सिवनी मुख्यालय स्थित उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार गौतम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें कथित तौर पर स्कूल में एडमिशन लेने आए छात्रों के साथ अपशब्दों का प्रयोग करते देखा जा रहा है। वीडियो के अनुसार, कुछ पूर्व छात्र और अन्य छात्र स्कूल में दाखिला लेने पहुँचे थे। जब उन्हें एडमिशन नहीं मिला और उन्होंने इसकी लिखित वजह माँगी, तब प्राचार्य अपना आपा खो बैठे और छात्रों से अशोभनीय भाषा में बात की। वीडियो वायरल होने के बाद, प्राचार्य मनोज कुमार गौतम ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि लिखित माँग करने वाला छात्र एक पूर्व छात्र था, जिसने कुछ अन्य छात्रों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से उनसे बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि वे थोड़े क्रोधित अवश्य हुए और उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो उन्हें नहीं करने चाहिए थे, जिसका कारण उन्होंने काम का अत्यधिक दबाव बताया। वहीं, इस वीडियो को वायरल करने वाले छात्र दीपक डेहरिया ने आरोप लगाया है कि वे एनसीसी के छात्र थे और एडमिशन न होने पर स्कूल गए थे। दीपक का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें स्कूल से बाहर निकलने, परिसर में दोबारा न घुसने देने की धमकी दी और उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग भी किया।
सिवनी मुख्यालय स्थित उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार गौतम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें कथित तौर पर स्कूल में एडमिशन लेने आए छात्रों के साथ अपशब्दों का प्रयोग करते देखा जा रहा है। वीडियो के अनुसार, कुछ पूर्व छात्र और अन्य छात्र स्कूल में दाखिला लेने पहुँचे थे। जब उन्हें एडमिशन नहीं मिला और उन्होंने इसकी लिखित वजह माँगी, तब प्राचार्य अपना आपा खो बैठे और छात्रों से अशोभनीय भाषा में बात की। वीडियो वायरल होने के बाद, प्राचार्य मनोज कुमार गौतम ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि लिखित माँग करने वाला छात्र एक पूर्व छात्र था, जिसने कुछ अन्य छात्रों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से उनसे बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि वे थोड़े क्रोधित अवश्य हुए और उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो उन्हें नहीं करने चाहिए थे, जिसका कारण उन्होंने काम का अत्यधिक दबाव बताया। वहीं, इस वीडियो को वायरल करने वाले छात्र दीपक डेहरिया ने आरोप लगाया है कि वे एनसीसी के छात्र थे और एडमिशन न होने पर स्कूल गए थे। दीपक का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें स्कूल से बाहर निकलने, परिसर में दोबारा न घुसने देने की धमकी दी और उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग भी किया।
- बंडोल थाना में 'सेफ क्लिक 2.0' नामक एक नई पहल शुरू की गई है। इस कार्यक्रम के माध्यम से, पुलिस ने साइबर ठगी जैसे अपराधों पर प्रभावी ढंग से लगाम कसने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने के उद्देश्य से मैदान में कदम रखा है।1
- सिवनी मुख्यालय स्थित उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार गौतम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें कथित तौर पर स्कूल में एडमिशन लेने आए छात्रों के साथ अपशब्दों का प्रयोग करते देखा जा रहा है। वीडियो के अनुसार, कुछ पूर्व छात्र और अन्य छात्र स्कूल में दाखिला लेने पहुँचे थे। जब उन्हें एडमिशन नहीं मिला और उन्होंने इसकी लिखित वजह माँगी, तब प्राचार्य अपना आपा खो बैठे और छात्रों से अशोभनीय भाषा में बात की। वीडियो वायरल होने के बाद, प्राचार्य मनोज कुमार गौतम ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि लिखित माँग करने वाला छात्र एक पूर्व छात्र था, जिसने कुछ अन्य छात्रों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से उनसे बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि वे थोड़े क्रोधित अवश्य हुए और उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो उन्हें नहीं करने चाहिए थे, जिसका कारण उन्होंने काम का अत्यधिक दबाव बताया। वहीं, इस वीडियो को वायरल करने वाले छात्र दीपक डेहरिया ने आरोप लगाया है कि वे एनसीसी के छात्र थे और एडमिशन न होने पर स्कूल गए थे। दीपक का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें स्कूल से बाहर निकलने, परिसर में दोबारा न घुसने देने की धमकी दी और उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग भी किया।1
- बरघाट नाका रेलवे क्रॉसिंग पर प्रतिदिन घंटों तक लंबा जाम लगता है। इस लगातार होने वाली समस्या के समाधान के लिए, क्षेत्र में शीघ्र ओवरब्रिज निर्माण की मांग अब तेज़ हो गई है।1
- Post by Zxcykuov18281
