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मध्य प्रदेश के सीधी जिले की माटा ग्राम पंचायत में मानवता को शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है। फसल क्षति का सर्वे करने गए हल्का पटवारी नीलेश नामदेव पानी से भरा नाला पार करने के लिए 65 वर्षीय बुजुर्ग की पीठ पर बैठ गए। वीडियो वायरल होते ही कलेक्टर ने किया सस्पेंड।
JAN JAGRUK NEWS24
मध्य प्रदेश के सीधी जिले की माटा ग्राम पंचायत में मानवता को शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है। फसल क्षति का सर्वे करने गए हल्का पटवारी नीलेश नामदेव पानी से भरा नाला पार करने के लिए 65 वर्षीय बुजुर्ग की पीठ पर बैठ गए। वीडियो वायरल होते ही कलेक्टर ने किया सस्पेंड।
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- मध्य प्रदेश के सीधी जिले की माटा ग्राम पंचायत में मानवता को शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है। फसल क्षति का सर्वे करने गए हल्का पटवारी नीलेश नामदेव पानी से भरा नाला पार करने के लिए 65 वर्षीय बुजुर्ग की पीठ पर बैठ गए। वीडियो वायरल होते ही कलेक्टर ने किया सस्पेंड।1
- शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र में शराब की दुकानों का विरोध कर रही महिलाओं ने पुलिस व आबकारी विभाग की टीम पर हमला कर दिया।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ - जिलाधिकारी एसपी के निर्देश अनुसार आबकारी पुलिस द्वारा चला ललितपुर के कई क्षेत्रों में महरौनी, बानपुर, मड़ावरा, राजघाट एवं माडवारी स्थित कम्पोजिट एवं देशी शराब दुकानो, का निरीक्षण कर स्टॉक सत्यापन करते हुए राजघाट रोड स्थित ढाबों और परचून की दुकानों की भी चेकिंग की जा रही है। ब्रेकिंग न्यूज़ - जिलाधिकारी एसपी के निर्देश अनुसार आबकारी पुलिस द्वारा चला ललितपुर के कई क्षेत्रों में महरौनी, बानपुर, मड़ावरा, राजघाट एवं माडवारी स्थित कम्पोजिट एवं देशी शराब दुकानो, का निरीक्षण कर स्टॉक सत्यापन करते हुए राजघाट रोड स्थित ढाबों और परचून की दुकानों की भी चेकिंग की जा रही है। #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #latestnews #viralpost #latestnews @jaybajnibabakhadowara subscribe/share करें1
- ललितपुर में 5 हजार रुपये की घूस लेते वरिष्ठ लिपिक गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई। ललितपुर में एंटी करप्शन टीम ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक को 5 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी राजेश कुशवाहा BSA विभाग में पेंशन लिपिक के पद पर तैनात बताया जा रहा है। आरोप है कि पूर्व शिक्षक मदन मोहन नामदेव से पेंशन संबंधी काम के एवज में रुपये मांगे गए थे। शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ लिपिक को 5 हजार रुपये के साथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को अपने साथ ले गई और आगे की कार्रवाई में जुटी है।1
- अमोलपठा में शराब की दुकान पर तोड़फोड़ कर रही आक्रोशित महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर किया लाठीचार्ज1
- मंदसौर पुलिस थाना अफजलपुर द्वारा अवेध शराब निर्माण हेतु तैयार 600 लीटर लहान नष्ट कर एक आरोपी के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची महुवा शराब जप्त की मंदसौर पुलिस थाना अफजलपुर द्वारा अवेध शराब निर्माण हेतु तैयार 600 लीटर लहान नष्ट कर एक आरोपी के कब्जे से 60 लीटर हाथ भट्टी की बनी कच्ची महुवा शराब जप्त की1
- सागर में जहरीली शराब से 11 मौतों के बाद बहरोल में महिलाओं का फूटा गुस्सा, लाठी-डंडे लेकर शराब दुकान पर बोला धावा सागर जिले के बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से 11 से 14 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद हड़कंप मचा है। गूगरा खुर्द, नौराज, बमूरा, पाटन समेत कई गांवों के लोग शिकार हुए। इसी के विरोध में आज दोपहर सागर के बहरोल कस्बे में बड़ी संख्या में महिलाओं ने देशी-अंग्रेजी कंपोजिट शराब दुकान पर धावा बोल दिया। हाथ में लाठी-डंडे और तख्तियां लेकर महिलाएं "शराब बेचना बंद करो" और "बहरोल में जो शराब बेचे जूता मारो सालों को" के नारे लगाती रहीं। पुलिस के अनुसार नकली रैपर और फर्जी QR कोड वाली शराब यूपी के ललितपुर से सप्लाई हो रही थी। शासन ने 5 आबकारी और पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर 6 दुकानें सील कर दी हैं। #SagarNews #Bahrol #MadhyaPradesh1
- अमोलपाठा में शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, महिला-पुरुषों पर पुलिस पर पथराव और डंडे फेंकने का आरोप करैरा/शिवपुरी। करैरा क्षेत्र के ग्राम अमोलपाठा में शराब दुकान को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला एवं पुरुषों द्वारा पुलिस बल पर पथराव और डंडे फेंककर हमला करने का आरोप सामने आया। बताया जा रहा है कि अचानक हुए इस घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने बचाव करते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर महिलाओं ने शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए विरोध जताया। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि महिला एवं पुरुषों की ओर से पुलिस बल पर पथराव किया गया तथा डंडे फेंककर मारे गए। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस बल ने खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है, हालांकि घायलों की संख्या और चोटों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद अमोलपाठा क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभाली। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि पथराव एवं पुलिस पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। महिलाओं की मुख्य मांग शराब दुकान को हटाने अथवा बंद कराने की है। वहीं पुलिस पर पथराव की घटना सामने आने के बाद मामला कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी गंभीर हो गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग शराब दुकान को लेकर क्या निर्णय लेते हैं तथा पुलिस पर हमले के मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। अमोलपाठा में शराब दुकान के विरोध में प्रदर्शन, महिला-पुरुषों पर पुलिस पर पथराव और डंडे फेंकने का आरोप करैरा/शिवपुरी। करैरा क्षेत्र के ग्राम अमोलपाठा में शराब दुकान को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला एवं पुरुषों द्वारा पुलिस बल पर पथराव और डंडे फेंककर हमला करने का आरोप सामने आया। बताया जा रहा है कि अचानक हुए इस घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों ने बचाव करते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की बिक्री से परिवारों और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर महिलाओं ने शराब दुकान हटाने की मांग करते हुए विरोध जताया। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि महिला एवं पुरुषों की ओर से पुलिस बल पर पथराव किया गया तथा डंडे फेंककर मारे गए। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस बल ने खुद को बचाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आ रही है, हालांकि घायलों की संख्या और चोटों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों की जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद अमोलपाठा क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभाली। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि पथराव एवं पुलिस पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। महिलाओं की मुख्य मांग शराब दुकान को हटाने अथवा बंद कराने की है। वहीं पुलिस पर पथराव की घटना सामने आने के बाद मामला कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से भी गंभीर हो गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और आबकारी विभाग शराब दुकान को लेकर क्या निर्णय लेते हैं तथा पुलिस पर हमले के मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।1