राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की द्वितीय राष्ट्रीय बैठक छपरा में संपन्न, भोजपुरी भाषा के मानकीकरण समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर हुआ मंथन छपरा, बिहार। राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की द्वितीय राष्ट्रीय बैठक आज छपरा स्थित 'स्नेही भवन' में संपन्न हुई। बैठक में संगठन की राष्ट्रीय एवं प्रांतीय कार्यकारिणी के लगभग सभी प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ संगठन के विस्तार को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय समिति के विस्तार, में डॉ संध्या सिन्हा टाटानगर, को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सहित डॉ हेल्श कुमार सिंह बलिया डॉ संपत कुमार वाराणसी,डॉ अनिल कुमार गोरखपुर, श्री राजेश्वर प्रसाद गोपालगंज, डॉ उमेश कुमार गाजीपुर, श्री कमरुद्दीन अंसारी छपरा सहित दर्जन भर लोगों को स्थान दिया गया। दक्षिण बिहार एवं झारखंड की कार्यकारिणी के पुनर्गठन, उत्तर प्रदेश में एकल इकाई के गठन, पश्चिम बंगाल की इकाई की घोषणा, भोजपुरी भाषा के मानकीकरण की योजना, संगठन के कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण तथा पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित 7वें अधिवेशन की रूप रेखा तैयार करने जैसे प्रस्तावित विषयों पर विस्तृत विमर्श हुआ। चर्चा के उपरांत प्रस्तावित कार्यकारिणियों की घोषणा भी की गई। बैठक में संगठन के अध्यक्ष अशोक सिंह, उपाध्यक्ष गोरखनाथ यादव 'गुंजन', संगठन सचिव डॉ. जैनेन्द्र कुमार शुक्ल 'प्रभात', संगठन मंत्री जयहिंद साह, महामंत्री बृजमोहन अनाड़ी, संस्थापक सदस्य उमाशंकर साहू, संरक्षक सदस्य मूंगा लाल शास्त्री, कुमार कौशल, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, युवाध्यक्ष विभांक धर मिश्र, प्रांतीय संगठन मंत्री राकेश कुमार विद्यार्थी, कन्हैया लाल प्रसाद, हीरा लाल साव, मोहम्मद कमरुद्दीन अंसारी, राजू कुमार राय, मोहम्मद जुबैर कमर आदि सदस्य उपस्थित रहे। राष्ट्रीय युवा कार्यकारिणी की भी घोषणा बैठक के दौरान राष्ट्रीय युवा कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की गई। इसमें संगठन मंत्री सूर्यप्रकाश उपाध्याय, सह संगठन मंत्री रजनीश राय, संगठन सचिव जलज कुमार अनुपम, उपाध्यक्ष अखिलेश्वर पांडे तथा संयुक्त सचिव सुधीर त्रिपाठी को जिम्मेदारी दी गई। उत्तर बिहार कार्यकारिणी की भी घोषणा बैठक में उत्तर बिहार की कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई। इसमें अध्यक्ष के रूप में डॉ. सुनील कुमार, महामंत्री दिलीप सिंह, संगठन मंत्री राकेश सिंह विद्यार्थी, संगठन सचिव विक्रम चौधरी, उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता, गणपति सिंह गगन एवं डॉ. सुदर्शन यादव तथा संयुक्त सचिव के रूप में राजू राय को जिम्मेदारी दी गई है। पश्चिम बंगाल इकाई की कार्यकारिणी घोषित बैठक में राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान, पश्चिम बंगाल की कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई। घोषित कार्यकारिणी में संरक्षक के रूप में राणा प्रताप सिंह, जनरंजन सिंह उर्फ बुटी सिंह, गोपाल चौधरी, विनोद गुप्ता एवं मनोज सिंह आदर्श शामिल हैं। अध्यक्ष पद पर सुशील कुमार सिंह, उपाध्यक्ष पद पर उदयनारायण सिंह यादव, डॉ. एस. के. पाण्डेय, विजय सिंह एवं सवलिया प्रसाद तथा महासचिव के रूप में शिव शंकर सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। सचिव मंडल में वीरेन्द्र प्रसाद, शाहिद अली, गणेशनाथ तिवारी एवं रामपुकार सिंह शामिल हैं। संगठन मंत्री के रूप में अनिल कुमार सिंह, सह संगठन मंत्री चंदन तिवारी, संगठन सचिव चंदन कुमार, कोषाध्यक्ष सतीश चंद्र तथा सूचना एवं जनसंपर्क की जिम्मेदारी नन्द जी सिंह एवं आनंद साव, नैहटी को दी गई है। प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में त्रिभुवन मिश्रा, नरसिंह साह (खरदा), अभिमन्यु ओझा, अरुण गुप्ता, नरेन्द्र सिंह, जय कुमार, उमेश तिवारी, सतीश कुमार सिंह, राजेश कुमार पाण्डेय, मनोज कुमार साव, नारायण साव (खरदा), अखिलेश सिंह, मुन्ना सिंह एवं राजेश दास के नाम शामिल हैं। महिला एवं युवा प्रकोष्ठ में महिला अध्यक्ष सबिता तिवारी, महिला महासचिव पूनम सिंह, महिला संगठन मंत्री गीता साह, युवा अध्यक्ष करण सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष मनीष सिंह, महासचिव चंदन कुमार (नैहटी), संगठन मंत्री विक्की सिंह, सह संगठन मंत्री विकास प्रसाद तथा प्रांतीय मंत्री रोहित सिंह एवं मनीष सिंह को दायित्व सौंपा गया है। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने बंगाल में प्रस्तावित 7वें अधिवेशन को भोजपुरी भाषा को व्यापक स्तर पर स्थापित करने, इसके मानकीकरण, साहित्यिक विकास एवं प्रचार-प्रसार को गति देने तथा संगठन को विभिन्न राज्यों में और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया । कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी आगे की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की द्वितीय राष्ट्रीय बैठक छपरा में संपन्न, भोजपुरी भाषा के मानकीकरण समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर हुआ मंथन छपरा, बिहार। राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान की द्वितीय राष्ट्रीय बैठक आज छपरा स्थित 'स्नेही भवन' में संपन्न हुई। बैठक में संगठन की राष्ट्रीय एवं प्रांतीय कार्यकारिणी के लगभग सभी प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ संगठन के विस्तार को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय समिति के विस्तार, में डॉ संध्या सिन्हा टाटानगर, को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सहित डॉ हेल्श कुमार सिंह बलिया डॉ संपत कुमार वाराणसी,डॉ अनिल कुमार गोरखपुर, श्री राजेश्वर प्रसाद गोपालगंज, डॉ उमेश कुमार गाजीपुर, श्री कमरुद्दीन अंसारी छपरा सहित दर्जन भर लोगों को स्थान दिया गया। दक्षिण बिहार एवं झारखंड की कार्यकारिणी के पुनर्गठन, उत्तर प्रदेश में एकल इकाई के गठन, पश्चिम बंगाल की इकाई की घोषणा, भोजपुरी भाषा के मानकीकरण की योजना, संगठन के कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण तथा पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित 7वें अधिवेशन की रूप रेखा तैयार करने जैसे प्रस्तावित विषयों पर विस्तृत विमर्श हुआ। चर्चा के उपरांत प्रस्तावित कार्यकारिणियों की घोषणा भी की गई। बैठक में संगठन के अध्यक्ष अशोक सिंह, उपाध्यक्ष गोरखनाथ यादव 'गुंजन', संगठन सचिव डॉ. जैनेन्द्र कुमार शुक्ल 'प्रभात', संगठन मंत्री जयहिंद साह, महामंत्री बृजमोहन अनाड़ी, संस्थापक सदस्य उमाशंकर साहू, संरक्षक सदस्य मूंगा लाल शास्त्री, कुमार कौशल, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, युवाध्यक्ष विभांक धर मिश्र, प्रांतीय संगठन मंत्री राकेश कुमार विद्यार्थी, कन्हैया लाल प्रसाद, हीरा लाल साव, मोहम्मद कमरुद्दीन अंसारी, राजू कुमार राय, मोहम्मद जुबैर कमर आदि सदस्य उपस्थित रहे। राष्ट्रीय युवा कार्यकारिणी की भी घोषणा बैठक के दौरान राष्ट्रीय युवा कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की गई। इसमें संगठन मंत्री सूर्यप्रकाश उपाध्याय, सह संगठन मंत्री रजनीश राय, संगठन सचिव जलज कुमार अनुपम, उपाध्यक्ष अखिलेश्वर पांडे तथा संयुक्त सचिव सुधीर त्रिपाठी को जिम्मेदारी दी गई। उत्तर बिहार कार्यकारिणी की भी घोषणा बैठक में उत्तर बिहार की कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई। इसमें अध्यक्ष के रूप में डॉ. सुनील कुमार, महामंत्री दिलीप सिंह, संगठन मंत्री राकेश सिंह विद्यार्थी, संगठन सचिव विक्रम चौधरी, उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता, गणपति सिंह गगन एवं डॉ. सुदर्शन यादव तथा संयुक्त सचिव के रूप में राजू राय को जिम्मेदारी दी गई है। पश्चिम बंगाल इकाई की कार्यकारिणी घोषित बैठक में राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान, पश्चिम बंगाल की कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई। घोषित कार्यकारिणी