logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

नवीन जिन्दल फाउंडेशन द्वारा संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट ने 22 जून को रादौर के बहादुरपुरा और जयपुर गांवों में नि:शुल्क चिकित्सा सुविधाओं के साथ एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस दौरान शिविर में कुल 101 मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं और 9 लोगों का रक्त परीक्षण भी मौके पर ही किया गया। डॉ. प्रमोद ने शिविर में उपस्थित लोगों की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। उन्होंने रक्तचाप और मधुमेह सहित विभिन्न सामान्य बीमारियों की जांच भी की। इस अवसर पर, सांसद नवीन जिन्दल के संसदीय कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह मोबाइल मेडिकल यूनिट सांसद नवीन जिन्दल की पहल पर चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य गांवों और कस्बों में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। यूनिट की टीम ग्रामीणों को पौष्टिक भोजन करने, साफ-सफाई बनाए रखने, नियमित व्यायाम करने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देती है।

10 hrs ago
user_Pardeep kamboj
Pardeep kamboj
रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
10 hrs ago
72007b87-c988-44f4-b3f2-26e8306c6ef8

नवीन जिन्दल फाउंडेशन द्वारा संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट ने 22 जून को रादौर के बहादुरपुरा और जयपुर गांवों में नि:शुल्क चिकित्सा सुविधाओं के साथ एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस दौरान शिविर में कुल 101 मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं और 9 लोगों का रक्त परीक्षण भी मौके पर ही किया गया। डॉ. प्रमोद ने शिविर में उपस्थित लोगों की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। उन्होंने रक्तचाप और मधुमेह सहित विभिन्न सामान्य बीमारियों की जांच भी की। इस अवसर पर, सांसद नवीन जिन्दल के संसदीय कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह मोबाइल मेडिकल यूनिट सांसद नवीन जिन्दल की पहल पर चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य गांवों और कस्बों में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। यूनिट की टीम ग्रामीणों को पौष्टिक भोजन करने, साफ-सफाई बनाए रखने, नियमित व्यायाम करने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देती है।

More news from हरियाणा and nearby areas
  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता आयोजित की है। इस सूचना को साझा करते हुए सकारात्मकता और उत्साह व्यक्त किया गया है।
    1
    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता आयोजित की है। इस सूचना को साझा करते हुए सकारात्मकता और उत्साह व्यक्त किया गया है।
    user_Gulshan Dhiman
    Gulshan Dhiman
    रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    11 hrs ago
  • यमुनानगर जिले के रादौर स्थित छोटा बांस की डेहा बस्ती से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बस्ती निवासी अपना सामान लेकर विभिन्न क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं। लोग टेंपो, छोटा हाथी और कैंटर जैसे वाहनों से दड़वा, कांसापुर, लाडवा, इंद्री, करनाल और ताजेवाला जैसे स्थानों पर जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर लोगों को सामान उतारने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा और अब वे अन्य स्थानों की तलाश कर रहे हैं। इसी दौरान, पिछले दिनों मीडिया में काफी चर्चा में रहे डेहा बस्ती के पिटबुल कुत्ते की भी मौत की सूचना मिली है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भीषण गर्मी, बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बदलती परिस्थितियों के कारण कुत्ते की हालत बिगड़ गई थी। हालांकि, उसकी मौत के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
    1
    यमुनानगर जिले के रादौर स्थित छोटा बांस की डेहा बस्ती से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बस्ती निवासी अपना सामान लेकर विभिन्न क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं।

लोग टेंपो, छोटा हाथी और कैंटर जैसे वाहनों से दड़वा, कांसापुर, लाडवा, इंद्री, करनाल और ताजेवाला जैसे स्थानों पर जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर लोगों को सामान उतारने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा और अब वे अन्य स्थानों की तलाश कर रहे हैं।

