उत्तर प्रदेश के महोबा में मां के इलाज के बहाने दस्तावेज लेकर बैंक खाता खुलवाने और फिर उससे अवैध साइबर लेनदेन करने के मामले में पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक वन्दना सिंह के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़/साइबर अनुरुद्ध कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'CyVAJRA' अभियान के तहत साइबर क्राइम पुलिस, सर्विलांस और एसओजी टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की है। खरेला कस्बा के मोहल्ला राय सिंह निवासी शिवम सिंह की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना महोबा में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी, जिसके बाद इस संगठित साइबर ठगी गिरोह का खुलासा हुआ। पीड़ित शिवम सिंह का आरोप था कि गांव के सोनू सिंह ने अपनी मां के इलाज के नाम पर उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और नई सिम लेकर एक्सिस बैंक में एक खाता खुलवाया था। इसके बाद आरोपी सोनू सिंह ने पासबुक, एटीएम, हस्ताक्षरित चेक और सिम अपने पास रख ली और उस खाते का दुरुपयोग करते हुए करीब ₹22 लाख का अवैध लेनदेन किया। पुलिस विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसके द्वारा अब तक ₹53 लाख से अधिक की साइबर ठगी की जा चुकी है और यह राशि और अधिक होने की संभावना है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 12 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर दो वांछित अभियुक्तों सोनू सिंह और हमीरपुर निवासी महेन्द्र उर्फ बाबू यदुवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से 02 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें संदिग्ध व्हाट्सएप व टेलीग्राम चैट, कॉल विवरण और साइबर लेनदेन से जुड़ी जानकारियां मिली हैं। इसके साथ ही कुछ संदिग्ध एटीएम कार्ड, चेकबुक और क्यूआर कोड भी जब्त किए गए हैं। पुलिस इस मामले में 3 बैंक खातों को फ्रीज करा रही है और 6 अन्य खातों की जांच जारी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में साइबर क्राइम थाना के प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह, निरीक्षक उपेन्द्रनाथ राय, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक शिवप्रताप सिंह और सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक विवेक कुमार मय टीम शामिल रहे। महोबा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या लेनदेन को लेकर सतर्क रहें और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।
उत्तर प्रदेश के महोबा में मां के इलाज के बहाने दस्तावेज लेकर बैंक खाता खुलवाने और फिर उससे अवैध साइबर लेनदेन करने के मामले में पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक वन्दना सिंह के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़/साइबर अनुरुद्ध कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'CyVAJRA' अभियान के तहत साइबर क्राइम पुलिस, सर्विलांस और एसओजी टीम ने यह बड़ी कार्रवाई की है। खरेला कस्बा के मोहल्ला राय सिंह निवासी शिवम सिंह की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना महोबा में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी, जिसके बाद इस संगठित साइबर ठगी गिरोह का खुलासा हुआ। पीड़ित शिवम सिंह का आरोप था कि गांव के सोनू सिंह ने अपनी मां के इलाज के नाम पर उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और नई सिम लेकर एक्सिस बैंक में एक खाता खुलवाया था। इसके बाद आरोपी सोनू सिंह ने पासबुक, एटीएम, हस्ताक्षरित चेक और सिम अपने पास रख ली और उस खाते का दुरुपयोग करते हुए करीब ₹22 लाख का अवैध लेनदेन किया। पुलिस विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसके द्वारा अब तक ₹53 लाख से अधिक की साइबर ठगी की जा चुकी है और यह राशि और अधिक होने की संभावना है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 12 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर दो वांछित अभियुक्तों सोनू सिंह और हमीरपुर निवासी महेन्द्र उर्फ बाबू यदुवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से 02 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें संदिग्ध व्हाट्सएप व टेलीग्राम चैट, कॉल विवरण और साइबर लेनदेन से जुड़ी जानकारियां मिली हैं। इसके साथ ही कुछ संदिग्ध एटीएम कार्ड, चेकबुक और क्यूआर कोड भी जब्त किए गए हैं। पुलिस इस मामले में 3 बैंक खातों को फ्रीज करा रही है और 6 अन्य खातों की जांच जारी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में साइबर क्राइम थाना के प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह, निरीक्षक उपेन्द्रनाथ राय, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक शिवप्रताप सिंह और सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक विवेक कुमार मय टीम शामिल रहे। महोबा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या लेनदेन को लेकर सतर्क रहें और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें।
