आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को प्रभु श्रीराम मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने बुलाया है। उन्हें 25 जून को सुबह 11 बजे उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित मंडलायुक्त कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। संजय सिंह ने घोषणा की है कि वह इस दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित जमीन घोटाले से संबंधित सभी दस्तावेज और साक्ष्य एसआईटी अध्यक्ष को सौंपेंगे। संजय सिंह ने पहले भी वर्ष 2021 में राम मंदिर भूमि खरीद में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था, लेकिन उनका दावा है कि उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्होंने जोर दिया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए तथा राम भक्तों के चढ़ावे और दान से जुड़े हर आरोप की गहन जांच की जानी चाहिए। संजय सिंह ने पूर्व में भी राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग उठाई है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को प्रभु श्रीराम मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने बुलाया है। उन्हें 25 जून को सुबह 11 बजे उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित मंडलायुक्त कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। संजय सिंह ने घोषणा की है कि वह इस दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित जमीन घोटाले से संबंधित सभी दस्तावेज और साक्ष्य एसआईटी अध्यक्ष को सौंपेंगे। संजय सिंह ने पहले भी वर्ष 2021 में राम मंदिर भूमि खरीद में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था, लेकिन उनका दावा है कि उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्होंने जोर दिया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए तथा राम भक्तों के चढ़ावे और दान से जुड़े हर आरोप की गहन जांच की जानी चाहिए। संजय सिंह ने पूर्व में भी राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग उठाई है।
- पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, तो वे आम लोगों का भला क्या कर सकते हैं। मौर्य ने यह भी सवाल उठाया कि जो अपने मंदिर की ही रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी रक्षा क्या करेगा।1
- आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को प्रभु श्रीराम मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने बुलाया है। उन्हें 25 जून को सुबह 11 बजे उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित मंडलायुक्त कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। संजय सिंह ने घोषणा की है कि वह इस दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित जमीन घोटाले से संबंधित सभी दस्तावेज और साक्ष्य एसआईटी अध्यक्ष को सौंपेंगे। संजय सिंह ने पहले भी वर्ष 2021 में राम मंदिर भूमि खरीद में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था, लेकिन उनका दावा है कि उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्होंने जोर दिया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए तथा राम भक्तों के चढ़ावे और दान से जुड़े हर आरोप की गहन जांच की जानी चाहिए। संजय सिंह ने पूर्व में भी राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग उठाई है।1
- अयोध्या जिले में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया और बाद में कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। यह प्रदर्शन पिछली पंचायत में नगर निगम द्वारा चिलचिलाती धूप में पीने के लिए टैंकर से 'उबलता हुआ पानी' और 'गंदा पानी' भेजे जाने के कारण उपजे आक्रोश से शुरू हुआ। किसानों की महापंचायत नगर निगम कार्यालय अयोध्या परिसर में आयोजित की गई थी, जिसमें यूरिया खाद की कालाबाजारी और थोक दर घोषित न किए जाने सहित विभिन्न समस्याओं का समाधान मांगा गया। महापंचायत के बीच नगर मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार ने पहुंचकर समस्या समाधान का प्रयास किया। नगर निगम अधिकारियों को बुलाने की कोशिश करने के बाद भी जब कोई अधिकारी नहीं आया, तो क्रोधित कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव कर दिया और हॉल में ही पंचायत शुरू कर दी। बाद में नगर निगम के जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे, जिन्होंने समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया और गंदे पानी के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, नगर निगम के वायदे से असंतुष्ट भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। रास्ते में एक बार फिर नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित 11 सूत्रीय मांगपत्र प्राप्त किया। उन्होंने जनपदीय समस्याओं के समाधान के लिए 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने जनपद में यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाते हुए थोक विक्रेताओं द्वारा थोक दर घोषित करने की मांग की, क्योंकि फुटकर विक्रेताओं