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CM ने जताया छोटे बच्चे पर अपना प्यार और बच्चो के संग बच्चें बने....

2 hrs ago
user_हमर जशपुर
हमर जशपुर
Jashpur, Chhattisgarh•
2 hrs ago

CM ने जताया छोटे बच्चे पर अपना प्यार और बच्चो के संग बच्चें बने....

More news from झारखंड and nearby areas
  • सिमडेगा:- जिला स्थापना के रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर आयोजित 7वीं सब जूनियर सिमडेगा जिला महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 का चार दिवसीय आयोजन फाइनल मैच एवं पुरस्कार वितरण के साथ सम्पन्न हो गया। प्रतियोगिता का आयोजन 30 अप्रैल से 3 मई तक न्यू अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में किया गया, जिसमें जिले की 16 टीमों की कुल 288 अंडर-16 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया।फाइनल मुकाबले में STC सिमडेगा ने STC लचरागढ़ को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। वहीं लचरागढ़ उपविजेता रही और लंबोई टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान के मैच में लंबोई ने यूसी रेंगारी को 2-0 से पराजित किया। पुरस्कार वितरण समारोह में पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे और उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने विजेता, उपविजेता एवं तृतीय स्थान प्राप्त टीमों को ट्रॉफी, मेडल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस दौरान खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर फाइनल मैच का शुभारंभ भी कराया गया।व्यक्तिगत पुरस्कारों में मुनि टोपनो (लंबोई) को इमर्जिंग प्लेयर, संजना बड़ाइक (रेंगारी) को बेस्ट गोलकीपर, रेशमा कुमारी (लचरागढ़) को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, रितिका डुंगडुंग (STC सिमडेगा) को फाइनल की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तथा रीना कुमारी (लंबोई) को 3/4 स्थान मैच की बेस्ट खिलाड़ी घोषित किया गया।चार दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में कुल 32 मैच खेले गए, जिनमें 128 गोल दर्ज किए गए। आयोजन को जिला खेल विभाग एवं हॉकी सिमडेगा के संयुक्त प्रयास से सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया।
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    सिमडेगा:- जिला स्थापना के रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर आयोजित 7वीं सब जूनियर सिमडेगा जिला महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 का चार दिवसीय आयोजन फाइनल मैच एवं पुरस्कार वितरण के साथ सम्पन्न हो गया। प्रतियोगिता का आयोजन 30 अप्रैल से 3 मई तक न्यू अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में किया गया, जिसमें जिले की 16 टीमों की कुल 288 अंडर-16 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया।फाइनल मुकाबले में STC सिमडेगा ने STC लचरागढ़ को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। वहीं लचरागढ़ उपविजेता रही और लंबोई टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान के मैच में लंबोई ने यूसी रेंगारी को 2-0 से पराजित किया।
पुरस्कार वितरण समारोह में पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे और उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने विजेता, उपविजेता एवं तृतीय स्थान प्राप्त टीमों को ट्रॉफी, मेडल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस दौरान खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर फाइनल मैच का शुभारंभ भी कराया गया।व्यक्तिगत पुरस्कारों में मुनि टोपनो (लंबोई) को इमर्जिंग प्लेयर, संजना बड़ाइक (रेंगारी) को बेस्ट गोलकीपर, रेशमा कुमारी (लचरागढ़) को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, रितिका डुंगडुंग (STC सिमडेगा) को फाइनल की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तथा रीना कुमारी (लंबोई) को 3/4 स्थान मैच की बेस्ट खिलाड़ी घोषित किया गया।चार दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में कुल 32 मैच खेले गए, जिनमें 128 गोल दर्ज किए गए। आयोजन को जिला खेल विभाग एवं हॉकी सिमडेगा के संयुक्त प्रयास से सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    1 hr ago