- महोबा में इस बार काम पीडब्ल्यूडी के चहेते ठेकेदार को सौंपे जाने पर गहरा रोष जताया गया है। बारिश के मौसम के बीच अपने पसंदीदा ठेकेदार को काम दिए जाने के इस फैसले पर सीधे सवाल उठाते हुए लोगों से खुद इस स्थिति को देखने की अपील की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला अंतर्गत राठ के मारकंडेश्वर परिसर में बुंदेलखंड राज्य बनाओ अभियान के तहत एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया, जिससे अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग एक बार फिर मुखर हो गई है। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत के पहुंचने से आंदोलन को नई धार मिली है। पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने हुंकार भरते हुए कहा कि बुंदेलखंड की बेरोजगारी और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए अलग राज्य बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब वे चैन से नहीं बैठेंगे, अपने हक के लिए आवाज बुलंद करेंगे और इस आंदोलन को और तेज करेंगे। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। वक्ताओं ने कहा कि विकास के नाम पर बुंदेलखंड की हमेशा अनदेखी हुई है और अलग राज्य बनने से ही यहाँ के युवाओं को रोजगार तथा क्षेत्र को पहचान मिलेगी। आयोजकों ने इस मांग को लेकर जल्द ही बड़े स्तर पर आंदोलन करने का ऐलान किया है।1
- तुर्का लहचूरा1
- छतरपुर जिले के सिगरामपुरा गांव में 22 वर्षीय प्रेमलाल रैकवार की संदिग्ध हत्या का मामला सामने आया है, जहां उसका शव अमरोनिया गांव के पास जंगल में जमीन में दफन मिला। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। शव मिलने की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया गया है कि प्रेमलाल की शादी करीब दो महीने पहले ही हुई थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी पत्नी ने पार्टी के बहाने उसे अपने गांव बुलाया था, जिसके बाद वह देर रात तक घर नहीं लौटा। खोजबीन के दौरान परिजनों को सबसे पहले प्रेमलाल की लावारिस बाइक मिली और फिर अमरोनिया गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में एक नाले के पास जमीन में दबी हुई उसकी लाश बरामद हुई। मृतक की बहन रामकली रैकवार ने आरोप लगाया है कि पत्नी ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।1
- दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने आखिरकार अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, जिससे अब यहां का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इस नए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भारत जंक्शन न्यूज ने एक विशेष विश्लेषण जारी किया है, जिसमें कांग्रेस द्वारा मैदान में उतारे गए प्रत्याशी, उनके राजनीतिक सफर और इस फैसले के प्रभाव पर चर्चा की गई है। इस फैसले के बाद अब चुनावी समीकरणों का राजनीतिक विश्लेषण तेज हो गया है और यह सवाल बड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस के इस कदम से भाजपा की टेंशन बढ़ने वाली है। बीजेपी बनाम कांग्रेस के इस सीधे मुकाबले को लेकर सरगर्मियां तेज हैं।1
- उत्तर प्रदेश में वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का शुभारंभ हो चुका है। इसी बड़े अभियान के अंतर्गत महोबा जिले के पनवाड़ी सीएचसी में भी इसकी शुरुआत की गई है।1
- महोबा जिले के खन्ना थाना क्षेत्र के सिरसी कला गांव में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कथित लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन पुल के कारण बनाए गए वैकल्पिक मार्ग से गुजर रही बारातियों से भरी एक वैन उफनती श्यामा नदी के तेज बहाव में बह गई। हादसे के दौरान इस वैन में दूल्हा समेत कई बाराती सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नदी का जलस्तर बढ़ा होने के बावजूद इस वैकल्पिक मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी बोर्ड या आवागमन रोकने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई थी। इसी वजह से वैन तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बहने लगी। ऐसे नाजुक वक्त में स्थानीय मुस्लिम युवकों ने असाधारण साहस का परिचय दिया और अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर दूल्हे सहित सभी बारातियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे कई लोगों की जान बच गई। इस हादसे के बाद लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माणाधीन पुल के दौरान बनाए गए वैकल्पिक मार्ग की सुरक्षा को लेकर विभाग ने घोर लापरवाही बरती, जिसके कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल सभी बाराती सुरक्षित हैं और स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1