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आसान नहीं है फौज की नौकरी… 🇮🇳 हर मौसम में फर्ज निभाना पड़ता है, कभी तपती धूप में, कभी कड़ाके की ठंड में, कभी बारिश में, तो कभी बर्फीली हवाओं में। जहाँ लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, वहाँ एक फौजी देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर डटा रहता है। फौज में नौकरी नहीं, देश के प्रति जिम्मेदारी निभाई जाती है। 🇮🇳 जय हिंद! 🇮🇳 आसान नहीं है फौज की नौकरी… 🇮🇳 हर मौसम में फर्ज निभाना पड़ता है, कभी तपती धूप में, कभी कड़ाके की ठंड में, कभी बारिश में, तो कभी बर्फीली हवाओं में। जहाँ लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, वहाँ एक फौजी देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर डटा रहता है। फौज में नौकरी नहीं, देश के प्रति जिम्मेदारी निभाई जाती है। 🇮🇳 जय हिंद! 🇮🇳

18 hrs ago
user_फौजी जय सिंह यादव
फौजी जय सिंह यादव
Lawyer Rae Bareli, Uttar Pradesh•
18 hrs ago

आसान नहीं है फौज की नौकरी… 🇮🇳 हर मौसम में फर्ज निभाना पड़ता है, कभी तपती धूप में, कभी कड़ाके की ठंड में, कभी बारिश में, तो कभी बर्फीली हवाओं में। जहाँ लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, वहाँ एक फौजी देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर डटा रहता है। फौज में नौकरी नहीं, देश के प्रति जिम्मेदारी निभाई जाती है। 🇮🇳 जय हिंद! 🇮🇳 आसान नहीं है फौज की नौकरी… 🇮🇳 हर मौसम में फर्ज निभाना पड़ता है, कभी तपती धूप में, कभी कड़ाके की ठंड में, कभी बारिश में, तो कभी बर्फीली हवाओं में। जहाँ लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, वहाँ एक फौजी देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर डटा रहता है। फौज में नौकरी नहीं, देश के प्रति जिम्मेदारी निभाई जाती है। 🇮🇳 जय हिंद! 🇮🇳

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • लखनऊ-प्रयागराज मार्ग पर दो ट्रकों की जोरदार भिड़ंत, परखच्चे उड़े ऊंचाहार, रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय मार्ग पर मंगलवार देर रात दो ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसा ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के बाईपास स्थित नौवनहार के पास हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ट्रकों के आगे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जानकारी के अनुसार, एक ट्रक लखनऊ-प्रयागराज मार्ग के बाईपास पर कथित तौर पर रॉन्ग साइड से होकर कलकत्ता की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से हरिद्वार जा रहे दूसरे ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि रॉन्ग साइड से जा रहे ट्रक का चालक नशे की हालत में था। हालांकि, गनीमत रही कि हादसे में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई और कोई हताहत नहीं हुआ। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 और ऊंचाहार कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों का निरीक्षण कर जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।
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    लखनऊ-प्रयागराज मार्ग पर दो ट्रकों की जोरदार भिड़ंत, परखच्चे उड़े
ऊंचाहार, रायबरेली। लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय मार्ग पर मंगलवार देर रात दो ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसा ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के बाईपास स्थित नौवनहार के पास हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ट्रकों के आगे के हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
जानकारी के अनुसार, एक ट्रक लखनऊ-प्रयागराज मार्ग के बाईपास पर कथित तौर पर रॉन्ग साइड से होकर कलकत्ता की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से हरिद्वार जा रहे दूसरे ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि रॉन्ग साइड से जा रहे ट्रक का चालक नशे की हालत में था। हालांकि, गनीमत रही कि हादसे में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई और कोई हताहत नहीं हुआ।
घटना की सूचना तत्काल डायल 112 और ऊंचाहार कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों का निरीक्षण कर जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।
    user_Deepak Kumar
    Deepak Kumar