  • घाघरा पुटो रोड निवासी एक युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर किया। मृतक की पहचान राजेश कुमार साहू के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात राजेश अपने परिवार के साथ बैठा हुआ था। कुछ देर बाद वह अपने कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी समय तक बाहर नहीं आने पर परिजनों को संदेह हुआ और उन्होंने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। जब दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने शोर मचाया, जिससे आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो राजेश साड़ी के सहारे अल्बेस्टर पाइप से लटका हुआ मिला। परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत नीचे उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घाघरा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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    घाघरा पुटो रोड निवासी एक युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर किया। मृतक की पहचान राजेश कुमार साहू के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात  राजेश अपने परिवार के साथ बैठा हुआ था। कुछ देर बाद वह अपने कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी समय तक बाहर नहीं आने पर परिजनों को संदेह हुआ और उन्होंने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की।
जब दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने शोर मचाया, जिससे आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो राजेश साड़ी के सहारे अल्बेस्टर पाइप से लटका हुआ मिला। परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत नीचे उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घाघरा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    14 hrs ago
  • जानकारी के अनुसार थाना कापू पुलिस द्वारा ग्राम कुम्हीचुआ में मिले युवक के शव के मामले में गंभीर जांच करते हुए अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश किया गया है।दिनांक 27.04.2026 को देवव्रत तुरी (30 वर्ष) निवासी ग्राम कुम्हीचुआ का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में संदिग्ध परिस्थिति में मिलने की सूचना पर थाना कापू में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी,पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत दम घुटने और गले की हड्डी टूटने से होना पाए जाने पर हत्या की पुष्टि हुई, जिसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।संदेह के आधार पर करमसाय नगेसिया पिता पतिराम नगेसिया निवासी ग्राम कुम्हीचुआ को थाना लाकर गहन पूछताछ की गई। शुरू में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
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    जानकारी के अनुसार थाना कापू पुलिस द्वारा ग्राम कुम्हीचुआ में मिले युवक के शव के मामले में गंभीर जांच करते हुए अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश किया गया है।दिनांक 27.04.2026 को देवव्रत तुरी (30 वर्ष) निवासी ग्राम कुम्हीचुआ का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में संदिग्ध परिस्थिति में मिलने की सूचना पर थाना कापू में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी,पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत दम घुटने और गले की हड्डी टूटने से होना पाए जाने पर हत्या की पुष्टि हुई, जिसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।संदेह के आधार पर करमसाय नगेसिया पिता पतिराम नगेसिया निवासी ग्राम कुम्हीचुआ को थाना लाकर गहन पूछताछ की गई। शुरू में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company Sanna, Jashpur•
    15 hrs ago
