शाहगढ़ में CMO पर महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप, एसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग शाहगढ़ नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) विनय कुमार मिश्रा के खिलाफ चार महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक सागर को लिखित शिकायत सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में मारपीट, छेड़छाड़, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने तथा कथित रूप से रिश्वत मांगने के आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता संगीता आदिवासी, राधारानी आदिवासी, सुमन चढ़ार और रूपा यादव का आरोप है कि वे 4 अगस्त को नगर परिषद कार्यालय कुटीर (आवास) की जानकारी लेने पहुंची थीं। इसी दौरान CMO ने कथित रूप से उनसे पैसों की मांग की। महिलाओं का कहना है कि पैसे नहीं होने की बात कहने पर उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और जातिसूचक शब्द कहे गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संगीता आदिवासी के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंचीं अन्य महिलाओं के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई। महिलाओं का आरोप है कि कार्यालय के कुछ कर्मचारियों ने भी CMO के कहने पर उनके साथ मारपीट की। महिलाओं का यह भी कहना है कि घटना के बाद जब वे शाहगढ़ थाने पहुंचीं तो उनकी शिकायत निष्पक्ष तरीके से दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक सागर को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में पुलिस द्वारा शिकायत प्राप्त कर जांच की जा रही है। वहीं, इस संबंध में CMO विनय कुमार मिश्रा का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
शाहगढ़ में CMO पर महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप, एसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग शाहगढ़ नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) विनय कुमार मिश्रा के खिलाफ चार महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक सागर को लिखित शिकायत सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में मारपीट, छेड़छाड़, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने तथा कथित रूप से रिश्वत मांगने के आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता संगीता आदिवासी, राधारानी आदिवासी, सुमन चढ़ार और रूपा यादव का आरोप है कि वे 4 अगस्त को नगर परिषद कार्यालय कुटीर
(आवास) की जानकारी लेने पहुंची थीं। इसी दौरान CMO ने कथित रूप से उनसे पैसों की मांग की। महिलाओं का कहना है कि पैसे नहीं होने की बात कहने पर उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और जातिसूचक शब्द कहे गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संगीता आदिवासी के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंचीं अन्य महिलाओं के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई। महिलाओं का आरोप है कि कार्यालय के कुछ कर्मचारियों ने भी CMO के कहने पर उनके साथ
मारपीट की। महिलाओं का यह भी कहना है कि घटना के बाद जब वे शाहगढ़ थाने पहुंचीं तो उनकी शिकायत निष्पक्ष तरीके से दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक सागर को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में पुलिस द्वारा शिकायत प्राप्त कर जांच की जा रही है। वहीं, इस संबंध में CMO विनय कुमार मिश्रा का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
- शाहगढ़ में CMO पर महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप, एसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग शाहगढ़ नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) विनय कुमार मिश्रा के खिलाफ चार महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक सागर को लिखित शिकायत सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में मारपीट, छेड़छाड़, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने तथा कथित रूप से रिश्वत मांगने के आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता संगीता आदिवासी, राधारानी आदिवासी, सुमन चढ़ार और रूपा यादव का आरोप है कि वे 4 अगस्त को नगर परिषद कार्यालय कुटीर (आवास) की जानकारी लेने पहुंची थीं। इसी दौरान CMO ने कथित रूप से उनसे पैसों की मांग की। महिलाओं का कहना है कि पैसे नहीं होने की बात कहने पर उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और जातिसूचक शब्द कहे गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संगीता आदिवासी के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंचीं अन्य महिलाओं के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई। महिलाओं का आरोप है कि कार्यालय के कुछ कर्मचारियों ने भी CMO के कहने पर उनके साथ मारपीट की। महिलाओं का यह भी कहना है कि घटना के बाद जब वे शाहगढ़ थाने पहुंचीं तो उनकी शिकायत निष्पक्ष तरीके से दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक सागर को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में पुलिस द्वारा शिकायत प्राप्त कर जांच की जा रही है। वहीं, इस संबंध में CMO विनय कुमार मिश्रा का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।3
- माँ और बेटी माँ की दुआओँ का असर कभी कम नहीं होता, बेटी के चेहरे पर मुस्कान यूँ ही नहीं होता। माँ का प्यार ही उसकी सबसे बड़ी दौलत होता। Galleria ko khana khilaya hai to gallery dar ke mare bhag rahe hain mobile se Dara ke3