    Local News Reporter ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • श्री शनि देव दरबार , सेवा ही संकल्प है भावी जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र गुप्ता ऊंचाहार तृतीय पुत्र श्री प्रमोद गुप्ता पूर्व चेयरमैन ऊंचाहार रायबरेली #viral #reels #instagood #trending #nonfollowers
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    श्री शनि देव दरबार , सेवा ही संकल्प है 
भावी जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र गुप्ता ऊंचाहार तृतीय पुत्र श्री प्रमोद गुप्ता पूर्व चेयरमैन ऊंचाहार रायबरेली
#viral #reels #instagood #trending #nonfollowers
    user_ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश
    ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश
    Advertising Photographer ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • रेलवे की मनमानी: हरनारायण इंटर कॉलेज का मुख्य गेट बंद करने पहुंचे अधिकारी, तीन घंटे तक बंधक बने रहे हजारों छात्र, अभिभावकों का हंगामा,,, ऊंचाहार, रायबरेली। रेलवे की तानाशाही का बड़ा मामला सामने आया है। मंगलवार को रेलवे अधिकारियों ने नगर के प्रतिष्ठित एवं शासन द्वारा वित्तपोषित हरनारायण इंटर कॉलेज के मुख्य गेट को जबरन बंद करने की कोशिश की, जिसके चलते विद्यालय के हजारों छात्र-छात्राएं करीब तीन घंटे तक परिसर के अंदर कैद रहे। सूचना पर पहुंचे अभिभावकों ने जमकर हंगामा काटा, जिसके बाद रेलवे अधिकारी मौके से खिसक गए। हरनारायण इंटर कॉलेज का मुख्य द्वार रेलवे लाइन की ओर खुलता है। वर्षों से छात्र, शिक्षक और कर्मचारी रेलवे लाइन के किनारे बने कच्चे रास्ते से ही विद्यालय आते-जाते हैं। हाल ही में हुई भारी बरसात के कारण रास्ते में जलभराव हो गया, जिससे मजबूरी में छात्रों को पगडंडी छोड़कर पटरी के किनारे से होकर गुजरना पड़ रहा था। इसी को आधार बनाकर रेलवे ने सुरक्षा का हवाला देते हुए कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी कर मुख्य गेट बंद करने का फरमान सुना दिया। कॉलेज प्रबंधन ने वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था के लिए रेलवे से कुछ माह का समय मांगा था, लेकिन रेलवे ने मानवीय पहलू को अनदेखा कर दिया। मंगलवार दोपहर रेलवे के अधिकारी जेसीबी-ट्रैक्टर लेकर गेट पर मिट्टी डालकर उसे बंद करने पहुंच गए। उस समय हजारों छात्र कक्षाओं में थे। गेट बंद होते ही अफरा-तफरी मच गई। अंदर छात्र कैद हो गए और बाहर छुट्टी का इंतजार कर रहे अभिभावक परेशान हो गए। अभिभावकों के विरोध और हंगामे को बढ़ता देख रेलवे अधिकारी बिना कार्रवाई पूरी किए ही मौके से भाग निकले, जिसके बाद छात्रों को बाहर निकाला जा सका। कॉलेज प्रबंधन और अभिभावकों ने रेलवे की इस कार्रवाई को छात्र विरोधी बताया है और जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।
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    रेलवे की मनमानी: हरनारायण इंटर कॉलेज का मुख्य गेट बंद करने पहुंचे अधिकारी, तीन घंटे तक बंधक बने रहे हजारों छात्र, अभिभावकों का हंगामा,,, 
ऊंचाहार, रायबरेली। रेलवे की तानाशाही का बड़ा मामला सामने आया है। मंगलवार को रेलवे अधिकारियों ने नगर के प्रतिष्ठित एवं शासन द्वारा वित्तपोषित हरनारायण इंटर कॉलेज के मुख्य गेट को जबरन बंद करने की कोशिश की, जिसके चलते विद्यालय के हजारों छात्र-छात्राएं करीब तीन घंटे तक परिसर के अंदर कैद रहे। सूचना पर पहुंचे अभिभावकों ने जमकर हंगामा काटा, जिसके बाद रेलवे अधिकारी मौके से खिसक गए।
हरनारायण इंटर कॉलेज का मुख्य द्वार रेलवे लाइन की ओर खुलता है। वर्षों से छात्र, शिक्षक और कर्मचारी रेलवे लाइन के किनारे बने कच्चे रास्ते से ही विद्यालय आते-जाते हैं। हाल ही में हुई भारी बरसात के कारण रास्ते में जलभराव हो गया, जिससे मजबूरी में छात्रों को पगडंडी छोड़कर पटरी के किनारे से होकर गुजरना पड़ रहा था।
इसी को आधार बनाकर रेलवे ने सुरक्षा का हवाला देते हुए कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी कर मुख्य गेट बंद करने का फरमान सुना दिया। कॉलेज प्रबंधन ने वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था के लिए रेलवे से कुछ माह का समय मांगा था, लेकिन रेलवे ने मानवीय पहलू को अनदेखा कर दिया।
मंगलवार दोपहर रेलवे के अधिकारी जेसीबी-ट्रैक्टर लेकर गेट पर मिट्टी डालकर उसे बंद करने पहुंच गए। उस समय हजारों छात्र कक्षाओं में थे। गेट बंद होते ही अफरा-तफरी मच गई। अंदर छात्र कैद हो गए और बाहर छुट्टी का इंतजार कर रहे अभिभावक परेशान हो गए।