को महंगे दाम पर खाद बेची जा रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत और किसानों के हित में न बताते हुए इसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग भी की। राम मंदिर चढ़ावा/चंदा चोरी के सवाल पर घनश्याम वर्मा ने कहा कि वर्तमान ट्रस्टियों द्वारा मंदिर व्यवस्था ठीक से संभाली नहीं जा रही है, इसलिए राम जन्मभूमि को 'सुना' के हवाले कर दिया जाना चाहिए। पंचायत को संबोधित करने वाले अन्य नेताओं, जिनमें प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, मध्यांचल सचिव सूर्यनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन पांडे शामिल थे, ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करता है, तो एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, जिला सचिव राजदेव यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसानों ने भाग लिया।2
- अयोध्या में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने यूरिया खाद की थोक दर घोषित करने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं और नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम कार्यालय परिसर में एक महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने भाग लिया। महापंचायत को संबोधित करते हुए, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने जनपद में यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा उठाया, जहां थोक विक्रेताओं द्वारा थोक दर घोषित किए बिना महंगे दामों पर फुटकर विक्रेताओं को खाद बेची जा रही है, जिससे किसानों को महंगी खाद मिल रही है। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारत और देश के किसानों के हित में न बताते हुए उसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग की। वर्मा ने राम मंदिर चढ़ावा और चंदा चोरी के सवाल पर वर्तमान ट्रस्टियों पर मंदिर व्यवस्था ठीक से न संभाल पाने का आरोप लगाते हुए राम जन्मभूमि को सुना के हवाले करने की बात कही। नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने से क्रोधित भाकियू कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। अधिकारियों के न आने पर पंचायत नगर निगम के हॉल में ही शुरू हो गई, जिसके बीच में जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता ने पहुंचकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और गंदे पानी के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, समस्या समाधान के इन वायदों से असंतुष्ट भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। रास्ते में एक बार फिर नगर मजिस्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित एक 11 सूत्रीय ज्ञापन प्राप्त किया। नगर मजिस्ट्रेट ने जनपदीय समस्याओं के समाधान के लिए 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ एक संयुक्त बैठक करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। पंचायत में प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, मध्यांचल सचिव सूरयनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन पांडे सहित अन्य नेताओं ने वर्तमान प्रशासन पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एक साथ बैठकर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं, तो निश्चित रूप से एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, जिला सचिव राजदेव यादव, रवि शंकर पांडे, महेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, संतोष वर्मा, जगदीश यादव, मंसाराम वर्मा, जितेंद्र कुमार, प्रेम शंकर वर्मा, रामू चंद्र विश्वकर्मा, राम सुमेर भारती, सिद्धू भारती, नाथूराम यादव, विवेक पटेल, डॉ हरिओम वर्मा, रामसेवक रावत, प्रमोद कुमार, श्रवन सैनी, कृष्ण कुमार गोस्वामी, शिवकुमार, बाबूराम, उर्मिला निषाद, सुषमा देवी, मालती देवी और रेखा देवी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसान शामिल हुए।1
- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने बुधवार, 24 जून को अयोध्या में किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और यूरिया खाद की कालाबाजारी रोकने की मांग को लेकर एक महापंचायत आयोजित की। नगर निगम परिसर में हुए इस जोरदार प्रदर्शन के बाद, भाकियू कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव किया और अपनी मांगों के समर्थन में कलेक्ट्रेट की ओर मार्च निकाला। महापंचायत को संबोधित करते हुए, भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने आरोप लगाया कि जिले में यूरिया खाद की कालाबाजारी हो रही है, जहाँ थोक विक्रेता बिना निर्धारित दर घोषित किए फुटकर दुकानदारों को अधिक कीमत पर खाद बेच रहे हैं, जिससे किसान सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यूरिया की थोक दर सार्वजनिक करने की मांग की और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे भी समाप्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान, नगर निगम द्वारा गंदा पानी भेजे जाने का मुद्दा भी गरमा गया, जिससे आक्रोशित किसानों ने नगर निगम कार्यालय