अगर आप शून्य जोखिम और निश्चित मुनाफे वाली निवेश योजना तलाश रहे हैं, तो भारतीय डाकघर की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। वर्तमान में, पोस्ट ऑफिस अपनी 5 वर्षीय आरडी योजना पर 6.7 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर प्रदान कर रहा है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत इसका तिमाही कंपाउंडिंग कैलकुलेशन है। इसमें हर तीन महीने में ब्याज को मूल राशि में जोड़ दिया जाता है, जिससे निवेश पर भी रिटर्न मिलता है और लंबी अवधि में एक बड़ा फंड तैयार होता है। उदाहरण के लिए, यदि आप इस सरकारी योजना में हर महीने ₹3,500 का नियमित निवेश करते हैं, तो 5 साल (कुल 60 महीने) की अवधि में आपकी जेब से ₹2,10,000 जमा होंगे। 6.7% की ब्याज दर और तिमाही कंपाउंडिंग के चलते, 5 साल पूरे होने पर आपको लगभग ₹39,000 का ब्याज मिलेगा। इस प्रकार, आरडी के परिपक्व होने पर आपको कुल ₹2,49,000 की एकमुश्त राशि प्राप्त होगी। यह स्कीम मध्यम वर्ग के लिए कई कारणों से उपयोगी मानी जाती है, जिसमें शत-प्रतिशत सुरक्षा (सरकारी गारंटी के कारण डूबरत का कोई खतरा नहीं), छोटी बचत से शुरुआत करने की सुविधा, वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देना और समाज के हर वर्ग के लिए सुलभता शामिल है। हालांकि, निवेश करने से पहले यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि केंद्र सरकार द्वारा इस योजना की ब्याज दरों की समय-समय पर समीक्षा और संशोधन किया जाता है। इसलिए, निवेश शुरू करते समय लागू नियमों और सटीक दरों की जांच अवश्य कर लें, क्योंकि मैच्योरिटी के समय मिलने वाली अंतिम राशि में थोड़ा बदलाव संभव है।
अगर आप शून्य जोखिम और निश्चित मुनाफे वाली निवेश योजना तलाश रहे हैं, तो भारतीय डाकघर की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। वर्तमान में, पोस्ट ऑफिस अपनी 5 वर्षीय आरडी योजना पर 6.7 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर प्रदान कर रहा है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत इसका तिमाही कंपाउंडिंग कैलकुलेशन है। इसमें हर तीन महीने में ब्याज को मूल राशि में जोड़ दिया जाता है, जिससे निवेश पर भी रिटर्न मिलता है और लंबी अवधि में एक बड़ा फंड तैयार होता है। उदाहरण के लिए, यदि आप इस सरकारी योजना में हर महीने ₹3,500 का नियमित निवेश करते हैं, तो 5 साल (कुल 60 महीने) की अवधि में आपकी जेब से ₹2,10,000 जमा होंगे। 6.7% की ब्याज दर और तिमाही कंपाउंडिंग के चलते, 5
साल पूरे होने पर आपको लगभग ₹39,000 का ब्याज मिलेगा। इस प्रकार, आरडी के परिपक्व होने पर आपको कुल ₹2,49,000 की एकमुश्त राशि प्राप्त होगी। यह स्कीम मध्यम वर्ग के लिए कई कारणों से उपयोगी मानी जाती है, जिसमें शत-प्रतिशत सुरक्षा (सरकारी गारंटी के कारण डूबरत का कोई खतरा नहीं), छोटी बचत से शुरुआत करने की सुविधा, वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देना और समाज के हर वर्ग के लिए सुलभता शामिल है। हालांकि, निवेश करने से पहले यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि केंद्र सरकार द्वारा इस योजना की ब्याज दरों की समय-समय पर समीक्षा और संशोधन किया जाता है। इसलिए, निवेश शुरू करते समय लागू नियमों और सटीक दरों की जांच अवश्य कर लें, क्योंकि मैच्योरिटी के समय मिलने वाली अंतिम राशि में थोड़ा बदलाव संभव है।
- खैरागढ़ छुईखदान गंडई (केसीजी) जिले के अंतिम छोर पर स्थित भावे गांव सहित जुरलाखार, थोर्राडीह और कौहाबहारा के किसानों को अब खाद लेने के लिए 40 किलोमीटर दूर भोथली समिति नहीं जाना पड़ेगा। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देश पर अब गांव स्तर पर ही उर्वरक वितरण शुरू किया गया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। बुधवार 24 जून को सुबह 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत भोथली समिति के माध्यम से 12 किसानों को कुल 42 बोरी यूरिया, 14 बोरी इफको और 7 बोरी पोटाश का वितरण किया गया है। किसानों ने प्रशासन की इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इसे खेती-किसानी के लिए एक बड़ी राहत बताया है।1