इसी दौरान, पिछले दिनों मीडिया में काफी चर्चा में रहे डेहा बस्ती के पिटबुल कुत्ते की भी मौत की सूचना मिली है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि भीषण गर्मी, बिजली आपूर्ति बाधित रहने और बदलती परिस्थितियों के कारण कुत्ते की हालत बिगड़ गई थी। हालांकि, उसकी मौत के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
    user_Radaur Yamunanagar News 24x7
    Radaur Yamunanagar News 24x7
    Local News Reporter रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    17 hrs ago
  • हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अप्राकृतिक यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल प्रभाव से दो एएसआई (Assistant Sub-Inspector) और एक होमगार्ड को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, इस पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है।
    1
    हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अप्राकृतिक यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल प्रभाव से दो एएसआई (Assistant Sub-Inspector) और एक होमगार्ड को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, इस पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है।
    user_मिस सोनिया
    मिस सोनिया
    Lawyer नकुड़, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • हरियाणा के मुलाना स्थित गोला गांव में बरसाती सीजन सिर पर होने के बावजूद बेगना नदी की डीसिल्टिंग (गाद निकालने) और खुदाई का काम सर्वे के फेर में फंसा है। ग्रामीणों को आशंका है कि सिंचाई एवं संबंधित विभाग की लेटलतीफी के चलते इस बार भी पिछले साल जैसे बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बेगना नदी का टेंडर तो हो चुका है, लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ है, जबकि साल 2025 में 25 मई को ही नदी में उफान आ गया था। ग्रामीणों ने विभाग की सुस्ती पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा साल बीत जाने के बाद भी पानी की समय पर निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बलजिन्द्र सिंह, स्वर्ण सिंह, बलदेव सिंह, गुरकैम सिंह, सोहन सिंह और राकेश जैसे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी केवल गांव में पानी आने के बाद ही दिखाई देते हैं, उससे पहले उनकी उपस्थिति नहीं होती। ग्रामीणों ने गांव को बेगना के पानी से बचाने के लिए हर कार्यालय में शिकायतें सौंपी हैं। करीब दो हफ्ते पहले, विभाग की इस ढिलाई से परेशान गोला गांव के लोग मुख्यमंत्री नायब सैनी से शिकायत करने पहुँचे। ग्रामीण देसराज के अनुसार, मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को फोन कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए, जिसके बाद कुछ ही दिनों के भीतर नदी का टेंडर हो गया। हालांकि, टेंडर होने के बावजूद धरातल पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। गौरतलब है कि बरसाती सीजन में बेगना नदी का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों और गांव तक पहुँच जाता है, जिससे गोला, गोली, टमनौली, नहौनी, शेरपुर और साबांपुर जैसे कई गाँवों में जल प्रलय जैसी तबाही मचती है। इससे किसानों की फसलें जलमग्न हो जाती हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गोला गांव में गलियाँ डूब जाती हैं, घरों में पानी घुस जाता है और संक्रामक बीमारियों के साथ-साथ घरों में सांप निकलने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे ग्रामीणों को रात भर जागना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर खुदाई का काम पूरा होने से पहले ही बरसात शुरू हो गई, तो इस टेंडर का कोई औचित्य नहीं रहेगा। गोला गांव की सरपंच जसप्रीत कौर ने उम्मीद जताई है कि काम जल्द शुरू होगा ताकि ग्रामीणों को समस्या का सामना न करना पड़े।
    2
    हरियाणा के मुलाना स्थित गोला गांव में बरसाती सीजन सिर पर होने के बावजूद बेगना नदी की डीसिल्टिंग (गाद निकालने) और खुदाई का काम सर्वे के फेर में फंसा है। ग्रामीणों को आशंका है कि सिंचाई एवं संबंधित विभाग की लेटलतीफी के चलते इस बार भी पिछले साल जैसे बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बेगना नदी का टेंडर तो हो चुका है, लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ है, जबकि साल 2025 में 25 मई को ही नदी में उफान आ गया था।

