logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले बुलेट और अन्य दोपहिया वाहनों से जब्त किए गए 130 अवैध मॉडिफाइड साइलेंसरों पर सरेराह रोड रोलर चलवाकर उन्हें नष्ट कर दिया। इस दौरान चेकिंग और चालानी कार्रवाई करते हुए वाहन मालिकों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। इस कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक थाना प्रभारी अनिमा शर्मा और निरीक्षक अखिलेश कुशवाहा ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता और विशेषकर नवयुवकों को 'से नो टू ड्रग्स' और 'नो नॉइज़ पॉल्यूशन' का कड़ा संदेश देना है। अधिकारियों के मुताबिक, बुलेट और अन्य वाहनों से निकलने वाले तेज तथा पटाखों जैसे शोर से बुजुर्गों, बच्चों व आम लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ता है, जिससे दिल की बीमारी, अचानक हार्ट अटैक आने का खतरा और कान से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। रीवा पुलिस ने युवाओं से नशे से दूर रहने और वाहनों में अवैध साइलेंसर का उपयोग न करने की अपील की है, साथ ही चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने पर आगे भी इसी प्रकार की सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

3 hrs ago
user_Abhishek Pandey
Abhishek Pandey
Huzur, Rewa•
3 hrs ago

मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले बुलेट और अन्य दोपहिया वाहनों से जब्त किए गए 130 अवैध मॉडिफाइड साइलेंसरों पर सरेराह रोड रोलर चलवाकर उन्हें नष्ट कर दिया। इस दौरान चेकिंग और चालानी कार्रवाई करते हुए वाहन मालिकों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। इस कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक थाना प्रभारी अनिमा शर्मा और निरीक्षक अखिलेश कुशवाहा ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता और विशेषकर नवयुवकों को 'से नो टू ड्रग्स' और 'नो नॉइज़ पॉल्यूशन' का कड़ा संदेश देना है। अधिकारियों के मुताबिक, बुलेट और अन्य वाहनों से निकलने वाले तेज तथा पटाखों जैसे शोर से बुजुर्गों, बच्चों व आम लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ता है, जिससे दिल की बीमारी, अचानक हार्ट अटैक आने का खतरा और कान से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। रीवा पुलिस ने युवाओं से नशे से दूर रहने और वाहनों में अवैध साइलेंसर का उपयोग न करने की अपील की है, साथ ही चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने पर आगे भी इसी प्रकार की सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में सियासी घमासान चरम पर पहुँच गया है, जहाँ 13 पार्षदों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों ने अध्यक्ष के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने विधायक नागेन्द्र सिंह पर अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया था। पार्षदों का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव उनका स्वतंत्र और लोकतांत्रिक निर्णय था। पार्षदों ने अध्यक्ष और तत्कालीन सीएमओ की कथित मिलीभगत से करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का दावा किया है। इन आरोपों में फर्जी नियुक्तियाँ, लगभग ₹10 लाख का डीजल भुगतान, अमृत 2.0 योजना में करीब ₹73 लाख का कथित फर्जी भुगतान, बिना कार्य हुए लगभग ₹50 लाख का भुगतान और घटिया निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही पार्षदों ने अध्यक्ष की शैक्षणिक डिग्री की जांच, उनके पति से जुड़े व्यापम प्रकरण की जांच और चुनाव के दौरान हुए कथित गोलीकांड की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी रखी है। परिषद की बैठकें समय पर न बुलाने, बजट पारित न कराने और ठेकेदारों से कथित कमीशनखोरी की शिकायतों को उजागर करते हुए पार्षदों ने अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार तत्काल समाप्त करने और पूरे कार्यकाल की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल इस संयुक्त बयान पर नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और मामला अब प्रशासनिक व कानूनी जांच की मांग तक पहुँच गया है।
    1
    मध्य प्रदेश के रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में सियासी घमासान चरम पर पहुँच गया है, जहाँ 13 पार्षदों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों ने अध्यक्ष के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने विधायक नागेन्द्र सिंह पर अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया था। पार्षदों का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव उनका स्वतंत्र और लोकतांत्रिक निर्णय था।

