*मंदिर के पास खुलेआम गांजा बिक्री, साधु के भेष में सक्रिय गांजा माफिया, जिम्मेदार मौन* *कौशांबी संदेश संवाददाता* *जिम्मेदार अधिकारी अभी तक नहीं किया कोई कार्रवाई* कौशांबी। थाना चरवा क्षेत्र अंतर्गत बेरुआ चौराहा पर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी जा रही है। मंदिर के ठीक बगल में गोमती नदी के किनारे साधु के भेष में एक गांजा माफिया खुलेआम गांजा बेच रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त व्यक्ति लंबे समय से साधु का चोला पहनकर इलाके में घूम रहा है और धार्मिक आस्था की आड़ में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री कर रहा है। मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद गांजे का यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है।सूत्रों का कहना है कि गांजा बिक्री की जानकारी स्थानीय पुलिस और जिम्मेदार अधिकारियों को पहले से है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस खुलेआम नशे के कारोबार से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। मंदिर जैसे पवित्र स्थल के पास नशीले पदार्थों की बिक्री से धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मामले की जांच कर गांजा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रह सके और युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब तक मौन तोड़ते हैं और कार्रवाई होती है या नहीं।
*मंदिर के पास खुलेआम गांजा बिक्री, साधु के भेष में सक्रिय गांजा माफिया, जिम्मेदार मौन* *कौशांबी संदेश संवाददाता* *जिम्मेदार अधिकारी अभी तक नहीं किया कोई कार्रवाई* कौशांबी। थाना चरवा क्षेत्र अंतर्गत बेरुआ चौराहा पर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी जा रही है। मंदिर के ठीक बगल में गोमती नदी के किनारे साधु के भेष में एक गांजा माफिया खुलेआम गांजा बेच रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त व्यक्ति लंबे समय से साधु का चोला पहनकर इलाके में घूम रहा है और धार्मिक आस्था की आड़ में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री कर रहा है। मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद गांजे का यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है।सूत्रों का कहना है कि गांजा बिक्री की जानकारी स्थानीय पुलिस और जिम्मेदार अधिकारियों को पहले से है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस खुलेआम नशे के कारोबार से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। मंदिर जैसे पवित्र स्थल के पास नशीले पदार्थों की बिक्री से धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मामले की जांच कर गांजा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रह सके और युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब तक मौन तोड़ते हैं और कार्रवाई होती है या नहीं।
- *कौशाम्बी : हाईटेंशन तार की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप* *कौशाम्बी संदेश संवाददाता* कौशाम्बी जिले के सरायअकील थाना क्षेत्र के इमली गांव में बुधवार सुबह करीब 6 बजे एक दर्दनाक हादसे में 30 वर्षीय महिला की हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना से गांव में हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की पहचान किरण कोरी पत्नी कुलदीप, निवासी इमली गांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार किरण सुबह घर से पैदल खेत की ओर जा रही थीं। खेत की मेड़ पर पहले से टूटकर गिरे हाईटेंशन विद्युत तार पर उनका ध्यान नहीं गया और वह सीधे हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आ गईं। करंट लगते ही वह बुरी तरह झुलस गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए कटरा स्थित म्योहर पावर हाउस में कई बार फोन किया, लेकिन किसी का फोन रिसीव नहीं हुआ। इस दौरान मृतका का पैर काफी देर तक करंट की चपेट में जलता रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर भगवानपुर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। मृतका के पति कुलदीप खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दंपती के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाईटेंशन विद्युत तार लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा था। इसकी मरम्मत को लेकर कई बार विद्युत विभाग से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच के लिए आने वाले अवर अभियंता (जेई) भी हर बार आश्वासन देकर मामले को टालते रहे। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दिए जाने की मांग की है।1
- कौशाम्बी....बुधवार को पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी राजेश कुमार द्वारा पुलिस कार्यालय कौशाम्बी में शासनादेश के क्रम में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस से निरीक्षक नागरिक पुलिस के पद पर प्रोन्नत हुए उपनिरीक्षक राकेश राय को स्टार लगाकर पदोन्नति प्रदान की गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक द्वारा राकेश राय को निरीक्षक नागरिक पुलिस के पद पर पदोन्नति हेतु बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई तथा निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS1
