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महू भीमराव अम्बेडकर जन कल्याण समिति के तत्वाधान में वन परिषद रायसेन डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 133वीं जयंती समारोह का आज सभी पत्रकार साथियों का हुआ सम्मान
भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
महू भीमराव अम्बेडकर जन कल्याण समिति के तत्वाधान में वन परिषद रायसेन डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 133वीं जयंती समारोह का आज सभी पत्रकार साथियों का हुआ सम्मान
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- विद्यागिरी एक्सप्रेस न्यूज़,,,,, *घटना का विवरण :* दिनांक 21.04.2026 को रात्रि लगभग 09:30 बजे सतलापुर स्थित मामा-भांजे ढाबे के पीछे लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास झगड़े की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां भागवत सिंह चौहान के घर के किराये के कमरे में सुमित कुशवाह गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। घायल को तत्काल शासकीय अस्पताल मंडीदीप ले जाया गया, जहां चिकित्सक द्वारा परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित किया गया। *कार्यवाही :* घटना की गंभीरता को देखते हुए चश्मदीद साक्षियों एवं मृतक के परिजनों से पूछताछ की गई। पुलिस अधीक्षक रायसेन *श्री आशुतोष गुप्ता*, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक *श्री कमलेश कुमार खरपूसे* एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस औबेदुल्लागंज *श्रीमती शीला सुराणा* के निर्देशन में पृथक-पृथक पुलिस टीमों का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। गठित टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य एवं साइबर सेल की सहायता से त्वरित कार्यवाही करते हुए कुछ ही घंटों में नामजद आरोपी मुकेश कुमार गौड़ को गिरफ्तार किया गया। *पूछताछ में खुलासा :* आरोपी ने बताया कि वह मृतक के साथ कार्य करता था तथा मृतक द्वारा उसे कभी-कभी चिढ़ाए जाने के कारण वह रंजिश रखता था। दिनांक 21.04.2026 की रात्रि में मौका पाकर आरोपी ने धारदार हथियार (छुरी) से सुमित कुशवाह पर हमला कर उसकी हत्या कर दी तथा बीच-बचाव करने आए नरेश पंडित एवं मृतक की मां को भी घायल कर दिया। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक xx/2026 धारा 103(1), 109(1), 332(क), 296(बी), 115(2) बी.एन.एस. के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय गौहरगंज में प्रस्तुत किया गया है। *गिरफ्तार आरोपी :* मुकेश कुमार गौड़ पिता तखत सिंह, उम्र 33 वर्ष, निवासी पटेल नगर रायसेन (थाना कोतवाली), वर्तमान पता वार्ड क्रमांक 13 सतलापुर, थाना क्षेत्र सतलापुर। *सराहनीय भूमिका :* आरोपी की गिरफ्तारी में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस औबेदुल्लागंज श्रीमती शीला सुराणा, थाना प्रभारी मंडीदीप निरीक्षक रंजीत सराठे, थाना प्रभारी औबेदुल्लागंज निरीक्षक भरत प्रताप सिंह, थाना प्रभारी नूरगंज उपनिरीक्षक तेजपाल सिंह, थाना प्रभारी गौहरगंज उपनिरीक्षक विनोद परमार, थाना सतलापुर उपनिरीक्षक प्रेमलाल कुडापे, उपनिरीक्षक अरुणा साना, उपनिरीक्षक अरविंद पांडे, उपनिरीक्षक अमर सिंह निगम, सउनि मुकेश चौरसिया, सउनि अशोक तिवारी, प्रधान आरक्षक भूपेंद्र रघुवंशी, कृष्णपाल सिंह, सुनील बर्डे, शेर सिंह, मनीष त्रिपाठी, लेखपाल मौर्य, कमल मर्सकोले, आरक्षक उदयवीर, सुरेश परते, नीरज लोधी, जितेंद्र नरवरिया, कुलदीप यादव, थाना मंडीदीप से प्रधान आरक्षक भरतलाल साहू, थाना औबेदुल्लागंज से प्रधान आरक्षक राजेश धाकड़, अभिषेक चौधरी एवं राजेश देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- Post by उपेंद्र गौतम रायसेन1
- ! 16 मार्च से लापता 16 साल की नाबालिग को 'थानेदार' श्यामराज सिंह राजपूत ने 34 दिन बाद जोधपुर से सकुशल बरामद किया। 2015 से 100% सक्सेस रेट रखने वाले सुल्तानगंज के इस धाकड़ थानेदार ने फिर साबित किया कि खाकी की नजर से कोई नहीं बच सकता। #khakhi #policeforce #thana #shorts #viral1
- सुल्तानपुर एन एच 45 ग्राम बम्होरी काले झोरे के पास बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई बाइक चालक की हुई मौत1
- Post by PS24NEWS1
