सुल्तानपुर के बंधुआ कलां थाना क्षेत्र में सोमवार को लखनऊ हाइवे पर दादूपुर ग्राम के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। यह दुर्घटना एक मोटरसाइकिल और स्विफ्ट डिजायर कार के बीच हुई। पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई को हुई इस दुर्घटना में घायल हुए दो लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान लगभग 60 वर्षीय मोहम्मद अली की मृत्यु हो गई। दूसरे घायल व्यक्ति, 45 वर्षीय लईक अहमद पुत्र बशीर का जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्विफ्ट कार का मालिक दुर्घटना के बाद अपनी गाड़ी लेकर शहर की ओर फरार हो गया। पुलिस फरार कार और उसके मालिक की तलाश कर रही है। इसके लिए घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। घटनास्थल पर यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है और शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस इस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है। क्षेत्राधिकारी नगर राघवेन्द्र सिंह ने घटना की पुष्टि की है।
सुल्तानपुर के बंधुआ कलां थाना क्षेत्र में सोमवार को लखनऊ हाइवे पर दादूपुर ग्राम के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। यह दुर्घटना एक मोटरसाइकिल और स्विफ्ट डिजायर कार के बीच हुई। पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई को हुई इस दुर्घटना में घायल हुए दो लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान लगभग 60 वर्षीय मोहम्मद अली की मृत्यु हो गई। दूसरे घायल व्यक्ति, 45 वर्षीय लईक अहमद पुत्र बशीर का जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्विफ्ट कार का मालिक दुर्घटना के बाद अपनी गाड़ी लेकर शहर की ओर फरार हो गया। पुलिस फरार कार और उसके मालिक की तलाश कर रही है। इसके लिए घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। घटनास्थल पर यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है और शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस इस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है। क्षेत्राधिकारी नगर राघवेन्द्र सिंह ने घटना की पुष्टि की है।
- श्री प्रल्हाद जोशी को भारत का नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति राष्ट्रीय स्तर पर की गई है और इसका प्रभाव पूरे देश में पड़ेगा। श्री जोशी के पास एक समृद्ध राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव है, जिससे उम्मीद है कि वे शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार लाएंगे। उनकी नियुक्ति से देश के शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन की उम्मीद है। श्री जोशी के नेतृत्व में, शिक्षा क्षेत्र में नई नीतियों और कार्यक्रमों की घोषणा की जा सकती है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए लाभदायक होंगे।1
- केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के ग्रुप केन्द्र अमेठी में सोमवार 27 जुलाई 2026 को सीआरपीएफ का 88वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ग्रुप केन्द्र परिसर में स्थापित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस अवसर पर श्री मदन कुमार, डी.आई.जी. ग्रुप केन्द्र अमेठी, श्री पी.के. राय, डी.आई.जी. (चिकित्सा) और श्री विनय कुमार त्रिपाठी, कमाण्डेंट आर.टी.सी. अमेठी सहित सीआरपीएफ के सभी अधिकारी व जवान उपस्थित थे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद क्वार्टर गार्ड पर डी.आई.जी. मदन कुमार को विशेष गार्ड द्वारा सलामी दी गई। इस अवसर पर डी.आई.जी. मदन कुमार ने उपस्थित अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों एवं जवानों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए सीआरपीएफ के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई 1939 को मध्य प्रदेश के नीमच शहर में 'क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस' के नाम से इस बल का गठन हुआ था। आजादी के बाद 28 दिसंबर 1949 को अधिनियम के जरिए इसका नाम 'केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल' रखा गया और 'सेवा और निष्ठा' के सिद्धांत के साथ यह भारत का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल बना। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ग्रुप केन्द्र प्रांगण में सैनिक सम्मेलन, खेल प्रतियोगिताएं और बड़े खाने का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, जवानों के साथ उनके परिजनों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे दिन परिसर में देशभक्ति का माहौल रहा।1
