कुट्रुमाली–सिजिमाली क्षेत्र का दौरा किया पूर्व सांसद निरंजन बिशी ने कंटामाल और तालमपदर में आदिवासियों से की विस्तृत चर्चा कुट्रुमाली–सिजिमाली क्षेत्र का दौरा किया पूर्व सांसद निरंजन बिशी ने कंटामाल और तालमपदर में आदिवासियों से की विस्तृत चर्चा जल–जंगल–जमीन, आजीविका और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा के लिए राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग रायगड़ा/कालाहांडी, 21 सितम्बर: पूर्व राज्यसभा सांसद निरंजन बिशी ने रविवार को कुट्रुमाली एवं सिजिमाली क्षेत्र सहित कंटामाल और तालमपदर गांवों का दौरा कर स्थानीय आदिवासी समुदाय, ग्रामसभा सदस्यों, पारंपरिक नेतृत्वकर्ताओं, आदिवासी कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर श्री बिशी ने मां माटी माली सुरक्षा मंच के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों के साथ भी क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया। स्थानीय लोगों ने अपने क्षेत्र की जमीन, जंगल, जलस्रोत, पहाड़-पर्वत, डोंगर, नदी-नाले एवं झरनों, प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण, आजीविका, संभावित विस्थापन एवं पुनर्वास के साथ-साथ पारंपरिक जीवन-पद्धति, संस्कृति और सामुदायिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं, मांगें और आशंकाएं उनके समक्ष रखीं। श्री बिशी ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों तथा अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की रक्षा के लिए पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम—पेसा, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, संविधान की पांचवीं अनुसूची, ओडिशा अनुसूचित क्षेत्र भूमि हस्तांतरण संबंधी विनियम तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक एवं वैधानिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी भूमि की सुरक्षा के लिए ओडिशा अनुसूचित क्षेत्र अचल संपत्ति हस्तांतरण विनियम, 1956 का विनियम-2 विशेष संरक्षण प्रदान करता है। आदिवासी विकास के लिए समेकित आदिवासी विकास एजेंसी सहित विभिन्न प्रशासनिक संस्थागत व्यवस्थाएं भी बनाई गई हैं। श्री बिशी ने कहा कि रायगड़ा जिला अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि कालाहांडी जिले के थुआमूल रामपुर एवं लांजीगढ़ ब्लॉक भी अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्रों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की पांचवीं अनुसूची में अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन तथा आदिवासी समुदायों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष संवैधानिक व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति को प्रतिवेदन देने का प्रावधान है। इस दृष्टि से रायगड़ा जैसे अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और आदिवासी हितों की सुरक्षा में ओडिशा के राज्यपाल की महत्वपूर्ण संवैधानिक भूमिका है। श्री बिशी ने कहा कि इतने व्यापक संवैधानिक, कानूनी और प्रशासनिक सुरक्षा प्रावधानों के बावजूद यदि स्थानीय आदिवासी समुदाय अपनी जमीन, जंगल, जल, आजीविका, प्राकृतिक संसाधनों, संस्कृति और पारंपरिक अधिकारों को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, तो इन आशंकाओं और मांगों का संबंधित प्रशासनिक एवं संवैधानिक प्राधिकारियों द्वारा गंभीरता से