- अजब एमपी के गजब कारनामे: “8 सेकंड की ‘वीडियो सरकार’ बनाम जमीनी सच्चाई—बाड़ी में सोम कंपनी की खुली लूट पर आबकारी तंत्र बेनकाब, अधिकारी की चुप्पी या संरक्षण?” रितिक जैन | बाड़ी (रायसेन) बाड़ी में शराब ठेकों पर जो खेल सामने आया है, वह अब एक सामान्य अनियमितता का मामला नहीं रहा, बल्कि यह सीधे-सीधे सिस्टम की विश्वसनीयता, प्रशासनिक ईमानदारी और कानून के पालन पर बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है, जहां एक तरफ जनता से खुलेआम अतिरिक्त वसूली की जा रही है और दूसरी तरफ जिम्मेदार विभाग 8 सेकंड के वीडियो के सहारे “सब ठीक” का भ्रम फैलाने में लगा हुआ है। 20 तारीख को आबकारी अधिकारी सुनील कुमार मीणा (बरेली) द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में एक छोटा सा वीडियो डालकर दावा किया गया कि बाड़ी की शराब दुकानों पर ओवररेटिंग के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई है और अब सभी रेट एमआरपी के अनुरूप हो गए हैं, लेकिन यह दावा अगले ही दिन जमीनी हकीकत के सामने पूरी तरह ढह गया और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह खड़ा कर गया। 21 तारीख को हमारी टीम जब मौके पर पहुंची, तो जो सामने आया वह चौंकाने वाला ही नहीं बल्कि विभागीय दावों की खुली पोल खोलने वाला था, क्योंकि बियर कैन जिस पर एमआरपी 140 रुपए अंकित है, उसे 150 रुपए में बेचा जा रहा था, वहीं सफेद क्वार्टर जिसकी एमआरपी 75 रुपए है, वह 100 रुपए में खुलेआम बेची जा रही थी, यानी विभाग की तथाकथित कार्रवाई के अगले ही दिन ठेकेदार उसी अंदाज में नियमों को ठेंगा दिखाते नजर आए। दुकान पर रेट लिस्ट टंगी हुई थी, लेकिन उसका पालन कहीं नजर नहीं आया, जिससे यह साफ हो गया कि नियम सिर्फ दिखावे के लिए हैं और असल में ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं, यह कोई आकस्मिक गलती नहीं बल्कि एक संगठित और निरंतर चलने वाला वसूली तंत्र है, जो बिना किसी भय के संचालित हो रहा है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब दुकान के पास संचालित अहाता सामने आता है, जहां खुलेआम बैठाकर शराब पिलाई जा रही है, जो सीधे तौर पर कानून और व्यवस्था दोनों को चुनौती देता है, अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सब बिना विभाग की जानकारी के संभव है या फिर यह सब कुछ “जानबूझकर नजरअंदाज” किया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल उस तथाकथित “जांच वीडियो” पर है, जिसमें सिर्फ एक व्यक्ति से कीमत पूछकर पूरी दुकान को क्लीन चिट दे दी गई, न कोई विस्तृत निरीक्षण, न कोई दस्तावेजी कार्रवाई, न कोई सार्वजनिक रिपोर्ट, और अगले ही दिन उसी स्थान पर वही पुरानी लूट जारी मिलना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह कार्रवाई नहीं बल्कि सच्चाई को दबाने का प्रयास था। अब सीधे सवाल आबकारी अधिकारी सुनील कुमार मीणा पर खड़े होते हैं कि अगर कार्रवाई हुई थी तो उसका रिकॉर्ड कहां है, कितने चालान काटे गए, कितने ठेकों पर कार्रवाई हुई, कितना जुर्माना वसूला गया, और क्यों यह सब जानकारी जनता से छिपाई जा रही है, या फिर यह माना जाए कि पूरी कार्रवाई सिर्फ व्हाट्सएप वीडियो तक सीमित थी और जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं बदला। सोम कंपनी की भूमिका भी इस पूरे मामले में बेहद गंभीर नजर आती है, क्योंकि बार-बार शिकायतों और खुलासों के बावजूद यदि उसी तरीके से ओवररेटिंग जारी रहती है, तो यह संकेत देता है कि ठेकेदार को कानून का कोई डर नहीं है, और यह भी संभव है कि उसे किसी स्तर पर संरक्षण प्राप्त हो, जो पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। स्थानीय जनता में इस पूरे मामले को लेकर गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि एक तरफ उन्हें हर बोतल पर अतिरिक्त पैसा देना पड़ रहा है और दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी जवाब देने से बचते नजर आते हैं, जिससे यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि जवाबदेही से भागने का प्रतीक बन गया है। अब यह मुद्दा स्थानीय स्तर से निकलकर राज्य स्तर तक पहुंचने की कगार पर है, क्योंकि यदि जमीनी हकीकत और विभागीय दावों में इतना बड़ा अंतर है, तो यह केवल एक ठेके की समस्या नहीं बल्कि पूरे आबकारी सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल है, और यदि इसे समय रहते नहीं रोका गया तो यह मामला बड़ा जनआक्रोश बन सकता है। मध्यप्रदेश में शराब व्यवस्था को लेकर सख्ती और पारदर्शिता की बात की जाती है, लेकिन बाड़ी की यह स्थिति उन दावों की सच्चाई उजागर कर रही है, , या फिर यह भी सिर्फ फाइलों और वीडियो में दबकर रह जाएगा। अब हालात ऐसे हैं कि या तो विभाग जमीन पर उतरकर वास्तविक कार्रवाई करे और ठोस परिणाम दिखाए, या फिर यह मान लिया जाए कि सिस्टम ने ठेकेदारों के सामने घुटने टेक दिए हैं और जनता को लूट के लिए छोड़ दिया गया है। क्या बाड़ी में कानून जिंदा है या सिर्फ व्हाट्सएप वीडियो में दिखाया जा रहा है, और अगर जिम्मेदार अधिकारी अब भी नहीं जागे तो यह मामला सिर्फ खबर नहीं रहेगा बल्कि जवाब मांगती आवाज बनकर पूरे प्रदेश में गूंजेगा।1
- Box Office Ka King Ab 2 Bachchon Ke Papa Banne Wale Hain रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण के घर जल्द ही दूसरी बार खुशियां आने वाली हैं।1
- Post by भुवनेश्वर कुशवाह संपादक1