Shuru
Apke Nagar Ki App…
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने संसद में बयान देते हुए कहा है कि सरकार NEET पेपर लीक और उससे जुड़े सभी मामलों पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार देश और युवाओं से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने के पक्ष में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में चर्चा तय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होती है, ताकि बहस सार्थक और प्रभावी बन सके। इसके साथ ही सरकार NEET पेपर लीक के बाद हुई सभी घटनाओं का पूरा ब्यौरा सदन में प्रस्तुत करेगी और देश के सामने सभी तथ्य रखेगी।
Pradesh Khabar News Network
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने संसद में बयान देते हुए कहा है कि सरकार NEET पेपर लीक और उससे जुड़े सभी मामलों पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार देश और युवाओं से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने के पक्ष में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में चर्चा तय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होती है, ताकि बहस सार्थक और प्रभावी बन सके। इसके साथ ही सरकार NEET पेपर लीक के बाद हुई सभी घटनाओं का पूरा ब्यौरा सदन में प्रस्तुत करेगी और देश के सामने सभी तथ्य रखेगी।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- सरगुजा में बारिश ने अचानक अपनी करवट बदल ली है और पूरी रात भर भारी बारिश हुई है। आज मौसम का हाल यह है कि चारों तरफ बहुत ज्यादा बारिश हो रही है। मौसम के इस मिजाज को देखकर लग रहा है कि बारिश अब रुकने का नाम नहीं लेगी और ऐसा महसूस हो रहा है मानो यह लगातार एक महीने तक इसी तरह होती रहेगी।1
- जबलपुर से आई एक बेहद प्रेरणादायक खबर में शारीरिक अक्षमता को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाकर हिमांशु सोनी ने सफलता की नई मिसाल कायम की है। डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण करने के पहले ही दिन उन्होंने कलेक्टर के साथ जनसुनवाई में शामिल होकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और आत्मविश्वास के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। हिमांशु सोनी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं। इस जज़्बे को सलाम!1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौ तस्करी पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 37 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। जिले के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई इस कार्रवाई के दौरान अंतरराज्यीय गिरोह के 7 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। तपकरा थाना क्षेत्र में 21 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 4:30 बजे सड़वा जंगल के रास्ते मवेशियों को क्रूरतापूर्वक हांककर झारखंड ले जाने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर 28 गौवंश बरामद किए। इस मामले में वैध दस्तावेज न मिलने पर झारखंड, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के रहने वाले जगन्नाथ खड़िया (41 वर्ष), गणेश राणा (30 वर्ष), रमेश बेहरा (29 वर्ष), कहरू बेहरा (35 वर्ष), मनोरंजन बेहरा (51 वर्ष), मोहन यादव (33 वर्ष) और मगदुम खान (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं दूसरी घटना मनोरा चौकी क्षेत्र के ग्राम इंदा घाट जंगल में सुबह करीब 7:30 बजे हुई, जहां पुलिस ने दबिश देकर 9 गौवंश और 7 भैंसों को मुक्त कराया, हालांकि तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। तपकरा की कार्रवाई में प्रधान आरक्षक रीझन राम भगत, विनोद हरदयाल, आरक्षक मुकेश मल्होत्रा, रुपेश यादव, नगर सैनिक जीवन मुंडू व शिवशंकर गुप्ता तथा मनोरा क्षेत्र में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विवेक कुमार भगत, प्रधान आरक्षक वितीन राम, आरक्षक प्रकाश मिंज व शैलेन्द्र सिंह तोमर की टीम शामिल रही। डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया है कि गौ तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों की तलाश के साथ जिले में 'ऑपरेशन शंखनाद' इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।4
- संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने संसद में बयान देते हुए कहा है कि सरकार NEET पेपर लीक और उससे जुड़े सभी मामलों पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार देश और युवाओं से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने के पक्ष में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में चर्चा तय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होती है, ताकि बहस सार्थक और प्रभावी बन सके। इसके साथ ही सरकार NEET पेपर लीक के बाद हुई सभी घटनाओं का पूरा ब्यौरा सदन में प्रस्तुत करेगी और देश के सामने सभी तथ्य रखेगी।1
- लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध और अराजकता के बीच एक स्पष्ट अंतर होता है। जब विरोध मर्यादा की सीमाओं को पार कर जाता है, तो वह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत माना जाता है। आज प्रधानमंत्री के आवास के बाहर जिस प्रकार का घटनाक्रम देखने को मिला, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं कहा जा सकता। जिन मुद्दों पर चर्चा की मांग की गई थी, उन्हें स्वीकार किए जाने के बाद भी यदि संवाद की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती, तो इससे गंभीर राजनीतिक प्रश्न खड़े होते हैं। लोकतंत्र में संवाद, बहस और चर्चा ही समस्याओं के समाधान का सर्वोत्तम माध्यम हैं। संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों का दायित्व है कि वे उसकी गरिमा बनाए रखें। देश की जनता अपने जनप्रतिनिधियों से जिम्मेदार, संयमित और मर्यादित आचरण की अपेक्षा करती है। इस बीच, आज राहुल गांधी का आचरण पूरी तरह से अशोभनीय और निंदनीय रहा। नेता प्रतिपक्ष जैसा गरिमामय पद होने के बावजूद उन्होंने उस पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार नहीं किया।1
- कोतबा शहर के मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों में इन दिनों रात के समय बाइकर्स का हुड़दंग और आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। देर रात सड़कों पर फर्राटे भरते इन बाइकर्स की वजह से आम नागरिकों और राहगीरों की परेशानी बेहद बढ़ गई है। हाल ही में सामने आए एक ताजा वीडियो में कोतबा की सड़कों पर इन बाइकर्स की मनमानी साफ देखी जा सकती है, जहां रात के अंधेरे में कुछ युवा अपनी बाइकों को बेहद तेज गति और लापरवाही से दौड़ा रहे हैं। तेज रोशनी और कान फोड़ू आवाज के साथ गलियों व मुख्य मार्गों से गुजरने वाले इन वाहनों के कारण न सिर्फ दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है, बल्कि आसपास के घरों में रहने वाले लोगों की नींद और शांति भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। वीडियो में मोहल्ले के लोग घरों के बाहर खड़े होकर इस हुड़दंग को देखने के लिए मजबूर नजर आ रहे हैं, लेकिन इन बाइकर्स में किसी का कोई खौफ नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। अक्सर रात ढलते ही कुछ असामाजिक तत्व और मनचले युवा इसी तरह तेज रफ्तार बाइकों पर सवार होकर सड़कों पर निकल आते हैं, जिससे स्थानीय पुलिस की रात्रि गश्त पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रात के समय मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। साथ ही, मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज आवाज करने वाले और तेज रफ्तार में वाहन चलाकर लोगों की जान जोखिम में डालने वाले बाइकर्स को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।1
- बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत शरदापुर में खेत की जुताई करते समय अचानक ट्रैक्टर पलट गया। इस हादसे में ट्रैक्टर के नीचे दब जाने के कारण चालक की दर्दनाक मौत हो गई।1