, सेठ लक्ष्मीचंद किकावत, व्यापार संघ अध्यक्ष सुशील जैन, नरेंद्र जैन, कारुलाल रायकीया, प्रकाश नागदा एवं पुलक मंच के अनिल चंदावत आदि उपस्थित रहे*।
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    51 min ago
  • प्रतापगढ़ पहुंचे सीएम भजनलाल शर्मा, 1452 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास
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    प्रतापगढ़ पहुंचे सीएम भजनलाल शर्मा, 1452 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास
    user_Baba
    Baba
    अरनोद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • गनोड़ा में गणेश विसर्जन के दिन हुआ कुछ ऐसा देख ने उमड़ा जन सैलाब नमस्कार, आप देख रहे हैं 'न्यूज़ 24 वागड़' और मैं हूँ पंडित। ​राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से इस वक्त की एक बड़ी और भक्तिमय खबर। गनोड़ा तहसील में बीते 10 दिनों से जारी गणेश उत्सव का आज धूमधाम और भक्ति भाव के साथ समापन हो गया। गनोड़ा में श्रीगोड़ समाज द्वारा आयोजित 10 दिवसीय गणेश उत्सव में हर दिन आस्था और उत्साह का अनोखा रंग देखने को मिला। ​10 दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव में श्रीगोड़ समाज द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तिमय भजन संध्या, श्री सुंदरकांड पाठ का संगीतमय आयोजन, डांडिया-गरबा की शाम, और बच्चों व महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़ व चम्मच दौड़ जैसी खेल प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इन आयोजनों ने पूरे क्षेत्र के माहौल को भक्तिमय और ऊर्जावान बनाए रखा। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश विसर्जन के दिन गनोड़ा में एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। विसर्जन के दिन गनोड़ा के 'सर्व समाज' द्वारा एक विशाल और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ​इस शोभायात्रा में गनोड़ा के हर समाज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने-अपने समाज के गणपति बप्पा की प्रतिमाओं के साथ जुलूस निकाला। ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन और जयकारों के बीच गनोड़ा की सड़कों पर एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर श्रद्धालुओं की आँखों से आँसू छलक पड़े। ​यह दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भक्तों के इस अपार प्रेम को छोड़कर गणपति बप्पा का भी जाने का मन नहीं कर रहा था। लेकिन भक्तों ने बप्पा को भावुक होकर मनाया और विनती की कि "हे प्रभु! अगर आप इस बार नहीं जाएंगे, तो अगले साल वापस कैसे आएंगे?" ​भक्तों की इसी कातर पुकार और अटूट भक्ति को सुनकर गणपति बप्पा अगले वर्ष पुन: आने का वचन देकर जाने के लिए तैयार हुए। 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के गूंजते जयकारों के साथ बप्पा को अश्रुपूरित नेत्रों से विदाई दी गई।
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    गनोड़ा में गणेश विसर्जन के दिन हुआ कुछ ऐसा देख ने उमड़ा जन सैलाब
नमस्कार, आप देख रहे हैं 'न्यूज़ 24 वागड़' और मैं हूँ पंडित।
​राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से इस वक्त की एक बड़ी और भक्तिमय खबर। गनोड़ा तहसील में बीते 10 दिनों से जारी गणेश उत्सव का आज धूमधाम और भक्ति भाव के साथ समापन हो गया। गनोड़ा में श्रीगोड़ समाज द्वारा आयोजित 10 दिवसीय गणेश उत्सव में हर दिन आस्था और उत्साह का अनोखा रंग देखने को मिला।
​10 दिनों तक चले इस धार्मिक महोत्सव में श्रीगोड़ समाज द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तिमय भजन संध्या, श्री सुंदरकांड पाठ का संगीतमय आयोजन, डांडिया-गरबा की शाम, और बच्चों व महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़ व चम्मच दौड़ जैसी खेल प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इन आयोजनों ने पूरे क्षेत्र के माहौल को भक्तिमय और ऊर्जावान बनाए रखा। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश विसर्जन के दिन गनोड़ा में एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। विसर्जन के दिन गनोड़ा के 'सर्व समाज' द्वारा एक विशाल और भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
​इस शोभायात्रा में गनोड़ा के हर समाज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने-अपने समाज के गणपति बप्पा की प्रतिमाओं के साथ जुलूस निकाला। ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन और जयकारों के बीच गनोड़ा की सड़कों पर एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर श्रद्धालुओं की आँखों से आँसू छलक पड़े।
​यह दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भक्तों के इस अपार प्रेम को छोड़कर गणपति बप्पा का भी जाने का मन नहीं कर रहा था। लेकिन भक्तों ने बप्पा को भावुक होकर मनाया और विनती की कि "हे प्रभु! अगर आप इस बार नहीं जाएंगे, तो अगले साल वापस कैसे आएंगे?"
