ये है जामताड़ा के ठग - आरटीओ चालान भुगतान से जुड़े फर्जी डिजिटल लिंक और कूटरचित एपीके फाइल लोगों को भेजते थे वाराणसी में 8.38 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, बंगाल से गैंग के सरगना सहित 12 आरोपी गिरफ्तार वाराणसी, 10 मार्च। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8.38 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से गैंग के सरगना समेत 12 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आईफोन, एंड्रॉयड मोबाइल और नकदी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, रामनगर थाना क्षेत्र के मछरहट्टा निवासी अनूप गुप्ता ने 5 जनवरी 2026 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते को हैक कर 8,38,402 रुपये की ठगी कर ली गई है। इस मामले में साइबर क्राइम थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर साइबर क्राइम टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट की मदद से पुलिस ने पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से दो शातिर अपराधियों—नागेश्वर मंडल और अक्षय मंडल उर्फ पिंटू—को गिरफ्तार किया। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों की भी संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद कुल 12 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। ऐसे करते थे ठगी पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बैंक और आरटीओ चालान भुगतान से जुड़े फर्जी डिजिटल लिंक और कूटरचित एपीके फाइल लोगों को भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस एप्लीकेशन को मोबाइल में इंस्टॉल करता, उसका फोन एक्सेस और सभी एसएमएस अपराधियों के पास पहुंच जाते थे। इसके बाद आरोपी एसएमएस बॉम्बर के जरिए टारगेटेड यूजर्स को सैकड़ों संदेश भेजते थे, जिससे पीड़ित भ्रमित हो जाता था। इसी दौरान आरोपी बैंकिंग ट्रांजेक्शन कर खाते से पैसे निकाल लेते थे। चोरी की रकम टेलीग्राम के माध्यम से प्राप्त म्यूल खातों में भेजी जाती थी और बाद में कार्डलेस कैश निकासी के जरिए निकाल ली जाती थी। बरामदगी पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 आईफोन (लगभग 5.5 लाख रुपये) 9 एंड्रॉयड मोबाइल (लगभग 3 लाख रुपये) 1,52,100 रुपये नकद बरामद किए हैं। आपराधिक इतिहास गिरफ्तार आरोपी नागेश्वर मंडल के खिलाफ झारखंड के जामताड़ा साइबर क्राइम थाने में पहले से ही धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से जुड़े कई मामलों में मुकदमा दर्ज है। कार्रवाई में शामिल टीम इस कार्रवाई में निरीक्षक उदयवीर सिंह, निरीक्षक शिवाकांत शुक्ला, उपनिरीक्षक आलोक सिंह यादव, उपनिरीक्षक विवेक सिंह समेत साइबर क्राइम टीम के अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क के बारे में भी जांच जारी है।
ये है जामताड़ा के ठग - आरटीओ चालान भुगतान से जुड़े फर्जी डिजिटल लिंक और कूटरचित एपीके फाइल लोगों को भेजते थे वाराणसी में 8.38 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, बंगाल से गैंग के सरगना सहित 12 आरोपी गिरफ्तार वाराणसी, 10 मार्च। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8.38 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से गैंग के सरगना समेत 12 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आईफोन, एंड्रॉयड मोबाइल और नकदी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, रामनगर थाना क्षेत्र के मछरहट्टा निवासी अनूप गुप्ता ने 5 जनवरी 2026 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते को हैक कर 8,38,402 रुपये की ठगी कर ली गई है। इस मामले में साइबर क्राइम थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर साइबर क्राइम टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट की मदद से पुलिस ने पश्चिम बंगाल के अंडाल रेलवे स्टेशन से दो शातिर अपराधियों—नागेश्वर मंडल और अक्षय मंडल उर्फ पिंटू—को गिरफ्तार किया। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों की भी संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद कुल 12 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई। ऐसे करते थे ठगी पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बैंक और आरटीओ चालान भुगतान से जुड़े फर्जी डिजिटल लिंक और कूटरचित एपीके फाइल लोगों को भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस एप्लीकेशन को मोबाइल में इंस्टॉल करता, उसका फोन एक्सेस और सभी एसएमएस अपराधियों के पास पहुंच जाते थे। इसके बाद आरोपी एसएमएस बॉम्बर के जरिए टारगेटेड यूजर्स को सैकड़ों संदेश भेजते थे, जिससे पीड़ित भ्रमित हो जाता था। इसी दौरान आरोपी बैंकिंग ट्रांजेक्शन कर खाते से पैसे निकाल लेते थे। चोरी की रकम टेलीग्राम के माध्यम से प्राप्त म्यूल खातों में भेजी जाती थी और बाद में कार्डलेस कैश निकासी के जरिए निकाल ली जाती थी। बरामदगी पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 आईफोन (लगभग 5.5 लाख रुपये) 9 एंड्रॉयड मोबाइल (लगभग 3 लाख रुपये) 1,52,100 रुपये नकद बरामद किए हैं। आपराधिक इतिहास गिरफ्तार आरोपी नागेश्वर मंडल के खिलाफ झारखंड के जामताड़ा साइबर क्राइम थाने में पहले से ही धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से जुड़े कई मामलों में मुकदमा दर्ज है। कार्रवाई में शामिल टीम इस कार्रवाई में निरीक्षक उदयवीर सिंह, निरीक्षक शिवाकांत शुक्ला, उपनिरीक्षक आलोक सिंह यादव, उपनिरीक्षक विवेक सिंह समेत साइबर क्राइम टीम के अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क के बारे में भी जांच जारी है।