अभिभावकों के विरोध और हंगामे को बढ़ता देख रेलवे अधिकारी बिना कार्रवाई पूरी किए ही मौके से भाग निकले, जिसके बाद छात्रों को बाहर निकाला जा सका।
कॉलेज प्रबंधन और अभिभावकों ने रेलवे की इस कार्रवाई को छात्र विरोधी बताया है और जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।
    user_Harinarayan Tiwari
    Harinarayan Tiwari
    Court reporter Unchahar, Rae Bareli•
    8 hrs ago
  • हाईवे किनारे रखे पत्थर से टकराई बाइक, युवक की मौत गाड़ी मे बैठा दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल ब्रेकिंग खागा फतेहपुर हाईवे किनारे रखे पत्थर से टकराई बाइक, युवक की मौत खागा। नगर के पश्चिमी बाईपास पर मंगलवार देर शाम करीब 7 बजे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार पल्सर बाइक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे रखे पत्थर से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार 22 वर्षीय सचिन पासवान पुत्र सुखराम, निवासी भानपुर, थाना खागा कोतवाली की मौत हो गई। वहीं बाइक पर पीछे बैठे उसके पड़ोसी दोस्त रोहित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को तत्काल सीएचसी खागा पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद रोहित की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के पिता और अन्य रिश्तेदार तथा घायल के परिजन सीएचसी पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। हाईवे किनारे रखे पत्थर को लेकर भी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
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    हाईवे किनारे रखे पत्थर से टकराई बाइक, युवक की मौत गाड़ी मे बैठा दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल 
ब्रेकिंग खागा फतेहपुर 
हाईवे किनारे रखे पत्थर से टकराई बाइक, युवक की मौत
खागा। नगर के पश्चिमी बाईपास पर मंगलवार देर शाम करीब 7 बजे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार पल्सर बाइक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे रखे पत्थर से जा टकराई।
हादसे में बाइक सवार 22 वर्षीय सचिन पासवान पुत्र सुखराम, निवासी भानपुर, थाना खागा कोतवाली की मौत हो गई। वहीं बाइक पर पीछे बैठे उसके पड़ोसी दोस्त रोहित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को तत्काल सीएचसी खागा पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद रोहित की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के पिता और अन्य रिश्तेदार तथा घायल के परिजन सीएचसी पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। हाईवे किनारे रखे पत्थर को लेकर भी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
    user_पत्रकार आसिफ हुसैन
    पत्रकार आसिफ हुसैन
    Photographer खागा, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    37 min ago
  • लेखपाल की खानापूर्ति के बाद तलाबी नंबर पर निर्माण में पड़ गई छत 👉फतेहपुर ब्रेकिंग लेखपाल की खानापूर्ति के बाद तलाबी नंबर पर निर्माण में पड़ गई छत! 👉शिकायतें होती रहीं. निर्माण चलता रहा. अब बुलडोजर का इंतजार 👉बहरामपुर में सरकारी तालाब पर कथित अवैध निर्माण, राजस्व विभाग की कार्रवाई पर सवाल यूपी के फतेहपुर से सरकारी जमीन पर कथित अवैध निर्माण का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजस्व विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बहरामपुर गांव में तलाबी नंबर की जमीन पर कथित अवैध निर्माण की शिकायतें होती रहीं.कार्रवाई की बात भी सामने आई.लेकिन देखते ही देखते निर्माण की छत पड़ गई। एक तरफ अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, तो दूसरी तरफ बहरामपुर में सरकारी तालाब की जमीन पर निर्माण कैसे आगे बढ़ता रहा, यही सबसे बड़ा सवाल है। मामला बहरामपुर गांव के गाटा संख्या 219 क, ख से जुड़ा बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां सरकारी तालाब की जमीन पर निर्माण कराया जा रहा था। मामले की शिकायतें जिम्मेदारों तक पहुंचीं। लेखपाल की ओर से कार्रवाई किए जाने और थाना थरियांव को सूचना दिए जाने की बात भी सामने आई। लेकिन इसके बावजूद...निर्माण रुका नहीं! बल्कि निर्माण कार्य आगे बढ़ा और अब छत डाल दिए जाने का आरोप सामने आया है।यानी सवाल सिर्फ अतिक्रमण का नहीं...