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ईसरदा बांध के गेट खुलने की संभावना ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई सारसोप। ईसरदा बांध की भराव क्षमता 253 आरएल मीटर पूरी होने के बाद बांध के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं। ऐसे में बनास नदी में पानी की आवक और बहाव तेज होने की संभावना है। प्रशासन की ओर से नदी क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से नदी, रपट व निचले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की गई है।
Ravi Rajasthan Patrika
ईसरदा बांध के गेट खुलने की संभावना ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई सारसोप। ईसरदा बांध की भराव क्षमता 253 आरएल मीटर पूरी होने के बाद बांध के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं। ऐसे में बनास नदी में पानी की आवक और बहाव तेज होने की संभावना है। प्रशासन की ओर से नदी क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से नदी, रपट व निचले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की गई है।
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- ईसरदा बांध के गेट खुलने की संभावना ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई सारसोप। ईसरदा बांध की भराव क्षमता 253 आरएल मीटर पूरी होने के बाद बांध के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं। ऐसे में बनास नदी में पानी की आवक और बहाव तेज होने की संभावना है। प्रशासन की ओर से नदी क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से नदी, रपट व निचले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की गई है।1
- रेलवे स्टेशन तांगा स्टैंड आबकारी विभाग के यहां कई सदियों से यह रास्ता यात्रियों के लिए अस्थाई रूप से रेलवे स्टेशन पर आने जाने के लिए बना हुआ था । यात्रियों का समय भी बचता था। सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन तांगा स्टैंड आबकारी विभाग के यहां कई सदियों से यह रास्ता यात्रियों के लिए अस्थाई रूप से रेलवे स्टेशन पर आने जाने के लिए बना हुआ था । यात्रियों का समय भी बचता था। लेकिन रेलवे विभाग के अधिकारी रेलवे के अंदर गाय,पशु आदि का हवाला देकर रास्ते के अंदर घुस जाते हैं। जिसको लेकर इस दरवाजे को बंद करने की काव्यत चल रही है । लेकिन वहीं दूसरी ओर रेलवे स्टेशन से आने जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। *वही रेलवे प्रबंधक लोकेंद्र मीणा का कहना है कि* इस रास्ते को हमेशा के लिए बंद नहीं किया जा रहा रेलवे स्टेशन से आने जाने वाले यात्रियों के लिए यह आम रास्ता चालू रहेगा। आगामी आने वाले त्योहार गणेश जी मेला, राखी आदि त्यौहारों को लेकर भी यह रास्ता चालू रहेगा।4
- सीवर लाइन ब्लॉक रिजर्व पुलिस लाईन एरिया में पिछले दो महिनों से सीवर लाइन ब्लॉक पडी हुई है कार्यवाही के नाम पर केवल आश्वासन दिया जा रहा है।पुलिस लाईन एरिया के सरकारी आवासों मे सीवर का अपशिष्ट बैक आ रहा है जिसकी वीडियो संलग्न कर रहा हूँ।1
- ईद मिलादुन्नबी पर निकली सद्भावना रैली, दिया भाईचारे का संदेश चौथ का बरवाड़ा.कस्बे में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को मुस्लिम समाज की ओर से सद्भावना रैली निकाली गई। इस अवसर पर रैली में बड़ी संख्या में बच्चे हाथों में इस्लामिक झंडे लेकर शामिल हुए और लोगों को प्रेम, भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। सद्भावना रैली की शुरुआत ईदगाह मैदान से समाजसेवी बसंती लाल सैनी द्वारा बच्चों को झंडे सौंपकर की गई। इसके बाद रैली मुख्य बाजार से होते हुए उस्मानिया मस्जिद के सामने से कलंदरी मस्जिद पहुंची। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत किया और बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान समाजसेवी ने कहा कि मोहम्मद साहब ने पूरी मानवता को प्रेम, भाईचारे और शांति का संदेश दिया था। वर्तमान समय में उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी समाजों से आपसी प्रेम और सद्भाव के साथ रहने की अपील की।रैली में शामिल बच्चों ने हाथों में झंडे लेकर अमन, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। रैली के समापन पर कलंदरी मस्जिद में देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ की गई।1
- शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर ABVP का कलेक्ट्रेट पर धरना, सौंपा ज्ञापन श्योपुर। शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए विद्यार्थियों की समस्याओं का जल्द निराकरण करने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर परिषद ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। ABVP ने ज्ञापन में शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए 17 प्रमुख मांगें रखीं। इनमें महाविद्यालय परिसर में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर एवं आरओ मशीनों की मरम्मत, स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय, छात्राओं के लिए अलग एवं सुरक्षित शौचालय तथा सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता शामिल है। परिषद ने कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ खराब विद्युत उपकरणों को बदलने की मांग की। पुस्तकालय में पर्याप्त पाठ्य एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों के लिए बैठने की व्यवस्था बढ़ाने की मांग भी ज्ञापन में की गई। इसके अलावा विषयवार प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने, खेल मैदान एवं खेल सामग्री की व्यवस्था, परिसर में नियमित सफाई एवं कचरा निस्तारण, पौधारोपण, विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच एवं शेड तथा महाविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई गई। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रवेश एवं निकास द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने, क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल को दुरुस्त करने, साइकिल एवं दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग, पर्याप्त इंटरनेट/Wi-Fi सुविधा और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप एवं सुगम प्रवेश मार्ग उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। ज्ञापन में प्राथमिक उपचार कक्ष एवं फर्स्ट-एड बॉक्स, विद्यार्थी सहायता केंद्र, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, शासकीय महाविद्यालयों में रियायती दरों पर कैंटीन व्यवस्था तथा विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल को पुनः सक्रिय करने की मांग शामिल है। धरना-प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन और महाविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। परिषद ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद द्वारा आगामी दिनों में बड़े आंदोलन के साथ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इरशाद पठान शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर ABVP का कलेक्ट्रेट पर धरना, सौंपा ज्ञापन श्योपुर। शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए विद्यार्थियों की समस्याओं का जल्द निराकरण करने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर परिषद ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। ABVP ने ज्ञापन में शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए 17 प्रमुख मांगें रखीं। इनमें महाविद्यालय परिसर में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर एवं आरओ मशीनों की मरम्मत, स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय, छात्राओं के लिए अलग एवं सुरक्षित शौचालय तथा सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता शामिल है। परिषद ने कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ खराब विद्युत उपकरणों को बदलने की मांग की। पुस्तकालय में पर्याप्त पाठ्य एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों के लिए बैठने की व्यवस्था बढ़ाने की मांग भी ज्ञापन में की गई। इसके अलावा विषयवार प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने, खेल मैदान एवं खेल सामग्री की व्यवस्था, परिसर में नियमित सफाई एवं कचरा निस्तारण, पौधारोपण, विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच एवं शेड तथा महाविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई गई। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रवेश एवं निकास द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने, क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल को दुरुस्त करने, साइकिल एवं दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग, पर्याप्त इंटरनेट/Wi-Fi सुविधा और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप एवं सुगम प्रवेश मार्ग उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। ज्ञापन में प्राथमिक उपचार कक्ष एवं फर्स्ट-एड बॉक्स, विद्यार्थी सहायता केंद्र, छात्राओं के लिए कॉमन रूम, शासकीय महाविद्यालयों में रियायती दरों पर कैंटीन व्यवस्था तथा विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल को पुनः सक्रिय करने की मांग शामिल है। धरना-प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन और महाविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। परिषद ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद द्वारा आगामी दिनों में बड़े आंदोलन के साथ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इरशाद पठान3
- रामगढ़ मुराड़ा मार्ग पर कीचड़ का साम्राज्य: पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से दलदल में तब्दील हुई सड़क, राहगीर परेशान नाली निर्माण न होने से जलभराव की स्थिति, बाइक सवार और पैदल यात्री रोजाना हो रहे हादसों के शिकार रामगढ़ मुराड़ा मार्ग पर कीचड़ का साम्राज्य: पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से दलदल में तब्दील हुई सड़क, राहगीर परेशान नाली निर्माण न होने से जलभराव की स्थिति, बाइक सवार और पैदल यात्री रोजाना हो रहे हादसों के शिकार रामगढ़ (विशेष संवाददाता): रामगढ़ मुराड़ा मुख्य मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (PWD) की घोर लापरवाही के चलते आम जनता का आवागमन दूभर हो गया है। सड़क किनारे जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण न होने से बारिश का पानी और कीचड़ सड़क पर ही जमा हो रहा है, जिससे पूरा रास्ता गहरे दलदल में तब्दील हो चुका है। दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री बेहाल सड़क की बदहाली का आलम यह है कि यहां से गुजरने वाले बाइक सवार और अन्य दोपहिया वाहन चालक रोजाना कीचड़ और गड्ढों में फंसकर गिर रहे हैं। न केवल वाहन चालक, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और पैदल चलने वाले राहगीर भी इस फिसलन भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। विभाग की अनदेखी से ग्रामीणों में भारी रोष स्थानीय निवासियों का कहना है कि: सड़क के दोनों ओर नाली न होने के कारण हल्का पानी भी सड़क पर ही भर जाता है। कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लंबे समय से सड़क और नाली निर्माण की मांग लंबित है, जिसे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग से मांग की है कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पक्की सड़क और नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि जलभराव और कीचड़ से निजात मिल सके। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मार्ग को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।1
- श्योपुर जिले के कराहल विकासखंड के धावा प्राथमिक विद्यालय में नशे की हालात में स्कूल पहुंचे शिक्षक, सत्ता का पाठ पढ़ाया...बोले कुछ नहीं बिगड़ेगा मेरा..1
- कुएं में गिरे नंदी महाराज को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला सारसोप। कस्बे के मीणा मोहल्ले में बुधवार को एक नंदी महाराज अचानक कुएं में गिर गया। नंदी के कुएं में गिरने की जानकारी मिलते ही मोहल्लेवासियों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए नंदी महाराज को कुएं से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रयास शुरू किए। काफी मशक्कत के बाद मोहल्लेवासियों और गांव के लोगों ने मिलकर नंदी महाराज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही और सभी नंदी महाराज को बचाने में जुटे रहे। सुरक्षित बाहर निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों की तत्परता और सामूहिक प्रयास से नंदी महाराज की जान बच गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने कुएं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता जताई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1