​भक्तों की इसी कातर पुकार और अटूट भक्ति को सुनकर गणपति बप्पा अगले वर्ष पुन: आने का वचन देकर जाने के लिए तैयार हुए। 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के गूंजते जयकारों के साथ बप्पा को अश्रुपूरित नेत्रों से विदाई दी गई।
    user_Pandit Repotar
    Pandit Repotar
    Voice of people गनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • संगेसरा गांव के टीचर श्रीमान जगदीश जी अग्रवाल को श्रीमती कलेक्टर साहिब ने स्वागत करके सम्मान दिया था उसमें श्रीमान जगदीश जी अग्रवाल ने संगेसरा गांव का नाम रोशन किया
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    संगेसरा गांव के टीचर श्रीमान जगदीश जी अग्रवाल को श्रीमती कलेक्टर साहिब ने स्वागत करके सम्मान दिया था उसमें श्रीमान जगदीश जी अग्रवाल ने संगेसरा गांव का नाम रोशन किया
    user_सुनील कुमार खटीक
    सुनील कुमार खटीक
    Advertising agency डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • गांव के सरपंच ने आज तक कोई विकास नहीं करवाया सभी ने अपना-अपना घर बनाया है हमारे गांव के सरपंच विकास के नाम पर एक कलंक इस कलंक को अगर गांव वाले मिलकर मिटाना चाहे मिट्टी भी सकता है एकता ही संगठन है संगठन ही एकता है
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    गांव के सरपंच ने आज तक कोई विकास नहीं करवाया सभी ने अपना-अपना घर बनाया है
हमारे गांव के सरपंच विकास के नाम पर एक कलंक इस कलंक को अगर गांव वाले मिलकर मिटाना चाहे मिट्टी भी सकता है एकता ही संगठन है संगठन ही एकता है
    user_Nand lal Labana
    Nand lal Labana
    Farmer Dhariawad, Pratapgarh•
    17 hrs ago
  • जोधपुर केमिकल फैक्ट्री ब्लास्ट में डूंगरपुर के फायरकर्मी प्रीतेश परमार की मौत डूंगरपुर/जोधपुर। जोधपुर के बासनी क्षेत्र की केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए भीषण ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे फायरकर्मी प्रीतेश परमार की शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में प्रीतेश करीब 90 फीसदी तक झुलस गए थे और पिछले दो दिनों से वेंटिलेटर पर उनका इलाज चल रहा था। प्रीतेश डूंगरपुर जिले के रहने वाले थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रीतेश के परिवार का अग्निशमन सेवा से भी गहरा जुड़ाव है। उनके पिता धुलेश्वर परमार डूंगरपुर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड में लीडिंग फायरमैन हैं और करीब 25 वर्षों से अधिक समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। आग बुझाने के दौरान हुआ था जोरदार ब्लास्ट हादसा 23 सितंबर की शाम जोधपुर के बासनी स्थित गणेश नगर क्षेत्र की एक हैंडीक्राफ्ट/केमिकल फैक्ट्री में हुआ था। शाम करीब 5:30 बजे फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। आग पर काबू पाने के लिए अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों के अनुसार करीब 10 दमकल गाड़ियां ऑपरेशन में लगाई गई थीं। दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे थे, तभी फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल से भरे ड्रमों में अचानक विस्फोट होने लगे। एक रिपोर्ट के अनुसार छत से पत्थर गिरने के बाद फिनोल से भरे ड्रम में विस्फोट होने की बात सामने आई है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है। विस्फोट इतना तेज था कि आग बुझाने में जुटे 14 फायरकर्मी झुलस गए, जिनमें कई की हालत गंभीर थी। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत में जयपुर किया गया था रेफर हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल फायरकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया था। कुछ घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर के एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। प्रीतेश की हालत भी बेहद गंभीर थी और करीब 90 फीसदी तक झुलसने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। इलाज के दौरान शनिवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। पिता भी फायर ब्रिगेड में, बेटे ने भी चुनी अग्निशमन सेवा की राह प्रीतेश के परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद दर्दनाक है क्योंकि उनके पिता धुलेश्वर परमार खुद लंबे समय से फायर ब्रिगेड में सेवाएं दे रहे हैं। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए प्रीतेश भी अग्निशमन सेवा से जुड़े थे। ड्यूटी के दौरान हादसे में बेटे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जोधपुर की इस घटना में बड़ी संख्या में दमकलकर्मियों के झुलसने के बाद फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। प्रीतेश परमार की मौत ने उस अग्निशमनकर्मी की जिम्मेदारी और जोखिम को एक बार फिर सामने ला दिया है, जो दूसरों की जान और संपत्ति बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर आग की लपटों के बीच पहुंचता है।
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    जोधपुर केमिकल फैक्ट्री ब्लास्ट में डूंगरपुर के फायरकर्मी प्रीतेश परमार की मौत
डूंगरपुर/जोधपुर। जोधपुर के बासनी क्षेत्र की केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए भीषण ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे फायरकर्मी प्रीतेश परमार की शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में प्रीतेश करीब 90 फीसदी तक झुलस गए थे और पिछले दो दिनों से वेंटिलेटर पर उनका इलाज चल रहा था।
प्रीतेश डूंगरपुर जिले के रहने वाले थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रीतेश के परिवार का अग्निशमन सेवा से भी गहरा जुड़ाव है। उनके पिता धुलेश्वर परमार डूंगरपुर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड में लीडिंग फायरमैन हैं और करीब 25 वर्षों से अधिक समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं।
आग बुझाने के दौरान हुआ था जोरदार ब्लास्ट
हादसा 23 सितंबर की शाम जोधपुर के बासनी स्थित गणेश नगर क्षेत्र की एक हैंडीक्राफ्ट/केमिकल फैक्ट्री में हुआ था। शाम करीब 5:30 बजे फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। आग पर काबू पाने के लिए अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों के अनुसार करीब 10 दमकल गाड़ियां ऑपरेशन में लगाई गई थीं।
दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे थे, तभी फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल से भरे ड्रमों में अचानक विस्फोट होने लगे। एक रिपोर्ट के अनुसार छत से पत्थर गिरने के बाद फिनोल से भरे ड्रम में विस्फोट होने की बात सामने आई है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।
विस्फोट इतना तेज था कि आग बुझाने में जुटे 14 फायरकर्मी झुलस गए, जिनमें कई की हालत गंभीर थी। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
गंभीर हालत में जयपुर किया गया था रेफर
हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल फायरकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया था। कुछ घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर के एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया। प्रीतेश की हालत भी बेहद गंभीर थी और करीब 90 फीसदी तक झुलसने के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। इलाज के दौरान शनिवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।
पिता भी फायर ब्रिगेड में, बेटे ने भी चुनी अग्निशमन सेवा की राह
प्रीतेश के परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद दर्दनाक है क्योंकि उनके पिता धुलेश्वर परमार खुद लंबे समय से फायर ब्रिगेड में सेवाएं दे रहे हैं। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए प्रीतेश भी अग्निशमन सेवा से जुड़े थे। ड्यूटी के दौरान हादसे में बेटे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जोधपुर की इस घटना में बड़ी संख्या में दमकलकर्मियों के झुलसने के बाद फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
प्रीतेश परमार की मौत ने उस अग्निशमनकर्मी की जिम्मेदारी और जोखिम को एक बार फिर सामने ला दिया है, जो दूसरों की जान और संपत्ति बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर आग की लपटों के बीच पहुंचता है।
    user_वागड़ NEWS 24
    वागड़ NEWS 24
    Local News Reporter आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
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