सवाल कार्रवाई की टाइमिंग का है। बताया जा रहा है कि 19 सितंबर को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मौके पर बड़ी मात्रा में मोरंग और गिट्टी एकत्र होने और निर्माण को आगे बढ़ाने की तैयारी का दावा किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद भी अगर मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और शटरिंग लगी रही, तो सवाल उठना लाजिमी है— जब छत पड़ने की आशंका पहले से थी, तो शटरिंग क्यों नहीं हटाई गई?अगर निर्माण रोकने की कार्रवाई की गई थी, तो फिर निर्माणकर्ता दोबारा निर्माण तक कैसे पहुंच गए स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।इसी वजह से निर्माण करने वालों के हौसले बढ़ने के आरोप लगाए जा रहे हैं।स्थानीय स्तर पर निर्माणकर्ताओं द्वारा पैसे देने और निर्माण करा लेने जैसी बातें कहे जाने के आरोप भी सामने आए हैं। अगर ऐसे दावे किए गए हैं तो यह जांच का विषय है कि— पैसा किसे दिया गया? किस काम के लिए दिया गया? और सबसे बड़ा सवाल— क्या किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका थी? सरकारी जमीन पर निर्माण कोई पलक झपकते नहीं होता।पहले जमीन पर सामग्री पहुंचती है... फिर नींव पड़ती है... दीवारें उठती हैं... शटरिंग लगती है... और उसके बाद छत पड़ती है। तो फिर सवाल— राजस्व विभाग को जानकारी कब हुई? लेखपाल ने उच्च अधिकारियों को कब अवगत कराया? मौके पर कार्रवाई कब हुई? और अगर कार्रवाई पहले ही कर दी गई थी तो— फिर छत कैसे पड़ गई? वीओ-5 — पुराने मामलों का सवाल स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि इसी गांव में पूर्व में सरकारी भूमि पर कथित अवैध निर्माण के मामले सामने आए, लेकिन उन मामलों में भी कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं। इन आरोपों की भी प्रशासनिक स्तर पर जांच जरूरी है। क्योंकि अगर सरकारी जमीन पर लगातार निर्माण के आरोप सामने आते हैं, तो यह सिर्फ कब्जे का मामला नहीं... यह निगरानी व्यवस्था की परीक्षा भी है। सबसे बड़ा सवाल— बुलडोजर कब? अब बहरामपुर के इस मामले में निगाहें जिला प्रशासन और राजस्व विभाग पर हैं। क्या मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि की पैमाइश होगी? क्या राजस्व अभिलेखों से स्थिति स्पष्ट की जाएगी? क्या निर्माण अवैध पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी? और अगर कार्रवाई होगी तो— क्या सिर्फ निर्माण पर होगी या लापरवाही की जिम्मेदारी भी तय होगी? क्योंकि... “दूध का दूध और पानी का पानी” तभी होगा, जब जमीन की पैमाइश के साथ जिम्मेदारी भी तय होगी। क्लोजिंग बहरामपुर में सवालों का अंबार है— सरकारी तालाब की जमीन पर निर्माण शुरू कैसे हुआ? शिकायतों के बावजूद निर्माण आगे कैसे बढ़ा? कार्रवाई की सूचना के बाद भी छत कैसे पड़ गई? शटरिंग समय रहते क्यों नहीं हटाई गई? और अगर किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो— जिम्मेदार कौन? कहते हैं “आंखों में धूल झोंकना आसान है, लेकिन सरकारी जमीन का हिसाब कागजों में दर्ज होता है।” अब देखना होगा कि बहरामपुर के तलाबी नंबर 219 क, ख के मामले में प्रशासन सिर्फ नोटिस और रिपोर्ट तक सीमित रहता है... या फिर मौके पर बुलडोजर के साथ जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई भी दिखाई देती है। कैमरे की नजर बहरामपुर पर है... सवाल कई हैं... अब जवाब जिला प्रशासन को देना है।
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    लेखपाल की खानापूर्ति के बाद तलाबी नंबर पर निर्माण में  पड़ गई छत
👉फतेहपुर ब्रेकिंग
लेखपाल की खानापूर्ति के बाद तलाबी नंबर पर निर्माण में  पड़ गई छत!
👉शिकायतें होती रहीं. निर्माण चलता रहा. अब बुलडोजर का इंतजार
👉बहरामपुर में सरकारी तालाब पर कथित अवैध निर्माण, राजस्व विभाग की कार्रवाई पर सवाल
यूपी के फतेहपुर से सरकारी जमीन पर कथित अवैध निर्माण का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजस्व विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बहरामपुर गांव में तलाबी नंबर की जमीन पर कथित अवैध निर्माण की शिकायतें होती रहीं.कार्रवाई की बात भी सामने आई.लेकिन देखते ही देखते निर्माण की छत पड़ गई। एक तरफ अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, तो दूसरी तरफ बहरामपुर में सरकारी तालाब की जमीन पर निर्माण कैसे आगे बढ़ता रहा, यही सबसे बड़ा सवाल है।
मामला बहरामपुर गांव के गाटा संख्या 219 क, ख से जुड़ा बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां सरकारी तालाब की जमीन पर निर्माण कराया जा रहा था। मामले की शिकायतें जिम्मेदारों तक पहुंचीं।
लेखपाल की ओर से कार्रवाई किए जाने और थाना थरियांव को सूचना दिए जाने की बात भी सामने आई। लेकिन इसके बावजूद...निर्माण रुका नहीं!