पार्षदों ने अध्यक्ष और तत्कालीन सीएमओ की कथित मिलीभगत से करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का दावा किया है। इन आरोपों में फर्जी नियुक्तियाँ, लगभग ₹10 लाख का डीजल भुगतान, अमृत 2.0 योजना में करीब ₹73 लाख का कथित फर्जी भुगतान, बिना कार्य हुए लगभग ₹50 लाख का भुगतान और घटिया निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही पार्षदों ने अध्यक्ष की शैक्षणिक डिग्री की जांच, उनके पति से जुड़े व्यापम प्रकरण की जांच और चुनाव के दौरान हुए कथित गोलीकांड की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी रखी है।

परिषद की बैठकें समय पर न बुलाने, बजट पारित न कराने और ठेकेदारों से कथित कमीशनखोरी की शिकायतों को उजागर करते हुए पार्षदों ने अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार तत्काल समाप्त करने और पूरे कार्यकाल की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल इस संयुक्त बयान पर नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और मामला अब प्रशासनिक व कानूनी जांच की मांग तक पहुँच गया है।
    user_पत्रकार शुभम तिवारी
    पत्रकार शुभम तिवारी
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • रीवा जिले के गुढ़ नगर परिषद में अध्यक्ष और पार्षदों के बीच छिड़ी राजनीतिक जंग अब और तेज हो गई है। नगर परिषद के 15 में से 13 पार्षदों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों ने मीडिया के सामने आकर अध्यक्ष के आरोपों को गलत ठहराया और कहा कि वह अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह को जिम्मेदार ठहरा रही हैं तथा उन्हें बदनाम करने का षड्यंत्र रच रही हैं। गौरतलब है कि नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह, जो कभी विधायक नागेंद्र सिंह की बेहद करीबी मानी जाती थीं, वर्तमान में उनके खिलाफ उतर आई हैं। बीते कई महीनों से 13 पार्षद अध्यक्ष के खिलाफ थे और उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव तक पेश किया था। इसके बाद अध्यक्ष अर्चना सिंह ने इसे विधायक नागेंद्र सिंह और उनके निज सचिव बाबूलाल यादव का षड्यंत्र बताते हुए चेतावनी दी थी। हालांकि, हालिया वार्ता के दौरान पार्षदों द्वारा एक पत्र भी पढ़कर सुनाया गया, जिसे लेकर अब यह चर्चा जोरों पर है कि यह पत्र कहां से आया और इसकी स्क्रिप्ट किसने लिखी। पार्षदों ने विधायक को इस मामले में पूरी तरह पाक-साफ बताया है। अध्यक्ष और पार्षदों के बीच जारी इस खींचतान में गुढ़ की जनता पिस रही है। एक तरफ अध्यक्ष सीधे विधायक और उनके करीबियों पर हमलावर हैं, तो दूसरी तरफ 13 पार्षद एकजुट होकर अध्यक्ष को पद से हटाने और उनके आरोपों को बेबुनियाद साबित करने में जुटे हैं। स्थानीय निकाय की यह जंग अब क्षेत्रीय राजनीति को भी गहराई से प्रभावित करती नजर आ रही है।
    1
    रीवा जिले के गुढ़ नगर परिषद में अध्यक्ष और पार्षदों के बीच छिड़ी राजनीतिक जंग अब और तेज हो गई है। नगर परिषद के 15 में से 13 पार्षदों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों ने मीडिया के सामने आकर अध्यक्ष के आरोपों को गलत ठहराया और कहा कि वह अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह को जिम्मेदार ठहरा रही हैं तथा उन्हें बदनाम करने का षड्यंत्र रच रही हैं।