- जनपद सुल्तानपुर के भदैया ब्लॉक के मिश्रपुर पुरैना गांव में ग्राम प्रधान द्वारा ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा करने का मामला सामने आया है। ग्राम सभा में एक गाटा संख्या 167 नंबर है, जिसमें ग्राम प्रधान ने खेल का मैदान बनवाया था। खेल के मैदान का पूरा रकबा 28 विस्वा था, लेकिन ग्राम प्रधान ने कूटरचित तरीके से सिर्फ 24 विस्वा में ही खेल का मैदान बनवाया और बाकी चार विस्वा जमीन को अपने उपयोग के लिए छोड़ दिया। कुछ समय बाद जब ग्राम प्रधान को सरकार द्वारा प्रशासक बनाया गया, तो उन्होंने उसी जमीन पर निर्माण करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी मिली, तो वे मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि ने बताया कि खेल के मैदान की बाउंड्री बनाई जा रही है, जबकि कुछ लोगों को बताया गया कि गांव के लिए बरात गृह बनाया जा रहा है। ग्रामीणों को जब ग्राम प्रधान की बातों में भिन्नता लगी, तो उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। तहसील के लेखपाल और ब्लॉक के सेक्रेटरी को जब फोन किया गया, तो पता चला कि उन्हें इस निर्माण के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ग्राम विकास अधिकारी से बात करने पर पता चला कि ग्राम प्रधान खेल के मैदान के अंदर नल की बोरिंग का निर्माण करवा रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं है। ग्राम प्रधान द्वारा खेल के मैदान के बाहर नल की बोरिंग हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान अपने लाभ के लिए निर्माण कर रहे थे। इससे काफी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्रित हो गए और ग्राम प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हालात को देखते हुए ग्राम प्रधान ने देहात कोतवाली की पुलिस को बुलाया। पुलिस ने ग्रामीणों की नाराजगी देखकर काम को रुकवा दिया। इस प्रकरण के संबंध में आज ग्राम सभा के कुछ लोगों द्वारा एसडीएम लंभुआ को आवेदन दिया गया। समस्त ग्रामवासी चाहते हैं कि या तो प्रस्ताव कराकर किसी सार्वजनिक कार्य के लिए जमीन अधिकृत की जाए या बंजार ही जमीन पड़ी रहे। एसडीएम ने आश्वस्त किया कि उस पर कोई निर्माण नहीं कराया जाएगा और ग्राम सभा का ही कब्जा रहेगा। आवेदन देने वालों में भीम, राम केवल वर्मा, शिव शंकर यादव, शैलेंद्र वर्मा, लालता प्रसाद वर्मा, मेवालाल, राम सजीवन, अरुण कुमार एवं समस्त ग्रामवासी मौजूद थे।3
- उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित गुलाबगंज चौराहे से एक वीडियो सामने आया है, जिसने खाकी की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही नो-एंट्री का डर दिखाकर ट्रक चालक से कथित तौर पर 'सुविधा शुल्क' (रिश्वत) लेता नजर आ रहा है। यदि यह वीडियो सच है, तो यह न सिर्फ पुलिस महकमे की साख को बट्टा लगाता है, बल्कि कानून व्यवस्था के दावों की पोल भी खोलता है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर अब इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी सिपाही के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है, ताकि खाकी पर लगा यह दाग धोया जा सके।1
- महामहिम राज्यपाल का लम्भुआ स्टेशन पर आगमन होते ही तेज बारिश की झड़ी लग गई और इस दौरान ट्रेन रुकी रही। स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तमाम अफसरान काफी संजीदा दिखाई दिए। राज्यपाल के आगमन को लेकर क्षेत्राधिकारी, उपजिलाधिकारी समेत चिकित्सा विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पूरी तरह मुस्तैद रहे।3
- उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सोमवार को बेगमपुरा एक्सप्रेस से लंभुआ रेलवे स्टेशन पहुंचीं। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। निर्धारित समय तक ट्रेन के ठहराव के दौरान स्टेशन परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया, जिसके बाद राज्यपाल वाराणसी के लिए रवाना हो गईं। राज्यपाल के आगमन को लेकर लंभुआ रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्टेशन परिसर को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की कमान उप जिलाधिकारी प्रीति जैन, सीओ ऋतिक कपूर, थाना प्रभारी निरीक्षक लंभुआ, जीआरपी तथा आरपीएफ अधिकारियों ने संभाली। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राज्यपाल के आगमन और प्रस्थान के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद रहीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्टेशन परिसर में आम लोगों की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी गई, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हुई।1
- पेपर लीक के खिलाफ आज नया बिल लाया जा रहा है। दूसरी ओर, राहुल ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर पैलेट गन किसके आदेश पर चलाई गई थी। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का ऐलान किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ऑटो चालक का हाथी को गुड़ खिलाना उसके लिए जानलेवा साबित हुआ। जानकारी के अनुसार, ऑटो चालक विजय होलकर ने हाथी को गुड़ खिलाया, तभी अचानक हाथी बेकाबू हो गया और उसने विजय पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हाथी ने विजय होलकर को अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और कुचलने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल विजय को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही चंदन नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने महावत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है तथा घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हाथी के नियंत्रण व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।1