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गाजियाबाद में 3 बहनों के सुसाइड से जुड़ी बड़ी खबर!! गाजियाबाद से बड़ी खबर गाजियाबाद में 3 बहनों के सुसाइड से जुड़ी बड़ी खबर!! पुलिस ने एक सुसाइड नोट रिकवर किया बच्चियों ने माता-पिता को सॉरी लिखा है!! जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे,नोट,अब समझेंगे हम उसे कितना प्यार करते थे!! सुसाइड नोट से गेमिंग ऐप की लत आई सामने परिवार द्वारा गेम को लेकर डांटने की आशंका!! डांट के बाद तीनों के सुसाइड करने का अंदेशा भारत सिटी सोसाइटी में सामूहिक आत्महत्या!! बाइट अतुल कुमार सिंह सहायक पुलिस आयुक्त शालीमार गार्डन!!
कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
गाजियाबाद में 3 बहनों के सुसाइड से जुड़ी बड़ी खबर!! गाजियाबाद से बड़ी खबर गाजियाबाद में 3 बहनों के सुसाइड से जुड़ी बड़ी खबर!! पुलिस ने एक सुसाइड नोट रिकवर किया बच्चियों ने माता-पिता को सॉरी लिखा है!! जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे,नोट,अब समझेंगे हम उसे कितना प्यार करते थे!! सुसाइड नोट से गेमिंग ऐप की लत आई सामने परिवार द्वारा गेम को लेकर डांटने की आशंका!! डांट के बाद तीनों के सुसाइड करने का अंदेशा भारत सिटी सोसाइटी में सामूहिक आत्महत्या!! बाइट अतुल कुमार सिंह सहायक पुलिस आयुक्त शालीमार गार्डन!!
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- बिजली विभाग की लापरवाही से लगातार घटनाएं घट रही है।1
- कौशांबी...जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?1
- *प्रयागराज मे ढाई करोड़ की सरकारी जमीन को प्राइवेट के नाम करने पर डीएम का एक्शन,कानूनगो का हुआ डिमोशन,बना लेखपाल* प्रयागराज के गंगापार के सोरांव तहसील में एक राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को सरकारी जमीन की हेरफेर के आरोप में डिमोशन कर लेखपाल बना दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी कानूनगो दूधनाथ को निलंबित भी कर दिया गया है। कानूनगो दूधनाथ पर फाफामऊ में बंजर और परती भूमि को पैसे लेकर अपने करीबियों के नाम करने का आरोप है। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई,जिसमें वह दोषी पाए गए। इस मामले की शिकायत शासन और प्रशासन तक पहुंची थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की गई,जिसमें दो नायब तहसीलदार, एक कानूनगो और एक लेखपाल शामिल थे। लगभग चार महीने तक चली जांच में तहसील और जिला अभिलेखागार के सभी दस्तावेज खंगाले गए। जांच में सामने आया कि कानूनगो ने परती जमीन को तीन लोगों के नाम करने के लिए अभिलेखों में छेड़छाड़ की थी। उन्होंने सरकारी भूमि को निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिया था। दो दिन पहले यह जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने दोषी कानूनगो को डिमोशन करते हुए लेखपाल बना दिया और उन्हें निलंबित भी कर दिया। इसके अलावा, दूधनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश भी पुलिस को दिए गए हैं। एक अन्य लेखपाल को यह मुकदमा दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया गया है। जांच में पता चला है कि लगभग ढाई करोड़ रुपये की यह जमीन 20 लाख रुपये लेकर निजी लोगों के नाम की गई थी। सोरांव के एसडीएम ज्ञानेंद्र नाथ ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच अभी जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा,उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कानूनगो दूधनाथ जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। तहसील के अभिलेखों में इस जमीन को फिर से परती की श्रेणी में दर्ज करा दिया गया है।1
- *कौशाम्बी : हाईटेंशन तार की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप* *कौशाम्बी संदेश संवाददाता* कौशाम्बी जिले के सरायअकील थाना क्षेत्र के इमली गांव में बुधवार सुबह करीब 6 बजे एक दर्दनाक हादसे में 30 वर्षीय महिला की हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना से गांव में हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की पहचान किरण कोरी पत्नी कुलदीप, निवासी इमली गांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार किरण सुबह घर से पैदल खेत की ओर जा रही थीं। खेत की मेड़ पर पहले से टूटकर गिरे हाईटेंशन विद्युत तार पर उनका ध्यान नहीं गया और वह सीधे हाईवोल्टेज करंट की चपेट में आ गईं। करंट लगते ही वह बुरी तरह झुलस गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए कटरा स्थित म्योहर पावर हाउस में कई बार फोन किया, लेकिन किसी का फोन रिसीव नहीं हुआ। इस दौरान मृतका का पैर काफी देर तक करंट की चपेट में जलता रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर भगवानपुर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। मृतका के पति कुलदीप खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दंपती के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाईटेंशन विद्युत तार लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा था। इसकी मरम्मत को लेकर कई बार विद्युत विभाग से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच के लिए आने वाले अवर अभियंता (जेई) भी हर बार आश्वासन देकर मामले को टालते रहे। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दिए जाने की मांग की है।1
