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मैहर के स्वामी नीलकंठ ओइला आश्रम में पूज्य स्वामी श्री बम महाराज की प्रतिमा खंडित होने के मामले में विवाद गहरा गया है। आश्रम ट्रस्ट के सचिव सतेंद्र सिंह बघेल, सदस्य राजाराम तिवारी और कोषाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह गोलू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना को सुनियोजित बताया। ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार, महाराज जी की प्रतिमा पिछले एक साल से ज्यादा समय से आश्रम के भीतर सुरक्षित रखी हुई थी। बिना किसी को जानकारी दिए अचानक प्रतिमा की स्थापना कराने की बात सामने आई और फिर साजिश के तहत उसे खंडित कर दिया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह गोलू ने इस पूरे विवाद के लिए मैहर विधायक को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विधायक आश्रम की बेशकीमती जमीन को हड़पना चाहते हैं। इसी मकसद से प्रशासन पर दबाव बनाकर ट्रस्ट के कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है, ताकि मुद्दे से ध्यान भटकाकर आश्रम की बेसुमार संपत्ति में हेरफेर किया जा सके। इस घटना के बाद महाराज जी के भक्तों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है और पुलिस ने खंडित प्रतिमा समेत आश्रम से जुड़े इस गंभीर विवाद की जांच शुरू कर दी है।

9 hrs ago
user_रोहित कुमार पाठक
रोहित कुमार पाठक
Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

मैहर के स्वामी नीलकंठ ओइला आश्रम में पूज्य स्वामी श्री बम महाराज की प्रतिमा खंडित होने के मामले में विवाद गहरा गया है। आश्रम ट्रस्ट के सचिव सतेंद्र सिंह बघेल, सदस्य राजाराम तिवारी और कोषाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह गोलू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना को सुनियोजित बताया। ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार, महाराज जी की प्रतिमा पिछले एक साल से ज्यादा समय से आश्रम के भीतर सुरक्षित रखी हुई थी। बिना किसी को जानकारी दिए अचानक प्रतिमा की स्थापना कराने की बात सामने आई और फिर साजिश के तहत उसे खंडित कर दिया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह गोलू ने इस पूरे विवाद के लिए मैहर विधायक को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विधायक आश्रम की बेशकीमती जमीन को हड़पना चाहते हैं। इसी मकसद से प्रशासन पर दबाव बनाकर ट्रस्ट के कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है, ताकि मुद्दे से ध्यान भटकाकर आश्रम की बेसुमार संपत्ति में हेरफेर किया जा सके। इस घटना के बाद महाराज जी के भक्तों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है और पुलिस ने खंडित प्रतिमा समेत आश्रम से जुड़े इस गंभीर विवाद की जांच शुरू कर दी है।

  • user_User4640
    User4640
    Barwani, Madhya Pradesh
    😤
    9 hrs ago
More news from Satna and nearby areas
  • उँचेहरा तहसीलदार कार्यालय परिसर की बाउंड्री के अंदर स्थित सार्वजनिक शौचालय आज अपनी बदहाल स्थिति के कारण लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। शौचालय के चारों ओर घनी झाड़ियाँ, गंदगी और अव्यवस्था इस कदर फैल चुकी है कि पूरा परिसर किसी जंगल जैसा दिखाई देता है। गौरतलब है कि इसी परिसर के सामने जनपद पंचायत कार्यालय, आईटीआई सहित कई शासकीय कार्यालय स्थित हैं, जहाँ प्रतिदिन हजारों महिला एवं पुरुष अपने कार्यों के लिए आते हैं। लेकिन सार्वजनिक शौचालय की जर्जर एवं गंदगी से भरी स्थिति के कारण लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों को उठानी पड़ रही है। यह स्थिति न केवल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि स्वच्छता अभियान और नागरिक सुविधाओं के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते शौचालय की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई और नियमित रखरखाव नहीं कराया गया तो भविष्य में यह स्थान दुर्घटनाओं एवं असामाजिक गतिविधियों का केंद्र भी बन सकता है। जनहित में मांग की जाती है कि सार्वजनिक शौचालय की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, आसपास उगी झाड़ियों को हटाया जाए, शौचालय को नियमित रूप से संचालित एवं स्वच्छ रखा जाए और महिलाओं एवं आम नागरिकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। स्वच्छ और सुरक्षित उँचेहरा, हम सबकी जिम्मेदारी है। अब प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
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    उँचेहरा तहसीलदार कार्यालय परिसर की बाउंड्री के अंदर स्थित सार्वजनिक शौचालय आज अपनी बदहाल स्थिति के कारण लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। शौचालय के चारों ओर घनी झाड़ियाँ, गंदगी और अव्यवस्था इस कदर फैल चुकी है कि पूरा परिसर किसी जंगल जैसा दिखाई देता है।