  • **बसिया (गुमला):** प्रखंड के घनी आबादी वाले कुम्हारी गांव में इस भीषण गर्मी के बीच पेयजल का गहरा संकट खड़ा हो गया है। सरकारी उदासीनता का आलम यह है कि गाँव में करोड़ों की लागत से बना जल मीनार पिछले कई वर्षों से महज एक शोपीस (सफेद हाथी) बनकर रह गया है, जबकि ग्रामीण पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। **मशीन में खराबी और प्रशासन की बेरुखी** कुम्हारी पंचायत के मुखिया वीर बंसी पाल बड़ाइक ने स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि गाँव में पिछले लगभग 4 से 5 वर्षों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति करने वाली मशीन में बार-बार तकनीकी खराबी आती है, जिसे ठीक करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। मुखिया के अनुसार, इस समस्या के समाधान के लिए पूर्व में गुमला उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर गुहार लगाई गई थी, लेकिन नतीजा आज भी सिफर है। **ग्रामीणों में आक्रोश, जल्द समाधान की माँग** चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच पानी की सप्लाई बंद होने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने जनता की सुविधा के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर जल मीनार तो खड़ा कर दिया, लेकिन देख-रेख के अभाव में यह योजना दम तोड़ रही है। **क्या है मुख्य माँग:** कुम्हारी पंचायत के मुखिया और ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से पुरजोर माँग की है कि जल मीनार की खराब पड़ी मशीनों को तत्काल युद्धस्तर पर ठीक कराया जाए। गाँव में नियमित जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके। अब देखना यह है कि प्रशासन कुम्हारी गाँव की इस प्यास को बुझाने के लिए कब जागता है या ग्रामीणों को इसी तरह जल संकट झेलना पड़ेगा।
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    **बसिया (गुमला):** प्रखंड के घनी आबादी वाले कुम्हारी गांव में इस भीषण गर्मी के बीच पेयजल का गहरा संकट खड़ा हो गया है। सरकारी उदासीनता का आलम यह है कि गाँव में करोड़ों की लागत से बना जल मीनार पिछले कई वर्षों से महज एक शोपीस (सफेद हाथी) बनकर रह गया है, जबकि ग्रामीण पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
**मशीन में खराबी और प्रशासन की बेरुखी**
कुम्हारी पंचायत के मुखिया वीर बंसी पाल बड़ाइक ने स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि गाँव में पिछले लगभग 4 से 5 वर्षों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति करने वाली मशीन में बार-बार तकनीकी खराबी आती है, जिसे ठीक करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। मुखिया के अनुसार, इस समस्या के समाधान के लिए पूर्व में गुमला उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर गुहार लगाई गई थी, लेकिन नतीजा आज भी सिफर है।
**ग्रामीणों में आक्रोश, जल्द समाधान की माँग**
चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच पानी की सप्लाई बंद होने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने जनता की सुविधा के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर जल मीनार तो खड़ा कर दिया, लेकिन देख-रेख के अभाव में यह योजना दम तोड़ रही है।
**क्या है मुख्य माँग:**
कुम्हारी पंचायत के मुखिया और ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से पुरजोर माँग की है कि जल मीनार की खराब पड़ी मशीनों को तत्काल युद्धस्तर पर ठीक कराया जाए।
गाँव में नियमित जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन कुम्हारी गाँव की इस प्यास को बुझाने के लिए कब जागता है या ग्रामीणों को इसी तरह जल संकट झेलना पड़ेगा।
    user_Niraj kumar Sahu
    Niraj kumar Sahu
    पत्रकार बसिया, गुमला, झारखंड•
    42 min ago
  • सिसई (गुमला)। गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत पोटरो गांव स्थित प्राचीन बुढ़ा महादेव मंंदिर का सौंदर्यीय करण का कार्य पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 1101 कलश के साथ भव्य शोभायात्रा निकाला गया। जिसमें हज़ारों महिलाएं, युवतियाँ व नन्हें नन्हें बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस यात्रा में मुख्य रूप से हिन्दू जागृत मंच के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा, विहिप जिला मंत्री मनीष बाबू, विहिप बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, सतेंद्र साहु एवं जिप सदस्या सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी उपस्थित रहे। यह यात्रा मंंदिर प्रांगण से शुरू की गयी और परास नदी तट पर पंडित परमानंद पंडा के द्वारा विधिवत् पूजा अर्चना कराते हुए मंत्रोचारण कर जल भरणी कराया गया जिसमें मुख्य यजमान के रूप