प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई श्रृंखला के तहत 23 जून को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में हुई इस जनसुनवाई में कुल 120 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, श्री डीपी बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री एमआर कोल तथा एसडीएम श्री गोपाल सोनी सहित अन्य अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान कई व्यक्तिगत समस्याएँ सामने आईं, जिनमें बिरसा तहसील के ग्राम भड़गांव निवासी काशीराम चिचाम की राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत नर्सरी स्थापित करने हेतु बैंक ऋण या सहायता की मांग प्रमुख थी, जिस पर सामान्य वनमंडलाधिकारी को कार्यवाही के निर्देश दिए गए। वारासिवनी निवासी डॉ. युगेन्द्र राहंगडाले ने पड़ोसी गन्नालाल भगत पर दीवार पर प्लास्टर के काम में बाधा डालने की शिकायत की, जिससे उनके घर में सीपेज और नींव कमजोर होने का डर था; इस मामले में सीएमओ वारासिवनी को निर्देश दिए गए। जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम बहियाटिकुर निवासी श्यामलाल रंगारे ने अपनी भूमि पर बने अवैध नाली निर्माण को हटाने की मांग की, जिससे उनके मकान को क्षति पहुंच रही थी, जिस पर जनपद सीईओ लालबर्रा को कार्यवाही करने को कहा गया। लांजी तहसील के ग्राम लोहारा निवासी सालिकराम बिसेन ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत सहायता, वृद्धावस्था पेंशन बहाली और बेटों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने उन्हें प्रताड़ित कर बेघर कर दिया था; इस प्रकरण में एसडीएम लांजी को निर्देश मिले। ग्राम ठेमा निवासी प्रणिता शिवेदी ने आशा कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति और लंबित मानदेय की मांग की, क्योंकि 2022 में चयन के बावजूद उन्हें लाभ नहीं मिला था, जिस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कार्यवाही करने को कहा गया। बैहर चौकी कन्हारटोला निवासी ज्योति गायधने ने अपनी पुत्री कु. रिद्धी गायधने को सीएम राइज स्कूल बालाघाट में नौवीं कक्षा (अंग्रेजी माध्यम) में प्रवेश दिलाने की मांग की, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। अन्य शिकायतों में लालबर्रा तहसील के नेवरगाँव निवासी सुश्री डाली भगत की आधार कार्ड में लिंग अपडेट न होने और आधार केंद्र द्वारा अवैध वसूली की शिकायत शामिल थी, जिस पर कलेक्टर श्री मीना ने डीईजीएम को निर्देश दिए। लामता तहसील अंतर्गत ग्राम भोंडवा निवासी श्री दीनदयाल हिरेन्द्रवार ने खसरा नंबर 45 की अपनी भूमि पर रामप्रसाद कावरे द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाने की मांग की, जिस पर तहसीलदार लामता को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। बालाघाट के वार्ड क्र. 21 निवासी श्री अशोक शुक्ला ने दो माह से अधिक समय से पेयजल आपूर्ति बंद होने की शिकायत की, जिससे वार्डवासियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा था; इस पर सीएमओ बालाघाट को तत्काल निराकरण का निर्देश दिया गया। तिरोडी तहसील अंतर्गत ग्राम कोहका निवासी शेषकला ने राशन प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन के बावजूद पात्रता पर्ची न मिलने की शिकायत की, जिस पर जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए गए। बालाघाट शहरी क्षेत्र के निवासी शरद कुमार नागेश्वर ने अपने पुत्र मोहनीश नागेश्वर को शासकीय संदीपनी विद्यालय बालाघाट में छठी कक्षा में प्रवेश दिलाने की मांग की, क्योंकि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे निजी विद्यालय की फीस वहन करने में असमर्थ थे, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई श्रृंखला के तहत 23 जून को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में हुई इस जनसुनवाई में कुल 120 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, श्री डीपी बर्मन, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री एमआर कोल तथा एसडीएम श्री गोपाल सोनी सहित अन्य अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान कई व्यक्तिगत समस्याएँ सामने आईं, जिनमें बिरसा तहसील के ग्राम भड़गांव निवासी काशीराम चिचाम की राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत नर्सरी स्थापित करने हेतु बैंक ऋण या सहायता की मांग प्रमुख थी, जिस पर सामान्य वनमंडलाधिकारी को कार्यवाही के निर्देश दिए गए। वारासिवनी