गौरतलब है कि इसी परिसर के सामने जनपद पंचायत कार्यालय, आईटीआई सहित कई शासकीय कार्यालय स्थित हैं, जहाँ प्रतिदिन हजारों महिला एवं पुरुष अपने कार्यों के लिए आते हैं। लेकिन सार्वजनिक शौचालय की जर्जर एवं गंदगी से भरी स्थिति के कारण लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों को उठानी पड़ रही है।

यह स्थिति न केवल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि स्वच्छता अभियान और नागरिक सुविधाओं के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते शौचालय की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई और नियमित रखरखाव नहीं कराया गया तो भविष्य में यह स्थान दुर्घटनाओं एवं असामाजिक गतिविधियों का केंद्र भी बन सकता है।

जनहित में मांग की जाती है कि सार्वजनिक शौचालय की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, आसपास उगी झाड़ियों को हटाया जाए, शौचालय को नियमित रूप से संचालित एवं स्वच्छ रखा जाए और महिलाओं एवं आम नागरिकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। स्वच्छ और सुरक्षित उँचेहरा, हम सबकी जिम्मेदारी है। अब प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    32 min ago
  • सतना शहर के गुप्ता पैलेस पुष्कर्णी पार्क कांड में फर्जी मेडिकल बनाने वाले मास्टरमाइंड अमित खरे का एक और कारनामा सामने आया है। जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक अमित खरे ने सुनियोजित तरीके से पांच लोगों को डंपर से कुचलवाकर मौत के घाट उतरवा दिया। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। जघन्य वारदात का पर्दाफाश होने के बाद मुख्य आरोपी अमित खरे को उसके साथियों के साथ जेल भेज दिया गया है।
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    सतना शहर के गुप्ता पैलेस पुष्कर्णी पार्क कांड में फर्जी मेडिकल बनाने वाले मास्टरमाइंड अमित खरे का एक और कारनामा सामने आया है। जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक अमित खरे ने सुनियोजित तरीके से पांच लोगों को डंपर से कुचलवाकर मौत के घाट उतरवा दिया।

पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। जघन्य वारदात का पर्दाफाश होने के बाद मुख्य आरोपी अमित खरे को उसके साथियों के साथ जेल भेज दिया गया है।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। देश के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक के रूप में उन्हें याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए गए हैं।
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    भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। देश के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक के रूप में उन्हें याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए गए हैं।
    user_Rajkumar patel
    Rajkumar patel
    अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अमरपाटन में संगठन के विरुद्ध सामूहिक रूप से अभद्र भाषा और अनर्गल टिप्पणी किए जाने को लेकर बजरंग दल ने अमरपाटन थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बजरंग दल के जिला सह संयोजक सुमित मिश्रा को बीती रात जानकारी मिली थी कि एक वाहन ने रास्ते में गाय का एक्सीडेंट कर दिया और इसी दौरान संगठन को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग व गाली-गलौज की गई। इस घटना के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अमरपाटन थाने पहुंचकर अभद्र व्यवहार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। जिला संयोजक और अमरपाटन प्रखंड अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि टिप्पणी करने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जिला मैहर के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता अमरपाटन थाने के सामने उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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    अमरपाटन में संगठन के विरुद्ध सामूहिक रूप से अभद्र भाषा और अनर्गल टिप्पणी किए जाने को लेकर बजरंग दल ने अमरपाटन थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बजरंग दल के जिला सह संयोजक सुमित मिश्रा को बीती रात जानकारी मिली थी कि एक वाहन ने रास्ते में गाय का एक्सीडेंट कर दिया और इसी दौरान संगठन को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग व गाली-गलौज की गई।