में बजरंग साहु व पत्नी, दीपक सिंह व पत्नी, कुंदन साहु व पत्नी सहित नौ जोड़ें शामिल थे। इस दौरान हर हर महादेव, जय श्री राम, जय श्री हनुमान के नारों से पुरा क्षेत्र भक्तिमय हो रहा था। जल भरणी के बाद सभी श्रधालुगण उसी रास्ते से पुनः वापस मंंदिर परिसर लौटे जहां जल से भरे कलशों को स्थापित किया गया। तत्पश्चात समिति के कार्यकर्ताओं ने श्रधालुओं के बीच शरबत व गुड़ चना का वितरण किया। इसके उपरांत मंंदिर प्रांगण में स्थापित नन्दी और हनुमान जी की नयी प्रतिमा का पंडित परमानंद पंडा के द्वारा विधिवत् पूजा अर्चना कराकर प्राण प्रतिष्ठा किया गया। पूजा समिति ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मंंदिर प्राचीन काल से ही स्थापित है लोगों का मानना है कि प्राचीन काल में यहां धरती के अंदर से शिवलिंग स्वयं प्रकट हुए थे तब से ही लोगों के बीच यह आस्था का केन्द्र बना हुआ है पूर्वजों द्वारा छोटा सा चबूतरा का निर्माण कर पूजा शुरू किया गया था। लोग बताते हैं कि जो भी भक्त यहां अपनी सच्ची भक्ति से पूजा अर्चना कर बाबा से मनोकामना मांगते हैं तो बाबा महादेव उनकी हर मनोकामनाओं को अवश्य पुरा करते हैं इसीलिए इन्हें मनोकामना बाबा मंंदिर भी कहा जाता है इस मंंदिर में विवाह, मुंडन, वाहन पूजा जैसे कई अनुष्ठान संपन्न कराये जाते हैं। मंंदिर के सही रख रखाव नहीं होने के कारण कुछ साल पूर्व से ही मंंदिर के फर्श उखड़ने लगे थे वहीं शिवलिंग भी खंडित हो गया था। गांव के युवाओं ने मंंदिर के पुनः निर्माण के लिए ग्रामीणों के साथ बैठक की और मंंदिर में स्थित शिवलिंग सहित मंंदिर के जिरणोद्वार व सौंदर्यीयकरण का बीड़ा उठाया। इसके लिए उन्होंने आपस में चंदा इक्कठा कर स्वयं के श्रमदान से मंंदिर का सौंदर्यीयकरण का कार्य पूर्ण किया साथ ही हनुमान जी व नन्दी का नया प्रतिमा स्थापित किया जिसका विधिवत् रूप से प्राण प्रतिष्ठा किया गया। प्राण प्रतिष्ठा के बाद सभी श्रधालुओं को भंडारे का महाप्रसाद बांटा गया। वहीं मंंदिर परिसर में रात्रि भक्ति जागरण का कार्यक्रम रखा गया है। इस एक दिवसीय धार्मिक आयोजन को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में बुढ़ा महादेव पूजा समिति के सदस्य विपिन कुमार साहु, अंकित कुमार, कुंदन साहु, इंद्रजीत साहु, धनेश्वर साहु, शिवपूजन साहु, कृष्णा कुमार साहु, लक्ष्मी साहु, संदीप साहु, ओम प्रकाश साहु, अजीत साहु, बिट्टू साहु, सोनू, चतुर्गुण, अरुण नारायण सिंह, राजकिशोर सोनी, घनश्याम आर्य, गजराज महतो, प्रयाग साहु, सहित कई समाजसेवी व ग्रामवासियों का भरपूर योगदान रहा।
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    सिसई (गुमला)। गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत पोटरो गांव स्थित प्राचीन बुढ़ा महादेव मंंदिर का सौंदर्यीय करण का कार्य पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 1101 कलश के साथ भव्य शोभायात्रा निकाला गया। जिसमें हज़ारों महिलाएं, युवतियाँ व नन्हें नन्हें बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस यात्रा में मुख्य रूप से हिन्दू जागृत मंच के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा, विहिप जिला मंत्री मनीष बाबू, विहिप बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, सतेंद्र साहु एवं जिप सदस्या सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी उपस्थित रहे। 
यह यात्रा मंंदिर प्रांगण से शुरू की गयी और परास नदी तट पर पंडित परमानंद पंडा के द्वारा विधिवत् पूजा अर्चना कराते हुए मंत्रोचारण कर जल भरणी कराया गया जिसमें मुख्य यजमान के रूप में बजरंग साहु व पत्नी, दीपक सिंह व पत्नी, कुंदन साहु व पत्नी सहित नौ जोड़ें शामिल थे। इस दौरान हर हर महादेव, जय श्री राम, जय श्री हनुमान के नारों से पुरा क्षेत्र भक्तिमय हो रहा था।
जल भरणी के बाद सभी श्रधालुगण उसी रास्ते से पुनः वापस मंंदिर परिसर लौटे जहां जल से भरे कलशों को स्थापित किया गया। 
तत्पश्चात समिति के कार्यकर्ताओं ने श्रधालुओं के बीच शरबत व गुड़ चना का वितरण किया। इसके उपरांत मंंदिर प्रांगण में स्थापित नन्दी और हनुमान जी की नयी प्रतिमा का पंडित परमानंद पंडा के द्वारा विधिवत् पूजा अर्चना कराकर प्राण प्रतिष्ठा किया गया। 