बल्कि निर्माण कार्य आगे बढ़ा और अब छत डाल दिए जाने का आरोप सामने आया है।यानी सवाल सिर्फ अतिक्रमण का नहीं...सवाल कार्रवाई की टाइमिंग का है।
बताया जा रहा है कि 19 सितंबर को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मौके पर बड़ी मात्रा में मोरंग और गिट्टी एकत्र होने और निर्माण को आगे बढ़ाने की तैयारी का दावा किया गया था।
वीडियो सामने आने के बाद भी अगर मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और शटरिंग लगी रही, तो सवाल उठना लाजिमी है—
जब छत पड़ने की आशंका पहले से थी, तो शटरिंग क्यों नहीं हटाई गई?अगर निर्माण रोकने की कार्रवाई की गई थी, तो फिर निर्माणकर्ता दोबारा निर्माण तक कैसे पहुंच गए
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।इसी वजह से निर्माण करने वालों के हौसले बढ़ने के आरोप लगाए जा रहे हैं।स्थानीय स्तर पर निर्माणकर्ताओं द्वारा पैसे देने और निर्माण करा लेने जैसी बातें कहे जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
अगर ऐसे दावे किए गए हैं तो यह जांच का विषय है कि—
पैसा किसे दिया गया?
किस काम के लिए दिया गया?
और सबसे बड़ा सवाल—
क्या किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका थी?
सरकारी जमीन पर निर्माण कोई पलक झपकते नहीं होता।पहले जमीन पर सामग्री पहुंचती है...
फिर नींव पड़ती है...
दीवारें उठती हैं...
शटरिंग लगती है...
और उसके बाद छत पड़ती है।
तो फिर सवाल—
राजस्व विभाग को जानकारी कब हुई?
लेखपाल ने उच्च अधिकारियों को कब अवगत कराया?
मौके पर कार्रवाई कब हुई?
और अगर कार्रवाई पहले ही कर दी गई थी तो—
फिर छत कैसे पड़ गई?
वीओ-5 — पुराने मामलों का सवाल
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि इसी गांव में पूर्व में सरकारी भूमि पर कथित अवैध निर्माण के मामले सामने आए, लेकिन उन मामलों में भी कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं।
इन आरोपों की भी प्रशासनिक स्तर पर जांच जरूरी है।
क्योंकि अगर सरकारी जमीन पर लगातार निर्माण के आरोप सामने आते हैं, तो यह सिर्फ कब्जे का मामला नहीं...
यह निगरानी व्यवस्था की परीक्षा भी है।
सबसे बड़ा सवाल— बुलडोजर कब?
अब बहरामपुर के इस मामले में निगाहें जिला प्रशासन और राजस्व विभाग पर हैं।
क्या मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि की पैमाइश होगी?
क्या राजस्व अभिलेखों से स्थिति स्पष्ट की जाएगी?
क्या निर्माण अवैध पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी?
और अगर कार्रवाई होगी तो—
क्या सिर्फ निर्माण पर होगी या लापरवाही की जिम्मेदारी भी तय होगी?
क्योंकि...
“दूध का दूध और पानी का पानी” तभी होगा, जब जमीन की पैमाइश के साथ जिम्मेदारी भी तय होगी।
क्लोजिंग
बहरामपुर में सवालों का अंबार है—
सरकारी तालाब की जमीन पर निर्माण शुरू कैसे हुआ?
शिकायतों के बावजूद निर्माण आगे कैसे बढ़ा?
कार्रवाई की सूचना के बाद भी छत कैसे पड़ गई?
शटरिंग समय रहते क्यों नहीं हटाई गई?
और अगर किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो—
जिम्मेदार कौन?
कहते हैं “आंखों में धूल झोंकना आसान है, लेकिन सरकारी जमीन का हिसाब कागजों में दर्ज होता है।”
अब देखना होगा कि बहरामपुर के तलाबी नंबर 219 क, ख के मामले में प्रशासन सिर्फ नोटिस और रिपोर्ट तक सीमित रहता है...
या फिर मौके पर बुलडोजर के साथ जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई भी दिखाई देती है।
कैमरे की नजर बहरामपुर पर है...