निवासी डॉ. युगेन्द्र राहंगडाले ने पड़ोसी गन्नालाल भगत पर दीवार पर प्लास्टर के काम में बाधा डालने की शिकायत की, जिससे उनके घर में सीपेज और नींव कमजोर होने का डर था; इस मामले में सीएमओ वारासिवनी को निर्देश दिए गए। जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम बहियाटिकुर निवासी श्यामलाल रंगारे ने अपनी भूमि पर बने अवैध नाली निर्माण को हटाने की मांग की, जिससे उनके मकान को क्षति पहुंच रही थी, जिस पर जनपद सीईओ लालबर्रा को कार्यवाही करने को कहा गया। लांजी तहसील के ग्राम लोहारा निवासी सालिकराम बिसेन ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत सहायता, वृद्धावस्था पेंशन बहाली और बेटों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने उन्हें प्रताड़ित कर बेघर कर दिया था; इस प्रकरण में एसडीएम लांजी को निर्देश मिले। ग्राम ठेमा निवासी प्रणिता शिवेदी ने आशा कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति और लंबित मानदेय की मांग की, क्योंकि 2022 में चयन के बावजूद उन्हें लाभ नहीं मिला था, जिस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कार्यवाही करने को कहा गया। बैहर चौकी कन्हारटोला निवासी ज्योति गायधने ने अपनी पुत्री कु. रिद्धी गायधने को सीएम राइज स्कूल बालाघाट में नौवीं कक्षा (अंग्रेजी माध्यम) में प्रवेश दिलाने की मांग की, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। अन्य शिकायतों में लालबर्रा तहसील के नेवरगाँव निवासी सुश्री डाली भगत की आधार कार्ड में लिंग अपडेट न होने और आधार केंद्र द्वारा अवैध वसूली की शिकायत शामिल थी, जिस पर कलेक्टर श्री मीना ने डीईजीएम को निर्देश दिए। लामता तहसील अंतर्गत ग्राम भोंडवा निवासी श्री दीनदयाल हिरेन्द्रवार ने खसरा नंबर 45 की अपनी भूमि पर रामप्रसाद कावरे द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाने की मांग की, जिस पर तहसीलदार लामता को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। बालाघाट के वार्ड क्र. 21 निवासी श्री अशोक शुक्ला ने दो माह से अधिक समय से पेयजल आपूर्ति बंद होने की शिकायत की, जिससे वार्डवासियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा था; इस पर सीएमओ बालाघाट को तत्काल निराकरण का निर्देश दिया गया। तिरोडी तहसील अंतर्गत ग्राम कोहका निवासी शेषकला ने राशन प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन के बावजूद पात्रता पर्ची न मिलने की शिकायत की, जिस पर जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए गए। बालाघाट शहरी क्षेत्र के निवासी शरद कुमार नागेश्वर ने अपने पुत्र मोहनीश नागेश्वर को शासकीय संदीपनी विद्यालय बालाघाट में छठी कक्षा में प्रवेश दिलाने की मांग की, क्योंकि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे निजी विद्यालय की फीस वहन करने में असमर्थ थे, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
- मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के कारण लगातार हो रही बाघों की मौत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को वायरस की रोकथाम के लिए निर्धारित मानकों के तहत कार्य करने तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मुंबई के वकील सुब्रत चक्रवर्ती की याचिका के अनुसार, पार्क में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NTCA के नियमों की अनदेखी की जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल में बाघिन सुनैना, अमाही और उसके चार शावकों सहित 19 मई 2026 को नर बाघ महावीर की मौत का मुख्य कारण घातक CDV वायरस ही है। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि नियमों के बावजूद, प्रशासन ने रोग निगरानी, पशु चिकित्सा और जैव-सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। माननीय हाईकोर्ट ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण सचिव, NTCA और राज्य के वन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।1
- बालाघाट जिले के ढिमरूरीढ गाँव में एक भैंस की ट्रांसफार्मर के करंट लगने से दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बावजूद, बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।1
