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दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक पुलिस कांस्टेबल के साथ कई लोगों ने बेहद शर्मनाक काम किया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद अब यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या मृत पुलिस कांस्टेबल को न्याय मिल पाएगा।
Mr.anand pandey
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक पुलिस कांस्टेबल के साथ कई लोगों ने बेहद शर्मनाक काम किया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद अब यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या मृत पुलिस कांस्टेबल को न्याय मिल पाएगा।
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- रीवा जिले के गुढ़ नगर परिषद में अध्यक्ष और पार्षदों के बीच छिड़ी राजनीतिक जंग अब और तेज हो गई है। नगर परिषद के 15 में से 13 पार्षदों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों ने मीडिया के सामने आकर अध्यक्ष के आरोपों को गलत ठहराया और कहा कि वह अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह को जिम्मेदार ठहरा रही हैं तथा उन्हें बदनाम करने का षड्यंत्र रच रही हैं। गौरतलब है कि नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह, जो कभी विधायक नागेंद्र सिंह की बेहद करीबी मानी जाती थीं, वर्तमान में उनके खिलाफ उतर आई हैं। बीते कई महीनों से 13 पार्षद अध्यक्ष के खिलाफ थे और उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव तक पेश किया था। इसके बाद अध्यक्ष अर्चना सिंह ने इसे विधायक नागेंद्र सिंह और उनके निज सचिव बाबूलाल यादव का षड्यंत्र बताते हुए चेतावनी दी थी। हालांकि, हालिया वार्ता के दौरान पार्षदों द्वारा एक पत्र भी पढ़कर सुनाया गया, जिसे लेकर अब यह चर्चा जोरों पर है कि यह पत्र कहां से आया और इसकी स्क्रिप्ट किसने लिखी। पार्षदों ने विधायक को इस मामले में पूरी तरह पाक-साफ बताया है। अध्यक्ष और पार्षदों के बीच जारी इस खींचतान में गुढ़ की जनता पिस रही है। एक तरफ अध्यक्ष सीधे विधायक और उनके करीबियों पर हमलावर हैं, तो दूसरी तरफ 13 पार्षद एकजुट होकर अध्यक्ष को पद से हटाने और उनके आरोपों को बेबुनियाद साबित करने में जुटे हैं। स्थानीय निकाय की यह जंग अब क्षेत्रीय राजनीति को भी गहराई से प्रभावित करती नजर आ रही है।1
- रीवा जिले के गूढ़ क्षेत्र में पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अविश्वास प्रस्ताव के इस पूरे घटनाक्रम पर पार्षदों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले बुलेट और अन्य दोपहिया वाहनों से जब्त किए गए 130 अवैध मॉडिफाइड साइलेंसरों पर सरेराह रोड रोलर चलवाकर उन्हें नष्ट कर दिया। इस दौरान चेकिंग और चालानी कार्रवाई करते हुए वाहन मालिकों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। इस कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक थाना प्रभारी अनिमा शर्मा और निरीक्षक अखिलेश कुशवाहा ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता और विशेषकर नवयुवकों को 'से नो टू ड्रग्स' और 'नो नॉइज़ पॉल्यूशन' का कड़ा संदेश देना है। अधिकारियों के मुताबिक, बुलेट और अन्य वाहनों से निकलने वाले तेज तथा पटाखों जैसे शोर से बुजुर्गों, बच्चों व आम लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ता है, जिससे दिल की बीमारी, अचानक हार्ट अटैक आने का खतरा और कान से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। रीवा पुलिस ने युवाओं से नशे से दूर रहने और वाहनों में अवैध साइलेंसर का उपयोग न करने की अपील की है, साथ ही चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने पर आगे भी इसी प्रकार की सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।1
- रीवा के अत्यंत व्यस्त पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में यातायात थाना के ठीक सामने संचालित शराब दुकान और उसके समीप स्थित "KGN न्यू जायका" रेस्टोरेंट को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आपत्ति जताई है। लोगों का आरोप है कि शराब दुकान से शराब खरीदने के बाद बड़ी संख्या में लोग दुकान के बाहर और रेस्टोरेंट के आसपास खुलेआम बैठकर शराब का सेवन करते हैं, जिससे प्रतिदिन जमावड़ा लगा रहता है। इसके अलावा रेस्टोरेंट के बाहर "Veg & Non-Veg" का बोर्ड लगाकर खुले रूप से मांसाहारी खाद्य सामग्री का विक्रय किया जा रहा है, जिससे राहगीरों, विद्यार्थियों और धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं प्रभावित हो रही हैं। नागरिकों का कहना है कि यह शहर का सबसे व्यस्त मार्ग है, जहां से प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और प्रयागराज व वाराणसी जाने वाले यात्री गुजरते हैं। शराब पीने वालों को पास में ही बैठने और खान-पान की सुविधा दिए जाने से देर रात तक असामाजिक गतिविधियों जैसी स्थिति बनी रहती है। आक्रोशित नागरिकों ने सवाल उठाया कि इस मार्ग से प्रतिदिन प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी और जनप्रतिनिधि गुजरते हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। नागरिकों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से रेस्टोरेंट के वैधानिक व स्वच्छता संबंधी मानकों की जांच करने और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।2
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक पुलिस कांस्टेबल के साथ कई लोगों ने बेहद शर्मनाक काम किया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद अब यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या मृत पुलिस कांस्टेबल को न्याय मिल पाएगा।1