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बेतिया में पेड़ से लटकते मिले प्रेमी युगल, इलाके में सनसनी सिकटा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजा बेतिया में पेड़ से लटकते मिले प्रेमी युगल, इलाके में सनसनी सिकटा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजा
A9Bharat News
बेतिया में पेड़ से लटकते मिले प्रेमी युगल, इलाके में सनसनी सिकटा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजा बेतिया में पेड़ से लटकते मिले प्रेमी युगल, इलाके में सनसनी सिकटा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजा
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- नौतन विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को दोपहर करीब 1:00 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। यह कार्यक्रम आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री के आवास कठैया बिशुनपुरवा में आयोजित किया गया, जिसमें नौतन उत्तरी एवं दक्षिणी मंडल के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बेतिया के सांसद Sanjay Jaiswal शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम से संगठन को मजबूती मिलती है और कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा तथा कार्यशैली को समझने का अवसर मिलता है। इस दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री Narayan Prasad ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रशिक्षण के माध्यम से संगठन की नीतियों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण सत्र में संगठन की कार्यपद्धति, सेवा भावना और जनसंपर्क को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।1
- बेतिया में पेड़ से लटकते मिले प्रेमी युगल, इलाके में सनसनी सिकटा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजा1
- Post by Sadhana national News1
- माधोपुर, पश्चिम चंपारण: कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में रबी 2025-26 के तहत राई की फसल पर सीएफएलडी (तिलहन) का फील्ड डे कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. हर्षा बी आर, वैज्ञानिक (फसल उत्पादन), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा किया गया, जिन्होंने सीएफएलडी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. सौरभ दुबे, वैज्ञानिक (पादप संरक्षण), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. जग पाल, वैज्ञानिक (मत्स्य विज्ञान), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में 100 किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर किसानों को राजेंद्र सुफलम-1राई की किस्म के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें पेंडिमिथालिन का उपयोग खरपतवार नियंत्रण के लिए किया गया था, सल्फर का उपयोग बेसल डोज में 20 किग्रा/हेक्टेयर की दर से किया गया था, और इमिडाक्लोप्रिड का उपयोग एफिड नियंत्रण के लिए 1 मिली/3 लीटर पानी की दर से किया गया था। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने तकनीक पर अपने विचार व्यक्त किए, जिनमें विंद्या प्रसाद सिंह, शेषनारायण सिंह, और कामेश्वर पांडेय शामिल थे। उन्होंने बताया कि इस तकनीक के उपयोग से उनकी फसल की उत्पादकता में वृद्धि हुई है और उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ है।2
- Post by Akash Kumar1
- Bihar Motihari jila ramgarhwa prakhand bajar mirch dukaan bahut Sundar sabse achcha meet milta hai har kisi ka meet milta hai1
- सिकटा थाना क्षेत्र के सिरिसिया गांव में एक बेहद चौंकाने वाली घटना ने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया है। गांव के बगीचे में एक ही फंदे से पेड़ पर युवक और युवती का शव लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों मृतक युवक और युवती उसी गांव के निवासी थे। शुरुआती जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि यह आत्महत्या का मामला है या किसी ने हत्या कर शव को पेड़ पर लटका दिया है। गांव में अचानक यह दृश्य सामने आने से लोग दहल गए और सनसनी फैल गई। पुलिस ने घटनास्थल को घेर कर सुरक्षात्मक उपाय किए और प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर शवों की पहचान और कारणों की पुष्टि की जाएगी। प्रहरी अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और मृतकों के निजी जीवन की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि किसी तरह की आपसी रंजिश, दबाव या धमकी का इस घटना से कोई संबंध तो नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों मृतक काफी समय से एक-दूसरे के करीब थे और उनकी बीच प्रेम संबंध की चर्चा गांव में होती रहती थी। इस घटना ने परिवार और पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ शुरू कर दी है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच पूरी होने तक कोई जल्दी में अनुमान नहीं लगाया जाएगा। पुलिस की प्राथमिक जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना प्रेम प्रसंग में हुई आत्महत्या है या किसी ने योजना बनाकर दोनों की हत्या की और शव को पेड़ पर लटका दिया। सिरिसिया गांव की यह घटना न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए बल्कि आसपास के इलाकों के लिए भी चिंताजनक है। सभी लोग पुलिस की जांच और निष्पक्षता पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।1
- अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन, थाने का घेराव करने निकलीं सुखपुरा/बेरूआरबारी। सुखपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसंतपुर में अवैध शराब के खिलाफ ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले शराब के नशे में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद गांव की महिलाओं ने अवैध शराब के धंधे को बंद कराने का बीड़ा उठा लिया है। ग्राम सभा की सैकड़ों महिलाओं ने गांव में जहां-जहां अवैध शराब बनाई जाती थी, वहां पहुंचकर शराब बनाने के उपकरण और जहरीली दवाइयों को नष्ट कर दिया। इसके बाद सभी जब्त सामान को पंचायत के कोयला बीर बाबा स्थान पर एकत्रित किया गया। इस मामले को अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद दूसरे दिन सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस ने अवैध शराब के अड्डों पर छापेमारी भी की, लेकिन प्रशासन के हाथ कुछ नहीं लगा। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद गांव में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। महिलाओं ने गांव के ही किसन कश्यप (पुत्र भूलेसन कश्यप), अजय (पुत्र रामजी बिंद), मलीकार (पुत्र अमरदेव लाल) और विवेक (पुत्र दिनदयाल) पर खुलेआम शराब बेचने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आरोपितों को पुलिस का जरा भी भय नहीं है और वे पुलिस को ‘महीना’ देने की बात कहते हुए महिलाओं को झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी देते हैं। इसी आक्रोश में शुक्रवार को दर्जनों की संख्या में महिलाएं सुखपुरा थाना का घेराव करने के लिए निकल पड़ीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और महिलाओं को थाने जाने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि महिलाएं पुलिस को चकमा देकर गांव के बाहर खड़ी एक पिकअप पर सवार होकर थाना सुखपुरा की ओर रवाना हो गईं। आंदोलन का नेतृत्व करने वाली महिलाओं में चंपा देवी, गंगाजली देवी, मंजू देवी, आशा देवी, फूलपतिया, नन्हकी देवी, लीला, ज्योति और शिला सहित कई अन्य महिलाएं शामिल थीं। बलिया से विप्लव सिंह की रिपोर्ट।1