- खैरागढ़ छुईखदान गंडई (केसीजी) जिले के अंतिम छोर पर स्थित भावे गांव सहित जुरलाखार, थोर्राडीह और कौहाबहारा के किसानों को अब खाद लेने के लिए 40 किलोमीटर दूर भोथली समिति नहीं जाना पड़ेगा। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देश पर अब गांव स्तर पर ही उर्वरक वितरण शुरू किया गया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। बुधवार 24 जून को सुबह 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत भोथली समिति के माध्यम से 12 किसानों को कुल 42 बोरी यूरिया, 14 बोरी इफको और 7 बोरी पोटाश का वितरण किया गया है। किसानों ने प्रशासन की इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इसे खेती-किसानी के लिए एक बड़ी राहत बताया है।1
- मध्य प्रदेश पुलिस ने आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से "सेफ क्लिक 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" अभियान का शुभारंभ किया है। पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंददानी के निर्देशन में, यह विशेष साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान पूरे सिवनी जिले में 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा, जिसमें कुरई पुलिस गाँव-गाँव जाकर लोगों तक "सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" का संदेश पहुँचा रही है। इस अभियान के तहत, कुरई पुलिस द्वारा व्यापक जनसंपर्क कर नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी लिंक और बैंकिंग साइबर अपराधों से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। इस अवसर पर एसडीओपी बरघाट श्री ललित गठरे और थाना प्रभारी कुरई श्री कृपाल तेकाम सहित पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी कि साइबर अपराधी नई तकनीकों का उपयोग कर ठगी कर रहे हैं, इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। एसडीओपी श्री ललित गठरे ने बताया कि यह अभियान जिले के प्रत्येक क्षेत्र, ग्राम और कस्बों में चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होकर ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकें। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार का साइबर फ्रॉड होता है, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ। सिवनी पुलिस का यह अभियान डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।2
- सिवनी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि जिले के सुप्रसिद्ध सिवनी जम्बो सीताफल को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हो गया है। यह उपलब्धि जिले की अनूठी कृषि पहचान और किसानों के अथक परिश्रम को राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक महत्वपूर्ण मान्यता है। जीआई टैग मिलने से सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। सिवनी जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाभाविक रूप से विकसित होने वाले विशिष्ट मीठे स्वाद के लिए देशभर में अपनी पहचान रखता है। इस सीताफल का औसत वजन 200 से 650 ग्राम प्रति फल होता है, वहीं भूतबंधानी क्षेत्र में उत्पादित कई फल 800 ग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक वजनी पाए जाते हैं। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी और इसके नाम के किसी भी दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। सहायक संचालक उद्यानिकी सिवनी, डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने जानकारी दी कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने कलेक्टर सिवनी और आयुक्त उद्यानिकी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से जीआई टैग के लिए आवेदन किया था, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण मान्यता मिली है। इस जीआई टैग से जिले के हजारों सीताफल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अब सिवनी में उत्पादित सीताफल को उसकी विशिष्ट पहचान के साथ बाजार में प्रस्तुत किया जा सकेगा, और अन्य क्षेत्रों के उत्पादक इसके नाम का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इससे उत्पाद की मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है, साथ ही सीताफल उत्पादन, क्षेत्र विस्तार और प्रसंस्करण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह किसानों की आय में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा। वर्तमान में, सिवनी जिले में लगभग 695 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती की जा रही है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 6090 मीट्रिक टन का उत्पादन होता है। जिले का सीताफल दिल्ली, मुंबई, नागपुर, रायपुर, वाराणसी