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कानपुर देहात के सबलपुर गांव में करीब पांच वर्ष पूर्व मोहित से विवाहित उइछा गांव निवासी 25 वर्षीय जूली का शव रविवार सुबह लगभग 11:30 बजे उसके घर के अंदर फंदे से लटका मिला। जूली की एक तीन वर्षीय पुत्री परी और दस दिन पहले जन्मा एक पुत्र है। ससुरालियों ने फंदे से उतारने तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद पति ने डायल 112 पर घटना की सूचना दी और मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। इसी बीच, जूली की मां रानी देवी और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर जूली की हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया।
कुमार पंकज
कानपुर देहात के सबलपुर गांव में करीब पांच वर्ष पूर्व मोहित से विवाहित उइछा गांव निवासी 25 वर्षीय जूली का शव रविवार सुबह लगभग 11:30 बजे उसके घर के अंदर फंदे से लटका मिला। जूली की एक तीन वर्षीय पुत्री परी और दस दिन पहले जन्मा एक पुत्र है। ससुरालियों ने फंदे से उतारने तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद पति ने डायल 112 पर घटना की सूचना दी और मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। इसी बीच, जूली की मां रानी देवी और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर जूली की हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया।
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- कानपुर देहात के सबलपुर गांव में करीब पांच वर्ष पूर्व मोहित से विवाहित उइछा गांव निवासी 25 वर्षीय जूली का शव रविवार सुबह लगभग 11:30 बजे उसके घर के अंदर फंदे से लटका मिला। जूली की एक तीन वर्षीय पुत्री परी और दस दिन पहले जन्मा एक पुत्र है। ससुरालियों ने फंदे से उतारने तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद पति ने डायल 112 पर घटना की सूचना दी और मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। इसी बीच, जूली की मां रानी देवी और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर जूली की हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया।2
- रविवार को कानपुर-इटावा नेशनल हाईवे पर कांधी गांव के पास भैंसों से लदी एक ओवरलोड पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण हादसे में साइकिल और बाइक सवार सहित कुल चार लोग घायल हो गए, जबकि पिकअप में लदी एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, भैंसों से लदा यह पिकअप वाहन हाईवे से गुजर रहा था तभी अचानक चालक अपना नियंत्रण खो बैठा। इसके परिणामस्वरूप, वाहन सड़क किनारे जा रही एक साइकिल और एक बाइक से टकराकर पलट गया। टक्कर के कारण पिकअप वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, और साइकिल व बाइक को भी काफी नुकसान पहुंचा। दुर्घटना के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इस घटना का वीडियो किसी राहगीर ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें दावा किया गया है कि पिकअप में लगभग 11 पशु लदे हुए थे। वायरल वीडियो में वाहन की ओवरलोडिंग, यातायात नियमों के उल्लंघन और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी। थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया एक भैंस की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य पशु सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भैंस की मौत दम घुटने से हुई या दुर्घटना के कारण, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया है और पिकअप वाहन को कब्जे में लेकर दुर्घटना के कारणों व ओवरलोडिंग के पहलुओं की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है।1
- कानपुर देहात के राजपुर कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ बंदरों के झुंड बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। ताजा घटना में, रविवार सुबह करीब 11 बजे कन्हैया नगर निवासी रिहाना की 8 वर्षीय बेटी रमसा पर बंदरों ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, रमसा जब घर के आंगन में लघुशंका के लिए जा रही थी, तभी वहाँ बैठे बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। एक बंदर बच्ची के बाएं हाथ से लिपट गया और उसका मांस नोच लिया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे बंदरों से बचाया, लेकिन तब तक उसके हाथ से काफी खून बह चुका था। परिजन आनन-फानन में बच्ची को राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहाँ चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार ने उसे एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाने के साथ प्राथमिक उपचार दिया। उपचार के बाद रमसा को घर भेज दिया गया। कस्बे के लोहिया नगर निवासी अनीश सिद्दीकी ने बताया कि बंदरों के डर से अब बच्चे घरों से बाहर खेलने जाने से भी कतराने लगे हैं। वहीं, मुखर्जी नगर निवासी दीपक मिश्रा और रामू कटियार ने बताया कि कुछ समय पहले बंदरों के हमले के कारण एक 60 वर्षीय वृद्धा छत से गिरकर घायल हो गई थीं। अंबेडकर नगर निवासी अनीश खान ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि लगभग चार वर्ष पहले बंदरों के झुंड ने एक महिला को दौड़ा लिया था, जिससे घबराहट में वह खुले आंगन में गिर गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। पटेल नगर निवासी अरशद मंसूरी के मुताबिक, उनके मोहल्ले में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं, और स्थिति यह है कि सुबह टहलने निकलने वाले लोग भी अपनी सुरक्षा के लिए हाथों में डंडा लेकर चलते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते बंदरों को नहीं पकड़ा गया तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। इस संबंध में, राजपुर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) नीति त्रिपाठी ने बताया कि जिन वार्डों में बंदरों का आतंक अधिक है, उनका विवरण तैयार किया जा रहा है और जल्द ही वन विभाग को पत्र भेजकर बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था की जाएगी।1
- कानपुर देहात के थाना डेरापुर क्षेत्र की कांधी चौकी अंतर्गत गुनगुन पेट्रोल पंप के पास एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। एक तेज रफ्तार लोडर वाहन ने, जिसमें लगभग 11 भैंसों को बेरहमी से भरकर ले जाया जा रहा था, एक बाइक और एक साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन बाइक सवार और एक साइकिल सवार सहित कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लोडर में दम घुटने से एक भैंस की भी दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अनियंत्रित लोडर की टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद कुछ राहगीरों ने इस पूरे मामले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। वायरल वीडियो के साथ लोग कांधी चौकी इंचार्ज पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि चौकी इंचार्ज ने लोडर चालक को मौके पर पकड़ लिया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया या कहीं और भेज दिया गया। हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले पर कोई स्पष्ट जानकारी देने से बचती नजर आ रही है और केवल यह कह रही है कि वह मामले की जांच में जुटी है। इस घटना को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम सभा ऊमरपुर-जफरापुर में 7 जून को एक ग्रामीण चौपाल का आयोजन किया गया। सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी एवं जिला कांग्रेस कमेटी कानपुर देहात के पूर्व अध्यक्ष श्री नरेश कटियार की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस चौपाल में क्षेत्र के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यहाँ स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों और समसामयिक राजनीतिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान श्री इंद्रपाल कठेरिया, श्री पप्पू कटियार, श्री सतीश कटियार, श्री देवेंद्र कटियार, श्री जंटर कटियार और श्री दिलीप कटियार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इसके उपरांत, श्री नरेश कटियार एवं कांग्रेसजनों ने ग्राम हाजिरपुर पहुंचकर संगठन के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं पूर्व जिला सचिव श्री प्रेम सिंह की धर्मपत्नी के निधन उपरांत आयोजित त्रयोदशी कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्री प्रेम सिंह एवं उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। श्री नरेश कटियार ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता के सुख-दुख में सहभागी रही है और आगे भी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का कार्य करती रहेगी। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामीणों, शुभचिंतकों, रिश्तेदारों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुन्ना भैया, सीपू कटियार, रामचंद्र जी, सोशल मीडिया विभाग, उत्तर प्रदेश के महासचिव आदर्श कटियार, विजय सिंह तोमर और यश कटियार सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी भी मौजूद थे।