सवाल कई हैं... अब जवाब जिला प्रशासन को देना है।
    user_Mohd Asif patrkaar
    Mohd Asif patrkaar
    Local News Reporter Fatehpur, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • महराजगंज में मंगलवार से लेखपाल अतिरिक्त ग्राम सभाओं में नहीं करेंगे काम महराजगंज में मंगलवार से लेखपाल अतिरिक्त ग्राम सभाओं में नहीं करेंगे काम महराजगंज, रायबरेली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर तहसील महराजगंज के लेखपालों ने मंगलवार 22 सितंबर से अतिरिक्त हलकों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। संगठन का कहना है कि शासन एवं राजस्व परिषद स्तर पर लंबित मांगों के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रदेश नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है। इसी क्रम में उपशाखा तहसील महराजगंज, रायबरेली की ओर से तहसीलदार को पत्र भेजकर निर्णय से अवगत कराया गया है। पत्र में बताया गया कि अतिरिक्त हलकों का कार्य देख रहे लेखपालों ने संबंधित अतिरिक्त क्षेत्रों के बस्ते राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा कर दिए हैं। इन अतिरिक्त क्षेत्रों से संबंधित कोई भी शासकीय कार्य अब संबंधित लेखपालों द्वारा नहीं किया जाएगा। बहिष्कार के दायरे में रसूलपुर-चुरुवा, उमरपुर, इचौली-मैनाहार कटरा, थुलेण्डी-बावन बुजुर्ग बल्ला, कसरावा, भैरमपुर, कुरी, गूढ़ा-अमावां, रैन, भवानीगढ़-बेडारू, खजुरो, बहादुरनगर, देहली, कुम्भी, जगदीशपुर, ओसाह, दौतरा-चंदापुर, मऊ-मोहम्मदाबाद कोटवा, मोन, पाराकला, पोखरनी, जमुरावां, रीवा, बसंतपुर-सकतपुर, सीवन और बन्नावा समेत विभिन्न अतिरिक्त हलके शामिल हैं। बस्तों को सुरक्षित रखने की मांग, राजस्व कार्य प्रभावित होने की जताई आशंका संघ ने तहसीलदार से जमा किए गए बस्तों के सुरक्षित रखरखाव के लिए राजस्व निरीक्षक अधिष्ठान को आवश्यक आदेश देने की मांग की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बहिष्कार के दौरान अतिरिक्त क्षेत्रों से संबंधित किसी भी प्रकार का शासकीय कार्य लेखपालों द्वारा नहीं किया जाएगा। लेखपाल संघ ने कहा कि यह निर्णय प्रांतीय नेतृत्व के कार्यवृत्त दिनांक 2 अगस्त 2026 एवं पत्रांक 004/2026 के क्रम में लिया गया है। संगठन ने यह भी कहा कि यदि अतिरिक्त हलकों का कार्य प्रभावित होने से राजस्व कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न होती है तो इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शासन एवं राजस्व परिषद की होगी। संघ ने तहसील प्रशासन से संगठन को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा जताई है।
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    महराजगंज में मंगलवार से लेखपाल अतिरिक्त ग्राम सभाओं में नहीं करेंगे काम
महराजगंज में मंगलवार से लेखपाल अतिरिक्त ग्राम सभाओं में नहीं करेंगे काम
महराजगंज, रायबरेली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर तहसील महराजगंज के लेखपालों ने मंगलवार 22 सितंबर से अतिरिक्त हलकों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। संगठन का कहना है कि शासन एवं राजस्व परिषद स्तर पर लंबित मांगों के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रदेश नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है।
इसी क्रम में उपशाखा तहसील महराजगंज, रायबरेली की ओर से तहसीलदार को पत्र भेजकर निर्णय से अवगत कराया गया है। पत्र में बताया गया कि अतिरिक्त हलकों का कार्य देख रहे लेखपालों ने संबंधित अतिरिक्त क्षेत्रों के बस्ते राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा कर दिए हैं। इन अतिरिक्त क्षेत्रों से संबंधित कोई भी शासकीय कार्य अब संबंधित लेखपालों द्वारा नहीं किया जाएगा।
बहिष्कार के दायरे में रसूलपुर-चुरुवा, उमरपुर, इचौली-मैनाहार कटरा, थुलेण्डी-बावन बुजुर्ग बल्ला, कसरावा, भैरमपुर, कुरी, गूढ़ा-अमावां, रैन, भवानीगढ़-बेडारू, खजुरो, बहादुरनगर, देहली, कुम्भी, जगदीशपुर, ओसाह, दौतरा-चंदापुर, मऊ-मोहम्मदाबाद कोटवा, मोन, पाराकला, पोखरनी, जमुरावां, रीवा, बसंतपुर-सकतपुर, सीवन और बन्नावा समेत विभिन्न अतिरिक्त हलके शामिल हैं।
बस्तों को सुरक्षित रखने की मांग, राजस्व कार्य प्रभावित होने की जताई आशंका
संघ ने तहसीलदार से जमा किए गए बस्तों के सुरक्षित रखरखाव के लिए राजस्व निरीक्षक अधिष्ठान को आवश्यक आदेश देने की मांग की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बहिष्कार के दौरान अतिरिक्त क्षेत्रों से संबंधित किसी भी प्रकार का शासकीय कार्य लेखपालों द्वारा नहीं किया जाएगा।