ग्रामीणों ने विभाग की सुस्ती पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा साल बीत जाने के बाद भी पानी की समय पर निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बलजिन्द्र सिंह, स्वर्ण सिंह, बलदेव सिंह, गुरकैम सिंह, सोहन सिंह और राकेश जैसे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी केवल गांव में पानी आने के बाद ही दिखाई देते हैं, उससे पहले उनकी उपस्थिति नहीं होती। ग्रामीणों ने गांव को बेगना के पानी से बचाने के लिए हर कार्यालय में शिकायतें सौंपी हैं।

करीब दो हफ्ते पहले, विभाग की इस ढिलाई से परेशान गोला गांव के लोग मुख्यमंत्री नायब सैनी से शिकायत करने पहुँचे। ग्रामीण देसराज के अनुसार, मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को फोन कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए, जिसके बाद कुछ ही दिनों के भीतर नदी का टेंडर हो गया। हालांकि, टेंडर होने के बावजूद धरातल पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि बरसाती सीजन में बेगना नदी का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों और गांव तक पहुँच जाता है, जिससे गोला, गोली, टमनौली, नहौनी, शेरपुर और साबांपुर जैसे कई गाँवों में जल प्रलय जैसी तबाही मचती है। इससे किसानों की फसलें जलमग्न हो जाती हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। गोला गांव में गलियाँ डूब जाती हैं, घरों में पानी घुस जाता है और संक्रामक बीमारियों के साथ-साथ घरों में सांप निकलने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे ग्रामीणों को रात भर जागना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर खुदाई का काम पूरा होने से पहले ही बरसात शुरू हो गई, तो इस टेंडर का कोई औचित्य नहीं रहेगा। गोला गांव की सरपंच जसप्रीत कौर ने उम्मीद जताई है कि काम जल्द शुरू होगा ताकि ग्रामीणों को समस्या का सामना न करना पड़े।
    user_Manish sharma
    Manish sharma
    मुलाना सेंट, अंबाला, हरियाणा•
    9 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 23वीं किस्त जारी की है। इस किस्त के तहत, देश भर के 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से ज्यादा की राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में उनके खातों में पहुंचती है। सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। सरकार के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें आर्थिक सहायता, फसल बीमा, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि तकनीक को बढ़ावा देना और बाजार तक बेहतर पहुंच शामिल है। केंद्र सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि इन योजनाओं का पैसा बिचौलियों के बजाय सीधे किसानों तक पहुंच रहा है, जिससे DBT व्यवस्था के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि मिल रही है। इस किस्त को किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे उन्हें खेती के शुरुआती खर्चों में मदद मिलेगी और बीज, खाद तथा कृषि उपकरणों की खरीद में राहत मिलेगी। यह छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा प्रदान करेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में भी बड़ी संख्या में किसान PM किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं, जहां वे इस सहायता राशि का उपयोग गेहूं, धान, सरसों और अन्य फसलों की खेती संबंधी जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। किसानों के लिए यह भी आवश्यक है कि वे योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खाते, आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी जैसी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी रखें। सरकार PM किसान सम्मान निधि योजना को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है, और अब भविष्य में किसानों के लिए सरकार के अन्य बड़े फैसलों पर नज़र रहेगी।
    1
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 23वीं किस्त जारी की है। इस किस्त के तहत, देश भर के 9 करोड़ 44 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से ज्यादा की राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में उनके खातों में पहुंचती है। सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

सरकार के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें आर्थिक सहायता, फसल बीमा, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि तकनीक को बढ़ावा देना और बाजार तक बेहतर पहुंच शामिल है। केंद्र सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि इन योजनाओं का पैसा बिचौलियों के बजाय सीधे किसानों तक पहुंच रहा है, जिससे DBT व्यवस्था के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि मिल रही है।

इस किस्त को किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे उन्हें खेती के शुरुआती खर्चों में मदद मिलेगी और बीज, खाद तथा कृषि उपकरणों की खरीद में राहत मिलेगी। यह छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा प्रदान करेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में भी बड़ी संख्या में किसान PM किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं, जहां वे इस सहायता राशि का उपयोग गेहूं, धान, सरसों और अन्य फसलों की खेती संबंधी जरूरतों को पूरा करने में करते हैं।