में संरक्षक के रूप में राणा प्रताप सिंह, जनरंजन सिंह उर्फ बुटी सिंह, गोपाल चौधरी, विनोद गुप्ता एवं मनोज सिंह आदर्श शामिल हैं। अध्यक्ष पद पर सुशील कुमार सिंह, उपाध्यक्ष पद पर उदयनारायण सिंह यादव, डॉ. एस. के. पाण्डेय, विजय सिंह एवं सवलिया प्रसाद तथा महासचिव के रूप में शिव शंकर सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। सचिव मंडल में वीरेन्द्र प्रसाद, शाहिद अली, गणेशनाथ तिवारी एवं रामपुकार सिंह शामिल हैं। संगठन मंत्री के रूप में अनिल कुमार सिंह, सह संगठन मंत्री चंदन तिवारी, संगठन सचिव चंदन कुमार, कोषाध्यक्ष सतीश चंद्र तथा सूचना एवं जनसंपर्क की जिम्मेदारी नन्द जी सिंह एवं आनंद साव, नैहटी को दी गई है। प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में त्रिभुवन मिश्रा, नरसिंह साह (खरदा), अभिमन्यु ओझा, अरुण गुप्ता, नरेन्द्र सिंह, जय कुमार, उमेश तिवारी, सतीश कुमार सिंह, राजेश कुमार पाण्डेय, मनोज कुमार साव, नारायण साव (खरदा), अखिलेश सिंह, मुन्ना सिंह एवं राजेश दास के नाम शामिल हैं। महिला एवं युवा प्रकोष्ठ में महिला अध्यक्ष सबिता तिवारी, महिला महासचिव पूनम सिंह, महिला संगठन मंत्री गीता साह, युवा अध्यक्ष करण सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष मनीष सिंह, महासचिव चंदन कुमार (नैहटी), संगठन मंत्री विक्की सिंह, सह संगठन मंत्री विकास प्रसाद तथा प्रांतीय मंत्री रोहित सिंह एवं मनीष सिंह को दायित्व सौंपा गया है। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने बंगाल में प्रस्तावित 7वें अधिवेशन को भोजपुरी भाषा को व्यापक स्तर पर स्थापित करने, इसके मानकीकरण, साहित्यिक विकास एवं प्रचार-प्रसार को गति देने तथा संगठन को विभिन्न राज्यों में और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया । कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी आगे की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
- गोपालगंज में पेट दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला की मौत, इलाज में लापरवाही का आरोप, अस्पताल में परिजनों का हंगामा! गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना के बसहाँ मोड़ स्थित मां सरस्वती क्लिनिक में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान क्लिनिक के एक स्टाफ के चोटिल होने की भी बात सामने आई है। घटना के बाद डॉक्टर के क्लिनिक छोड़कर फरार होने की सूचना है। बताया जाता है कि सोमवार की सुबह करीब 10 बजे तीज पर्व के दौरान बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के बसहाँ गांव निवासी शिवजी महतो की पत्नी प्रियंका देवी को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें इलाज के लिए बसहाँ स्थित मां सरस्वती क्लिनिक लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने महिला का उपचार शुरू किया। हालांकि महिला की स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार एंबुलेंस से महिला को दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन महिला के शव को वापस क्लिनिक लेकर पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।1
- hamare baliwan sagar gaun me road par jaljamao se am nagriko ko aane jane me ho rahi paresani1
- खड्डा समेत तीन पंचायतों में लगा सहयोग शिविर, --- शिविर में ग्रामीणों ने रखी समस्याएं । नौतन: प्रखंड की खड्डा, बैकुंठवा और धुमनगर पंचायत में मंगलवार को सहयोग शिविर लगाया गया। बिहार सरकार के निर्देश पर आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों के कर्मियों ने पंचायत स्तर पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की। शिविर में प्रखंड आपूर्ति कार्यालय, बिजली विभाग, जीविका समेत अन्य विभागों के काउंटर लगाए गए थे। आपूर्ति विभाग के डीलर रामेश्वर प्रसाद और दीपक कुमार ने ग्रामीणों से राशन व जनवितरण प्रणाली से जुड़ी शिकायतें सुनीं। बिजली विभाग के काउंटर पर बिजली बिल, कनेक्शन और अन्य विद्युत संबंधी समस्याएं दर्ज की गईं।