इस घटना के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अमरपाटन थाने पहुंचकर अभद्र व्यवहार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। जिला संयोजक और अमरपाटन प्रखंड अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि टिप्पणी करने वालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जिला मैहर के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता अमरपाटन थाने के सामने उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • सतना जिले के ग्राम छुलहा में मानसून की बारिश के कारण 900 मीटर का कच्चा रास्ता पूरी तरह दलदल में तब्दील हो गया है। इस वजह से स्कूली बच्चों, बीमार बुजुर्गों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस कच्चे मार्ग पर 'बेशरम के पौधे' लगाकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बारिश के कारण यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर गया है, जिससे बच्चों को घुटनों तक कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस समस्या को मुख्यमंत्री तक पहुँचाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया था। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस मार्ग को पक्का करवाने की माँग कर रहे हैं। उन्होंने सांसद, विधायक और कलेक्टर से भी गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि झूठे आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता। यह क्षेत्र मध्य प्रदेश शासन की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के रैगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। लगातार सामने आ रहे वीडियो और विरोध प्रदर्शनों के बाद स्थानीय जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का दोबारा आश्वासन दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रजातंत्र में जनता के पास अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, और वे अपनी इस मूलभूत आवश्यकता के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।
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    सतना जिले के ग्राम छुलहा में मानसून की बारिश के कारण 900 मीटर का कच्चा रास्ता पूरी तरह दलदल में तब्दील हो गया है। इस वजह से स्कूली बच्चों, बीमार बुजुर्गों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस कच्चे मार्ग पर 'बेशरम के पौधे' लगाकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बारिश के कारण यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर गया है, जिससे बच्चों को घुटनों तक कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। इस समस्या को मुख्यमंत्री तक पहुँचाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया था।

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस मार्ग को पक्का करवाने की माँग कर रहे हैं। उन्होंने सांसद, विधायक और कलेक्टर से भी गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि झूठे आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता।

