औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड अंतर्गत जाखीम पड़रिया गांव में शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां हाई टेंशन बिजली तार की चपेट में आने से एक 50 वर्षीय किसान राजेश महतो की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान स्वर्गीय श्री दयाल महतो के पुत्र राजेश महतो के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, राजेश महतो शुक्रवार सुबह कृषि कार्य के लिए अपने घर से लगभग 700 मीटर उत्तर दिशा में स्थित बधार गए थे। इसी दौरान, पहले से जमीन पर गिरा हुआ 11 हजार वोल्ट का बिजली तार उनकी चपेट में आ गया, जिससे उनकी तत्काल मृत्यु हो गई। परिजनों ने उन्हें जीवित समझकर तुरंत रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर एसआई कौशलेंद्र कुमार सिंह, एसआई सुधांशु कुमार, एसआई शमा परवीन और अन्य पुलिसकर्मी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा, मुखिया विनय प्रसाद उर्फ मिटू, और राजद नेता रणविजय यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि राजेश महतो एक मेहनतकश किसान थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी केसरी देवी, एक पुत्र कृष्ण कुमार, और दो पुत्रियां रिंकी देवी व सविता कुमारी हैं। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड अंतर्गत जाखीम पड़रिया गांव में शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां हाई टेंशन बिजली तार की चपेट में आने से एक 50 वर्षीय किसान राजेश महतो की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान स्वर्गीय श्री दयाल महतो के पुत्र राजेश महतो के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, राजेश महतो शुक्रवार सुबह कृषि कार्य के लिए अपने घर से लगभग 700 मीटर उत्तर दिशा में स्थित बधार गए थे। इसी दौरान, पहले से जमीन पर गिरा हुआ 11 हजार वोल्ट का बिजली तार उनकी चपेट में आ गया, जिससे उनकी तत्काल मृत्यु हो गई। परिजनों ने उन्हें जीवित समझकर तुरंत रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर एसआई कौशलेंद्र कुमार सिंह, एसआई सुधांशु कुमार, एसआई शमा परवीन और अन्य पुलिसकर्मी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा, मुखिया विनय प्रसाद उर्फ मिटू, और राजद नेता रणविजय यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि राजेश महतो एक मेहनतकश किसान थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी केसरी देवी, एक पुत्र कृष्ण कुमार, और दो पुत्रियां रिंकी देवी व सविता कुमारी हैं। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
- गया जिले के कोंच प्रखंड क्षेत्र के उसास देवरा बाजार में मोहर्रम का पर्व इस वर्ष शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। हालांकि, प्रशासन द्वारा डीजे बजाने पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के कारण इस बार पारंपरिक मोहर्रम जुलूस नहीं निकाला गया, जिससे बाजार में हर वर्ष जैसी रौनक देखने को नहीं मिली। स्थानीय ग्रामीण मुस्ताक अंसारी ने पुष्टि की कि डीजे प्रतिबंध के कारण जुलूस नहीं निकला और पर्व अपेक्षाकृत शांत माहौल में मनाया गया। सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज, थानाध्यक्ष सुदेह कुमार, अंचलाधिकारी मुकेश कुमार और आंती थानाध्यक्ष दीपक कुमार राव सहित पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस नहीं निकलने के बावजूद, उसास देवरा बाजार में सेवा और मानवता की मिसाल देखने को मिली, क्योंकि इस बार अखाड़े की जगह लंगर मुख्य आकर्षण बना। इरशाद अंसारी, नौशाद अंसारी, शमशाद अंसारी, सद्दाम हुसैन और सरफराज आलम के सहयोग से एक विशाल लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें आने-जाने वाले श्रद्धालुओं एवं राहगीरों को चिप्स, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक, फल और काला शरबत वितरित किया गया। आसपास के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने भी इस लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। गरारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुनील कुमार ने बताया कि लोगों ने जिला प्रशासन के डीजे प्रतिबंध संबंधी निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी से पालन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा। वहीं, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि कमलेश प्रभाकर ने कहा कि उसास देवरा बाजार में मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया, जो इस क्षेत्र की गंगा-जमुनी संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण है।1
- मादक पदार्थों के सेवन, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध व्यापार के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर औरंगाबाद में एक महत्वपूर्ण जागरूकता सह शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अंतर्गत विधिक सेवा सदन में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार, श्री मनीष कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय से संबंधित पैनल अधिवक्ताओं और कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत का खतरा विश्व के साथ-साथ भारत के युवाओं में भी तेजी से फैल रहा है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नशीली दवाओं से मुक्ति प्राप्त करना और समाज में सशक्तिकरण लाना है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री अरुण कुमार (प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय), श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा (अपर सत्र न्यायाधीश), श्री लाल बिहारी पासवान (मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी), श्री अभय सिंह (न्यायकर्ता), और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव श्री प्रदीप चंद्रा सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे, जिन्होंने इस अवसर पर शपथ ग्रहण किया। प्रभारी जिला जज ने नशे के सेवन के नकारात्मक प्रभावों पर जोर देते हुए बताया कि नशा धीरे-धीरे व्यक्ति को मौत के मुंह में धकेलता रहता है और अनजाने में लोग इसका सेवन करते रहते हैं, जिससे मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और उनके स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। जागरूकता