गौरतलब है कि नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह, जो कभी विधायक नागेंद्र सिंह की बेहद करीबी मानी जाती थीं, वर्तमान में उनके खिलाफ उतर आई हैं। बीते कई महीनों से 13 पार्षद अध्यक्ष के खिलाफ थे और उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव तक पेश किया था। इसके बाद अध्यक्ष अर्चना सिंह ने इसे विधायक नागेंद्र सिंह और उनके निज सचिव बाबूलाल यादव का षड्यंत्र बताते हुए चेतावनी दी थी। हालांकि, हालिया वार्ता के दौरान पार्षदों द्वारा एक पत्र भी पढ़कर सुनाया गया, जिसे लेकर अब यह चर्चा जोरों पर है कि यह पत्र कहां से आया और इसकी स्क्रिप्ट किसने लिखी। पार्षदों ने विधायक को इस मामले में पूरी तरह पाक-साफ बताया है।

अध्यक्ष और पार्षदों के बीच जारी इस खींचतान में गुढ़ की जनता पिस रही है। एक तरफ अध्यक्ष सीधे विधायक और उनके करीबियों पर हमलावर हैं, तो दूसरी तरफ 13 पार्षद एकजुट होकर अध्यक्ष को पद से हटाने और उनके आरोपों को बेबुनियाद साबित करने में जुटे हैं। स्थानीय निकाय की यह जंग अब क्षेत्रीय राजनीति को भी गहराई से प्रभावित करती नजर आ रही है।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सतना जिले के जैतवारा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मरवा भैंसवार में एक पीड़ित महिला अनीता गौतम, पति प्रदीप गौतम, मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी के मामले में न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। पीड़िता के अनुसार, 06 जुलाई 2026 को सुबह लगभग 09:30 बजे वह गांव के प्रयागदत्त गौतम की किराना दुकान पर गई थीं। इसी दौरान आरोपी गंगा प्रसाद गौतम (पिता रामसोहावन गौतम), रेखा देवी (पति गंगा प्रसाद गौतम) और रामेश्वर गौतम (पिता गंगा प्रसाद गौतम) ने उन्हें अकेली पाकर गाली-गलौज करते हुए डंडों से मारपीट की। आरोपियों ने उनके सिर के बाल पकड़कर घसीटा और गले में पहनी सोने की लॉकेट छीन ली। बीच-बचाव करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद पीड़िता ने 5 अलग-अलग जगहों पर आवेदन दिया, लेकिन पुलिस द्वारा आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता ने 06/07/2026 को थाना जैतवारा, 07/07/2026 को पुलिस अधीक्षक सतना, 13/06/2026 को पुलिस कमिश्नर रीवा, 13/07/2026 को महिला आयोग भोपाल और 13/07/2026 को पुलिस महानिरीक्षक भोपाल को लिखित शिकायत दी थी। पीड़िता का आरोप है कि कोई सुनवाई न होने से आरोपी लगातार उन्हें "रिपोर्ट वापस लो, नहीं तो झूठे केस में फंसा देंगे" की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता के पति मजदूरी के लिए बाहर गए हुए हैं और उन्हें अपनी जान-माल का भय बना हुआ है। परेशान होकर पीड़िता ने 25/07/2026 को पुनः पुलिस अधीक्षक सतना को आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, कठोर कार्रवाई करने और लूटी गई लॉकेट बरामद कराने की मांग की है।
    1
    सतना जिले के जैतवारा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मरवा भैंसवार में एक पीड़ित महिला अनीता गौतम, पति प्रदीप गौतम, मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी के मामले में न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। पीड़िता के अनुसार, 06 जुलाई 2026 को सुबह लगभग 09:30 बजे वह गांव के प्रयागदत्त गौतम की किराना दुकान पर गई थीं। इसी दौरान आरोपी गंगा प्रसाद गौतम (पिता रामसोहावन गौतम), रेखा देवी (पति गंगा प्रसाद गौतम) और रामेश्वर गौतम (पिता गंगा प्रसाद गौतम) ने उन्हें अकेली पाकर गाली-गलौज करते हुए डंडों से मारपीट की। आरोपियों ने उनके सिर के बाल पकड़कर घसीटा और गले में पहनी सोने की लॉकेट छीन ली। बीच-बचाव करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपी मौके से फरार हो गए।