- कौशाम्बी के बेनी रामकटरा क्षेत्र में उपखण्ड अधिकारी (SDO) पर उपभोक्ताओं से दुर्व्यवहार के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कोई फरियादी अपनी समस्या लेकर कार्यालय पहुँचता है, तो उसकी बात सुनने के बजाय कथित तौर पर अपशब्द कहकर उसे बाहर कर दिया जाता है। अब पीड़ितों ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई है। #कौशाम्बी #बेनीरामकटरा #SDO #उपभोक्ता_समस्या #दुर्व्यवहार #nonfollowersviewers #facebookree1
- एक महीने बाद युवक की कब्र से शव को बाहर निकल गया।1
- आगरा में एक विशेष समुदाय के युवक द्वारा मचाए गए आतंक के कारण 40 से अधिक हिंदू परिवारों ने अपने घरों को बेचने के लिए पोस्टर लगा दिए।1
- थानाध्यक्ष पिपरी विकास सिंह के नेतृत्व में महामाया गर्ल्स इंटर कॉलेज में चलाया गया सायबर जागरूकता अभियान एसपी राजेश कुमार के निर्देशन में जनपद में चलाया जा रहा सायबर जागरूकता अभियान ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS पिपरी/कौशांबी...बुधवार 4 फरवरी को साइबर जागरूकता अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार व अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी चायल अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण में और थाना अध्यक्ष पिपरी विकास सिंह के कुशल नेतृत्व में महिला उ0नि0 सरिता और महिला आरक्षी प्रीति उपाध्याय द्वारा साइबर जागरूकता अभियान के तहत ग्राम मखऊपुर स्थित महामाया गर्ल्स इंटर कॉलेज मे जाकर छात्र छात्राओं को साइबर जागरूकता कार्यक्रम व साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा साइबर सुरक्षा से सम्बंधित महत्वपूर्ण निर्देश को विस्तृत तरीके से समझा गया व सायबर वेबसाइट के बारे में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया। पिपरी पुलिस टीम द्वारा महामाया गर्ल्स इंटर कॉलेज मख़ऊपुर में छात्र-छात्राओं साइबर अपराधों से बचाव हेतु जागरूक किया गया। टीम द्वारा बताया गया कि इंटरनेट के उपयोग की सही जानकारी होने पर साइबर अपराध से बचा जा सकता है। ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत पासवर्ड बनाए, इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सअप, ट्विटर (एक्स), फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करें क्योंकि कोई भी व्यक्ति आसानी से आपकी जानकारी का इस्तेमाल कर दुरूपयोग कर सकता है। किसी भी प्रकार के एप्स डाउनलोड किये जाते समय प्राईवेसी सम्बन्धी आप्शन का भली-भांति अवलोकन करने के बाद ही सहमती / असहमती देते हुए प्रक्रिया पूर्ण करें। फर्जी लॉटरी लगने का कॉल करने वालों को कभी अपनी बैंक की डिटेल शेयर न करें। डिजिटल अरेस्ट से बचाव हेतु बताया गया कि किसी भी अनजान कॉल / मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें, बीमा कम्पनी, नौकरी के नाम से कॉल किये जाने पर बिना सत्यापन किये कोई जानकारी न दे। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सअप, ट्विटर, फेसबक व इंस्टाग्राम पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करें। फर्जी लॉटरी लगने का कॉल करने वालों को कभी अपनी बैंक की डिटेल शेयर न करें व अनजान कॉल / मैसेज पर प्रतिक्रिया न दे। टावर लगाने के नाम पर भी लोगों से ठगी की जाती है, इससे बचने हेतु किसी अज्ञात बैंक खाता में पैसा जमा न करें।यह जानकारी अपने घर पर परिवारजनो व आसपास के लोगो को भी साझा करने हेतु बताया गया। *बताएं गए साइबर सुरक्षा टिप्स* 01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें 02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। 03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। 04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें। 05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें। 06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें। 07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें। 08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें। 09. साइबर बुलिंग और साईबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें। 10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें। 11. साइबर काइम की रिपोर्ट करने के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1930 का प्रयोग करें।1