परीक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने महामहिम ओडिशा के राज्यपाल से आग्रह किया कि पांचवीं अनुसूची के संवैधानिक प्रावधानों के आलोक में इस पूरे मामले का समुचित परीक्षण किया जाए तथा रायगड़ा और कालाहांडी के संबंधित अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के अधिकारों, आजीविका, पारंपरिक संसाधनों एवं सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा और संरक्षण के लिए आवश्यक संवैधानिक तथा प्रशासनिक कदम उठाने पर विचार किया जाए। इस दौरे में जिला आदिवासी कल्याण संघ, कालाहांडी के जिला अध्यक्ष एवं ओडिशा आदिवासी कल्याण महासंघ के उपाध्यक्ष परमानंद माझी, जिला आदिवासी कल्याण संघ, बलांगीर के संगठन सचिव थबिर पुझारी, मां माटी माली सुरक्षा मंच के सुबास सिंह माझी, लाई माझी, लक्ष्मण माझी सहित अनेक आदिवासी नेता, कार्यकर्ता, सामाजिक प्रतिनिधि तथा सैकड़ों स्थानीय लोग उपस्थित थे। श्री बिशी ने कहा, “जल–जंगल–जमीन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं। ये आदिवासी समाज के जीवन, आजीविका, परंपरा, संस्कृति और पहचान से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं। आदिवासियों की आवाज तथा उनके कानूनसम्मत अधिकारों को उनके जीवन और संसाधनों को प्रभावित करने वाले प्रत्येक निर्णय में उचित सम्मान और महत्व मिलना चाहिए।” उन्होंने कहा कि विकास की किसी भी प्रक्रिया में स्थानीय समुदायों की भागीदारी, ग्रामसभा की भूमिका, संवैधानिक अधिकारों तथा कानूनसम्मत प्रक्रियाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
कुट्रुमाली–सिजिमाली क्षेत्र का दौरा किया पूर्व सांसद निरंजन बिशी ने कंटामाल और तालमपदर में आदिवासियों से की विस्तृत चर्चा कुट्रुमाली–सिजिमाली क्षेत्र का दौरा किया पूर्व सांसद निरंजन बिशी ने कंटामाल और तालमपदर में आदिवासियों से की विस्तृत चर्चा जल–जंगल–जमीन, आजीविका और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा के लिए राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग रायगड़ा/कालाहांडी, 21 सितम्बर: पूर्व राज्यसभा सांसद निरंजन बिशी ने रविवार को कुट्रुमाली एवं सिजिमाली क्षेत्र सहित कंटामाल और तालमपदर गांवों का दौरा कर स्थानीय आदिवासी समुदाय, ग्रामसभा सदस्यों, पारंपरिक नेतृत्वकर्ताओं, आदिवासी कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर श्री बिशी ने मां माटी माली सुरक्षा मंच के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों के साथ भी क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया। स्थानीय लोगों ने अपने क्षेत्र की जमीन, जंगल, जलस्रोत, पहाड़-पर्वत, डोंगर, नदी-नाले एवं झरनों, प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण, आजीविका, संभावित विस्थापन एवं पुनर्वास के साथ-साथ पारंपरिक जीवन-पद्धति, संस्कृति और सामुदायिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं, मांगें और आशंकाएं उनके समक्ष रखीं। श्री बिशी ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों तथा अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की रक्षा के लिए पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम—पेसा, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, संविधान की पांचवीं अनुसूची, ओडिशा अनुसूचित क्षेत्र भूमि हस्तांतरण संबंधी विनियम तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक एवं वैधानिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी भूमि की सुरक्षा के लिए ओडिशा अनुसूचित क्षेत्र अचल संपत्ति हस्तांतरण विनियम, 1956 का विनियम-2 विशेष संरक्षण प्रदान करता है। आदिवासी विकास के लिए समेकित आदिवासी विकास एजेंसी सहित विभिन्न प्रशासनिक संस्थागत व्यवस्थाएं भी बनाई गई हैं। श्री बिशी ने कहा कि रायगड़ा जिला अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि कालाहांडी जिले के थुआमूल रामपुर एवं लांजीगढ़ ब्लॉक भी अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्रों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की पांचवीं अनुसूची में अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन तथा आदिवासी समुदायों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष संवैधानिक व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति को प्रतिवेदन देने का प्रावधान है। इस दृष्टि से रायगड़ा जैसे अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और आदिवासी हितों की सुरक्षा में ओडिशा के राज्यपाल की महत्वपूर्ण संवैधानिक भूमिका है। श्री बिशी ने कहा कि इतने व्यापक संवैधानिक, कानूनी और प्रशासनिक सुरक्षा प्रावधानों के बावजूद यदि स्थानीय आदिवासी समुदाय अपनी जमीन, जंगल, जल, आजीविका, प्राकृतिक संसाधनों, संस्कृति और पारंपरिक अधिकारों को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, तो इन आशंकाओं और मांगों का संबंधित प्रशासनिक एवं संवैधानिक प्राधिकारियों द्वारा गंभीरता से परीक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने महामहिम ओडिशा के राज्यपाल से आग्रह किया कि पांचवीं अनुसूची के संवैधानिक प्रावधानों के आलोक में इस पूरे मामले का समुचित परीक्षण किया जाए तथा रायगड़ा और कालाहांडी के संबंधित अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के अधिकारों, आजीविका, पारंपरिक संसाधनों एवं सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा और संरक्षण के लिए आवश्यक संवैधानिक तथा प्रशासनिक कदम उठाने पर विचार किया जाए। इस दौरे में जिला आदिवासी कल्याण संघ, कालाहांडी के जिला अध्यक्ष एवं ओडिशा आदिवासी कल्याण महासंघ के उपाध्यक्ष परमानंद माझी, जिला आदिवासी कल्याण संघ, बलांगीर के संगठन सचिव थबिर पुझारी, मां माटी माली सुरक्षा मंच के सुबास सिंह माझी, लाई माझी, लक्ष्मण माझी सहित अनेक आदिवासी नेता, कार्यकर्ता, सामाजिक प्रतिनिधि तथा सैकड़ों स्थानीय लोग उपस्थित थे। श्री बिशी ने कहा, “जल–जंगल–जमीन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं। ये आदिवासी समाज के जीवन, आजीविका, परंपरा, संस्कृति और पहचान से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं। आदिवासियों की आवाज तथा उनके कानूनसम्मत अधिकारों को उनके जीवन और संसाधनों को प्रभावित करने वाले प्रत्येक निर्णय में उचित सम्मान और महत्व मिलना चाहिए।” उन्होंने कहा कि विकास की किसी भी प्रक्रिया में स्थानीय समुदायों की भागीदारी, ग्रामसभा की भूमिका, संवैधानिक अधिकारों तथा कानूनसम्मत प्रक्रियाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
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- ଜାଲ ନୋଟ ଜବତ ... ଜଣେ ଅଟକ... ବରଗଡ ଟାଉନ ଥାନା ପୋଲିସ ଜାଲ ନୋଟ ଜବତ କରିଛି... ସାବଧାନ... ଦର୍ଶକ ବନ୍ଧୁ...ନକଲି ନୋଟ୍1
- 🌾किसान - मजदूर बचाओ अभियान PHASE-3के तहत निःशुल्क खाद, बीज एवं कीटनाशक वितरण सेवा अभियान🙏1