इस घटना के बाद पीड़िता ने 5 अलग-अलग जगहों पर आवेदन दिया, लेकिन पुलिस द्वारा आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता ने 06/07/2026 को थाना जैतवारा, 07/07/2026 को पुलिस अधीक्षक सतना, 13/06/2026 को पुलिस कमिश्नर रीवा, 13/07/2026 को महिला आयोग भोपाल और 13/07/2026 को पुलिस महानिरीक्षक भोपाल को लिखित शिकायत दी थी। पीड़िता का आरोप है कि कोई सुनवाई न होने से आरोपी लगातार उन्हें "रिपोर्ट वापस लो, नहीं तो झूठे केस में फंसा देंगे" की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता के पति मजदूरी के लिए बाहर गए हुए हैं और उन्हें अपनी जान-माल का भय बना हुआ है। परेशान होकर पीड़िता ने 25/07/2026 को पुनः पुलिस अधीक्षक सतना को आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, कठोर कार्रवाई करने और लूटी गई लॉकेट बरामद कराने की मांग की है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • अमरपाटन में संगठन के विरुद्ध सामूहिक रूप से अभद्र भाषा और अनर्गल टिप्पणी किए जाने को लेकर बजरंग दल ने अमरपाटन थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बजरंग दल के जिला सह संयोजक सुमित मिश्रा को बीती रात जानकारी मिली थी कि एक वाहन ने रास्ते में गाय का एक्सीडेंट कर दिया और इसी दौरान संगठन को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग व गाली-गलौज की गई। इस घटना के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अमरपाटन थाने पहुंचकर अभद्र व्यवहार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। जिला संयोजक और अमरपाटन प्रखंड अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि टिप्पणी करने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जिला मैहर के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता अमरपाटन थाने के सामने उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    2
    अमरपाटन में संगठन के विरुद्ध सामूहिक रूप से अभद्र भाषा और अनर्गल टिप्पणी किए जाने को लेकर बजरंग दल ने अमरपाटन थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बजरंग दल के जिला सह संयोजक सुमित मिश्रा को बीती रात जानकारी मिली थी कि एक वाहन ने रास्ते में गाय का एक्सीडेंट कर दिया और इसी दौरान संगठन को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग व गाली-गलौज की गई।

इस घटना के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अमरपाटन थाने पहुंचकर अभद्र व्यवहार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। जिला संयोजक और अमरपाटन प्रखंड अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि टिप्पणी करने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जिला मैहर के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता अमरपाटन थाने के सामने उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • चित्रकूट के मझगवां वन परिक्षेत्र स्थित धारकुण्डी आश्रम मार्ग पर अचानक एक टाइगर दिखाई दिया। आश्रम मार्ग पर सड़क पार कर रहे इस टाइगर को वहाँ से गुजर रहे एक राहगीर ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। सड़क पर टाइगर की इस मौजूदगी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    1
    चित्रकूट के मझगवां वन परिक्षेत्र स्थित धारकुण्डी आश्रम मार्ग पर अचानक एक टाइगर दिखाई दिया। आश्रम मार्ग पर सड़क पार कर रहे इस टाइगर को वहाँ से गुजर रहे एक राहगीर ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। सड़क पर टाइगर की इस मौजूदगी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व स्थित धमोखर बफर क्षेत्र के जंगल में 60 से अधिक सदस्यों की टीम ने 4 प्रशिक्षित हाथियों की मदद से एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस अभियान के तहत टीम ने बाघिन का खराब 'रेडियो कॉलर' सुरक्षित रूप से हटा दिया है। कॉलर हटाने के बाद बाघिन का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और तत्पश्चात उसे वापस उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
    1
    मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व स्थित धमोखर बफर क्षेत्र के जंगल में 60 से अधिक सदस्यों की टीम ने 4 प्रशिक्षित हाथियों की मदद से एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस अभियान के तहत टीम ने बाघिन का खराब 'रेडियो कॉलर' सुरक्षित रूप से हटा दिया है। कॉलर हटाने के बाद बाघिन का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और तत्पश्चात उसे वापस उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
    user_पत्रकार शुभम तिवारी
    पत्रकार शुभम तिवारी
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में प्रशासनिक और राजनीतिक खींचतान के बीच पार्षदों ने नीर मैरिज गार्डेन में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता आयोजित कर नगर परिषद अध्यक्ष पर तीखे आरोप लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि नगर परिषद में विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़े हैं, जिससे आम जनता को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासनिक बाधाओं के कारण नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है। पत्रकार वार्ता के दौरान पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष को विकास में बाधा डालने का जिम्मेदार ठहराया। पार्षदों ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा क्षेत्रीय विधायक नागेंद्र सिंह पर लगाए गए आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और निराधार हैं, जबकि मंडल अध्यक्ष अनंत कुमार गुप्ता एवं बाबूलाल यादव पर लगाए गए आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि विधायक हमेशा नगर के विकास और जनहित के कार्यों के पक्षधर रहे हैं, और अध्यक्ष केवल वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद अध्यक्ष ने उन्हें कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार में सहयोग के लिए कई तरह के प्रस्ताव और प्रलोभन दिए थे, जिन्हें उन्होंने जनहित और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए ठुकरा दिया। पार्षदों ने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक द्वेष का नतीजा नहीं, बल्कि नगर के विकास और जनहित की रक्षा के लिए उठाया गया कदम है। उन्होंने घोषणा की कि नगर की नागरिक सुविधाओं और विकास के लिए वे एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
    1
    रीवा जिले की गुढ़ नगर परिषद में प्रशासनिक और राजनीतिक खींचतान के बीच पार्षदों ने नीर मैरिज गार्डेन में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता आयोजित कर नगर परिषद अध्यक्ष पर तीखे आरोप लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि नगर परिषद में विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़े हैं, जिससे आम जनता को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासनिक बाधाओं के कारण नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है।

