कौशांबी...जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?
कौशांबी...जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?
- *सरकारी तालाब पर अवैध कब्जा, एसडीएम से लेकर लेखपाल-कानूनगो तक मौन* *कब्जे से जल निकासी बाधित, सड़कें हो रहीं खराब* *खबर प्रकाशित होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, ग्रामीणों में आक्रोश* कौशांबी। सिराथू तहसील क्षेत्र के ग्राम मलाक भायल करेटी में सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 265 स्पष्ट रूप से सरकारी जलमग्न (तालाब) भूमि के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद दबंगों द्वारा खुलेआम कब्जा किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि एसडीएम, लेखपाल और कानूनगो सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार सतीश पुत्र रामभवन द्वारा तालाब की भूमि पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार लेखपाल और कानूनगो को सूचना दी गई, लेकिन अब तक न तो मौके पर कोई कार्रवाई की गई और न ही कब्जा हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व कर्मचारियों की चुप्पी भूमाफियाओं को प्रशासनिक संरक्षण का संकेत दे रही है। तालाब पर हो रहे अवैध कब्जे का असर अब गांव की जल निकासी व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तालाब पाटे जाने से बरसात और नालियों का पानी नहीं निकल पा रहा, जिसके कारण गांव की सड़कें खराब हो रही हैं और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जल संरक्षण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले भी खबर प्रकाशित हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इससे लोगों में गहरा आक्रोश है और वे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी तालाब को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए, भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और लापरवाही बरतने वाले लेखपाल, कानूनगो समेत जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते सरकारी तालाब को बचाने के लिए कदम उठाएगा, या फिर राजस्व अमले की चुप्पी में भूमाफियाओं का कब्जा स्थायी रूप ले लेगा?1
- गाजियाबाद से बड़ी खबर गाजियाबाद में 3 बहनों के सुसाइड से जुड़ी बड़ी खबर!! पुलिस ने एक सुसाइड नोट रिकवर किया बच्चियों ने माता-पिता को सॉरी लिखा है!! जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे,नोट,अब समझेंगे हम उसे कितना प्यार करते थे!! सुसाइड नोट से गेमिंग ऐप की लत आई सामने परिवार द्वारा गेम को लेकर डांटने की आशंका!! डांट के बाद तीनों के सुसाइड करने का अंदेशा भारत सिटी सोसाइटी में सामूहिक आत्महत्या!! बाइट अतुल कुमार सिंह सहायक पुलिस आयुक्त शालीमार गार्डन!!1
- *मंदिर के पास खुलेआम गांजा बिक्री, साधु के भेष में सक्रिय गांजा माफिया, जिम्मेदार मौन* *कौशांबी संदेश संवाददाता* *जिम्मेदार अधिकारी अभी तक नहीं किया कोई कार्रवाई* कौशांबी। थाना चरवा क्षेत्र अंतर्गत बेरुआ चौराहा पर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी जा रही है। मंदिर के ठीक बगल में गोमती नदी के किनारे साधु के भेष में एक गांजा माफिया खुलेआम गांजा बेच रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त व्यक्ति लंबे समय से साधु का चोला पहनकर इलाके में घूम रहा है और धार्मिक आस्था की आड़ में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री कर रहा है। मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद गांजे का यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है।सूत्रों का कहना है कि गांजा बिक्री की जानकारी स्थानीय पुलिस और जिम्मेदार अधिकारियों को पहले से है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस खुलेआम नशे के कारोबार से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। मंदिर जैसे पवित्र स्थल के पास नशीले पदार्थों की बिक्री से धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मामले की जांच कर गांजा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रह सके और युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब तक मौन तोड़ते हैं और कार्रवाई होती है या नहीं।1
- ये बच्ची ने दिल जीत लिया1
- बिजली विभाग की लापरवाही से लगातार घटनाएं घट रही है।1
- जनपद के संदीपन घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत नियामद का पूरा भीटी गांव में रुपये के लेनदेन को लेकर हुई मारपीट में एक युवक और एक महिला घायल हो गए। आरोप है कि गांव के ही एक परिवार के लोगों ने लोहे के पाइप से हमला कर दोनों को चोटें पहुंचाईं। पीड़ित युवक लवलेश कुमार पुत्र रोशन लाल निवासी नियामद का पूरा भीटी ने बताया कि उसने मजदूरी की थी, जिसकी मजदूरी की रकम बाकी थी। रुपये मांगने पर गांव के ही युवक व उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। हमले में उसके सिर में गंभीर चोट आई, वहीं बीच-बचाव करने आई महिला को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद पीड़ित युवक ने संदीपन घाट थाना पहुंचकर नामजद तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- थानाध्यक्ष पिपरी विकास सिंह के नेतृत्व में महामाया गर्ल्स इंटर कॉलेज में चलाया गया सायबर जागरूकता अभियान एसपी राजेश कुमार के निर्देशन में जनपद में चलाया जा रहा सायबर जागरूकता अभियान ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS पिपरी/कौशांबी...