पूजा समिति ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मंंदिर प्राचीन काल से ही स्थापित है लोगों का मानना है कि प्राचीन काल में यहां धरती के अंदर से शिवलिंग स्वयं प्रकट हुए थे तब से ही लोगों के बीच यह आस्था का केन्द्र बना हुआ है पूर्वजों द्वारा छोटा सा चबूतरा का निर्माण कर पूजा शुरू किया गया था। लोग बताते हैं कि जो भी भक्त यहां अपनी सच्ची भक्ति से पूजा अर्चना कर बाबा से मनोकामना मांगते हैं तो बाबा महादेव उनकी हर मनोकामनाओं को अवश्य पुरा करते हैं इसीलिए इन्हें मनोकामना बाबा मंंदिर भी कहा जाता है इस मंंदिर में विवाह, मुंडन, वाहन पूजा जैसे कई अनुष्ठान संपन्न कराये जाते हैं। 
मंंदिर के सही रख रखाव नहीं होने के कारण कुछ साल पूर्व से ही मंंदिर के फर्श उखड़ने लगे थे वहीं शिवलिंग भी खंडित हो गया था। 
गांव के युवाओं ने मंंदिर के पुनः निर्माण के लिए ग्रामीणों के साथ बैठक की और मंंदिर में स्थित शिवलिंग सहित मंंदिर के जिरणोद्वार व सौंदर्यीयकरण का बीड़ा उठाया। इसके लिए उन्होंने आपस में चंदा इक्कठा कर स्वयं के श्रमदान से मंंदिर का सौंदर्यीयकरण का कार्य पूर्ण किया साथ ही हनुमान जी व नन्दी का नया प्रतिमा स्थापित किया जिसका विधिवत् रूप से प्राण प्रतिष्ठा किया गया। 
प्राण प्रतिष्ठा के बाद सभी श्रधालुओं को भंडारे का महाप्रसाद बांटा गया। 
वहीं मंंदिर परिसर में रात्रि भक्ति जागरण का कार्यक्रम रखा गया है। 
इस एक दिवसीय धार्मिक आयोजन को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में बुढ़ा महादेव पूजा समिति के सदस्य विपिन कुमार साहु, अंकित कुमार, कुंदन साहु, इंद्रजीत साहु, धनेश्वर साहु, शिवपूजन साहु, कृष्णा कुमार साहु, लक्ष्मी साहु, संदीप साहु, ओम प्रकाश साहु, अजीत साहु, बिट्टू साहु, सोनू, चतुर्गुण, अरुण नारायण सिंह, राजकिशोर सोनी, घनश्याम आर्य, गजराज महतो, प्रयाग साहु, सहित कई समाजसेवी व ग्रामवासियों का भरपूर योगदान रहा।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • सिसई प्रखंड भदौली पंचायत अंतर्गत प्राचीन बूढ़ा महादेव मंदिर पोटरो का पुनर्निर्माण किया गया हैं। जिसमें नव स्थापित नंदी महाराज और बजरंग बली मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा करने हेतु रविवार को मंदिर परिसर से परास नदी तक 1100 कलश का ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाला गया। कलश यात्रा में शामिल होने के लिए प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांव से भारी संख्या में श्रद्धालु भक्त पहुंचे थे। बूढ़ा महादेव, नंदी महाराज, और बजरंगबली सहित सभी देवी देवताओं का जय घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। और ध्वनि यंत्र में भक्ति गीतों के बजने से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। आचार्य परमानंदन पंडा ने नौ जोड़ो को प्राण प्रतिष्ठा का विधिवत् पूजा अर्चना कराया। पूजा समिति के पदाधिकारी सहित स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि प्राचीन काल से बूढ़ा महादेव मंदिर में पूजा अर्चना होता आ रहा है, लेकिन समिति के नहीं रहने से अब तक मंदिर का विकास नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि मंदिर विकास समिति का गठन किया गया है, अब से भक्तों को विवाह, मुंडन, वाहन पूजा कराने से पहले समिति से अनुमति लेना होगा। और विवाह अनुष्ठान के लिए 1101 रुपए, मुंडन के लिए 501 रुपए, चार पहिया वाहन के लिए 501 रुपए, और दो पहिया वाहन पूजा के लिए 201 रुपए का सहयोग राशि समिति को देना होगा। पूजा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि संध्या आरती के बाद भजन कीर्तन शुरू किया जाएगा जो रात्रि 11 बजे तक चलेगा। वही सोमवार को प्रातः 8 बजे हवन पूजन के बाद विसर्जन किया जाएगा। दो दिवसीय कलश यात्रा सह प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को सफल बनाने में विपिन साहु , इंद्रजीत साहु, कृष्णा साहु, धर्मजीत साहु, सोनू साहु , संदीप साहु, बजरंग साहु, धनेश्वर साहु, सहाबीर उरांव, संदीप उरांव, गोपाल पुजार,डॉ कुमार, ओम प्रकाश साहु, बिट्टू साहु, अमित साहु, रवि साहु, लक्ष्मी साहु, शिव पूजन साहु, विकास साहु, रीता देवी, रिंकी देवी, इन्दू देवी,अजित साहु, कुन्दन साहु, चतुर्गुण साहु ,अमरदीप साहु, अंकित, समीर, नितेश आशीष, फूलचंद, आशीष सहित सहित पोटरो, सकरौली,भदौली एवं सिसई वासियों ने बढ़ चढ़ कर सहयोग किया। इस मौके पर जिप सदस्य विजय लक्ष्मी कुमारी, पंकज कुमार, सतेंद्र साहु, कृष्णा कुमार साहु, मनीष बाबू, सुप्रदीप साहु, गजराज महतो, घनश्याम आर्या, पूर्णिमा देवी