पत्रकार वार्ता के दौरान पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष को विकास में बाधा डालने का जिम्मेदार ठहराया। पार्षदों ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा क्षेत्रीय विधायक नागेंद्र सिंह पर लगाए गए आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और निराधार हैं, जबकि मंडल अध्यक्ष अनंत कुमार गुप्ता एवं बाबूलाल यादव पर लगाए गए आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि विधायक हमेशा नगर के विकास और जनहित के कार्यों के पक्षधर रहे हैं, और अध्यक्ष केवल वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।

पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद अध्यक्ष ने उन्हें कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार में सहयोग के लिए कई तरह के प्रस्ताव और प्रलोभन दिए थे, जिन्हें उन्होंने जनहित और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए ठुकरा दिया। पार्षदों ने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक द्वेष का नतीजा नहीं, बल्कि नगर के विकास और जनहित की रक्षा के लिए उठाया गया कदम है। उन्होंने घोषणा की कि नगर की नागरिक सुविधाओं और विकास के लिए वे एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    14 hrs ago
  • सतना स्थित विट्स महाविद्यालय के सभागार में संस्कार भारती और संस्कृति विभाग के सहयोग से नागपुर की 'नादब्रह्म' संस्था द्वारा महानाट्य 'युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार' का 56वां मंचन आयोजित किया गया। भारत माता और नटराज पूजन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूज्य संत साकेत बिहारी जी महाराज, मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और विट्स महाविद्यालय के संचालक सुनील सेनानी उपस्थित रहे। मंच पर प्रांत कार्यवाह उत्तम बनर्जी, संस्कार भारती के प्रांत अध्यक्ष मणिकांत माहेश्वरी, मध्यप्रदेश शासन की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, योगेश ताम्रकार, भाजपा जिला अध्यक्ष भगवती पाण्डेय और अभय महाजन सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनामिका सिंह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. आशीष तिवारी द्वारा किया गया। संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नागपुर की संस्था 'नादब्रह्म' द्वारा तैयार किया गया यह नाटक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार के जीवनवृत्त और स्वाधीनता संघर्ष के दौरान उनके विचारों पर केंद्रित है। निर्माता पद्माकर धानोरकर, लेखक डॉ. अजय प्रधान, निर्देशक सुबोध सुर्जिकर और संगीत निर्देशक शैलेष दाणी के नेतृत्व में 40 कुशल कलाकारों के दल ने बैकग्राउंड तकनीक, प्रभावी संवाद और संगीत के संयोजन से मंच पर इतिहास को जीवंत कर दिया। नाटक के दृश्यों में डॉ. हेडगेवार के साथ महर्षि अरविंदो, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, स्वातंत्र्य वीर सावरकर और मोहनदास करमचंद गाँधी जैसे महापुरुषों के प्रसंगों को पिरोया गया। इसमें दिखाया गया कि कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में नागपुर अधिवेशन की व्यवस्था संभालने से लेकर कलकत्ता अधिवेशन तक डॉ. हेडगेवार ने पूर्ण स्वराज्य, खिलाफत आंदोलन और मोपला नरसंहार जैसे मुद्दों पर शीर्ष नेतृत्व के समक्ष स्पष्ट प्रश्न रखे थे। अंततः उन्होंने किसी व्यक्ति के बजाय भगवा ध्वज को सर्वोपरि मानते हुए हिंदू समाज की एकता, संगठन और राजनीतिक सत्ता से परे सांस्कृतिक धरातल को मजबूत करने का पथ चुना।