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- आज एक एसा वाक्या हुआ जब पुलिस के एक दारोगा ने सड़क पर गाड़ी चेक करते वक़्त एक कार रोका वाद विवाद मे मालूम हुआ की चालक किसान है नियम तो चालान काटने का था पर दारोगा बाबू ने अजीब बयान दिया की किसान को कार से नही बैलगाड़ी से चलना है। आप की क्या राय varanasi varanasi News varanasi breaking News1
- Post by ज्वाला प्रसाद1
- मध्य प्रदेश से आए संगीतकार महिला के द्वारा भजन4
- हेडलाइंस: कलनुआ में श्रीमद भागवत कथा का पांचवां दिन सम्पन्न, व्यास पंडित राघवेंद्र प्रपन्नाचार्य ने सुनाया भक्ति का संदेश समाचार: भदोही जनपद के जंगीगंज स्थित कलनुआ गांव में चल रही श्रीमद भागवत कथा का पांचवां दिन व्यास पीठ से पंडित राघवेंद्र प्रपन्नाचार्य जी के मुखारविंद से श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ। कथा के दौरान आचार्य जी ने भगवान की भक्ति, धर्म और सदाचार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और उसे आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है। कथा श्रवण के लिए क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं और भक्ति भाव से कथा का रसपान कर रहे हैं। व्यास जी महाराज ने भगवान की लीलाओं का वर्णन करते हुए भक्तों को धर्म के मार्ग पर चलने और समाज में प्रेम व भाईचारे का संदेश दिया।1
- ज्ञानपुर कोतवाली प्रभारी अंजनी कुमार राय मौके पर पहुंचे। और भीम आर्मी के लोगों को समझा रहे, किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही, असली आराधी को गिरफ्तार कर दंड दिया जाएगा, कानून अपने हाथ में लेने की हिमाकत न करें लोग लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने पर कार्यवाही होगी इसे ध्यान में रखो3
- वाराणसी: दहेज हत्या मामले में ससुर गिरफ्तार, पति-सास पहले ही जा चुके हैं जेल वाराणसी, 10 मार्च। थाना कपसेठी पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मृतका के ससुर लल्ली यादव (60 वर्ष) निवासी ग्राम भगौतीपुर, थाना कपसेठी को मुखबिर की सूचना पर पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार इस मामले में मु0अ0सं0 033/2026 के तहत धारा 85/80(2) बीएनएस और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में मृतका के पति अच्छेलाल यादव और सास को पहले ही 6 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा जा चुका है। क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, वादिनी ने थाना कपसेठी में तहरीर देकर बताया कि उनकी पुत्री आंचल यादव का विवाह 17 मई 2025 को ग्राम भगौतीपुर निवासी अच्छेलाल यादव के साथ हुआ था। आरोप है कि विवाह के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर आंचल को प्रताड़ित करते थे और उसके साथ मारपीट करते थे। मौत से पहले मां को किया था फोन परिजनों के अनुसार, 4 मार्च 2026 को सुबह करीब 10 बजे आंचल यादव ने अपनी मां को फोन कर बताया था कि ससुराल के लोग उसे मार डालेंगे। इसके लगभग एक घंटे बाद ससुराल पक्ष ने फोन कर सूचना दी कि उसकी मौत हो गई है। सूचना मिलने पर मायके वाले मौके पर पहुंचे तो आंचल घर में मृत अवस्था में मिली। परिजनों ने दहेज की मांग को लेकर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच जारी पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पहले पति और सास को गिरफ्तार किया गया, जबकि अब ससुर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- ज्ञानपुर। थाना क्षेत्र ज्ञानपुर अंतर्गत ग्राम इब्राहिमपुर में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण को लेकर हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जिसमें एक वृद्धा की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम इब्राहिमपुर में ग्राम प्रधान द्वारा गांव के मुख्य रास्ते पर इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी रास्ते में मृतका चंद्रावती (65 वर्ष) पत्नी जितनारायण यादव का वर्षों पुराना पक्का दालान बना हुआ था। आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान दालान हटाने को लेकर पिछले एक सप्ताह से प्रधानपति और मृतका के परिवार के बीच विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि सोमवार की रात एक बार फिर इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी और झगड़ा हो गया। परिजनों का आरोप है कि प्रधानपति सहित पांच लोग उनके दरवाजे पर आकर विवाद करने लगे। इसी दौरान हुई धक्कामुक्की में चंद्रावती गिरकर बेहोश हो गईं। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल महाराजा चेतसिंह ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें ट्रामा सेंटर औराई रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के परिजनों ने विपक्षियों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए थाना ज्ञानपुर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, गांव में संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1