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के पदमपुर गांव में रविवार सुबह गांव से कुछ दूरी पर स्थित जंगल में एक युवक का शव बबूल के पेड़ से रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया है, और मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए हैं। मृतक की पहचान पदमपुर निवासी अरविंद उर्फ कल्लू (25) के रूप में हुई है, जो नशे का आदी बताया गया है। उसकी शादी करीब दो वर्ष पहले लक्ष्मी देवी से हुई थी। परिवार में उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी के अलावा मां लज्जा देवी और दो छोटे भाई विकास तथा धर्मेंद्र हैं। परिजनों के अनुसार, लगभग डेढ़ वर्ष पहले बाहर काम करते समय अरविंद का सड़क हादसा हो गया था, जिसमें वह घायल हो गया था। इसके बाद से वह घर पर ही रह रहा था। जानकारी के मुताबिक, अरविंद शनिवार दोपहर नशे की हालत में घर से निकला था। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पूरी रात खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। रविवार सुबह ग्रामीणों ने जंगल में तलाश की, तो गांव से लगभग 500 मीटर दूर घनी झाड़ियों के बीच बबूल के पेड़ से उसका शव लटका हुआ मिला। शव मिलने की खबर सुनते ही पत्नी लक्ष्मी देवी बदहवास हो गईं, जबकि मां और दोनों भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। हल्का इंचार्ज एसआई मिलन सिरोही ने रविवार सुबह 11 बजे बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।3
- रविवार शाम झींझक रेलवे स्टेशन पर स्वतंत्रता सेनानी पंडित देवदत्त शर्मा की पुण्य स्मृति में एक वाटर कूलर का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य रेलवे यात्रियों की सुविधा और जनसेवा की भावना को बढ़ावा देना है, जिससे अब गर्मी के मौसम में स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को शुद्ध और शीतल पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। इस वाटर कूलर का निर्माण स्वतंत्रता सेनानी के पौत्र निर्मल त्रिपाठी ने अपने पूर्वजों की स्मृति को जनहित से जोड़ते हुए कराया है। उन्होंने बताया कि समाजसेवा ही अपने पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि है। शुभारंभ कार्यक्रम में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश डिप्टी चेयरमैन श्याम मोहन दुबे, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि विपिन कुमार शर्मा, स्टेशन अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार, पौरुष शुक्ला, नमन गुप्ता, राजेश गुप्ता, कुसुम शर्मा, अन्नू अवस्थी, राजू मिश्रा, अनुज शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की सुविधाएं यात्रियों को राहत देने के साथ-साथ समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती हैं। उपस्थित सभी लोगों ने निर्मल त्रिपाठी के इस जनहितकारी प्रयास की सराहना की और इसे एक अनुकरणीय पहल बताया।2
- मंगलपुर थाना क्षेत्र के पदमपुर गांव के निवासी एक युवक का शव रविवार सुबह गांव से दूर जंगल में एक बबूल के पेड़ पर रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान पदमपुर निवासी अरविंद उर्फ कल्लू (25) के रूप में हुई है, जो नशे का आदी था। उसकी शादी करीब दो वर्ष पहले लक्ष्मी देवी से हुई थी। परिवार में उसकी पत्नी के अलावा माँ लज्जा देवी और छोटे भाई विकास तथा धर्मेंद्र हैं। परिजनों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बाहर काम करने के दौरान उसका सड़क हादसा हो गया था, जिसमें वह घायल हो गया था। तब से वह घर पर ही रह रहा था। परिजनों के मुताबिक, शनिवार दोपहर को अरविंद नशे की हालत में घर से निकला था। देर शाम तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और रात भर खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। रविवार सुबह ग्रामीणों ने जंगल की ओर तलाश की तो गांव से लगभग 500 मीटर दूर घनी झाड़ियों के बीच बबूल के पेड़ से उसका शव रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला। शव मिलने की सूचना से पत्नी लक्ष्मी देवी बदहवास हो गईं, वहीं माँ और दोनों भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और एसआई मिलन सिरोही ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया। इसके साथ ही, घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। हल्का इंचार्ज मिलन सिरोही ने रविवार सुबह 11 बजे बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1