यह क्षेत्र मध्य प्रदेश शासन की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के रैगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। लगातार सामने आ रहे वीडियो और विरोध प्रदर्शनों के बाद स्थानीय जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का दोबारा आश्वासन दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रजातंत्र में जनता के पास अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, और वे अपनी इस मूलभूत आवश्यकता के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।
    user_Sunil kumar dahiya
    Sunil kumar dahiya
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश में प्रजातंत्र की अवधारणा बदल चुकी है, जहाँ पब्लिक को मालिक माना जाता था, वहाँ अब परिभाषा बदल गई है। हाल ही में नागौद क्षेत्र में सड़क की मांग को लेकर बच्चों ने आंदोलन किया। लेकिन, फर्जी आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। आज तक एक ट्रॉली मुरम तक नहीं पड़ी। यह घटना ग्राम छुलहा में घटी, जो पंचायत गिनजारा के अंतर्गत आता है। यह पूरा मामला रैगांव विधानसभा क्षेत्र में है और जनपद पंचायत नागौद, सतना में स्थित है। मोदी यादव के राज में मूलभूत सुविधाओं से वंचित लोग अब फेल सरकार हटाओ, देश बचाओ का नारा बुलंद कर रहे हैं।
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    मध्य प्रदेश में प्रजातंत्र की अवधारणा बदल चुकी है, जहाँ पब्लिक को मालिक माना जाता था, वहाँ अब परिभाषा बदल गई है। हाल ही में नागौद क्षेत्र में सड़क की मांग को लेकर बच्चों ने आंदोलन किया। लेकिन, फर्जी आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। आज तक एक ट्रॉली मुरम तक नहीं पड़ी। यह घटना ग्राम छुलहा में घटी, जो पंचायत गिनजारा के अंतर्गत आता है। यह पूरा मामला रैगांव विधानसभा क्षेत्र में है और जनपद पंचायत नागौद, सतना में स्थित है। मोदी यादव के राज में मूलभूत सुविधाओं से वंचित लोग अब फेल सरकार हटाओ, देश बचाओ का नारा बुलंद कर रहे हैं।
    user_Kamlendra Kushwaha
    Kamlendra Kushwaha
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद में प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) इकाई द्वारा आयोजित एक परिचर्चा गोष्ठी में मुंशी प्रेमचंद के साहित्य, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों पर गहन विमर्श हुआ। यह आयोजन प्रेमचंद की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत अखंड ज्योति विद्यालय, इंदिरा नगर, नागौद में किया गया था। गोष्ठी के मुख्य अतिथि पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रेमचंद ने अपेक्षाकृत अल्प जीवन में जो विराट साहित्य-संपदा रची, वह हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएँ केवल कथाएँ नहीं, बल्कि भारतीय समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक यथार्थ का जीवंत दस्तावेज हैं। उनकी सहज भाषा, जीवन से जुड़े पात्र, गहरी मानवीय संवेदना और अंतर्निहित सामाजिक संदेश ही उनकी रचनाओं को कालजयी बनाते हैं। दाहिया ने 'नमक का दरोगा' और 'ईदगाह' जैसी कहानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रेमचंद का साहित्य मनोरंजन से कहीं आगे बढ़कर मूल्यबोध, सामाजिक चेतना और मानवीय नैतिकता का साहित्य है। यही कारण है कि उनकी रचनाएँ समय के साथ पुरानी नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि यदि आज़ादी से पूर्व के भारत का वास्तविक सामाजिक चित्र देखना हो, तो उसे प्रेमचंद के साहित्य में सहजता से देखा जा सकता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में रामलाल सिंह परिहार ने कहा कि प्रेमचंद को समझने के लिए उनके साहित्य को जीवनानुभवों के साथ जोड़कर पढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट लेखन का आधार गंभीर अध्ययन और सतत पठन है। साहित्यकार समाज का पथप्रदर्शक होता है और प्रेमचंद इस परंपरा के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि हैं। विशिष्ट अतिथि विजयशंकर चतुर्वेदी ने कहा कि प्रेमचंद भारतीय जनजीवन के सबसे विश्वसनीय कथाकार हैं। उन्होंने किसान, स्त्री, श्रमिक और समाज के उपेक्षित वर्गों के संघर्ष को साहित्य में अमर कर दिया। उन्होंने प्रेमचंद के प्रसिद्ध कथन 'साहित्य का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के आगे मशाल लेकर चलना है' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आज भी साहित्यकारों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद को सच्ची श्रद्धांजलि उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और उनके साहित्यिक अवदान को संरक्षित रखने में निहित है। कालिका त्रिपाठी ने अपनी कविता के माध्यम से प्रेमचंद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के उपेक्षित, वंचित और शोषित वर्गों को अपनी लेखनी का केंद्र बनाया। उनकी कहानियाँ आज भी सामाजिक विषमताओं, अन्याय और मानवीय संघर्ष की उतनी ही प्रामाणिक अभिव्यक्ति हैं, जितनी अपने समय में थीं। राजेंद्र सिंह परमार ने कहा कि हिंदी साहित्य में दलितों, किसानों और शोषित समाज के जीवन का जितना संवेदनशील एवं यथार्थपरक चित्रण प्रेमचंद ने किया, वह अप्रतिम है। रामहित त्रिपाठी ने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएँ मनुष्य के भीतर मानवीय मूल्यों को जागृत करती हैं और सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराती हैं। बालेंदु प्रभाकर मिश्र ने कहा कि प्रेमचंद केवल कथाकार नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के अग्रदूत थे। उन्होंने किसानों, श्रमिकों, दलितों और वंचित वर्गों की पीड़ा को साहित्य की मुख्यधारा में प्रतिष्ठित किया। अरुण पयासी ने कहा कि प्रेमचंद ने साहित्य को कल्पना के सीमित दायरे से निकालकर सामाजिक यथार्थ का दर्पण बनाया। उनका लेखन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि वैचारिक जागृति और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है। पी.के. अहिरवार ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य केवल अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि जीवन में आत्मसात किए जाने योग्य मूल्य-परंपरा है। उनके विचारों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर के. दाहिया, पुष्पेंद्र पाठक, सीताशरण परासर अमन त्रिपाठी तथा अनुपम दाहिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद में प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) इकाई द्वारा आयोजित एक परिचर्चा गोष्ठी में मुंशी प्रेमचंद के साहित्य, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों पर गहन विमर्श हुआ। यह आयोजन प्रेमचंद की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत अखंड ज्योति विद्यालय, इंदिरा नगर, नागौद में किया गया था।