जैसे देश के प्रमुख शहरों में विशेष मांग रखता है। सीताफल का उपयोग प्रसंस्करण कर पल्प बनाने में भी होता है, जिससे आइसक्रीम, रबड़ी, बासुंदी, लस्सी, शेक और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, सीताफल के पत्तों और छिलकों का उपयोग जैविक खाद और औषधीय उत्पादों के निर्माण में भी होता है। जिले में सीताफल उत्पादकों को संगठित कर दो एफपीओ का गठन किया गया है और तीन सीताफल पल्प प्रसंस्करण इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, तथा जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिले के किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों और सभी संबंधित हितधारकों को हार्दिक बधाई दी है। कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि जीआई टैग के माध्यम से सिवनी जम्बो सीताफल को देश और विदेश के बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी तथा इससे जिले के किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। यह उपलब्धि सिवनी की कृषि विरासत को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिवनी के इस विश्वप्रसिद्ध जम्बो सीताफल को जीआई टैग मिलना आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है। शीतकाल सत्र 2025 में संसद में सिवनी के जम्बो सीताफल को जीआई टैग प्रदान करने की महत्वपूर्ण मांग उठाई गई थी। इस दिशा में हुई प्रगति से सिवनी के किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति मिलेगी तथा स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी। इस जनहितकारी पहल के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश के पारंपरिक एवं विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिल रही है।1
- सिवनी मुख्यालय स्थित उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार गौतम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें कथित तौर पर स्कूल में एडमिशन लेने आए छात्रों के साथ अपशब्दों का प्रयोग करते देखा जा रहा है। वीडियो के अनुसार, कुछ पूर्व छात्र और अन्य छात्र स्कूल में दाखिला लेने पहुँचे थे। जब उन्हें एडमिशन नहीं मिला और उन्होंने इसकी लिखित वजह माँगी, तब प्राचार्य अपना आपा खो बैठे और छात्रों से अशोभनीय भाषा में बात की। वीडियो वायरल होने के बाद, प्राचार्य मनोज कुमार गौतम ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि लिखित माँग करने वाला छात्र एक पूर्व छात्र था, जिसने कुछ अन्य छात्रों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से उनसे बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि वे थोड़े क्रोधित अवश्य हुए और उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो उन्हें नहीं करने चाहिए थे, जिसका कारण उन्होंने काम का अत्यधिक दबाव बताया। वहीं, इस वीडियो को वायरल करने वाले छात्र दीपक डेहरिया ने आरोप लगाया है कि वे एनसीसी के छात्र थे और एडमिशन न होने पर स्कूल गए थे। दीपक का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें स्कूल से बाहर निकलने, परिसर में दोबारा न घुसने देने की धमकी दी और उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग भी किया।1
- वन अधिकारियों ने खरीददार बनकर एक बड़े बाघ तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान, बाघ के कंकाल सहित कई संदिग्ध अवशेष बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने इस मामले में छह आरोपितों को हिरासत में लिया है।1
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 17 हितग्राहियों को मिलने वाली पहली किस्त पिछले डेढ़ माह से अटकी हुई है। यह किस्त अभी तक लाभार्थियों तक नहीं पहुँच पाई है।1
- केसीजी जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आज, बुधवार 24 जून को सुबह 10:30 बजे से ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इन ग्राम सभाओं का प्रमुख एजेंडा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वे के आधार पर तैयार की गई स्थायी प्रतीक्षा सूची का वाचन, अवलोकन और अनुमोदन करना है। ग्राम सभाओं के दौरान, हितग्राहियों की सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन किया जाएगा और प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) सहित विभिन्न अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से इन ग्राम सभाओं में शामिल होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।1