अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन, थाने का घेराव करने निकलीं अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन, थाने का घेराव करने निकलीं सुखपुरा/बेरूआरबारी। सुखपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसंतपुर में अवैध शराब के खिलाफ ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले शराब के नशे में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद गांव की महिलाओं ने अवैध शराब के धंधे को बंद कराने का बीड़ा उठा लिया है। ग्राम सभा की सैकड़ों महिलाओं ने गांव में जहां-जहां अवैध शराब बनाई जाती थी, वहां पहुंचकर शराब बनाने के उपकरण और जहरीली दवाइयों को नष्ट कर दिया। इसके बाद सभी जब्त सामान को पंचायत के कोयला बीर बाबा स्थान पर एकत्रित किया गया। इस मामले को अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद दूसरे दिन सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस ने अवैध शराब के अड्डों पर छापेमारी भी की, लेकिन प्रशासन के हाथ कुछ नहीं लगा। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद गांव में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। महिलाओं ने गांव के ही किसन कश्यप (पुत्र भूलेसन कश्यप), अजय (पुत्र रामजी बिंद), मलीकार (पुत्र अमरदेव लाल) और विवेक (पुत्र दिनदयाल) पर खुलेआम शराब बेचने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आरोपितों को पुलिस का जरा भी भय नहीं है और वे पुलिस को ‘महीना’ देने की बात कहते हुए महिलाओं को झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी देते हैं। इसी आक्रोश में शुक्रवार को दर्जनों की संख्या में महिलाएं सुखपुरा थाना का घेराव करने के लिए निकल पड़ीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और महिलाओं को थाने जाने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि महिलाएं पुलिस को चकमा देकर गांव के बाहर खड़ी एक पिकअप पर सवार होकर थाना सुखपुरा की ओर रवाना हो गईं। आंदोलन का नेतृत्व करने वाली महिलाओं में चंपा देवी, गंगाजली देवी, मंजू देवी, आशा देवी, फूलपतिया, नन्हकी देवी, लीला, ज्योति और शिला सहित कई अन्य महिलाएं शामिल थीं। बलिया से विप्लव सिंह की रिपोर्ट।
अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन, थाने का घेराव करने निकलीं अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन, थाने का घेराव करने निकलीं सुखपुरा/बेरूआरबारी। सुखपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसंतपुर में अवैध शराब के खिलाफ ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले शराब के नशे में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद गांव की महिलाओं ने अवैध शराब के धंधे को बंद कराने का बीड़ा उठा लिया है। ग्राम सभा की सैकड़ों महिलाओं ने गांव में जहां-जहां अवैध शराब बनाई जाती थी, वहां पहुंचकर शराब बनाने के उपकरण और जहरीली दवाइयों को नष्ट कर दिया। इसके बाद सभी जब्त सामान को पंचायत के कोयला बीर बाबा स्थान पर एकत्रित किया गया। इस मामले को अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद दूसरे दिन सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस ने अवैध शराब के अड्डों पर छापेमारी भी की, लेकिन प्रशासन के हाथ कुछ नहीं लगा। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद गांव में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। महिलाओं ने गांव के ही किसन कश्यप (पुत्र भूलेसन कश्यप), अजय (पुत्र रामजी बिंद), मलीकार (पुत्र अमरदेव लाल) और विवेक (पुत्र दिनदयाल) पर खुलेआम शराब बेचने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आरोपितों को पुलिस का जरा भी भय नहीं है और वे पुलिस को ‘महीना’ देने की बात कहते हुए महिलाओं को झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी देते हैं। इसी आक्रोश में शुक्रवार को दर्जनों की संख्या में महिलाएं सुखपुरा थाना का घेराव करने के लिए निकल पड़ीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और महिलाओं को थाने जाने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि महिलाएं पुलिस को चकमा देकर गांव के बाहर खड़ी एक पिकअप पर सवार होकर थाना सुखपुरा की ओर रवाना हो गईं। आंदोलन का नेतृत्व करने वाली महिलाओं में चंपा देवी, गंगाजली देवी, मंजू देवी, आशा देवी, फूलपतिया, नन्हकी देवी, लीला, ज्योति और शिला सहित कई अन्य महिलाएं शामिल थीं। बलिया से विप्लव सिंह की रिपोर्ट।
- अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन, थाने का घेराव करने निकलीं सुखपुरा/बेरूआरबारी। सुखपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसंतपुर में अवैध शराब के खिलाफ ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले शराब के नशे में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद गांव की महिलाओं ने अवैध शराब के धंधे को बंद कराने का बीड़ा उठा लिया है। ग्राम सभा की सैकड़ों महिलाओं ने गांव में जहां-जहां अवैध शराब बनाई जाती थी, वहां पहुंचकर शराब बनाने के उपकरण और जहरीली दवाइयों को नष्ट कर दिया। इसके बाद सभी जब्त सामान को पंचायत के कोयला बीर बाबा स्थान पर एकत्रित किया गया। इस मामले को अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद दूसरे दिन सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस ने अवैध शराब के अड्डों पर छापेमारी भी की, लेकिन प्रशासन के हाथ कुछ नहीं लगा। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद गांव में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। महिलाओं ने गांव के ही किसन कश्यप (पुत्र भूलेसन कश्यप), अजय (पुत्र रामजी बिंद), मलीकार (पुत्र अमरदेव लाल) और विवेक (पुत्र दिनदयाल) पर खुलेआम शराब बेचने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आरोपितों को पुलिस का जरा भी भय नहीं है और वे पुलिस को ‘महीना’ देने की बात कहते हुए महिलाओं को झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी देते हैं। इसी आक्रोश में शुक्रवार को दर्जनों की संख्या में महिलाएं सुखपुरा थाना का घेराव करने के लिए निकल पड़ीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और महिलाओं को थाने जाने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि महिलाएं पुलिस को चकमा देकर गांव के बाहर खड़ी एक पिकअप पर सवार होकर थाना सुखपुरा की ओर रवाना हो गईं। आंदोलन का नेतृत्व करने वाली महिलाओं में चंपा देवी, गंगाजली देवी, मंजू देवी, आशा देवी, फूलपतिया, नन्हकी देवी, लीला, ज्योति और शिला सहित कई अन्य महिलाएं शामिल थीं। बलिया से विप्लव सिंह की रिपोर्ट।1
- Post by Sadhana national News1
- बैरिया पंचायत सरकार भवन में लाइब्रेरी का उद्घाटन, छात्रों को मिलेगी पढ़ाई की बेहतर सुविधा बैरिया। बैरिया प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित बैरिया पंचायत सरकार भवन में शुक्रवार को दोपहर करीब चार बजे लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बैरिया प्रखंड विकास पदाधिकारी क्रमजीत राम ने फीता काटकर पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज की मजबूत नींव तैयार होती है और शिक्षित समाज ही विकास की दिशा तय करता है। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वे इस लाइब्रेरी का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और मन लगाकर पढ़ाई करें, ताकि भविष्य में समाज और क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई के दौरान छात्रों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पंचायत स्तर पर लाइब्रेरी की स्थापना होने से विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए बेहतर माहौल और संसाधन उपलब्ध होंगे। वहीं मुखिया नवीन कुमार ने बताया कि यह बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तकालय में फिलहाल 105 प्रकार की किताबें उपलब्ध कराई गई हैं और छात्रों की मांग के अनुसार आगे और पुस्तकें भी जोड़ी जाएंगी। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में एक साथ 26 छात्रों के बैठकर पढ़ने की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर संजय गुप्ता, केदार चौधरी, सुरेंद्र चौधरी, नौशाद आलम, अनिल सिंह, रामकिशन मुखिया, धीरेंद्र चौधरी, जवाहर यादव, मंगल चौधरी सहित कई अभिभावक व ग्रामीण मौजूद रहे।1