गोष्ठी के मुख्य अतिथि पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रेमचंद ने अपेक्षाकृत अल्प जीवन में जो विराट साहित्य-संपदा रची, वह हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएँ केवल कथाएँ नहीं, बल्कि भारतीय समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक यथार्थ का जीवंत दस्तावेज हैं। उनकी सहज भाषा, जीवन से जुड़े पात्र, गहरी मानवीय संवेदना और अंतर्निहित सामाजिक संदेश ही उनकी रचनाओं को कालजयी बनाते हैं। दाहिया ने 'नमक का दरोगा' और 'ईदगाह' जैसी कहानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रेमचंद का साहित्य मनोरंजन से कहीं आगे बढ़कर मूल्यबोध, सामाजिक चेतना और मानवीय नैतिकता का साहित्य है। यही कारण है कि उनकी रचनाएँ समय के साथ पुरानी नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि यदि आज़ादी से पूर्व के भारत का वास्तविक सामाजिक चित्र देखना हो, तो उसे प्रेमचंद के साहित्य में सहजता से देखा जा सकता है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में रामलाल सिंह परिहार ने कहा कि प्रेमचंद को समझने के लिए उनके साहित्य को जीवनानुभवों के साथ जोड़कर पढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट लेखन का आधार गंभीर अध्ययन और सतत पठन है। साहित्यकार समाज का पथप्रदर्शक होता है और प्रेमचंद इस परंपरा के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि हैं। विशिष्ट अतिथि विजयशंकर चतुर्वेदी ने कहा कि प्रेमचंद भारतीय जनजीवन के सबसे विश्वसनीय कथाकार हैं। उन्होंने किसान, स्त्री, श्रमिक और समाज के उपेक्षित वर्गों के संघर्ष को साहित्य में अमर कर दिया। उन्होंने प्रेमचंद के प्रसिद्ध कथन 'साहित्य का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज के आगे मशाल लेकर चलना है' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आज भी साहित्यकारों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद को सच्ची श्रद्धांजलि उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और उनके साहित्यिक अवदान को संरक्षित रखने में निहित है।

कालिका त्रिपाठी ने अपनी कविता के माध्यम से प्रेमचंद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के उपेक्षित, वंचित और शोषित वर्गों को अपनी लेखनी का केंद्र बनाया। उनकी कहानियाँ आज भी सामाजिक विषमताओं, अन्याय और मानवीय संघर्ष की उतनी ही प्रामाणिक अभिव्यक्ति हैं, जितनी अपने समय में थीं। राजेंद्र सिंह परमार ने कहा कि हिंदी साहित्य में दलितों, किसानों और शोषित समाज के जीवन का जितना संवेदनशील एवं यथार्थपरक चित्रण प्रेमचंद ने किया, वह अप्रतिम है। रामहित त्रिपाठी ने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएँ मनुष्य के भीतर मानवीय मूल्यों को जागृत करती हैं और सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराती हैं।