- मड़ावरा में तीन ग्राम विकास अधिकारियों का स्थानांतरण, लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच प्रशासनिक फैसले ने बढ़ाई चर्चाएं उपमुख्यमंत्री से ग्राम प्रधानों और कार्यकर्ताओं की मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें, अब कार्यमुक्ति और नई तैनाती पर टिकी निगाहें मड़ावरा में तीन ग्राम विकास अधिकारियों का स्थानांतरण, लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच प्रशासनिक फैसले ने बढ़ाई चर्चाएं उपमुख्यमंत्री से ग्राम प्रधानों और कार्यकर्ताओं की मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें, अब कार्यमुक्ति और नई तैनाती पर टिकी निगाहें इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र' ललितपुर। विकासखंड मड़ावरा में प्रशासनिक फेरबदल का दौर लगातार जारी है। हाल ही में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रमेश कुमार के स्थानांतरण के बाद अब विकासखंड में लंबे समय से कार्यरत तीन ग्राम विकास अधिकारियों (पंचायत सचिवों) का भी स्थानांतरण कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद पूरे विकासखंड में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों से लेकर ग्राम पंचायतों तक तबादले को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जिला विकास अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम विकास अधिकारी तुषार कटारिया तथा इन्द्रेश कुमार गौतम का स्थानांतरण विकासखंड बिरधा किया गया है, जबकि महेंद्र कुमार को विकासखंड महरौनी भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए भेजा जाए। बताया गया है कि यह स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर जिलाधिकारी के अनुमोदन के उपरांत किया गया है। काफी समय से चल रही थी तबादलों को लेकर खींचतान विकासखंड मड़ावरा में पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर पिछले कई महीनों से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर खींचतान की स्थिति बनी हुई थी। क्षेत्र में यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय रहा। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, जनसंगठनों और ग्रामीणों की ओर से समय-समय पर पंचायत सचिवों की कार्यशैली एवं लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती को लेकर सवाल उठाए जाते रहे। बताया जाता है कि कुछ समय पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा संबंधित पंचायत सचिवों के स्थानांतरण की मांग करते हुए विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया था। वहीं दूसरी ओर, एक जिला पंचायत सदस्य ने संबंधित अधिकारियों के पक्ष में एक राज्यमंत्री से समर्थन पत्र भी दिलवाया था। इस कारण स्थानांतरण का मुद्दा लंबे समय तक राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाओं का केंद्र बना रहा। उपमुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई चर्चाएं बीते मंगलवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मड़ावरा क्षेत्र के कुछ ग्राम प्रधानों तथा संगठन के कार्यकर्ताओं ने मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद क्षेत्र में यह चर्चा और तेज हो गई कि पंचायत सचिवों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को गति मिलने के पीछे यह मुलाकात भी एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। हालांकि, प्रशासन की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है जिसमें इन दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से जोड़ा गया हो। इसलिए इस संबंध में किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल यह स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चाओं का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें कार्यमुक्ति और आगे की कार्रवाई पर स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई तैनाती पर भेजा जाएगा या फिर पूर्व की तरह किसी स्तर पर आदेश में संशोधन अथवा निरस्तीकरण की स्थिति उत्पन्न होगी। इसको लेकर भी विकासखंड में चर्चाएं जारी हैं। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यदि आदेश का समयबद्ध अनुपालन होता है तो जल्द ही नए ग्राम विकास अधिकारियों की तैनाती के साथ विकासखंड की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं ग्रामीणों की अपेक्षा है कि नई व्यवस्था के बाद पंचायतों में विकास कार्यों की गति और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर विकासखंड मड़ावरा ही नहीं, बल्कि जनपद के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों की भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में संबंधित अधिकारियों की कार्यमुक्ति, नए अधिकारियों की तैनाती और विभागीय कार्रवाई की दिशा इस पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट करेगी।2
- मड़ावरा विकास खंड में लंबे समय से जमे ग्राम विकास अधिकारी का तबादला मड़ावरा विकास खंड में लंबे समय से जमे ग्राम विकास अधिकारी का तबादला ललितपुर। मड़ावरा विकास खंड में लंबे समय से तैनात ग्राम विकास अधिकारी का आखिरकार तबादला कर दिया गया है। लंबे समय से एक ही विकास खंड में कार्यरत रहने के कारण उनका नाम लगातार चर्चा में बना हुआ था। अब विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के बाद उन्हें मड़ावरा से स्थानांतरित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि संबंधित ग्राम विकास अधिकारी काफी समय से मड़ावरा विकास खंड में अपनी सेवाएं दे रहे थे। स्थानांतरण के बाद विकास खंड में नए ग्राम विकास अधिकारी की तैनाती की जाएगी। विभागीय स्तर पर इस कार्रवाई को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, अभी विभाग की ओर से स्थानांतरण के विस्तृत कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।1
- जीजा की पिटाई से साले की मौत : बस स्टैंड पर मारपीट के बाद मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित बस स्टैंड के पास मंगलवार सुबह जीजा और साले के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। विवाद के दौरान हुई मारपीट में साला गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पुलिस ने तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। ललितपुर शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड के पास मंगलवार सुबह किसी बात को लेकर जीजा और साले के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट होने लगी। मारपीट में साला देवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को 108 एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। लेकिन इलाज के दौरान देवेंद्र ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।2