लेखपाल संघ ने कहा कि यह निर्णय प्रांतीय नेतृत्व के कार्यवृत्त दिनांक 2 अगस्त 2026 एवं पत्रांक 004/2026 के क्रम में लिया गया है। संगठन ने यह भी कहा कि यदि अतिरिक्त हलकों का कार्य प्रभावित होने से राजस्व कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न होती है तो इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शासन एवं राजस्व परिषद की होगी। संघ ने तहसील प्रशासन से संगठन को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा जताई है।
    user_ऋषि कुमार मिश्रा
    ऋषि कुमार मिश्रा
    Teacher महाराजगंज, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • पुश्तैनी मकान पर कब्जे का आरोप, पीड़ित परिवार ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार रायबरेली। सलोन कोतवाली क्षेत्र के तलरेजा भट्टा, रायबरेली रोड बाईपास निवासी रघुनंदन ने अपने चचेरे भाई पर पुश्तैनी मकान पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई। रघुनंदन का कहना है कि उनका पुश्तैनी मकान करीब 40-50 वर्ष पुराना है। परिवार के चचेरे भाई राधेश्याम के साथ पूर्व में बंटवारा हुआ था, जिसके बाद राधेश्याम अपने हिस्से में मकान बनाकर रह रहा है। आरोप है कि पुराना मकान गिर जाने और वहां परिवार के न रहने का फायदा उठाकर राधेश्याम अब उस जमीन पर भी जबरन कब्जा करना चाहता है। पीड़ित का आरोप है कि कब्जे का विरोध करने पर उसे धमकी दी जाती है। परिवार का कहना है कि मामले को लेकर सलोन थाने में शिकायत की गई, लेकिन कोई प्रभावी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित परिवार छोटे बच्चों और अपने दो मानसिक रूप से दिव्यांग भाइयों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। परिवार ने राधेश्याम पर दोनों भाइयों के साथ दुर्व्यवहार करने के भी आरोप लगाए हैं। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को मामले में न्याय का आश्वासन देते हुए संबंधित विभाग से जांच कर कार्रवाई कराने की बात कही।
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    पुश्तैनी मकान पर कब्जे का आरोप, पीड़ित परिवार ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
रायबरेली। सलोन कोतवाली क्षेत्र के तलरेजा भट्टा, रायबरेली रोड बाईपास निवासी रघुनंदन ने अपने चचेरे भाई पर पुश्तैनी मकान पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई।
रघुनंदन का कहना है कि उनका पुश्तैनी मकान करीब 40-50 वर्ष पुराना है। परिवार के चचेरे भाई राधेश्याम के साथ पूर्व में बंटवारा हुआ था, जिसके बाद राधेश्याम अपने हिस्से में मकान बनाकर रह रहा है। आरोप है कि पुराना मकान गिर जाने और वहां परिवार के न रहने का फायदा उठाकर राधेश्याम अब उस जमीन पर भी जबरन कब्जा करना चाहता है।
पीड़ित का आरोप है कि कब्जे का विरोध करने पर उसे धमकी दी जाती है। परिवार का कहना है कि मामले को लेकर सलोन थाने में शिकायत की गई, लेकिन कोई प्रभावी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित परिवार छोटे बच्चों और अपने दो मानसिक रूप से दिव्यांग भाइयों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा।
परिवार ने राधेश्याम पर दोनों भाइयों के साथ दुर्व्यवहार करने के भी आरोप लगाए हैं। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को मामले में न्याय का आश्वासन देते हुए संबंधित विभाग से जांच कर कार्रवाई कराने की बात कही।
    user_Deepak Kumar
    Deepak Kumar
    Local News Reporter ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सीतापुर: 5 साल की मासूम से दरिंदगी करने वालाशी दरिंदा पुलिस मुठभेड़ में घायल, टॉफी का लालच देकर खेत में ले गया था आरोपी सीतापुर: 5 साल की मासूम से दरिंदगी करने वालाशी दरिंदा पुलिस मुठभेड़ में घायल, टॉफी का लालच देकर खेत में ले गया था आरोपी ​सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद धर दबोचा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिससे वह घायल हो गया। ​क्या है पूरा मामला? ​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान अवधराम उर्फ भोला शंकर के रूप में हुई है। यह हैवान इलाके में एक मासूम बच्ची को टॉफी दिलाने का लालच देकर बहला-फुसलाकर सुनसान खेत में ले गया था, जहाँ उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। घटना को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी मौके से फरार चल रहा था। ​पुलिस की कार्रवाई और 'लंगड़ा' करने की दास्तान ​वारदात के बाद से ही पुलिस और एसओजी (SOG) की टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हुई थीं। पुलिस को जब आरोपी की लोकेशन का पता चला, तो उसे घेर लिया गया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। ​पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी अवधराम उर्फ भोला शंकर के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