किसानों के लिए यह भी आवश्यक है कि वे योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खाते, आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी जैसी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी रखें। सरकार PM किसान सम्मान निधि योजना को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है, और अब भविष्य में किसानों के लिए सरकार के अन्य बड़े फैसलों पर नज़र रहेगी।
    user_Ajay khurana
    Ajay khurana
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • सढोरा उप तहसील परिसर के पास स्थित एक खाली जगह, जिसका उपयोग अब तक नगर पालिका द्वारा कूड़ा-कर्कट डालने के लिए किया जा रहा था, पर अब समाजसेवी संस्था उज्जवल भविष्य संस्था पशु-पक्षियों के पीने के पानी के लिए एक जलाशय का निर्माण कर रही है। संस्था के संचालक राकेश शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में बेसहारा पशु-पक्षी घूमते रहते हैं, और भीषण गर्मी में उनके लिए पानी की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। शर्मा के अनुसार, संस्था ने पहले भी इस खाली जगह के सदुपयोग के लिए प्रशासन से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी के मद्देनज़र, अब उज्जवल भविष्य संस्था समाज के सहयोग से इस भूमि के एक हिस्से को साफ-सुथरा करके जलाशय का निर्माण कर रही है। यह जलाशय विशेष रूप से जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों को पीने का पानी उपलब्ध कराएगा। संस्था ने बताया कि इस जलाशय के चारों ओर पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे, जिससे इलाके की सुंदरता बढ़ेगी और पशु-पक्षियों को आश्रय भी मिलेगा। उनका कहना है कि जहाँ मनुष्यों के लिए जगह-जगह वाटर कूलर जैसी व्यवस्थाएं होती हैं, वहीं पशु-पक्षियों के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं होती, और इसी कमी को पूरा करने के उद्देश्य से यह जलाशय बनाया जा रहा है ताकि उन्हें भीषण गर्मी में भी पानी मिल सके।
    1
    सढोरा उप तहसील परिसर के पास स्थित एक खाली जगह, जिसका उपयोग अब तक नगर पालिका द्वारा कूड़ा-कर्कट डालने के लिए किया जा रहा था, पर अब समाजसेवी संस्था उज्जवल भविष्य संस्था पशु-पक्षियों के पीने के पानी के लिए एक जलाशय का निर्माण कर रही है। संस्था के संचालक राकेश शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में बेसहारा पशु-पक्षी घूमते रहते हैं, और भीषण गर्मी में उनके लिए पानी की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

शर्मा के अनुसार, संस्था ने पहले भी इस खाली जगह के सदुपयोग के लिए प्रशासन से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी के मद्देनज़र, अब उज्जवल भविष्य संस्था समाज के सहयोग से इस भूमि के एक हिस्से को साफ-सुथरा करके जलाशय का निर्माण कर रही है। यह जलाशय विशेष रूप से जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों को पीने का पानी उपलब्ध कराएगा।

