*जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप* *कौशाम्बी। जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे।* *स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?*
*जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप* *कौशाम्बी। जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे।* *स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?*
- *जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप* *कौशाम्बी। जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे।* *स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?*1
- कौशाम्बी...विश्व कैन्सर दिवस पर ए0एस0एम0सी0 कौशाम्बी में भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर 04 फरवरी 2026 को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी में एक भव्य कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना, इसके प्रारंभिक लक्षणों की पहचान तथा समय पर जांच और उपचार के महत्व को समझाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत जागरूकता संबोधन से हुई, जिसमें प्रधानाचार्य डा0 हरिओम कुमार सिंह ने कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जानकारी की कमी और देर से पहचान कैंसर से होने वाली मृत्यु का प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि कैंसर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसकी समय रहते पहचान कर उचित इलाज कराया जाए। और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम एवं समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को कैंसर से बचाव के लिए आवश्यक बताया।कम्युनिटी मेडिसिन के डा0 सन्तोष कुमार द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में देश सहित प्रदेश में कैंसर का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जो एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या बन चुका है। जीवनशैली में बदलाव, तंबाकू एवं नशीले पदार्थों का सेवन, असंतुलित आहार और देर से जांच कराना इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर का बढ़ता बोझ न केवल मरीजों बल्कि उनके परिवारों और समाज पर भी आर्थिक व मानसिक दबाव डालता है। इस बोझ को कम करने के लिए जनजागरूकता, समय पर स्क्रीनिंग और प्रारंभिक उपचार अत्यंत आवश्यक है। महिला रोग विभाग की डा0 विशाखा दिक्षित द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में पाया जाने वाला एक प्रमुख कैंसर है, जिसकी समय पर पहचान और रोकथाम संभव है। उन्होंने कहा कि यह कैंसर मुख्य रूप से एचपीवी संक्रमण, जागरूकता की कमी और नियमित जांच न कराने के कारण होता है। प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए नियमित स्क्रीनिंग अत्यंत आवश्यक है। चिकित्सकों ने बताया कि टीकाकरण, नियमित जांच और सही समय पर उपचार से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सर्जरी विभाग के डा0 नरेन्द्र कुमार एवं डा0 मो0 अरसद द्वारा बताया कि स्तन कैंसर महिलाओं में तथा प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल हैं, जिनका समय पर पता लगने पर सफल उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी, नियमित जांच न कराना और जीवनशैली में बदलाव इन कैंसरों के बढ़ते मामलों के प्रमुख कारण हैं। स्तन कैंसर की पहचान के लिए स्वयं परीक्षण एवं नियमित जांच आवश्यक है, वहीं प्रोस्टेट कैंसर की समय पर पहचान के लिए पुरुषों को उम्र के अनुसार जांच करानी चाहिए। चिकित्सकों ने अपील की कि महिलाएं और पुरुष दोनों ही स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। अन्त पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के अधिकारीगण, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, नर्सिंग स्टाफ एवं एम0बी0बी0एस0 के छात्र-छात्राये उपस्थित रहे। सभी ने कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया साथ ही स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने एवं कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास साबित हुआ। संस्थान द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई।1
- कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अपने गृह जनपद कौशाम्बी चार दिवसीय दौरे पर पहुंचे। दौरे के दौरान भाजपा जिला कार्यालय कौशाम्बी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वर्ष 2026 के बजट को लेकर मीडिया से प्रेस वार्ता की।1
- गोंडा में टैक्टर वाले ने 3बाईक को कुचला1
- अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी नहीं हटवाया गया अभी तक कब्जा।1
- *कौशाम्बी : हाईटेंशन तार की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप* *कौशाम्बी संदेश संवाददाता* कौशाम्बी जिले के सरायअकील थाना क्षेत्र के इमली गांव में बुधवार सुबह करीब 6 बजे एक दर्दनाक हादसे में 30 वर्षीय महिला की हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना से गांव में हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की पहचान किरण कोरी पत्नी कुलदीप, निवासी इमली गांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार किरण सुबह घर से पैदल खेत की ओर जा रही थीं। खेत की मेड़ पर पहले से टूटकर गिरे हाईटेंशन विद्युत तार पर उनका ध्यान नहीं गया और वह सीधे हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आ गईं। करंट लगते ही वह बुरी तरह झुलस गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए कटरा स्थित म्योहर पावर हाउस में कई बार फोन किया, लेकिन किसी का फोन रिसीव नहीं हुआ। इस दौरान मृतका का पैर काफी देर तक करंट की चपेट में जलता रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर भगवानपुर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। मृतका के पति कुलदीप खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दंपती के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाईटेंशन विद्युत तार लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा था। इसकी मरम्मत को लेकर कई बार विद्युत विभाग से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच के लिए आने वाले अवर अभियंता (जेई) भी हर बार आश्वासन देकर मामले को टालते रहे। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दिए जाने की मांग की है।1
- कौशांबी। सोशल मीडिया पर 'लाइक' और 'व्यूज' की भूख युवाओं को इस कदर दीवाना बना रही है कि वे अपनी जान की बाजी लगाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। ताजा मामला कौशांबी जिले के थाना कौशांबी क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ स्टंटबाजी का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो थाना कौशांबी अंतर्गत जाठी गांव के समीप का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक सड़क पर अपनी साइकिल का अगला पहिया निकालकर खतरनाक स्टंट कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि ये युवक न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं।युवक साइकिल का अगला टायर हटाकर उसे एक पहिये पर संतुलित करने की कोशिश करते हैं।बिना किसी सुरक्षा उपकरण (हेलमेट या पैड) के यह स्टंट मुख्य सड़क पर किया जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया रील बनाने के चक्कर में यह ट्रेंड क्षेत्र में तेजी से फैल रहा है।सड़क पर इस तरह की हरकतें न केवल गैर-कानूनी हैं, बल्कि किसी भी वक्त बड़े हादसे का सबब बन सकती हैं।1
- कौशांबी...जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?1