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    सीतापुर: 5 साल की मासूम से दरिंदगी करने वालाशी दरिंदा पुलिस मुठभेड़ में घायल, टॉफी का लालच देकर खेत में ले गया था आरोपी
सीतापुर: 5 साल की मासूम से दरिंदगी करने वालाशी दरिंदा पुलिस मुठभेड़ में घायल, टॉफी का लालच देकर खेत में ले गया था आरोपी
​सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद धर दबोचा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिससे वह घायल हो गया।
​क्या है पूरा मामला?
​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान अवधराम उर्फ भोला शंकर के रूप में हुई है। यह हैवान इलाके में एक मासूम बच्ची को टॉफी दिलाने का लालच देकर बहला-फुसलाकर सुनसान खेत में ले गया था, जहाँ उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। घटना को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी मौके से फरार चल रहा था।
​पुलिस की कार्रवाई और 'लंगड़ा' करने की दास्तान
​वारदात के बाद से ही पुलिस और एसओजी (SOG) की टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हुई थीं। पुलिस को जब आरोपी की लोकेशन का पता चला, तो उसे घेर लिया गया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
​पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी अवधराम उर्फ भोला शंकर के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
    user_Dhirendra Shukla
    Dhirendra Shukla
    ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी में सनसनीखेज वारदात: स्कूल के अंदर टीचर की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने खुद भी की आत्महत्या लखीमपुर खीरी में सनसनीखेज वारदात: स्कूल के अंदर टीचर की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने खुद भी की आत्महत्या ​लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक स्कूल के अंदर घुसकर एक सनकी युवक ने महिला शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद को भी गोली से उड़ा लिया। इस खौफनाक वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। ​क्या है पूरा मामला? ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, सऊद अंसारी नाम का एक व्यक्ति अचानक स्कूल के अंदर दाखिल हुआ। उसने किसी बात को लेकर महिला टीचर निशात फातिमा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण निशात फातिमा की मौके पर ही मौत हो गई। ​आरोपी ने भी की खुदकुशी ​शिक्षिका को मौत के घाट उतारने के ठीक बाद, आरोपी सऊद अंसारी ने खुद पर भी पिस्तौल तान ली और खुद को गोली मार ली। इस आत्मघाती कदम से उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। एक ही जगह पर दो लोगों की लाशें मिलने से स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। ​पुलिस जांच जारी ​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और स्कूल को सील कर सबूत जुटाए जा रहे हैं।
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    लखीमपुर खीरी में सनसनीखेज वारदात: स्कूल के अंदर टीचर की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने खुद भी की आत्महत्या
लखीमपुर खीरी में सनसनीखेज वारदात: स्कूल के अंदर टीचर की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने खुद भी की आत्महत्या
​लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक स्कूल के अंदर घुसकर एक सनकी युवक ने महिला शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद को भी गोली से उड़ा लिया। इस खौफनाक वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।
​क्या है पूरा मामला?
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, सऊद अंसारी नाम का एक व्यक्ति अचानक स्कूल के अंदर दाखिल हुआ। उसने किसी बात को लेकर महिला टीचर निशात फातिमा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण निशात फातिमा की मौके पर ही मौत हो गई।
​आरोपी ने भी की खुदकुशी
​शिक्षिका को मौत के घाट उतारने के ठीक बाद, आरोपी सऊद अंसारी ने खुद पर भी पिस्तौल तान ली और खुद को गोली मार ली। इस आत्मघाती कदम से उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। एक ही जगह पर दो लोगों की लाशें मिलने से स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है।
​पुलिस जांच जारी
​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और स्कूल को सील कर सबूत जुटाए जा रहे हैं।
    user_Dhirendra Shukla
    Dhirendra Shukla
    ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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