- मध्य प्रदेश पुलिस ने आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से "सेफ क्लिक 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" अभियान का शुभारंभ किया है। पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंददानी के निर्देशन में, यह विशेष साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान पूरे सिवनी जिले में 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा, जिसमें कुरई पुलिस गाँव-गाँव जाकर लोगों तक "सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" का संदेश पहुँचा रही है। इस अभियान के तहत, कुरई पुलिस द्वारा व्यापक जनसंपर्क कर नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी लिंक और बैंकिंग साइबर अपराधों से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। इस अवसर पर एसडीओपी बरघाट श्री ललित गठरे और थाना प्रभारी कुरई श्री कृपाल तेकाम सहित पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी कि साइबर अपराधी नई तकनीकों का उपयोग कर ठगी कर रहे हैं, इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। एसडीओपी श्री ललित गठरे ने बताया कि यह अभियान जिले के प्रत्येक क्षेत्र, ग्राम और कस्बों में चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होकर ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकें। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार का साइबर फ्रॉड होता है, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ। सिवनी पुलिस का यह अभियान डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।2
- सिवनी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि जिले के सुप्रसिद्ध सिवनी जम्बो सीताफल को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हो गया है। यह उपलब्धि जिले की अनूठी कृषि पहचान और किसानों के अथक परिश्रम को राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक महत्वपूर्ण मान्यता है। जीआई टैग मिलने से सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। सिवनी जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाभाविक रूप से विकसित होने वाले विशिष्ट मीठे स्वाद के लिए देशभर में अपनी पहचान रखता है। इस सीताफल का औसत वजन 200 से 650 ग्राम प्रति फल होता है, वहीं भूतबंधानी क्षेत्र में उत्पादित कई फल 800 ग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक वजनी पाए जाते हैं। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी और इसके नाम के किसी भी दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। सहायक संचालक उद्यानिकी सिवनी, डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने जानकारी दी कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने कलेक्टर सिवनी और आयुक्त उद्यानिकी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से जीआई टैग के लिए आवेदन किया था, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण मान्यता मिली है। इस जीआई टैग से जिले के हजारों सीताफल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अब सिवनी में उत्पादित सीताफल को उसकी विशिष्ट पहचान के साथ बाजार में प्रस्तुत किया जा सकेगा, और अन्य क्षेत्रों के उत्पादक इसके नाम का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इससे उत्पाद की मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है, साथ ही सीताफल उत्पादन, क्षेत्र विस्तार और प्रसंस्करण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह किसानों की आय में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा। वर्तमान में, सिवनी जिले में लगभग 695 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती की जा रही है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 6090 मीट्रिक टन का उत्पादन होता है। जिले का सीताफल दिल्ली, मुंबई, नागपुर, रायपुर, वाराणसी जैसे देश के प्रमुख शहरों में विशेष मांग रखता है। सीताफल का उपयोग प्रसंस्करण कर पल्प बनाने में भी होता है, जिससे आइसक्रीम, रबड़ी, बासुंदी, लस्सी, शेक और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, सीताफल के पत्तों और छिलकों का उपयोग जैविक खाद और औषधीय उत्पादों के निर्माण में भी होता है। जिले में सीताफल उत्पादकों को संगठित कर दो एफपीओ का गठन किया गया है और तीन सीताफल पल्प प्रसंस्करण इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, तथा जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिले के किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों और सभी संबंधित हितधारकों को हार्दिक बधाई दी है। कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि जीआई टैग के माध्यम से सिवनी जम्बो सीताफल को देश और विदेश के बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी तथा इससे जिले के किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। यह उपलब्धि सिवनी की कृषि विरासत को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिवनी के इस विश्वप्रसिद्ध जम्बो सीताफल को जीआई टैग मिलना आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है। शीतकाल सत्र 2025 में संसद में सिवनी के जम्बो सीताफल को जीआई टैग प्रदान करने की महत्वपूर्ण मांग उठाई गई थी। इस दिशा में हुई प्रगति से सिवनी के किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति मिलेगी तथा स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी। इस जनहितकारी पहल के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश के पारंपरिक एवं विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिल रही है।1
- फोटोग्राफर एसोसिएशन का मिलन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर एसोसिएशन के लिए एक नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया।1
- सिवनी जिले में 28 जून से तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के कुल 1.44 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।1