- गरियाबंद जिला मुख्यालय के राजिम स्थित पीडब्ल्यूडी विभाग के रेस्टहाउस में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री यज्ञदत्त शर्मा ने आपातकाल की बरसी पर एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र के इतिहास का 'काला अध्याय' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 25 जून 1975 को पूरे देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की निर्मम हत्या की थी। राजिम विधायक रोहित साहू ने इस अवसर पर कहा कि आपातकाल के दौरान देशवासियों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। उन्होंने बताया कि प्रेस की स्वतंत्रता पर सेंसरशिप थोप दी गई और लाखों निर्दोष लोगों को जेलों में डाल दिया गया, जिससे महीनों तक चले इस दौर ने भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को झकझोर कर रख दिया। मंत्री यज्ञदत्त शर्मा ने कांग्रेस पर सत्ता की तानाशाही मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि देशहित से ऊपर एक परिवार और एक व्यक्ति के अहंकार को रखा गया था। पत्रकार वार्ता में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले युवाओं, पत्रकारों और जनआंदोलनों में भाग लेने वाले नागरिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई और आपातकाल के विरोध में उठी हर आवाज को नमन किया गया। इस दौरान राजिम विधायक रोहित साहू, जिला भाजपा महामंत्री चंद्रशेखर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, मंडल अध्यक्ष रिकेश साहू सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- लांजी तहसील के आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इन्हीं में से एक, ग्राम लोहारा के सालिकराम बिसेन, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत सहायता, वृद्धावस्था पेंशन की बहाली और प्रताड़ित करने वाले बेटों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग लेकर आए थे। सालिकराम बिसेन का कहना है कि उनके बेटों ने उनके साथ मारपीट की और प्रताड़ित कर उनका घर तोड़ दिया, जिससे वे बेघर हो गए हैं और अब बालाघाट के रैन बसेरा में रहते हैं। उनकी वृद्धावस्था पेंशन योजना भी कुछ महीनों से बंद हो गई है। इस प्रकरण में लांजी के एसडीएम को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में, ठेमा निवासी प्रणिता शिवेदी आशा कार्यकर्ता के पद पर अपनी नियुक्ति की मांग लेकर पहुंची थीं। प्रणिता ने बताया कि वर्ष 2022 में चयन और नियुक्ति पत्र मिलने के बावजूद उन्हें नियमित नियुक्ति और मानदेय का लाभ अभी तक नहीं मिला है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा गया है।1
- कबीरधाम पुलिस ने कवर्धा में सड़क पर वाहन रोककर मारपीट करने, जातिसूचक अपमान करने और जान से मारने की धमकी देने के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी रामकुमार मरकाम की शिकायत पर कवर्धा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस की जांच में यह पुष्टि हुई कि आरोपियों ने वाहन रोककर प्रार्थी, उनके साथियों और जिला पंचायत सदस्य राजकुमार मेरावी के साथ मारपीट की थी और जातिसूचक टिप्पणियाँ भी की थीं। इस मामले में गोकुल कौशिक, गोविंद कौशिक, रामानुज कौशिक, सागर साहु और आलोक तिवारी को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें 24 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया। कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जातीय वैमनस्य फैलाने और कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।2
- प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई श्रृंखला के तहत 23 जून को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में हुई इस जनसुनवाई में कुल 120 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, श्री डीपी बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री एमआर कोल तथा एसडीएम श्री गोपाल सोनी सहित अन्य अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान कई व्यक्तिगत समस्याएँ सामने आईं, जिनमें बिरसा तहसील के ग्राम भड़गांव निवासी काशीराम चिचाम की राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत नर्सरी स्थापित करने हेतु बैंक ऋण या सहायता की मांग प्रमुख थी, जिस पर सामान्य वनमंडलाधिकारी को कार्यवाही के निर्देश दिए गए। वारासिवनी निवासी डॉ. युगेन्द्र राहंगडाले ने पड़ोसी गन्नालाल भगत पर दीवार पर प्लास्टर के काम में बाधा डालने की शिकायत की, जिससे उनके घर में सीपेज और नींव कमजोर होने का डर था; इस मामले में सीएमओ वारासिवनी को निर्देश दिए गए। जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम बहियाटिकुर निवासी श्यामलाल रंगारे ने अपनी भूमि पर बने अवैध नाली निर्माण को हटाने की मांग की, जिससे उनके मकान को क्षति पहुंच रही थी, जिस पर जनपद सीईओ लालबर्रा को कार्यवाही करने को कहा गया। लांजी तहसील के ग्राम लोहारा निवासी सालिकराम बिसेन ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत सहायता, वृद्धावस्था पेंशन बहाली और बेटों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने उन्हें प्रताड़ित कर बेघर कर दिया था; इस प्रकरण में एसडीएम लांजी को निर्देश मिले। ग्राम ठेमा निवासी प्रणिता शिवेदी