बुधवार 4 फरवरी को साइबर जागरूकता अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार व अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी चायल अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण में और थाना अध्यक्ष पिपरी विकास सिंह के कुशल नेतृत्व में महिला उ0नि0 सरिता और महिला आरक्षी प्रीति उपाध्याय द्वारा साइबर जागरूकता अभियान के तहत ग्राम मखऊपुर स्थित महामाया गर्ल्स इंटर कॉलेज मे जाकर छात्र छात्राओं को साइबर जागरूकता कार्यक्रम व साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा साइबर सुरक्षा से सम्बंधित महत्वपूर्ण निर्देश को विस्तृत तरीके से समझा गया व सायबर वेबसाइट के बारे में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया। पिपरी पुलिस टीम द्वारा महामाया गर्ल्स इंटर कॉलेज मख़ऊपुर में छात्र-छात्राओं साइबर अपराधों से बचाव हेतु जागरूक किया गया। टीम द्वारा बताया गया कि इंटरनेट के उपयोग की सही जानकारी होने पर साइबर अपराध से बचा जा सकता है। ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत पासवर्ड बनाए, इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सअप, ट्विटर (एक्स), फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करें क्योंकि कोई भी व्यक्ति आसानी से आपकी जानकारी का इस्तेमाल कर दुरूपयोग कर सकता है। किसी भी प्रकार के एप्स डाउनलोड किये जाते समय प्राईवेसी सम्बन्धी आप्शन का भली-भांति अवलोकन करने के बाद ही सहमती / असहमती देते हुए प्रक्रिया पूर्ण करें। फर्जी लॉटरी लगने का कॉल करने वालों को कभी अपनी बैंक की डिटेल शेयर न करें। डिजिटल अरेस्ट से बचाव हेतु बताया गया कि किसी भी अनजान कॉल / मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें, बीमा कम्पनी, नौकरी के नाम से कॉल किये जाने पर बिना सत्यापन किये कोई जानकारी न दे। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सअप, ट्विटर, फेसबक व इंस्टाग्राम पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करें। फर्जी लॉटरी लगने का कॉल करने वालों को कभी अपनी बैंक की डिटेल शेयर न करें व अनजान कॉल / मैसेज पर प्रतिक्रिया न दे। टावर लगाने के नाम पर भी लोगों से ठगी की जाती है, इससे बचने हेतु किसी अज्ञात बैंक खाता में पैसा जमा न करें।यह जानकारी अपने घर पर परिवारजनो व आसपास के लोगो को भी साझा करने हेतु बताया गया। *बताएं गए साइबर सुरक्षा टिप्स* 01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें 02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। 03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। 04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें। 05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें। 06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें। 07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें। 08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें। 09. साइबर बुलिंग और साईबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें। 10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें। 11. साइबर काइम की रिपोर्ट करने के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1930 का प्रयोग करें।1
- *प्रयागराज मे ढाई करोड़ की सरकारी जमीन को प्राइवेट के नाम करने पर डीएम का एक्शन,कानूनगो का हुआ डिमोशन,बना लेखपाल* प्रयागराज के गंगापार के सोरांव तहसील में एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को सरकारी जमीन की हेरफेर के आरोप में डिमोशन कर लेखपाल बना दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी कानूनगो दूधनाथ को निलंबित भी कर दिया गया है। कानूनगो दूधनाथ पर फाफामऊ में बंजर और परती भूमि को पैसे लेकर अपने करीबियों के नाम करने का आरोप है। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई,जिसमें वह दोषी पाए गए। इस मामले की शिकायत शासन और प्रशासन तक पहुंची थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की गई,जिसमें दो नायब तहसीलदार, एक कानूनगो और एक लेखपाल शामिल थे। लगभग चार महीने तक चली जांच में तहसील और जिला अभिलेखागार के सभी दस्तावेज खंगाले गए। जांच में सामने आया कि कानूनगो ने परती जमीन को तीन लोगों के नाम करने के लिए अभिलेखों में छेड़छाड़ की थी। उन्होंने सरकारी भूमि को निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिया था। दो दिन पहले यह जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने दोषी कानूनगो को डिमोशन करते हुए लेखपाल बना दिया और उन्हें निलंबित भी कर दिया। इसके अलावा, दूधनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश भी पुलिस को दिए गए हैं। एक अन्य लेखपाल को यह मुकदमा दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया गया है। जांच में पता चला है कि लगभग ढाई करोड़ रुपये की यह जमीन 20 लाख रुपये लेकर निजी लोगों के नाम की गई थी। सोरांव के एसडीएम ज्ञानेंद्र नाथ ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच अभी जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा,उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कानूनगो दूधनाथ जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। तहसील के अभिलेखों में इस जमीन को फिर से परती की श्रेणी में दर्ज करा दिया गया है।1
- एक महीने बाद युवक की कब्र से शव को बाहर निकल गया।1