प्राणपुर प्रखंड क्षेत्र के एनएच 31 से खुशहालपुर भालगोर रामचंद्रपुर होते हुए केवाला गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क मार्ग जर्जर कटिहार जिले के प्राणपुर प्रखंड क्षेत्र में एनएच-31 से खुशहालपुर, भालगोर, रामचंद्रपुर होते हुए केवाला गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जर्जर हालत में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिसमें बारिश का पानी जमा हो जाने से राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पर आवागमन और भी जोखिमपूर्ण हो गया है। पैदल चलने वालों के साथ-साथ बाइक और अन्य छोटे वाहनों के चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से सड़क की जल्द मरम्मत कराने तथा जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
प्राणपुर प्रखंड क्षेत्र के एनएच 31 से खुशहालपुर भालगोर रामचंद्रपुर होते हुए केवाला गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क मार्ग जर्जर कटिहार जिले के प्राणपुर प्रखंड क्षेत्र में एनएच-31 से खुशहालपुर, भालगोर, रामचंद्रपुर होते हुए केवाला गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जर्जर हालत में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिसमें बारिश का पानी जमा हो जाने से राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पर आवागमन और भी जोखिमपूर्ण हो गया है। पैदल चलने वालों के साथ-साथ बाइक और अन्य छोटे वाहनों के चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से सड़क की जल्द मरम्मत कराने तथा जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
- प्राणपुर प्रखंड क्षेत्र के एनएच 31 से खुशहालपुर भालगोर रामचंद्रपुर होते हुए केवाला गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क मार्ग जर्जर कटिहार जिले के प्राणपुर प्रखंड क्षेत्र में एनएच-31 से खुशहालपुर, भालगोर, रामचंद्रपुर होते हुए केवाला गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जर्जर हालत में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिसमें बारिश का पानी जमा हो जाने से राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पर आवागमन और भी जोखिमपूर्ण हो गया है। पैदल चलने वालों के साथ-साथ बाइक और अन्य छोटे वाहनों के चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से सड़क की जल्द मरम्मत कराने तथा जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।1
- बाढ़ में बच्चों की पढ़ाई का ‘नाव’ सहारा! जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे मासूम कटिहार से सामने आई ये तस्वीरें सिर्फ बाढ़ की कहानी नहीं बता रहीं… बल्कि ये सवाल भी खड़ा कर रही हैं कि आखिर बाढ़ के पानी के बीच बच्चों की पढ़ाई और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? कटिहार के बरारी प्रखंड में प्रतापगंज बांध किनारे स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय इन दिनों चारों तरफ से बरनडी नदी के पानी से घिरा हुआ है। सड़कें डूबी हुई हैं… रास्ते पानी में समा गए हैं… और स्कूल जाने के लिए बच्चों के पास अब सिर्फ एक ही रास्ता बचा है—नाव का। हर दिन छात्र-छात्राएं नाव पर सवार होकर स्कूल पहुंचते हैं। पानी के बीच छोटी सी नाव में सफर… और हर पल हादसे का डर। सबसे बड़ी चिंता इसलिए भी है क्योंकि बाढ़ के पानी में नाव से बच्चों का यह सफर पूरी तरह जोखिम से भरा हुआ है। विद्यालय के शिक्षक अब्दुल बारिक के मुताबिक, सरकारी स्तर पर यहां नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। स्कूल आने-जाने के लिए निजी नाव का सहारा लिया जा रहा है, जिसके लिए प्रतिदिन 500 रुपये का भुगतान किया जाता है। वहीं नाविक आवेद अली का कहना है कि वह रोजाना करीब 150 से 200 बच्चों को नाव के जरिए स्कूल पहुंचाते और वापस लाते हैं। लेकिन सवाल सिर्फ स्कूल पहुंचने का नहीं… सवाल है इन बच्चों की सुरक्षा का। अभिभावक भी अपने बच्चों को नाव पर स्कूल भेजने को लेकर डरे हुए हैं। उनका कहना है कि हाल ही में डूबने की घटना में एक बच्चे की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में उनकी मांग है कि यहां स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को हर दिन जान जोखिम में डालकर नाव से स्कूल जाने की मजबूरी खत्म हो। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से सिर्फ स्कूली बच्चों को ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लोगों को बाढ़ के दिनों में बड़ी राहत मिलेगी। बाढ़ के बीच पढ़ाई जारी रखने की बच्चों की यह तस्वीर व्यवस्था से एक सीधा सवाल पूछ रही है—क्या इन मासूमों को स्कूल पहुंचने के लिए हर दिन नाव का सहारा लेना ही पड़ेगा? अब नजर प्रशासन और सरकार पर है कि इन बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कब ठोस कदम उठाया जाता है।1
- purnea_GMCH में खुलेआम गुंडागर्दी सुरक्षा गार्ड देखता रहा बचाने की कोशिश तक नहीं किया1
- आज मुख्यमंत्री प्रेस वार्ता करते हुए कहा सोनू जी का जाना अपूरणीय क्षति है। विश्वास नहीं हो रहा कि अब वो सशरीर हमारे बीच नहीं हैं। झामुमो परिवार सदैव दिवंगत सोनू जी के परिवार के साथ खड़ा रहेगा। #jharkhand #JharkhandNews1
- लंबित मांगों को लेकर वित्त रहित शिक्षण संस्थान के कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर जताया अपना विरोध वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर राज्य भर के करीब1250 संस्थानों में एक दिवसीय शैक्षणिक हड़ताल रही साहिबगंज के संध्या इंटर महाविद्यालय में प्राचार्य शंभुनाथ पाठक के नेतृत्व में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि, राज्यकर्मी का दर्जा और सरकारी कर्मचारियों के समान वेतनमान समेत अपनी लंबित मांगों पर सरकार से जल्द सकारात्मक पहल की मांग की।1
- ग्राम डिहारी मैं बाढ़ आ चुका है जिसके कारण सभी गाय भैंस सभी डियर से गांव में आ चुकी है1
- 🆔 सेटअप कराने के लिए कॉल करें #reelsvideo #viralvideo #news #youtubeshorts #aryanboltabihar1
- जीएम डिम्पी गर्ग और डीआरएम अमित शरण ने काढ़ागोला स्टेशन किया निरीक्षण, यात्रियों की सुविधाओं का लिया जायजा सोनपुर रेल मंडल के महाप्रबंधक (जीएम) डिम्पी गर्ग एवं मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अमित शरण ने शनिवार को अधिकारियों के साथ काढ़ागोला रेलवे स्टेशन पहुंचकर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बन रहे नए स्टेशन भवन का निरीक्षण किया। जीएम ने निर्माणाधीन भवन के विभिन्न हिस्सों का पैदल भ्रमण कर काम की प्रगति देखी। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की जानकारी ली और निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने का निर्देश दिया।जीएम ने कहा कि स्टेशन भवन का निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जाए, ताकि यात्रियों को जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों को काम में अनावश्यक देरी नहीं होने देने तथा निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।निरीक्षण के दौरान मंडल रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य भागवत प्रसाद भगत ने जीएम को आवेदन सौंपकर काढ़ागोला क्षेत्र के किसानों की समस्या बताई। उन्होंने कहा कि स्टेशन क्षेत्र में स्थित 5 बी भीतरगामी पुल में लोहे का बैरियर लगा है। इसकी ऊंचाई कम होने से बड़े कृषि वाहन भीतरगामी पुल के नीचे से नहीं गुजर पाते हैं। इससे किसानों को फसल लाने-ले जाने में परेशानी होती है।उन्होंने बताया कि बड़े वाहनों को दूसरे रास्ते से ले जाना पड़ता है। इससे किसानों का समय और खर्च दोनों बढ़ जाता है। भागवत प्रसाद भगत ने बैरियर की ऊंचाई बढ़ाने की मांग की, ताकि कृषि वाहन आसानी से पुल के नीचे से गुजर सकें। जीएम ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले को देखने का निर्देश दिया और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।1