ने आशा कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति और लंबित मानदेय की मांग की, क्योंकि 2022 में चयन के बावजूद उन्हें लाभ नहीं मिला था, जिस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कार्यवाही करने को कहा गया। बैहर चौकी कन्हारटोला निवासी ज्योति गायधने ने अपनी पुत्री कु. रिद्धी गायधने को सीएम राइज स्कूल बालाघाट में नौवीं कक्षा (अंग्रेजी माध्यम) में प्रवेश दिलाने की मांग की, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। अन्य शिकायतों में लालबर्रा तहसील के नेवरगाँव निवासी सुश्री डाली भगत की आधार कार्ड में लिंग अपडेट न होने और आधार केंद्र द्वारा अवैध वसूली की शिकायत शामिल थी, जिस पर कलेक्टर श्री मीना ने डीईजीएम को निर्देश दिए। लामता तहसील अंतर्गत ग्राम भोंडवा निवासी श्री दीनदयाल हिरेन्द्रवार ने खसरा नंबर 45 की अपनी भूमि पर रामप्रसाद कावरे द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाने की मांग की, जिस पर तहसीलदार लामता को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। बालाघाट के वार्ड क्र. 21 निवासी श्री अशोक शुक्ला ने दो माह से अधिक समय से पेयजल आपूर्ति बंद होने की शिकायत की, जिससे वार्डवासियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा था; इस पर सीएमओ बालाघाट को तत्काल निराकरण का निर्देश दिया गया। तिरोडी तहसील अंतर्गत ग्राम कोहका निवासी शेषकला ने राशन प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन के बावजूद पात्रता पर्ची न मिलने की शिकायत की, जिस पर जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए गए। बालाघाट शहरी क्षेत्र के निवासी शरद कुमार नागेश्वर ने अपने पुत्र मोहनीश नागेश्वर को शासकीय संदीपनी विद्यालय बालाघाट में छठी कक्षा में प्रवेश दिलाने की मांग की, क्योंकि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे निजी विद्यालय की फीस वहन करने में असमर्थ थे, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।1
- रायपुर के राज टॉकीज में 25 जून को रात 9:00 बजे पेड प्रीव्यू का आयोजन किया जाएगा।1
- केसीजी जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आज, बुधवार 24 जून को सुबह 10:30 बजे से ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इन ग्राम सभाओं का प्रमुख एजेंडा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वे के आधार पर तैयार की गई स्थायी प्रतीक्षा सूची का वाचन, अवलोकन और अनुमोदन करना है। ग्राम सभाओं के दौरान, हितग्राहियों की सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन किया जाएगा और प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) सहित विभिन्न अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से इन ग्राम सभाओं में शामिल होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।1
- गरियाबंद जिला मुख्यालय राजिम स्थित पीडब्ल्यूडी विभाग के रेस्टहाउस में, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री यज्ञदत्त शर्मा ने आपातकाल की बरसी पर एक पत्रकार वार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र के इतिहास का एक 'काला अध्याय' करार दिया। शर्मा ने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 25 जून 1975 को पूरे देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की निर्मम हत्या की थी। राजिम विधायक रोहित साहू ने इस बात पर जोर दिया कि आपातकाल के दौरान देशवासियों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए, प्रेस की स्वतंत्रता पर सेंसरशिप थोप दी गई और लाखों निर्दोष लोगों को जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि कई महीनों तक चले इस दौर ने भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया था। कांग्रेस पर सत्ता की तानाशाही मानसिकता का आरोप लगाते हुए, शर्मा ने कहा कि देशहित से ऊपर एक परिवार और एक व्यक्ति के अहंकार को रखा गया था। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले युवाओं, पत्रकारों और जनआंदोलनों में भाग लेने वाले नागरिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, और आपातकाल के विरोध में उठी हर आवाज को नमन किया। इस पत्रकार वार्ता में राजिम विधायक रोहित साहू, जिला भाजपा महामंत्री चंद्रशेखर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, मंडल अध्यक्ष रिकेश साहू सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- ऊपर-नीचे रोड पर एक पुराना पीपल का पेड़ अचानक गिर गया, जिसके कारण चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना में गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और एक संभावित दुर्घटना टल गई।1