- *कौशांबी में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार, मरीजों पर दवा के नाम पर हो रहा प्रयोग* *कौशांबी संदेश संवाददाता* कौशांबी। जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जो बिना किसी डिग्री और पंजीकरण के खुलेआम इलाज कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में यह झोलाछाप डॉक्टर मरीजों पर दवा के नाम पर तरह-तरह के प्रयोग कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुखार, पेट दर्द, इंफेक्शन जैसी सामान्य बीमारियों में भी झोलाछाप डॉक्टर भारी-भरकम इंजेक्शन और अनजान दवाएं दे रहे हैं। कई मामलों में मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल या निजी अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।ग्रामीणों का आरोप है कि ये झोलाछाप डॉक्टर बिना जांच के ही दवाएं लिख देते हैं और मरीजों को सही जानकारी भी नहीं दी जाती। दवा के साइड इफेक्ट या सही खुराक के बारे में कोई सलाह नहीं दी जाती, जिससे मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है।स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते ऐसे फर्जी डॉक्टर बेखौफ होकर अपना अवैध कारोबार चला रहे हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है।जानकारों का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई न होने से आम जनता का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था से उठता जा रहा है। गरीब और अनपढ़ ग्रामीण मजबूरी में इन्हीं फर्जी डॉक्टरों के पास इलाज कराने को विवश हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों की जान के साथ हो रहे इस खतरनाक खेल पर रोक लग सके।1
- चित्रकूट बरगढ़ आयुष केसरवानी हत्याकांड मामले में कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल नंदी ने पीड़ित परिजनों को सौंपे 05 लाख का चेक, अपराधियों को किसी प्रकार से बक्सा नहीं जाएगा।। #Chitrakoot #Murdercase1
- कौशाम्बी के बेनी रामकटरा क्षेत्र में उपखण्ड अधिकारी (SDO) पर उपभोक्ताओं से दुर्व्यवहार के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कोई फरियादी अपनी समस्या लेकर कार्यालय पहुँचता है, तो उसकी बात सुनने के बजाय कथित तौर पर अपशब्द कहकर उसे बाहर कर दिया जाता है। अब पीड़ितों ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई है। #कौशाम्बी #बेनीरामकटरा #SDO #उपभोक्ता_समस्या #दुर्व्यवहार #nonfollowersviewers #facebookree1
- नगर पालिका परिषद भरवारी का विकास बहुत तेजी से दौड़ रहा है यूपी जनपद कौशांबी नगर पालिका परिषद भरवारी किसी भी प्रकार की घटनाएं होने पर या खबर चलवाने के लिए संपर्क करे 7080627747 @pramodsachtak #graund#riporting1
- कथा कार्यक्रम के दौरान पथराव, परिजनों को दी जान से मारने की धमकी कौशाम्बी। पिपरी थाना क्षेत्र के ग्राम रेही में कथा कार्यक्रम के दौरान दबंगों द्वारा पथराव और मारपीट की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता गुडिया देवी पत्नी बलराज, भूतपूर्व सैनिक, निवासी ग्राम रेही ने बताया कि वह मूल रूप से उसी गांव की निवासी हैं। पीड़िता के अनुसार बीते 2 फरवरी की रात करीब नौ बजे उनके घर पर कथा का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 20–25 रिश्तेदार शामिल हुए थे। रात्रि में जब सभी लोग भोजन कर रहे थे, तभी गांव के ही एक दबंग व्यक्ति ने अपने परिवार के साथ एक राय होकर घर पर भोजन कर रहे लोगों पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस दौरान गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना से घर में अफरा-तफरी मच गई। पीड़िता द्वारा तत्काल 100 नंबर डायल करने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने लाकर मामले को पेश करने की बात कही। पीड़िता का आरोप है कि इससे पूर्व भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने आशंका जताई है कि उनके परिवार के साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। घटना के बाद से पूरा परिवार डरा-सहमा हुआ है। पीड़िता ने बुधवार सुबह करीब दस बजे थाना पिपरी में शिकायती पत्र देकर न्याय और सुरक्षा की मांग की है।1
- *मंदिर के पास खुलेआम गांजा बिक्री, साधु के भेष में सक्रिय गांजा माफिया, जिम्मेदार मौन* *कौशांबी संदेश संवाददाता* *जिम्मेदार अधिकारी अभी तक नहीं किया कोई कार्रवाई* कौशांबी। थाना चरवा क्षेत्र अंतर्गत बेरुआ चौराहा पर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी जा रही है। मंदिर के ठीक बगल में गोमती नदी के किनारे साधु के भेष में एक गांजा माफिया खुलेआम गांजा बेच रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त व्यक्ति लंबे समय से साधु का चोला पहनकर इलाके में घूम रहा है और धार्मिक आस्था की आड़ में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री कर रहा है। मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद गांजे का यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है।सूत्रों का कहना है कि गांजा बिक्री की जानकारी स्थानीय पुलिस और जिम्मेदार अधिकारियों को पहले से है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस खुलेआम नशे के कारोबार से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। मंदिर जैसे पवित्र स्थल के पास नशीले पदार्थों की बिक्री से धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मामले की जांच कर गांजा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रह सके और युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब तक मौन तोड़ते हैं और कार्रवाई होती है या नहीं।1