- माधोपुर, पश्चिम चंपारण: कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में रबी 2025-26 के तहत राई की फसल पर सीएफएलडी (तिलहन) का फील्ड डे कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. हर्षा बी आर, वैज्ञानिक (फसल उत्पादन), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा किया गया, जिन्होंने सीएफएलडी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. सौरभ दुबे, वैज्ञानिक (पादप संरक्षण), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. जग पाल, वैज्ञानिक (मत्स्य विज्ञान), कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में 100 किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर किसानों को राजेंद्र सुफलम-1राई की किस्म के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें पेंडिमिथालिन का उपयोग खरपतवार नियंत्रण के लिए किया गया था, सल्फर का उपयोग बेसल डोज में 20 किग्रा/हेक्टेयर की दर से किया गया था, और इमिडाक्लोप्रिड का उपयोग एफिड नियंत्रण के लिए 1 मिली/3 लीटर पानी की दर से किया गया था। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने तकनीक पर अपने विचार व्यक्त किए, जिनमें विंद्या प्रसाद सिंह, शेषनारायण सिंह, और कामेश्वर पांडेय शामिल थे। उन्होंने बताया कि इस तकनीक के उपयोग से उनकी फसल की उत्पादकता में वृद्धि हुई है और उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ है।2
- Post by Akash Kumar1
- नरकटियागंज जंक्शन रेलवे स्टेशन से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने रेलवे व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि स्टेशन के टिकट काउंटर पर तैनात एक कर्मचारी ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में दिखाई दे रहा है और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा और सुना जा सकता है कि काउंटर पर बैठा टिकट बाबू यात्रियों से उलझ रहा है और बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। यात्रियों का आरोप है कि कर्मचारी न केवल नशे में था बल्कि टिकट जारी करने में भी भारी लापरवाही बरत रहा था। कई यात्रियों को गलत टिकट दे दिया गया, तो कई लोगों से टिकट के नाम पर ज्यादा पैसे भी वसूल लिए गए। जब यात्रियों ने टिकट सही करने की बात कही और पैसों का हिसाब पूछा, तो कर्मचारी भड़क उठा और गाली-गलौज करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि टिकट काउंटर के पास काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लोग टिकट लेने के लिए लाइन में खड़े थे, लेकिन कर्मचारी की हरकतों के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। यात्रियों को टिकट बनवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और काउंटर पर काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। सबसे गंभीर बात यह है कि यह घटना ऐसे राज्य में सामने आई है जहाँ शराबबंदी कानून लागू है। बिहार में शराब पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद अगर कोई सरकारी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाया जाता है तो यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि यात्रियों के सम्मान और सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। सूत्रों के अनुसार वायरल वीडियो 6 मार्च की रात का बताया जा रहा है और यह नरकटियागंज जंक्शन के टिकट काउंटर का ही बताया जा रहा है। वीडियो में यह भी स्पष्ट सुनाई दे रहा है कि टिकट बाबू यात्रियों को मां-बहन की गालियाँ दे रहा है, जिससे वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए। बताया जा रहा है कि जब यात्री अपने गंतव्य के लिए टिकट लेने पहुंचे तो कर्मचारी कई बार किसी दूसरी जगह का टिकट काट देता था और पैसों का हिसाब भी ठीक से नहीं कर पा रहा था। यात्रियों का आरोप है कि इस पूरे मामले की जानकारी रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ को भी दी गई, लेकिन तत्काल कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आई। यही कारण है कि अब यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और लोग रेलवे प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब बिहार में सख्ती से शराबबंदी लागू है, तो रेलवे का एक कर्मचारी ड्यूटी के दौरान नशे में कैसे पाया गया? आखिर स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसी लापरवाही कैसे हो सकती है? और अगर यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है? फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग रेलवे विभाग से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता है, लेकिन सामने आई तस्वीरों और यात्रियों के आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। यात्रियों की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी यात्री को ऐसी परेशानी और अपमानजनक व्यवहार का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- सुगौली रेल पुलिस ने स्प्रिंग चाकू के साथ रेल परिसर से दो युवकों को किया गिरफ्तार, भेजा जेल।1
- संकहिया माई स्थान के पास 103 लीटर विदेशी शराब बरामद, बाइक जब्त1