सह शपथ कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया। इनमें मादक पदार्थों का उपयोग करने वाले लोगों और उनके परिवारों पर घृणा व भेदभाव के नकारात्मक प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाना, ऐसे लोगों में एड्स और हेपेटाइटिस महामारी के बारे में जागरूकता बढ़ाना, एचआईवी और हेपेटाइटिस रोकथाम कार्यक्रमों को मजबूत करना शामिल था। इसके अतिरिक्त, मादक पदार्थों का उपयोग करने वाले सभी लोगों के लिए साक्ष्य-आधारित स्वैच्छिक सेवाओं को बढ़ावा देने, उपयोग से जुड़े विकारों, उपलब्ध उपचारों और शीघ्र हस्तक्षेप के महत्व के बारे में शिक्षित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मादक पदार्थों का उपयोग करने वाले लोगों के लिए सम्मानजनक भाषा और व्यवहार को बढ़ावा देकर घृणा व भेदभाव से मुकाबला करने तथा युवाओं व समुदाय को नशे के उपयोग और व्यसन को रोकने के लिए सशक्त बनाना भी था। प्रभारी प्रधान जिला जज ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए निर्मित नशीली दवाओं का सेवन, देना या बेचना बिना चिकित्सक के परामर्श और लिखित पर्चा के गैरकानूनी है, और इसके लिए कानून में कई प्रावधान किए गए हैं। अंत में, 'औरंगाबाद जीवन चुनें, नशा नहीं' का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग मानव जीवन के लिए घातक है।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च थाना क्षेत्र के अति संवेदनशील स्थानों पर आयोजित किया गया, जहाँ लोगों से शांति और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की गई।1
- मोहर्रम पर्व शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन हुआ सक्रिय ! मौलाना हुजैफा साहब से मोहर्रम को लेकर हुई खास बातचीत ! Call - 82356105631
- जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया में 26 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर एक शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार, तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया, श्री प्रदीप कुमार मलिक एवं सचिव श्री अरविंद कुमार दास के निर्देशों पर हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रतिज्ञा व्यास ने की, जिसमें प्रभारी सचिव श्रीमती अंजनी नाग सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ एवं डिप्टी चीफ, पारा विधिक स्वयंसेवक और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को नशीली दवाओं के सेवन तथा अवैध तस्करी के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। शपथ में सभी ने नशीले पदार्थों का सेवन न करने, अपने परिवार एवं परिचितों को भी इनसे दूर रहने के लिए प्रेरित करने, और समाज को नशा मुक्त बनाने हेतु सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। श्रीमती प्रतिज्ञा व्यास ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए एक गंभीर चुनौती है, जिसके दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा युवाओं को नशे से दूर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रभारी सचिव श्रीमती अंजनी नाग ने जन-जागरूकता को नशा मुक्ति का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार आमजन के बीच जागरूकता फैलाने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है। यह कार्यक्रम नशा मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ।1
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड अंतर्गत जाखीम पड़रिया गांव में शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां हाई टेंशन बिजली तार की चपेट में आने से एक 50 वर्षीय किसान राजेश महतो की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान स्वर्गीय श्री दयाल महतो के पुत्र राजेश महतो के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, राजेश महतो शुक्रवार सुबह कृषि कार्य के लिए अपने घर से लगभग 700 मीटर उत्तर दिशा में स्थित बधार गए थे। इसी दौरान, पहले से जमीन पर गिरा हुआ 11 हजार वोल्ट का बिजली तार उनकी चपेट में आ गया, जिससे उनकी तत्काल मृत्यु हो गई। परिजनों ने उन्हें जीवित समझकर तुरंत रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर एसआई कौशलेंद्र कुमार सिंह, एसआई सुधांशु कुमार, एसआई शमा परवीन और अन्य पुलिसकर्मी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा, मुखिया विनय प्रसाद उर्फ मिटू, और राजद नेता रणविजय यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि राजेश महतो एक मेहनतकश किसान थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी केसरी देवी, एक पुत्र कृष्ण कुमार, और दो पुत्रियां रिंकी देवी व सविता कुमारी हैं। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए।1
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड के काजीचक गांव में 22 जून की रात मोहर्रम जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक व्यक्ति चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले में दोनों ही पक्षों ने रफीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है। पहले पक्ष की ओर से काजीचक नहर के पास रहने वाले मणउल्लाह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मोहर्रम जुलूस के दौरान जब वह मस्जिद के पास से स्कूल के पीछे लघुशंका के लिए गए थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया। इन आरोपियों ने चाकू और लाठी-डंडों से उन पर हमला किया, जिसमें उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चाकू से सात वार किए गए। मणउल्लाह ने इस हमले के लिए मोहम्मद सोहेल, जफर आलम, मोहम्मद सादिक के बेटे मोहम्मद आदिल, मोहम्मद तनु, मोहम्मद पांचु, मोहम्मद छठु, मोहम्मद अनस, फरहान, कैला, मोहम्मद रेयाज के बेटे मोहम्मद आदिल और मोहम्मद शरफान सहित कुल 11 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है। वहीं, दूसरे पक्ष से मोहम्मद अशद ने मणउल्लाह और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। अशद ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पुरानी रंजिश के चलते उन पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनका सिर फट गया। रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदनों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।1