    1
    सतना स्थित विट्स महाविद्यालय के सभागार में संस्कार भारती और संस्कृति विभाग के सहयोग से नागपुर की 'नादब्रह्म' संस्था द्वारा महानाट्य 'युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार' का 56वां मंचन आयोजित किया गया। भारत माता और नटराज पूजन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूज्य संत साकेत बिहारी जी महाराज, मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और विट्स महाविद्यालय के संचालक सुनील सेनानी उपस्थित रहे। मंच पर प्रांत कार्यवाह उत्तम बनर्जी, संस्कार भारती के प्रांत अध्यक्ष मणिकांत माहेश्वरी, मध्यप्रदेश शासन की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, योगेश ताम्रकार, भाजपा जिला अध्यक्ष भगवती पाण्डेय और अभय महाजन सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनामिका सिंह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. आशीष तिवारी द्वारा किया गया।

संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में नागपुर की संस्था 'नादब्रह्म' द्वारा तैयार किया गया यह नाटक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार के जीवनवृत्त और स्वाधीनता संघर्ष के दौरान उनके विचारों पर केंद्रित है। निर्माता पद्माकर धानोरकर, लेखक डॉ. अजय प्रधान, निर्देशक सुबोध सुर्जिकर और संगीत निर्देशक शैलेष दाणी के नेतृत्व में 40 कुशल कलाकारों के दल ने बैकग्राउंड तकनीक, प्रभावी संवाद और संगीत के संयोजन से मंच पर इतिहास को जीवंत कर दिया।

नाटक के दृश्यों में डॉ. हेडगेवार के साथ महर्षि अरविंदो, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, स्वातंत्र्य वीर सावरकर और मोहनदास करमचंद गाँधी जैसे महापुरुषों के प्रसंगों को पिरोया गया। इसमें दिखाया गया कि कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में नागपुर अधिवेशन की व्यवस्था संभालने से लेकर कलकत्ता अधिवेशन तक डॉ. हेडगेवार ने पूर्ण स्वराज्य, खिलाफत आंदोलन और मोपला नरसंहार जैसे मुद्दों पर शीर्ष नेतृत्व के समक्ष स्पष्ट प्रश्न रखे थे। अंततः उन्होंने किसी व्यक्ति के बजाय भगवा ध्वज को सर्वोपरि मानते हुए हिंदू समाज की एकता, संगठन और राजनीतिक सत्ता से परे सांस्कृतिक धरातल को मजबूत करने का पथ चुना।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक पुलिस कांस्टेबल के साथ कई लोगों ने बेहद शर्मनाक काम किया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद अब यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या मृत पुलिस कांस्टेबल को न्याय मिल पाएगा।
    1
    दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक पुलिस कांस्टेबल के साथ कई लोगों ने बेहद शर्मनाक काम किया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद अब यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या मृत पुलिस कांस्टेबल को न्याय मिल पाएगा।
    user_Mr.anand pandey
    Mr.anand pandey
    Photographer रामपुर नैकिन, सीधी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.