बालेंदु प्रभाकर मिश्र ने कहा कि प्रेमचंद केवल कथाकार नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के अग्रदूत थे। उन्होंने किसानों, श्रमिकों, दलितों और वंचित वर्गों की पीड़ा को साहित्य की मुख्यधारा में प्रतिष्ठित किया। अरुण पयासी ने कहा कि प्रेमचंद ने साहित्य को कल्पना के सीमित दायरे से निकालकर सामाजिक यथार्थ का दर्पण बनाया। उनका लेखन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि वैचारिक जागृति और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है। पी.के. अहिरवार ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य केवल अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि जीवन में आत्मसात किए जाने योग्य मूल्य-परंपरा है। उनके विचारों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर के. दाहिया, पुष्पेंद्र पाठक, सीताशरण परासर अमन त्रिपाठी तथा अनुपम दाहिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
    user_अनुपम दाहिया
    अनुपम दाहिया
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मैहर जिले के ताला थाना अंतर्गत पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति के पास से 61.380 लीटर शराब और एक मोटरसाइकल जब्त की गई है। दिनांक 26.07.2026 को ताला थाना पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि भड़री गांव की तरफ से एक काले रंग की मोटरसाइकल में अवैध शराब लेकर दो व्यक्ति ताला-अमरपाटन मेन रोड की तरफ आ रहे हैं। मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी को अवगत कराया गया और भड़री मोड़ पर घेराबंदी की गई। थोड़ी देर में मुखबिर द्वारा बताए हुलिये के अनुसार काले रंग की मोटरसाइकल आती दिखाई दी। जिसे रोकने पर पीछे बैठा एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया, जबकि एक व्यक्ति को मौके पर पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम राकेश यादव निवासी रामगढ़ थाना ताला जिला मैहर बताया। राकेश यादव के कब्जे से देशी प्लेन और गोवा अंग्रेजी शराब कुल 61.380 लीटर कीमती ₹28,335 एवं मोटरसाइकल जब्त की गई। राकेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है और फरार आरोपी संदीप केवट की तलाश जारी है। जब्त की गई शराब में 300 नग पाउच प्रिंस लेमन देशी मदिरा प्लेन, प्रत्येक में 180 ML, कुल 54 लीटर, कीमती ₹22,800 और 41 शीशी गोवा व्हिस्की अंग्रेजी शराब, प्रत्येक में 180 ML, कुल 7.380 लीटर, कीमती ₹5,535 शामिल है। कुल शराब की मात्रा 61.380 लीटर और कुल कीमत ₹28,335 है। इसके अलावा एक मोटरसाइकल भी जब्त की गई है। इस कार्रवाई में निरी. महेन्द्र मिश्रा थाना प्रभारी ताला, प्र.आर. राकेश मिश्रा, प्र.आर. पंकज मिश्रा, प्र.आर. इच्छालाल तिवारी, आर. नागेन्द्र यादव, आर. वीरेन्द्र नागर, सै. धर्मदास दाहिया की सराहनीय भूमिका रही। मैहर पुलिस द्वारा अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने हेतु इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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    मैहर जिले के ताला थाना अंतर्गत पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति के पास से 61.380 लीटर शराब और एक मोटरसाइकल जब्त की गई है।

दिनांक 26.07.2026 को ताला थाना पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि भड़री गांव की तरफ से एक काले रंग की मोटरसाइकल में अवैध शराब लेकर दो व्यक्ति ताला-अमरपाटन मेन रोड की तरफ आ रहे हैं। मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी को अवगत कराया गया और भड़री मोड़ पर घेराबंदी की गई। थोड़ी देर में मुखबिर द्वारा बताए हुलिये के अनुसार काले रंग की मोटरसाइकल आती दिखाई दी। जिसे रोकने पर पीछे बैठा एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया, जबकि एक व्यक्ति को मौके पर पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम राकेश यादव निवासी रामगढ़ थाना ताला जिला मैहर बताया। राकेश यादव के कब्जे से देशी प्लेन और गोवा अंग्रेजी शराब कुल 61.380 लीटर कीमती ₹28,335 एवं मोटरसाइकल जब्त की गई। राकेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है और फरार आरोपी संदीप केवट की तलाश जारी है।

जब्त की गई शराब में 300 नग पाउच प्रिंस लेमन देशी मदिरा प्लेन, प्रत्येक में 180 ML, कुल 54 लीटर, कीमती ₹22,800 और 41 शीशी गोवा व्हिस्की अंग्रेजी शराब, प्रत्येक में 180 ML, कुल 7.380 लीटर, कीमती ₹5,535 शामिल है। कुल शराब की मात्रा 61.380 लीटर और कुल कीमत ₹28,335 है। इसके अलावा एक मोटरसाइकल भी जब्त की गई है।

इस कार्रवाई में निरी. महेन्द्र मिश्रा थाना प्रभारी ताला, प्र.आर. राकेश मिश्रा, प्र.आर. पंकज मिश्रा, प्र.आर. इच्छालाल तिवारी, आर. नागेन्द्र यादव, आर. वीरेन्द्र नागर, सै. धर्मदास दाहिया की सराहनीय भूमिका रही। मैहर पुलिस द्वारा अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने हेतु इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    41 min ago
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