मधुमक्खियों के हमले में बच्चों की जान बचाते हुए जान गंवाने वाली कंचन बाई को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर मेघवाल समाज ने उपखण्ड कार्यलय में सौपा ज्ञापन मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र के रानपुर में मधुमक्खियों के हमले के दौरान 20 स्कूली बच्चों की जान बचाते हुए जान गंवाने वाली कंचन बाई को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय मेघवाल विकास समिति ने रामगंजमंडी में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद समाजजनों ने उपखण्ड कार्यलय में ज्ञापन सौंपा। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे समिति पदाधिकारियों ने बताया कि कंचन बाई ने साहस और मानवता का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को सुरक्षित बचाया। ऐसे साहसिक कार्य को देखते हुए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए।ज्ञापन में मांग की गई कि कंचन बाई के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए तथा 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने सरकार से मानवीय आधार पर त्वरित निर्णय लेने की अपील की। समिति ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आगे भी आंदोलन किया जाएगा।
मधुमक्खियों के हमले में बच्चों की जान बचाते हुए जान गंवाने वाली कंचन बाई को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर मेघवाल समाज ने उपखण्ड कार्यलय में सौपा ज्ञापन मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र के रानपुर में मधुमक्खियों के हमले के दौरान 20 स्कूली बच्चों की जान बचाते हुए जान गंवाने वाली कंचन बाई को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय मेघवाल विकास समिति ने रामगंजमंडी में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद समाजजनों ने उपखण्ड कार्यलय में ज्ञापन सौंपा। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे समिति पदाधिकारियों ने बताया कि कंचन बाई ने साहस और मानवता का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को सुरक्षित बचाया। ऐसे साहसिक कार्य को देखते हुए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए।ज्ञापन में मांग की गई कि कंचन बाई के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए तथा 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने सरकार से मानवीय आधार पर त्वरित निर्णय लेने की अपील की। समिति ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आगे भी आंदोलन किया जाएगा।
- Post by Devraj meena Devraj meena1
- रामगंजमंडी उपखंड के पीपाखेड़ी गांव में शनिवार शाम कटी हुई गेहूं की फसल में आगजनी की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार खेत मालिक कन्हैया लाल मीणा ने फसल काटकर खेत में एक स्थान पर इकट्ठी रखी हुई थी। इसी दौरान अज्ञात युवक द्वारा उस कटी हुई फसल में आग लगा दी गई। हालांकि आग सीमित हिस्से में ही लगी और समय रहते ग्रामीणों की सतर्कता से उसे बुझा दिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। रविवार शाम करीब 5 बजे पीड़ित किसान कन्हैया लाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार देर शाम करीब मुख्य मार्ग से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों ने खेत की ओर से धुआं उठता देखा। सूचना पर मौके पर पहुंचे इसके बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर धूल-मिट्टी और पत्थर डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।आग ज्यादा नहीं फैली थी, इसलिए शुरुआती प्रयासों में ही उस पर नियंत्रण पा लिया गया और बाद में पूरी तरह बुझा दी गई। खेत मालिक कन्हैया लाल मीणा ने यह भी बताया कि मौके पर पहुंचने पर वहां एक धमकी भरा पत्र भी मिला। पत्र में लिखा था कि यदि फसल इकट्ठी की गई तो दोबारा आग लगा दी जाएगी। इस चेतावनी के बाद गांव में चिंता और आक्रोश का माहौल है। मामले में अज्ञात युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने दोषी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।1
- मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र के रानपुर में मधुमक्खियों के हमले के दौरान 20 स्कूली बच्चों की जान बचाते हुए जान गंवाने वाली कंचन बाई को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय मेघवाल विकास समिति ने रामगंजमंडी में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद समाजजनों ने उपखण्ड कार्यलय में ज्ञापन सौंपा। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे समिति पदाधिकारियों ने बताया कि कंचन बाई ने साहस और मानवता का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को सुरक्षित बचाया। ऐसे साहसिक कार्य को देखते हुए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। ज्ञापन में मांग की गई कि कंचन बाई के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए तथा 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने सरकार से मानवीय आधार पर त्वरित निर्णय लेने की अपील की। समिति ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आगे भी आंदोलन किया जाएगा।1
- मासुमो की जान बचाने वाली विरांगना कचंन बाई निमचको शहिद का आर्थिक सहायता राशी एक करोड़ देने की मांग को लेकर सोपा ज्ञापन मैघवाल समाज रामगंजमंडी4
- झालावाड़। झालावाड़ शहर के यात्रियों को रेलवे टिकट आरक्षण के लिए आप लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है जबकि पहले यह केंद्र गढ़ परिसर में संचालित होने से आमजन को राहत मिल रही थी रेलवे विभाग की ओर से इस केंद्र को अब रेलवे स्टेशन पर संचालित किया जा रहा है1
- रायपुर क्षेत्र में इस बार लहसुन की फसल को लेकर अच्छे भाव की उम्मीद में इस बार किसानों ने बड़े पैमाने पर लहसुन फसल की बुवाई की लेकिन लगातार बदलते मौसम और रोग ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है फसल अभी करीब दो माह की होने की है लेकिन पीलिया रोग से लहसुन की फसल पर असर पड़ रहा है रोग के कारण पौधे मुड़कर पीले पड़ रहे हैं बढवार रुक गई हैं और कहीं स्थान पर पौधे सूखने की स्थिति में पहुंच गए हैं । रायपुर निवासी बनकट सुथार ने बताया कि लहसुन में बाकड़िया रोग की रोकथाम के लिए तीन से चार बार कीटनाशकों का छिड़काव किया किया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद रोग खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है खेतों में दिन-बेन दिन हालत बिगड़ती जा रही है यदि समय रहते प्रभावी उपचार नहीं हुआ तो उत्पादन पर भारी असर पड़ेगा।1
- rawatbhata mein yahi Hoti Hai rajnitisoch samajhkar kadam nahin badhati Hai Nagar Palika1
- मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र के रानपुर में मधुमक्खियों के हमले के दौरान 20 स्कूली बच्चों की जान बचाते हुए जान गंवाने वाली कंचन बाई को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय मेघवाल विकास समिति ने रामगंजमंडी में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद समाजजनों ने उपखण्ड कार्यलय में ज्ञापन सौंपा। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे समिति पदाधिकारियों ने बताया कि कंचन बाई ने साहस और मानवता का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को सुरक्षित बचाया। ऐसे साहसिक कार्य को देखते हुए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए।ज्ञापन में मांग की गई कि कंचन बाई के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए तथा 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने सरकार से मानवीय आधार पर त्वरित निर्णय लेने की अपील की। समिति ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आगे भी आंदोलन किया जाएगा।1