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ग्राम छुलहा सतना जिले के अमरपाटन तहसील में स्थित है। यह Ginjara पंचायत के अंतर्गत आता है। छुलहा गांव रैगांव विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है और जनपद पंचायत नागौद के प्रशासनिक क्षेत्र में शामिल है। सतना जिले में स्थित यह गांव प्रशासनिक रूप से Ginjara पंचायत, रैगांव विधानसभा और नागौद जनपद पंचायत के अंतर्गत संचालित होता है।
Shiv Singh rajput dahiya journ
ग्राम छुलहा सतना जिले के अमरपाटन तहसील में स्थित है। यह Ginjara पंचायत के अंतर्गत आता है। छुलहा गांव रैगांव विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है और जनपद पंचायत नागौद के प्रशासनिक क्षेत्र में शामिल है। सतना जिले में स्थित यह गांव प्रशासनिक रूप से Ginjara पंचायत, रैगांव विधानसभा और नागौद जनपद पंचायत के अंतर्गत संचालित होता है।
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- सतना जिले के अमरपाटन स्थित ग्राम पंचायत मुकुंदपुर के वार्ड क्रमांक 2 की हरिजन बस्ती में ग्रामीण भारी पेयजल संकट और अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। करीब दो सौ लोगों की इस बस्ती के बीचों-बीच स्थित इकलौता हैंडपंप पिछले कई महीनों से खराब पड़ा हुआ है। इसके अलावा बस्ती में आधी-अधूरी बनी नाली हादसों को दावत दे रही है और इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। नाली और रोड का निर्माण पूरा न होने के कारण बारिश के बाद पूरी बस्ती में जलभराव की स्थिति बन जाती है। पानी की किल्लत के कारण महिलाओं को कीचड़ से होकर बस्ती से दूर स्थित दूसरे हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत के साथ-साथ 181 हेल्पलाइन पर भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि खराब पड़े हैंडपंप को तुरंत सुधारा जाए तथा अधूरी नाली और रोड का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के मौसम में ग्रामीणों को पानी की समस्या और आवागमन की दिक्कतों से निजात मिल सके।4
- सतना के बेला में 04 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक चलने वाले 'स्वैच्छिकता पर्व एवं दस्तक अभियान' के तहत शनिवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग, टीकाकरण, विटामिन-जिंक-ओआरएस का वितरण, वजन-लंबाई माप, कुपोषित बच्चों की पहचान और पोषण आहार पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि समिति के सदस्य घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का प्रयास करेंगे। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि दस्तक अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना और कुपोषण को जड़ से खत्म करना है। सभी ने मिलकर अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। मुख्य रूप से बैठक में ममता सिंह (ब्लॉक समन्वयक), संदीप वर्मा (अध्यक्ष, अस्तित्व पब्लिक वेलफेयर सोसाइटी बेला), राम प्रसाद साहू (पत्रकार), संगीता विश्वकर्मा (अध्यक्ष, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति), सौरभ सेन (सचिव), ओ.पी. तिवारी (सुपरवाइजर), सीएचओ प्रमोद सिंह, सीएचओ खुशबू सिंह, सीएचओ ललित सिंह, सीएचओ रजनी पटेल, प्रवीण कुशवाहा, पूजा दहिया (ANM), ममता शर्मा, मंजू वर्मा (नर्स) सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।4
- ग्राम ककरा की आंगनवाड़ी में बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि आंगनवाड़ी केंद्र में शासन द्वारा निर्धारित पोषण आहार उपलब्ध कराने की बजाय बच्चों को केवल नमक और पूड़ी परोसी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण आहार योजना संचालित की जा रही है, लेकिन ग्राम ककरा में योजना के क्रियान्वयन को लेकर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। मामले में शिवम स्व-सहायता समूह की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बच्चों को वास्तव में पौष्टिक आहार की जगह सिर्फ नमक-पूड़ी दी जा रही है तो यह बच्चों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर लापरवाही है। ग्रामीणों ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों सहित जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र का मौके पर निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के पोषण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है।2
- उदयपुर रोड मैहर का विकास तेज़ी से हो रहा है। यह विकास सतना जिले के मैहर उप-जिले में हो रहा है। इस विकास का मुख्य केंद्र उदयपुर रोड है, जहां पर कई परियोजनाएं चल रही हैं। इस विकास से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है और वे इस पहल की सराहना कर रहे हैं।1
- मैहर के स्वामी नीलकंठ ओइला आश्रम में पूज्य स्वामी श्री बम महाराज की प्रतिमा खंडित होने के मामले में विवाद गहरा गया है। आश्रम ट्रस्ट के सचिव सतेंद्र सिंह बघेल, सदस्य राजाराम तिवारी और कोषाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह गोलू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना को सुनियोजित बताया। ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार, महाराज जी की प्रतिमा पिछले एक साल से ज्यादा समय से आश्रम के भीतर सुरक्षित रखी हुई थी। बिना किसी को जानकारी दिए अचानक प्रतिमा की स्थापना कराने की बात सामने आई और फिर साजिश के तहत उसे खंडित कर दिया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह गोलू ने इस पूरे विवाद के लिए मैहर विधायक को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विधायक आश्रम की बेशकीमती जमीन को हड़पना चाहते हैं। इसी मकसद से प्रशासन पर दबाव बनाकर ट्रस्ट के कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है, ताकि मुद्दे से ध्यान भटकाकर आश्रम की बेसुमार संपत्ति में हेरफेर किया जा सके। इस घटना के बाद महाराज जी के भक्तों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है और पुलिस ने खंडित प्रतिमा समेत आश्रम से जुड़े इस गंभीर विवाद की जांच शुरू कर दी है।1
- मैहर माता मंदिर में बाढ़ आने का एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। पुलिस ने इस वायरल वीडियो की जांच के बाद इसे पूरी तरह से फर्जी करार दिया है। यह भ्रामक वीडियो 'अध्यात्म' नामक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था। AI तकनीक से तैयार किए गए इस फर्जी वीडियो के जरिए श्रद्धालुओं में गलत जानकारी फैलाई गई है।1