का घेराव कर वहीं पंचायत शुरू कर दी। बाद में, नगर निगम के जोनल अधिकारी और अधिशासी अभियंता ने गंदे पानी की आपूर्ति के लिए खेद व्यक्त करते हुए समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। किसानों ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर न होने का आरोप लगाया। प्रदेश महासचिव अभयराज ब्रह्मचारी, प्रदेश सचिव श्रीराम वर्मा, फरीद अहमद, सूर्यनाथ वर्मा, जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य और महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन पांडे ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कलेक्ट्रेट मार्च के दौरान, नगर मजिस्ट्रेट ने किसानों को रोककर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक 11 सूत्रीय ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने किसानों को 27 या 28 जून को जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित कर समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद, किसानों का आंदोलन समाप्त कर दिया गया। प्रदर्शन में शंकरपाल पांडे, भागीरथी वर्मा, राजदेव यादव, रविशंकर पांडे, महेंद्र वर्मा, राजेश मिश्रा, संतोष वर्मा, जगदीश यादव, मंसाराम वर्मा, जितेंद्र कुमार, प्रेमशंकर वर्मा, रामू चंद्र विश्वकर्मा, रामसुमेर भारती, सिद्धू भारती, नाथूराम यादव, विवेक पटेल, डॉ. हरिओम वर्मा सहित सैकड़ों किसान और भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- अयोध्या में ज्येष्ठ माह के अंतिम बड़े मंगल के पावन अवसर पर, मंगलवार को पत्रकारों द्वारा रिकाबगंज स्थित जिला चिकित्सालय गेट के समीप एक विशाल तहरी भंडारे का आयोजन किया गया। दोपहर 2 बजे से प्रारंभ हुआ यह सेवा कार्य देर शाम तक निरंतर जारी रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं, राहगीरों, मरीजों के परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया। इस आयोजन को विशेष रूप से जिला अस्पताल के मरीजों के लिए एक सहारे के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस भव्य भंडारे के दौरान भगवान श्री हनुमान जी के जयकारों के बीच प्रेमपूर्वक तहरी प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन स्थल पर दिनभर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। भंडारे में पहुंचे लोगों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सामाजिक समरसता एवं सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। इस आयोजन को सफल बनाने में पत्रकार राकेश तिवारी, रविकांत आर्य, अरविंद यादव, रिशु निषाद, अनूप कुमार रिंकू, रवि मौर्य, प्रभाकर यादव, अमित कुमार गौड़, अंतरिक्ष तिवारी, सोनू चौधरी, धर्मेंद्र चौरसिया और कृष्ण कुमार गौड़ का विशेष योगदान रहा। इनके अतिरिक्त, डॉ. आशीष पाठक, डॉ. जी.सी. पाठक, डॉ. रईस अहमद, फार्मासिस्ट हनुमत दुबे, एनआरएचएम से सुशील वर्मा, सतीश कुमार, डॉ. एस.के. तिवारी, अशोक कुमार गौड़ ‘बबलू’, गिरीश गौड़ और अर्जुन प्रजापति ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सिद्धार्थ विश्वास, संदीप श्रीवास्तव, विपिन पांडे, अभिषेक पाण्डेय शमशाद, प्रज्ञा मौर्या, परी, अंशिका, पप्पू, लोकेश यादव सहित दर्जनों स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण, व्यवस्था संचालन और श्रद्धालुओं की सेवा में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। आयोजकों ने बताया कि बड़े मंगल का पर्व सेवा, समर्पण एवं लोककल्याण की भावना का प्रतीक है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिससे जरूरतमंदों, मरीजों के तीमारदारों और आमजन को प्रसाद उपलब्ध कराया जा सके। श्रद्धालुओं ने इस पूरे आयोजन की प्रशंसा करते हुए पत्रकार साथियों के इस सेवा कार्य को समाज के लिए बेहद प्रेरणादायी बताया।4
- आज सुबह टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, लाल चंद सोनी ने भीषण गर्मी और तेज धूप से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने लोगों से अधिक मात्रा में ORS का घोल पीने का आग्रह किया है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोपहर के समय तभी बाहर निकलें जब बहुत आवश्यक काम हो, अन्यथा अधिक समय घर पर ही बिताएं। भीषण गर्मी के इस दौर में घर से बाहर निकलना तभी उचित है जब अत्यधिक जरूरी हो। इसके साथ ही, रिपोर्ट में देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने का आह्वान किया गया है। लोगों से पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने, जीवन के महत्व को समझने, सभी का ख्याल रखने और शुद्ध हवाओं के साथ योग करने का आग्रह किया गया है ताकि पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। लाल चंद सोनी की इस रिपोर्ट में भारत सरकार और राज्य सरकारों से भी कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आने का आग्रह किया गया है, जिसमें सभी नागरिकों की सहभागिता पर जोर दिया गया है।1
- राज्यसभा सांसद संजय सिंह को विशेष जाँच दल (एसआईटी) द्वारा बुलावा भेजा गया है। इस संबंध में, संजय सिंह कथित घपले से संबंधित अपनी फाइल कल एसआईटी को सौंपेंगे।1