संस्था ने बताया कि इस जलाशय के चारों ओर पेड़-पौधे भी लगाए जाएंगे, जिससे इलाके की सुंदरता बढ़ेगी और पशु-पक्षियों को आश्रय भी मिलेगा। उनका कहना है कि जहाँ मनुष्यों के लिए जगह-जगह वाटर कूलर जैसी व्यवस्थाएं होती हैं, वहीं पशु-पक्षियों के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं होती, और इसी कमी को पूरा करने के उद्देश्य से यह जलाशय बनाया जा रहा है ताकि उन्हें भीषण गर्मी में भी पानी मिल सके।
    user_Satpal sharma
    Satpal sharma
    Local News Reporter सढौरा एसटी, यमुनानगर, हरियाणा•
    8 hrs ago
  • हरियाणा में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिसके तहत ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की महिलाओं को अब ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें घर-द्वार पर ही एआई आधारित आधुनिक तकनीक से मुफ्त स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। इस 'नमो शक्ति ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मिशन' की शुरुआत चंडीगढ़ से हुई, जिसके तहत केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 7 मोबाइल स्क्रीनिंग एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन मोबाइल वैन के माध्यम से महिलाओं की जांच थर्मलिटिक्स तकनीक का उपयोग करके की जाएगी। इस जांच की खासियत यह है कि यह पूरी तरह से दर्द-रहित, रेडिएशन-मुक्त और बिना किसी शारीरिक संपर्क के संपन्न होगी, जिससे महिलाओं की निजता और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल बीमारी का पता लगाना ही नहीं है, बल्कि महिलाओं में ब्रेस्ट हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में व्याप्त झिझक व भ्रांतियों को दूर करना भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शुरुआती चरण में ब्रेस्ट कैंसर की पहचान होने पर इसका इलाज कहीं अधिक प्रभावी होता है। मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि मोबाइल वैन के लिए गांवों के रूट चार्ट तैयार किए जाएँ, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं की जांच हो सके। साथ ही, संदिग्ध मामलों में समय पर अस्पतालों में रेफरल, मेडिकल काउंसलिंग और इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान' से प्रेरित है। आँकड़ों के अनुसार, भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर के मामलों में ब्रेस्ट कैंसर एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, और जागरूकता की कमी व संकोच के कारण कई मामलों का पता देरी से चलता है, जिससे उपचार कठिन हो जाता है। ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ छेड़े गए इस अभियान का सबसे बड़ा लक्ष्य बीमारी का इंतजार करने के बजाय समय रहते उसकी पहचान करना है। एआई तकनीक से सुसज्जित ये मोबाइल एम्बुलेंस अब गांव-गांव पहुँचकर महिलाओं को मुफ्त स्क्रीनिंग की सुविधा प्रदान करेंगी, जो समय पर इलाज और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
    1
    हरियाणा में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिसके तहत ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की महिलाओं को अब ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें घर-द्वार पर ही एआई आधारित आधुनिक तकनीक से मुफ्त स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। इस 'नमो शक्ति ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मिशन' की शुरुआत चंडीगढ़ से हुई, जिसके तहत केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 7 मोबाइल स्क्रीनिंग एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इन मोबाइल वैन के माध्यम से महिलाओं की जांच थर्मलिटिक्स तकनीक का उपयोग करके की जाएगी। इस जांच की खासियत यह है कि यह पूरी तरह से दर्द-रहित, रेडिएशन-मुक्त और बिना किसी शारीरिक संपर्क के संपन्न होगी, जिससे महिलाओं की निजता और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल बीमारी का पता लगाना ही नहीं है, बल्कि महिलाओं में ब्रेस्ट हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में व्याप्त झिझक व भ्रांतियों को दूर करना भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शुरुआती चरण में ब्रेस्ट कैंसर की पहचान होने पर इसका इलाज कहीं अधिक प्रभावी होता है।

मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि मोबाइल वैन के लिए गांवों के रूट चार्ट तैयार किए जाएँ, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं की जांच हो सके। साथ ही, संदिग्ध मामलों में समय पर अस्पतालों में रेफरल, मेडिकल काउंसलिंग और इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान' से प्रेरित है। आँकड़ों के अनुसार, भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर के मामलों में ब्रेस्ट कैंसर एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, और जागरूकता की कमी व संकोच के कारण कई मामलों का पता देरी से चलता है, जिससे उपचार कठिन हो जाता है।

ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ छेड़े गए इस अभियान का सबसे बड़ा लक्ष्य बीमारी का इंतजार करने के बजाय समय रहते उसकी पहचान करना है। एआई तकनीक से सुसज्जित ये मोबाइल एम्बुलेंस अब गांव-गांव पहुँचकर महिलाओं को मुफ्त स्क्रीनिंग की सुविधा प्रदान करेंगी, जो समय पर इलाज और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
    user_Ajay khurana
    Ajay khurana
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    18 hrs ago
  • हरियाणा के यमुनानगर स्थित पुराना हमीदा मोड़ पर एक बार फिर तेज रफ्तार का भयावह मंजर देखने को मिला, जहाँ एक दर्दनाक सड़क हादसे में 24 वर्षीय आदिल नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आदिल उत्तर प्रदेश के ढीका गाँव का निवासी था और अविवाहित था, जो दूध बेचने का काम करता था। वह रोज़ाना की तरह सुबह अपने वाहन में दूध भरकर उत्तर प्रदेश से हरियाणा के यमुनानगर में सप्लाई देने आया था, लेकिन यह उसका आख़िरी सफर साबित हुआ। परिवार का सहारा बन रहा यह मेहनतकश युवक फिर कभी घर वापस नहीं लौट सका। सोमवार सुबह हुई इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज़ गति से आ रहे बेकाबू ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार आदिल को इतनी बेरहमी से कुचला कि वह सड़क पर गिर गया और ट्रक उसे बुरी तरह रौंदता हुआ निकल गया। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी और हादसा इतना भयावह कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह काँप उठी और चीख-पुकार मच गई। इस हृदय विदारक घटना से आदिल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जो अपने जवान बेटे के शव का इंतज़ार कर रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही हमीदा पुलिस चौकी की टीम मौक़े पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए यमुनानगर के सिविल अस्पताल भिजवाया। हमीदा पुलिस चौकी इंचार्ज शमशेर राणा ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौक़े से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज़ रफ्तार वाहनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हर साल सैकड़ों परिवार सड़क हादसों में अपने प्रियजनों को खो देते हैं, जहाँ चंद सेकंड की लापरवाही किसी की पूरी ज़िंदगी छीन लेती है। आदिल की मौत भी इसी कड़वी सच्चाई की गवाही दे रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सड़कों पर दौड़ते बेलगाम वाहनों पर लगाम कब लगेगी और कब तक निर्दोष लोग तेज़ रफ्तार की भेंट चढ़ते रहेंगे?
    3
    हरियाणा के यमुनानगर स्थित पुराना हमीदा मोड़ पर एक बार फिर तेज रफ्तार का भयावह मंजर देखने को मिला, जहाँ एक दर्दनाक सड़क हादसे में 24 वर्षीय आदिल नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आदिल उत्तर प्रदेश के ढीका गाँव का निवासी था और अविवाहित था, जो दूध बेचने का काम करता था। वह रोज़ाना की तरह सुबह अपने वाहन में दूध भरकर उत्तर प्रदेश से हरियाणा के यमुनानगर में सप्लाई देने आया था, लेकिन यह उसका आख़िरी सफर साबित हुआ। परिवार का सहारा बन रहा यह मेहनतकश युवक फिर कभी घर वापस नहीं लौट सका।

सोमवार सुबह हुई इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज़ गति से आ रहे बेकाबू ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार आदिल को इतनी बेरहमी से कुचला कि वह सड़क पर गिर गया और ट्रक उसे बुरी तरह रौंदता हुआ निकल गया। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी और हादसा इतना भयावह कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह काँप उठी और चीख-पुकार मच गई। इस हृदय विदारक घटना से आदिल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जो अपने जवान बेटे के शव का इंतज़ार कर रहे हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही हमीदा पुलिस चौकी की टीम मौक़े पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए यमुनानगर के सिविल अस्पताल भिजवाया। हमीदा पुलिस चौकी इंचार्ज शमशेर राणा ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौक़े से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज़ रफ्तार वाहनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हर साल सैकड़ों परिवार सड़क हादसों में अपने प्रियजनों को खो देते हैं, जहाँ चंद सेकंड की लापरवाही किसी की पूरी ज़िंदगी छीन लेती है। आदिल की मौत भी इसी कड़वी सच्चाई की गवाही दे रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सड़कों पर दौड़ते बेलगाम वाहनों पर लगाम कब लगेगी और कब तक निर्दोष लोग तेज़ रफ्तार की भेंट चढ़ते रहेंगे?
    user_Rajiv kumar
    Rajiv kumar
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.