- ଗୁରୁ ଭଗବାନ ସାହୁ ଜ୍ଞାନ ସାଗର ପଶ୍ଚିମ ଓଡ଼ିଶା ଭାଷା କଳା ସଂସ୍କୃତିର ପ୍ରଚାରକ, ଗୋଟିଏ ଦିନରେ ନୂଆଖାଇ ପାଳନ ପଛର ମହାନାୟକ, ଲୋକ ମହୋତ୍ସବର ଜନକ ଗୁରୁ ଭଗବାନ ସାହୁଙ୍କ ସ୍ମୃତିରେ ଗଠିତ ଗୁରୁ ଭଗବାନ ସାହୁ ଜ୍ଞାନ ସାଗର ଗୁରୁ ଭଗବାନ ସାହୁ ଜ୍ଞାନ ସାଗର ପଶ୍ଚିମ ଓଡ଼ିଶା ଭାଷା କଳା ସଂସ୍କୃତିର ପ୍ରଚାରକ, ଗୋଟିଏ ଦିନରେ ନୂଆଖାଇ ପାଳନ ପଛର ମହାନାୟକ, ଲୋକ ମହୋତ୍ସବର ଜନକ ଗୁରୁ ଭଗବାନ ସାହୁଙ୍କ ସ୍ମୃତିରେ ଗଠିତ ଗୁରୁ ଭଗବାନ ସାହୁ ଜ୍ଞାନ ସାଗର ବରପାଲି ସ୍ଥାନୀୟ ଗଙ୍ଗାଧର କ୍ଲବ ଠାରେ ଡ଼ ଘନଶ୍ୟାମ ପାଣିଗ୍ରାହୀଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ଅନୁଷ୍ଠାନର କର୍ମକର୍ତ୍ତା ମନୋନୟନ କରାଯାଇଛି, ମନୋନୀତ କର୍ମକର୍ତ୍ତା ହେଲେ , ଉପଦେଷ୍ଟା ଗବେଷକ ଶାସ୍ତ୍ରୀୟ ଶବ୍ଦନୃତ୍ୟ ଗୁରୁ ଭାଗବତ ପ୍ରଧାନ(ଭାଗବତିଆ) ଡ଼ ଘନଶ୍ୟାମ ପାଣିଗ୍ରାହୀ , ଆନନ୍ଦ ମେହେର, ସଭାପତି ନରେନ୍ଦ୍ର ହୋତା , ଉପସଭାପତି ନିବେଦିତା ସାହୁ , ସମ୍ପାଦକ ସରୋଜ ମେହେର, ସହ ସମ୍ପାଦକ ରାମଜୀ ପ୍ରଧାନ, କୋଷାଧ୍ୟକ୍ଷ ଗଣେଶ ଚନ୍ଦ୍ର ମେହେର , କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ କମିଟିରେ ପ୍ରଦୀପ ସାହୁ , ଡ଼ ବିଶ୍ବନାଥ ସାହୁ , ଉତ୍ତର କୁମାର ଗଡତିଆ, ଦିଲିପ କୁମାର ସାହୁ, ରାଜାରାମ ମେହେର,ସୁଷମା ଖମାରୀ, ସବିତା ମହରା,ନିକିତା ସାହୁ, ଯୋଗେଶ୍ୱରୀ ରାଉତ, ବିଭୂତି ଭୂଷଣ ମିଶ୍ର, ପ୍ରମୋଦ କୁମାର ସାହୁ ପ୍ରମୁଖ ସର୍ବ ସମ୍ମତି କ୍ରମେ ମନୋନୀତ ହୋଇଛନ୍ତି, ଆସନ୍ତା ଦିନରେ ଗୁରୁ ଭଗବାନ ସାହୁଙ୍କ ଅବଦାନ ପ୍ରଚାର ପ୍ରସାର ସହିତ ଶବ୍ଦ ନୃତ୍ୟର ଶାସ୍ତ୍ରୀୟତା ଉପରେ ଆଲୋଚନାଚକ୍ର ହେବ ବୋଲି ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଇଥିଲା, ନୂତନ ଉପସଭାପତି ନିବେଦିତା ସାହୁ ଧନ୍ୟବାଦ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ1
- ବେଲପାହାଡ଼ ତେଲୁଗୁ ପଡ଼ା ଗଣେଷ ମଣ୍ଡପରେ ମହା ଆଡମ୍ବର ଏବଂ ଧୂମଧାମ ରେ ପ୍ରଭୁ ଗଜାନନଙ୍କ ପୂଜା ଅନୁଷ୍ଠିତ। GaneshChaturthi2026 TeluguPada Fattak Belpahad ବେଲପାହାଡ଼ ତେଲୁଗୁ ପଡ଼ା ଗଣେଷ ମଣ୍ଡପରେ ମହା ଆଡମ୍ବର ଏବଂ ଧୂମଧାମ ରେ ପ୍ରଭୁ ଗଜାନନଙ୍କ ପୂଜା ଅନୁଷ୍ଠିତ।1
- ଘରୋଇ ଯାତ୍ରୀବାହି ବସ (ନେହା ) ର ଧକ୍କା ରେ ଜଣେ ମୃତ, ପୋଲିସ ର ତଦନ୍ତ ଜାରି କୁଚିଣ୍ଡା ଘରୋଇ ଯାତ୍ରୀବାହି ବସ ଧକା ରେ ଜଣେ ମୃତ, ବାମରା ପଟୁ କୁଚିଣ୍ଡା ଆସୁଥିବା ଯାତ୍ରୀବାହି ବସ (ନେହା ) ପତ୍ରା ପାଲି ଛକ ରାସ୍ତା କଡରେ ଜଣେ ପ୍ରତୀକ୍ଷା ରତ ଯାତ୍ରୀ କୁ ଧକ୍କା ଦେଇଥିଲା, ସ୍ଥାନୀୟ ଲୋକେ ଆମ୍ବୁଲାନ୍ସ ଯୋଗେ ଉକ୍ତ ଯାତ୍ରୀ କୁ କୁଚିଣ୍ଡା ଡାକ୍ତରଖାନା ଆଣିଥିଲେ ହେଲେ ଡାକ୍ତର ତାଙ୍କୁ ମୃତ ଘୋଷଣା କରିଛନ୍ତି, ମୃତ ବ୍ୟକ୍ତି ଜଣଙ୍କ ପରୁଆଭାଡ଼ି ପଞ୍ଚାୟତ ସାନଜଟିଆପାଲି ର ବୋଲି ଜଣା ପଡିଛି1
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- 🚨 भोपाल में दोस्त ने चलती बाइक पर मारी गोली, हत्या का आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित निशातपुरा इलाके में चलती बाइक पर दोस्त की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। निशातपुरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का क्षेत्र में जुलूस भी निकाला गया। चलती बाइक पर दोस्त को मारी गोली, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस 🚨 भोपाल में दोस्त ने चलती बाइक पर मारी गोली, हत्या का आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित निशातपुरा इलाके में चलती बाइक पर दोस्त की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। निशातपुरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का क्षेत्र में जुलूस भी निकाला गया। चलती बाइक पर दोस्त को मारी गोली, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस #Bhopal #Nishatpura #MadhyaPradesh #MPPolice #BhopalNews #CrimeNews #MurderCase #PoliceAction #ViralNews #BreakingNews #P24NewsExpress1