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    सिसई प्रखंड भदौली पंचायत अंतर्गत प्राचीन बूढ़ा महादेव मंदिर पोटरो का पुनर्निर्माण किया गया हैं। जिसमें नव स्थापित नंदी महाराज और बजरंग बली मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा करने हेतु रविवार को  मंदिर परिसर से परास नदी तक 1100 कलश का ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाला गया। कलश यात्रा में शामिल होने के लिए प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांव से भारी संख्या में श्रद्धालु भक्त पहुंचे थे। बूढ़ा महादेव, नंदी महाराज, और बजरंगबली सहित सभी देवी देवताओं का जय घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। और ध्वनि यंत्र में भक्ति गीतों के बजने से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। आचार्य परमानंदन पंडा ने नौ जोड़ो को प्राण प्रतिष्ठा का विधिवत् पूजा अर्चना कराया। पूजा समिति के पदाधिकारी सहित स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि प्राचीन काल से बूढ़ा महादेव मंदिर में पूजा अर्चना होता आ रहा है, लेकिन समिति के नहीं रहने से अब तक मंदिर का विकास नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि मंदिर विकास समिति का गठन किया गया है, अब से भक्तों को  विवाह, मुंडन, वाहन पूजा कराने से पहले समिति से अनुमति लेना होगा। और विवाह अनुष्ठान के लिए 1101 रुपए, मुंडन के लिए 501 रुपए, चार पहिया वाहन के लिए 501 रुपए, और दो  पहिया वाहन पूजा के लिए 201 रुपए का सहयोग राशि समिति को देना होगा। पूजा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि संध्या आरती के बाद भजन कीर्तन शुरू किया जाएगा जो रात्रि 11 बजे तक चलेगा। वही सोमवार को प्रातः 8 बजे हवन पूजन के बाद विसर्जन किया जाएगा।
दो दिवसीय कलश यात्रा सह प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को सफल बनाने में विपिन साहु , इंद्रजीत साहु, कृष्णा साहु, धर्मजीत साहु, सोनू साहु , संदीप साहु, बजरंग साहु, धनेश्वर साहु, सहाबीर उरांव, संदीप उरांव, गोपाल पुजार,डॉ कुमार, ओम प्रकाश साहु, बिट्टू साहु, अमित साहु, रवि साहु, लक्ष्मी साहु, शिव पूजन साहु, विकास साहु, रीता देवी, रिंकी देवी, इन्दू देवी,अजित साहु, कुन्दन साहु, चतुर्गुण साहु ,अमरदीप साहु, अंकित, समीर, नितेश आशीष, फूलचंद, आशीष सहित  सहित पोटरो, सकरौली,भदौली एवं सिसई वासियों ने बढ़ चढ़ कर सहयोग किया। 
इस मौके पर जिप सदस्य विजय लक्ष्मी कुमारी, पंकज कुमार, सतेंद्र साहु, कृष्णा कुमार साहु, मनीष बाबू, सुप्रदीप साहु, गजराज महतो, घनश्याम आर्या,  पूर्णिमा देवी
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
  • भारत देश में युवा शक्ति को खोखली करती बाहर के देश से आये नशीले पद्वार्थ व अफिम की खेती तो अवैध घोषित किया गया है वहीं दुसरी तरफ इसकी खेती चोरी चुपकी हो रही है।
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    भारत देश में युवा शक्ति को  खोखली करती बाहर  के  देश से आये नशीले पद्वार्थ  व अफिम की खेती तो अवैध घोषित किया गया है वहीं दुसरी तरफ इसकी खेती चोरी चुपकी हो रही है।
    user_Vijay kumar. vidhyarthi
    Vijay kumar. vidhyarthi
    Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • Post by AAM JANATA
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    Post by AAM JANATA
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • .बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एक खास जगह रुके - ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी)। यहां कोई बड़ा मंच नहीं था, कोई लंबा भाषण नहीं - बस एक प्रशिक्षण कक्ष था, जहां बैठी थीं वे महिलाएं, जो कभी घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, और आज अपने गांव के पशुओं की सेहत की जिम्मेदारी उठा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कमरे में प्रवेश करते ही कहा जय बिहान और उस अभिवादन के साथ पूरे कमरे में एक ऊर्जा भर गई। केवली गांव की अनुराधा - एक साधारण महिला की असाधारण जिम्मेदारी जब मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणार्थियों से उनके अनुभव जाने, तो विकासखंड रामचंद्रपुर के बगरा क्लस्टर की ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता आगे आईं। उन्होंने बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर ’पशु सखी’ के रूप में काम कर रही हैं। सुबह उठकर वे अपने गांव के पशुओं का सर्वे करती हैं, पशु चिकित्सकों को जानकारी देती हैं, और ग्रामीणों को पशुपालन की बारीकियां समझाती हैं। जो गाय-बैल कभी बीमार पड़ते थे और किसान हाथ मलता रह जाता था - आज अनुराधा उस किसान के दरवाजे तक पहले पहुंच जाती हैं। पहले हमें खुद नहीं पता था कि पशुओं की बीमारी कैसे पहचानें - और आज हम दूसरों को बताते हैं। यही वो बदलाव है जिसे मुख्यमंत्री ने करीब से देखा और महसूस किया। 510 जिंदगियां - जो आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़ी हैं आरसेटी केवल एक संस्थान नहीं कृ यह उन सैकड़ों सपनों का पड़ाव है जो कभी संसाधनों की कमी से दम तोड़ देते थे। जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में इस संस्थान के माध्यम से ग्रामीण बेरोजगार युवक-युवतियों और महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थी विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में तैयार हो चुके हैं कृ और हर एक अपने-अपने गांव में बदलाव की एक छोटी सी लौ बन चुका है। मुख्यमंत्री ने संस्थान की गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया, प्रशिक्षणार्थियों से बात की और उनका उत्साह बढ़ाया। यह सिर्फ एक दौरा नहीं था - यह उस विश्वास की पुष्टि थी कि छत्तीसगढ़ के गांवों में बदलाव की असली ताकत वहां की महिलाओं के हाथों में है।
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    .बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एक खास जगह रुके - ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी)। यहां कोई बड़ा मंच नहीं था, कोई लंबा भाषण नहीं - बस एक प्रशिक्षण कक्ष था, जहां बैठी थीं वे महिलाएं, जो कभी घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, और आज अपने गांव के पशुओं की सेहत की जिम्मेदारी उठा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कमरे में प्रवेश करते ही कहा जय बिहान और उस अभिवादन के साथ पूरे कमरे में एक ऊर्जा भर गई।
केवली गांव की अनुराधा - एक साधारण महिला की असाधारण जिम्मेदारी
जब मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणार्थियों से उनके अनुभव जाने, तो विकासखंड रामचंद्रपुर के बगरा क्लस्टर की ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता आगे आईं। उन्होंने बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर ’पशु सखी’ के रूप में काम कर रही हैं। सुबह उठकर वे अपने गांव के पशुओं का सर्वे करती हैं, पशु चिकित्सकों को जानकारी देती हैं, और ग्रामीणों को पशुपालन की बारीकियां समझाती हैं। जो गाय-बैल कभी बीमार पड़ते थे और किसान हाथ मलता रह जाता था - आज अनुराधा उस किसान के दरवाजे तक पहले पहुंच जाती हैं।
पहले हमें खुद नहीं पता था कि पशुओं की बीमारी कैसे पहचानें - और आज हम दूसरों को बताते हैं। यही वो बदलाव है जिसे मुख्यमंत्री ने करीब से देखा और महसूस किया।
510 जिंदगियां - जो आत्मनिर्भरता की राह पर चल पड़ी हैं
आरसेटी केवल एक संस्थान नहीं कृ यह उन सैकड़ों सपनों का पड़ाव है जो कभी संसाधनों की कमी से दम तोड़ देते थे।
जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में इस संस्थान के माध्यम से ग्रामीण बेरोजगार युवक-युवतियों और महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थी विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में तैयार हो चुके हैं कृ और हर एक अपने-अपने गांव में बदलाव की एक छोटी सी लौ बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने संस्थान की गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया, प्रशिक्षणार्थियों से बात की और उनका उत्साह बढ़ाया। यह सिर्फ एक दौरा नहीं था - यह उस विश्वास की पुष्टि थी कि छत्तीसगढ़ के गांवों में बदलाव की असली ताकत वहां की महिलाओं के हाथों में है।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
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