जीविका कैडर ने महिलाओं को स्वयं सहायता समूह, स्वरोजगार और जीविका की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। बीडीओ गिरधारी लाल बीईओ रियाज अहमद,सीओ अलका कुमारी आदि ने शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी काउंटरों पर पहुंचकर अधिकारियों और कर्मियों से जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश दिया।इस बीच खड्डा पंचायत में मुखिया पुत्र राहुल शर्मा बैकुंठवा मुखिया अफरोज नैयर धुमनगर के भोला साह आदि जनप्रतिनिधि शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के निराकरण की बात कही। मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद रहे।1
- बारिश में रेनकट से टूटी सड़क, हादसे का बढ़ा खतरा। — बड़े वाहनों के पलटने और बाइक-साइकिल सवारों के गिरने की आशंका, ग्रामीणों ने मरम्मत की मांग की। नौतन।। प्रखंड के श्यामपुर कोतराहां पंचायत के रामनगर गांव से रामनगर-बैरिया बिन टोली-त्रिभुवान घाट जाने वाली सड़क बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। वार्ड नंबर 05 के पास सड़क में रेनकट होने से सड़क का एक हिस्सा टूट गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है।ग्रामीण परमानंद चौरसिया, कुंदन कुमार व शिवधर मुखिया ने बताया कि उक्त सड़क का निर्माण करीब एक वर्ष पहले मुख्यमंत्री संपर्क योजना के तहत कराया गया था। बारिश के दौरान सड़क के किनारे रेनकट होने से सड़क टूट गई है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क टूटने के कारण बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान उनके पलटने की आशंका बनी हुई है। वहीं रात के समय बाइक व साइकिल से गुजरने वाले लोगों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और रेनकट वाले हिस्से को दुरुस्त कराने की मांग की है।4
- बैकुंठवा में लगा सहयोग शिविर, ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन नौतन। प्रखंड क्षेत्र के बैकुंठवा पंचायत में मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पंचायत के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन एवं शिकायतें अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखीं। इस दौरान जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके समाधान के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया गया। मुखिया अफरोज नय्यर ने कहा कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी दी तथा प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मौके पर बीएओ नेहा राज, पंचायत सचिव नगीना पासवान सहित अन्य कर्मी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- शिक्षा विभाग, खेल विभाग एवं बिहार राज्य खेल प्रतियोगिता की तैयारी शुरू हो गई है। 15 September. मास्टर ट्रेनरों की टीम द्वारा जिला ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज से किया गया। 15.09.2026.1
- 40 हजार के लैपटॉप की जगह 250 रुपये के सेंचुरी पेपर! फ्लिपकार्ट की ऑनलाइन डिलीवरी पर उठे सवाल पश्चिम चंपारण के गौनाहा से ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फ्लिपकार्ट से करीब 40 हजार रुपये का लैपटॉप ऑर्डर करने वाले ग्राहक को लैपटॉप की जगह सेंचुरी पेपर के दो पैकेट मिलने का आरोप है। घटना के बाद ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी व्यवस्था को लेकर ग्राहक के भरोसे पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला सहोदरा थाना क्षेत्र के जमुनिया का है। यहां न्यू सनराइज पब्लिक स्कूल के संचालक चंदू कुमार ने आरोप लगाया है कि उन्होंने फ्लिपकार्ट से करीब 40 हजार रुपये का लैपटॉप ऑनलाइन ऑर्डर किया था। ऑर्डर की डिलीवरी छह सितंबर को होनी थी, लेकिन कथित तौर पर 13 सितंबर की दोपहर डिलीवरी मैन बिपुल यादव पार्सल लेकर उनके घर पहुंचे। चंदू कुमार के मुताबिक, ऑर्डर ओपन बॉक्स डिलीवरी का था। पार्सल की सील उन्हें पहले से ही कुटी हुई नजर आई, जिससे उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने पैकेट खोलने की पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। पैकेट खुला तो अंदर का नजारा देखकर वह हैरान रह गए। करीब 40 हजार रुपये के लैपटॉप की जगह सेंचुरी पेपर के दो पैकेट निकले, जिनकी कीमत करीब 250 रुपये बताई जा रही है। चंदू कुमार का कहना है कि लैपटॉप की पूरी रकम उन्होंने पहले ही क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर दी थी। मामला सामने आने के बाद उन्होंने डिलीवरी मैन को रोक लिया और नरकटियागंज हब के जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाया। सूचना पर ईकार्ट हब के मालिक चंदन कुमार मिश्रा, सेकेंड इंचार्ज प्रियांशु कुमार, राहुल और शिवबच्चन मौके पर पहुंचे। हालांकि, हब अधिकारियों ने अपने स्तर से किसी तरह की गड़बड़ी होने से इनकार किया। हब मालिक चंदन कुमार मिश्रा ने चंदू कुमार को रविवार शाम तक राशि वापस होने का आश्वासन दिया। साथ ही यह भी कहा कि आखिर लैपटॉप की जगह सेंचुरी पेपर पार्सल में किस स्तर पर पहुंचा, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक वजह सामने आने की बात कही गई है। चंदू कुमार ने यह भी दावा किया कि ऑनलाइन स्टेटस के अनुसार पार्सल छह सितंबर से ही नरकटियागंज हब में उपलब्ध था। इसके बावजूद करीब सात दिन बाद जमुनिया में डिलीवरी की गई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर ग्राहक ने लैपटॉप ऑर्डर किया था, तो पैकेट के अंदर A4 साइज के पेपर के दो पैकेट कैसे पहुंच गए? पार्सल के साथ छेड़छाड़ हुई या पैकिंग के स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से ग्राहक उम्मीद करता है कि उसे ऑर्डर किया गया वही उत्पाद सुरक्षित तरीके से मिले। लेकिन इस मामले में लैपटॉप की जगह पेपर मिलने के आरोप ने ऑनलाइन खरीदारी और डिलीवरी सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल ग्राहक ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि जांच में सामने क्या आता है और ग्राहक को उसकी करीब 40 हजार रुपये की रकम कब तक वापस मिलती है।1
- गोपालगंज में नदी से 12 दिन बाद मिला शव, मचा कोहराम, पशु को पूँछ पकड़कर नदी पार करने के दौरान डूबा था वृद्ध गोपालगंज जिले के उचकागांव अंतर्गत उजरा नारायणपुर गांव से होकर गुजरने वाली दाहा नदी में डूबे 70 वर्षीय वृद्ध का घटना के 12 दिन बाद सोमवार को शव ग्रामीणों ने नदी से बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि उचकागांव थाना क्षेत्र के उजरा नारायणपुर गांव निवासी लगभग 70 वर्षीय वृद्ध राम इकबाल चौधरी दो सितंबर की दोपहर भैंस चराने के लिए गांव के अपने साथी ललन चौधरी के साथ घर से नदी की तरफ गए हुए थे। दोनों लोगों ने नदी के दूसरी तरफ सियरूहां सियारामपुर गांव के चंवर में भैंस को चराने के लिए भैंस की पूंछ पकड़ कर नदी पार करने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान उनके साथी ललन चौधरी अपनी भैंस की पूंछ पकड़कर पहले नदी पार कर लिए परंतु जैसे ही राम इकबाल चौधरी अपनी भैंस की पूंछ पकड़कर नदी पार करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान भैंस की पूछ से हाथ छूट जाने के बाद वे दाहा नदी की तेज बहाव में बहते हुए गहरे पानी में डूबने लगे। इसके बाद मामले की सूचना ललन चौधरी द्वारा ग्रामीणों को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीण तैराकों द्वारा नदी में डूबे राम इकबाल चौधरी को ढूंढने का काफी प्रयास किया गया। परंतु उनका कोई पता नहीं चल सका। इसी दौरान सोमवार के दिन उचकागांव थाना क्षेत्र के बलिभद्रपट्टी गांव के समीप दाहा नदी में मछली पकड़ने के लिए लगाए गए जाल में मछुआरों ने फंसे एक वृद्ध के शव को देखा। जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दी गई। जाल में फंसे वृद्ध के शव की पहचान उचकागांव थाना क्षेत्र के उजरा नारायणपुर गांव के राम इकबाल चौधरी के रूप में की गई। मामले की सूचना मृतक के स्वजन को मिलते ही वहां चीख-पुकार मच गई। वहीं पोस्टमार्टम कराने के बाद वृद्ध के शव को स्वजन को सौंप दिया गया। जहां स्वजन व ग्रामीणों की देखरेख मृतक का दाह संस्कार कर दिया गया।1